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Ram Mandir: राम मंदिर में होगी बड़ी नियुक्तियां, CEO पैनल से चुने जाएंगे ज्वाइंट और डिप्टी CEO

Ram Mandir, अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर की प्रशासनिक व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में ट्रस्ट ने एक और अहम कदम उठाने की तैयारी शुरू कर दी है।

Ram Mandir : राम मंदिर प्रशासन में बड़ा बदलाव, CEO पैनल से होगी दो अहम पदों पर नियुक्ति

Ram Mandir, अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर की प्रशासनिक व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में ट्रस्ट ने एक और अहम कदम उठाने की तैयारी शुरू कर दी है। राम मंदिर ट्रस्ट के पहले पूर्णकालिक मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) के रूप में रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा की नियुक्ति के बाद अब ज्वाइंट CEO और डिप्टी CEO जैसे महत्वपूर्ण पदों पर भी नियुक्तियां की जाएंगी। इन पदों के लिए अलग से पूरी चयन प्रक्रिया शुरू करने के बजाय पहले से तैयार किए गए CEO पैनल को आधार बनाया जा सकता है।

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CEO के बाद अब ज्वाइंट और डिप्टी CEO की तैयारी

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में प्रशासनिक ढांचे को नए तरीके से व्यवस्थित करने की प्रक्रिया चल रही है। ट्रस्ट के नए महासचिव स्वामी गोविंद देव गिरि ने बताया है कि आने वाले समय में डिप्टी CEO की नियुक्ति भी की जाएगी। इसके अलावा ज्वाइंट CEO का पद भी प्रशासनिक व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इस व्यवस्था का उद्देश्य मंदिर परिसर के बढ़ते कामकाज को व्यवस्थित तरीके से संभालना है। मंदिर निर्माण के साथ-साथ श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या, सुरक्षा, दान, सुविधाओं, विभिन्न परियोजनाओं और भविष्य की व्यवस्थाओं के लिए एक मजबूत प्रशासनिक टीम की जरूरत महसूस की जा रही है।

कैसे हुआ CEO का चयन?

सबसे पहले CEO पद के लिए व्यापक स्तर पर चयन प्रक्रिया शुरू की गई थी। 6 जुलाई 2026 को इसके लिए तीन सदस्यीय सर्च कमेटी गठित की गई। इस समिति में रिटायर्ड जस्टिस प्रमोद कोहली, रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल वीके चतुर्वेदी और परमाणु वैज्ञानिक डॉ. सुरेश हवारे शामिल थे। समिति ने उम्मीदवारों की योग्यता और अनुभव के आधार पर पूरी प्रक्रिया को आगे बढ़ाया।CEO पद के लिए कुल 5,585 आवेदन प्राप्त हुए थे। शुरुआती जांच के बाद 1,580 उम्मीदवारों को योग्य और उपयुक्त पाया गया। इसके बाद 108 उम्मीदवारों के साथ ऑनलाइन इंटरैक्शन हुआ और आगे 16 उम्मीदवारों को आमने-सामने बातचीत के लिए बुलाया गया। आखिर में सर्च कमेटी ने तीन नामों का पैनल तैयार कर ट्रस्ट को सौंपा।

पैनल में सबसे ऊपर था जितेंद्र मिश्रा का नाम

सर्च कमेटी की सिफारिश के बाद ट्रस्ट ने रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को देश के पहले पूर्णकालिक राम मंदिर CEO के रूप में नियुक्त किया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार पैनल में जितेंद्र मिश्रा का नाम पहली प्राथमिकता पर था। उनके बाद मेजर जनरल संजय प्रताप सिंह विश्वास राव और श्रुति भारद्वाज के नाम थे। जितेंद्र मिश्रा के लंबे सैन्य अनुभव को इस जिम्मेदारी के लिए महत्वपूर्ण माना गया। भारतीय वायुसेना में लंबे समय तक सेवा देने के बाद अब वह मंदिर ट्रस्ट के प्रशासनिक और प्रबंधन संबंधी कार्यों को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएंगे।

