भारत

Bihar News: बिहार में बाढ़ का कहर! पटना में गंगा खतरे के पार, 22 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित

Bihar News, बिहार में बाढ़ की स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है। राजधानी पटना में गंगा नदी का जलस्तर बेहद तेजी से बढ़ा है और गांधी घाट पर नदी ने अपने पिछले उच्चतम बाढ़ स्तर (Highest Flood Level) को भी पार कर लिया है।

Bihar News : पटना में बाढ़ का बढ़ता खतरा! गंगा खतरे के पार, निचले इलाकों में प्रशासन ने बढ़ाई निगरानी

Bihar News, बिहार में बाढ़ की स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है। राजधानी पटना में गंगा नदी का जलस्तर बेहद तेजी से बढ़ा है और गांधी घाट पर नदी ने अपने पिछले उच्चतम बाढ़ स्तर (Highest Flood Level) को भी पार कर लिया है। गंगा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए पटना समेत निचले और संवेदनशील इलाकों में प्रशासन ने अलर्ट बढ़ा दिया है। राज्य के 12 जिलों में 22.42 लाख से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित बताए जा रहे हैं। राहत और बचाव कार्यों के लिए बड़ी संख्या में नावें तथा SDRF और NDRF की टीमें तैनात की गई हैं।

R300 downstream areas on alert as ganga water level rises in patna 19 lakh affected by floods in bihar 2026 09 06

गांधी घाट पर गंगा ने तोड़ा पुराना रिकॉर्ड

पटना के गांधी घाट पर रविवार सुबह गंगा का जलस्तर 50.57 मीटर दर्ज किया गया। यह नदी के पिछले उच्चतम बाढ़ स्तर 50.52 मीटर से करीब 5 सेंटीमीटर ज्यादा है। इससे पहले 21 अगस्त को इसी स्थान पर 50.52 मीटर का उच्चतम स्तर दर्ज किया गया था। गंगा के इस तरह रिकॉर्ड स्तर तक पहुंचने के बाद प्रशासन की चिंता बढ़ गई है। पटना के निचले इलाकों के अलावा नदी के आसपास बसे क्षेत्रों में पानी घुसने का खतरा बना हुआ है। अधिकारियों को जलस्तर, तटबंधों और संवेदनशील स्थानों पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।

22.42 लाख लोगों पर बाढ़ का असर

बिहार के कई जिलों में बाढ़ का दायरा तेजी से बढ़ा है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार, लखीसराय और अरवल समेत 12 जिलों में करीब 22.42 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। बाढ़ की वजह से कई गांवों और निचले इलाकों का संपर्क प्रभावित हुआ है। बड़ी संख्या में लोग सुरक्षित स्थानों की ओर जाने को मजबूर हैं। प्रशासन की ओर से प्रभावित लोगों तक भोजन और जरूरी सामान पहुंचाने की व्यवस्था की जा रही है।

सिर्फ गंगा ही नहीं, कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर

बिहार में बाढ़ का संकट सिर्फ गंगा तक सीमित नहीं है। कई दूसरी प्रमुख नदियों का जलस्तर भी खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है। रिपोर्ट के अनुसार गंडक, कोसी, बूढ़ी गंडक, पुनपुन, बागमती और घाघरा समेत कई नदियां अलग-अलग स्थानों पर खतरे के निशान के ऊपर बह रही हैं। गंगा भी हथीदह, भागलपुर, कहलगांव, बक्सर और मुंगेर जैसे इलाकों में खतरे के निशान से ऊपर बताई गई है। इससे डाउनस्ट्रीम इलाकों में भी खतरा बढ़ गया है।

भारी बारिश बनी बड़ी वजह

बिहार और पड़ोसी झारखंड में हुई भारी बारिश को नदियों के बढ़ते जलस्तर की प्रमुख वजह माना जा रहा है। सितंबर में अब तक बिहार में सामान्य से काफी ज्यादा बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी कई हिस्सों में बारिश की संभावना जताई है, जिससे बाढ़ की स्थिति और गंभीर होने की आशंका बनी हुई है। ऐसे में प्रशासन को न केवल मौजूदा जलस्तर पर नजर रखनी पड़ रही है, बल्कि संभावित नए इलाकों में पानी पहुंचने की स्थिति के लिए भी तैयार रहना पड़ रहा है।