अब इसी पैनल से हो सकती है नई नियुक्ति

CEO के चयन के बाद अब ज्वाइंट CEO और डिप्टी CEO के पदों को लेकर सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि इन पदों पर नियुक्ति कैसे होगी। सामने आई जानकारी के अनुसार ट्रस्ट CEO चयन के लिए तैयार किए गए पैनल को आधार बनाकर इन पदों पर नियुक्तियां कर सकता है। इसका मतलब यह है कि पहले से चयन प्रक्रिया से गुजर चुके योग्य उम्मीदवारों में से उपयुक्त नामों पर विचार किया जा सकता है। हालांकि, इन पदों के लिए अंतिम नियुक्ति की प्रक्रिया और जिम्मेदारियों का विस्तृत स्वरूप ट्रस्ट की ओर से स्पष्ट किया जाना बाकी है। इसलिए अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि पैनल में शामिल किस व्यक्ति को ज्वाइंट CEO या डिप्टी CEO की जिम्मेदारी दी जाएगी।

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प्रशासनिक व्यवस्था में आएगा बड़ा बदलाव

राम मंदिर में आने वाले समय में प्रशासनिक जिम्मेदारियां काफी बढ़ने वाली हैं। मंदिर परिसर के निर्माण से लेकर श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं, सुरक्षा, स्वच्छता, पार्किंग, यातायात प्रबंधन और विभिन्न धार्मिक आयोजनों तक कई क्षेत्रों को एक साथ संभालना होगा।ऐसे में CEO के साथ ज्वाइंट CEO और डिप्टी CEO की नियुक्ति से जिम्मेदारियों का बेहतर बंटवारा किया जा सकता है। CEO जहां व्यापक स्तर पर नीतिगत और प्रशासनिक निर्णयों की निगरानी करेंगे, वहीं ज्वाइंट और डिप्टी CEO अलग-अलग विभागों और महत्वपूर्ण परियोजनाओं की जिम्मेदारी संभाल सकते हैं।

प्रवक्ता की भी तलाश जारी

ट्रस्ट की प्रशासनिक व्यवस्था में केवल CEO स्तर पर ही बदलाव नहीं हो रहा है। ट्रस्ट एक योग्य प्रवक्ता की भी तलाश कर रहा है। उपलब्ध रिपोर्ट के मुताबिक अभी प्रवक्ता के लिए उपयुक्त नाम तय नहीं हुआ है, इसलिए इस नियुक्ति को फिलहाल टाल दिया गया है। नाम तय होते ही इसकी घोषणा की जा सकती है।

क्यों महत्वपूर्ण है यह पूरी व्यवस्था?

राम मंदिर अब केवल निर्माणाधीन परियोजना नहीं है, बल्कि देश-विदेश से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र बन चुका है। ऐसे में इसके संचालन के लिए पेशेवर और जवाबदेह प्रशासनिक व्यवस्था बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है।हाल ही में ट्रस्ट में CEO पद का गठन और जितेंद्र मिश्रा की नियुक्ति इसी दिशा में बड़ा बदलाव माना जा रहा है। ट्रस्ट ने नए महासचिव, नए कोषाध्यक्ष और नए सदस्यों की नियुक्तियां भी की हैं। इन बदलावों का उद्देश्य मंदिर प्रशासन को अधिक व्यवस्थित और प्रभावी बनाना बताया जा रहा है।

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आगे क्या होगा?

अब सबकी नजर इस बात पर है कि ज्वाइंट CEO और डिप्टी CEO के पदों के लिए ट्रस्ट किस नाम पर मुहर लगाता है। CEO चयन के दौरान तैयार किए गए पैनल में मौजूद उम्मीदवारों के अनुभव और योग्यता को देखते हुए इन्हीं में से उपयुक्त नामों पर विचार होने की संभावना है।

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