images?q=tbn:ANd9GcQSJCCUScnV0A6CjDZT3zKOuVWYdJBK6S1kTcag0iS5UA&s=10

1,429 नावें राहत और बचाव में जुटीं

बाढ़ प्रभावित लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए राज्य में 1,429 नावें तैनात की गई हैं। इसके साथ ही 27 SDRF और 10 NDRF टीमों को अलग-अलग जिलों में लगाया गया है। प्रशासन का कहना है कि जरूरत पड़ने पर संवेदनशील इलाकों से लोगों को निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाएगा। नावों के जरिए उन इलाकों तक भी राहत पहुंचाने की कोशिश की जा रही है जहां सड़क संपर्क टूट चुका है। अधिकारियों को नावों के संचालन के दौरान सुरक्षा नियमों का पालन सुनिश्चित करने और ओवरलोडिंग रोकने के निर्देश दिए गए हैं।

Read More: Ram Mandir: राम मंदिर में होगी बड़ी नियुक्तियां, CEO पैनल से चुने जाएंगे ज्वाइंट और डिप्टी CEO

190 कम्युनिटी किचन से मिल रहा खाना

बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए प्रशासन की ओर से 190 कम्युनिटी किचन संचालित किए जा रहे हैं। इन केंद्रों के जरिए लोगों को भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके अलावा स्वास्थ्य सेवाओं को भी सक्रिय रखा गया है, ताकि बाढ़ के दौरान बीमारियों और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं से निपटा जा सके। बाढ़ के दौरान साफ पानी, भोजन और दवाइयों की उपलब्धता बड़ी चुनौती बन जाती है। इसलिए राहत शिविरों और प्रभावित गांवों में इन सुविधाओं को पहुंचाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

रेल सेवाओं पर भी पड़ा असर

गंगा और अन्य नदियों के बढ़ते जलस्तर का असर परिवहन व्यवस्था पर भी पड़ा है। पटना-गया रेलखंड पर पुनपुन और परसा बाजार स्टेशनों को जोड़ने वाले पुल के पास पानी का स्तर बढ़ने के कारण कुछ ट्रेनों को रद्द और डायवर्ट करना पड़ा। इससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। रेलवे और प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और जलस्तर को देखते हुए आगे भी जरूरी कदम उठाए जा सकते हैं।

निचले इलाकों के लोगों को सावधान रहने की सलाह

प्रशासन ने नदी, घाट और जलमग्न क्षेत्रों के आसपास रहने वाले लोगों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। लोगों को अनावश्यक रूप से बाढ़ के पानी में जाने से बचने और प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करने को कहा गया है। खास तौर पर बच्चों और बुजुर्गों को नदी या बाढ़ के पानी के करीब न जाने देने की सलाह दी गई है। अधिकारियों को संभावित रूप से प्रभावित इलाकों में लगातार निगरानी रखने और जरूरत पड़ने पर तत्काल निकासी की तैयारी रखने को कहा गया है।

Read More: The Traitors 2 Winner: क्रिस्टल डिसूजा और रिदा थराना ने मारी बाजी, The Traitors 2 की ट्रॉफी के साथ जीते ₹66 लाख

आगे भी बढ़ सकती है चुनौती

मौजूदा हालात में सबसे बड़ी चिंता यह है कि अगर बारिश जारी रहती है तो गंगा और दूसरी नदियों का जलस्तर और बढ़ सकता है। इससे पहले से प्रभावित इलाकों में स्थिति और खराब होने की आशंका है। प्रशासन तटबंधों, जलस्तर और कमजोर स्थानों की निगरानी कर रहा है, फिलहाल बिहार में राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया गया है। 22 लाख से अधिक लोगों के प्रभावित होने और गंगा के पटना में अपने पुराने उच्चतम बाढ़ स्तर को पार करने के बाद राज्य सरकार के सामने चुनौती बड़ी है। आने वाले कुछ दिन बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं, क्योंकि बारिश और नदियों के जलस्तर पर ही आगे की स्थिति काफी हद तक निर्भर करेगी।

We’re now on WhatsApp. Click to join.

अगर आपके पास भी हैं कुछ नई स्टोरीज या विचार, तो आप हमें इस ई-मेल पर भेज सकते  हैं info@oneworldnews.com.

Back to top button