श्रीनगर में IndiGo विमान के साथ हादसा, पार्किंग स्टैंड के पोल से टकराया विमान
IndiGo, जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर एयरपोर्ट पर शुक्रवार, 4 सितंबर 2026 की सुबह IndiGo के एक विमान के साथ ग्राउंड पर हादसा हो गया। नवी मुंबई से श्रीनगर पहुंची IndiGo की फ्लाइट 6E 225 पार्किंग के दौरान Visual Docking Guidance System (VDGS)
IndiGo विमान श्रीनगर एयरपोर्ट पर पोल से टकराया, सभी यात्री और क्रू सुरक्षित
IndiGo, जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर एयरपोर्ट पर शुक्रवार, 4 सितंबर 2026 की सुबह IndiGo के एक विमान के साथ ग्राउंड पर हादसा हो गया। नवी मुंबई से श्रीनगर पहुंची IndiGo की फ्लाइट 6E 225 पार्किंग के दौरान Visual Docking Guidance System (VDGS) के पोल से टकरा गई। राहत की बात यह रही कि इस घटना में विमान में सवार किसी भी यात्री या क्रू सदस्य को चोट नहीं आई। एयरपोर्ट पर उड़ानों का संचालन भी सामान्य रूप से जारी रहा। हालांकि शुरुआती खबरों में इसे लैंडिंग के दौरान हुई टक्कर बताया गया, लेकिन एयरपोर्ट अधिकारियों के अनुसार विमान सुरक्षित रूप से लैंड करने के बाद पार्किंग बे में पहुंचते समय पोल के संपर्क में आया था। यानी यह घटना रनवे पर लैंडिंग के दौरान नहीं, बल्कि विमान को पार्किंग स्टैंड तक ले जाने की प्रक्रिया में हुई।

सुबह करीब 9 बजे हुआ हादसा
एयरपोर्ट अधिकारियों के मुताबिक IndiGo की फ्लाइट 6E 225 नवी मुंबई से श्रीनगर के लिए रवाना हुई थी। विमान को शुक्रवार सुबह करीब 9:02 बजे बे नंबर 6 में पार्क किया जा रहा था। इसी दौरान विमान का संपर्क VDGS पोल से हो गया। VDGS यानी Visual Docking Guidance System वह तकनीकी व्यवस्था है, जो पार्किंग बे में विमान को सही स्थिति में लाने के लिए पायलट को मार्गदर्शन देती है। घटना के बाद विमान को वहीं रोक दिया गया और यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार यात्रियों और क्रू को मैनुअल मोबाइल एयरक्राफ्ट स्टेयर की मदद से विमान से उतारा गया।
विमान को हुआ नुकसान
टक्कर के बाद विमान को नुकसान पहुंचने की जानकारी सामने आई है। घटनास्थल की तस्वीरों और रिपोर्टों में विमान के अगले हिस्से के पास VDGS पोल नजर आया। कुछ रिपोर्टों में विमान के नोज यानी अगले हिस्से को नुकसान पहुंचने की बात कही गई है। हालांकि विमान को कितना नुकसान हुआ है, इसकी पूरी तकनीकी जानकारी अभी सामने नहीं आई है। ऐसी घटनाओं के बाद विमान को दोबारा उड़ान भरने से पहले तकनीकी जांच से गुजरना पड़ता है। विमान की स्थिति और जरूरी मरम्मत की जांच के बाद ही यह तय किया जाएगा कि उसे सेवा में कब वापस लाया जा सकता है।
सभी यात्री और क्रू सुरक्षित
इस घटना की सबसे बड़ी राहत वाली खबर यही है कि विमान में सवार सभी यात्री और क्रू सदस्य सुरक्षित हैं। एयरपोर्ट अधिकारियों ने किसी के घायल होने की पुष्टि नहीं की है। यात्रियों को विमान से सुरक्षित तरीके से बाहर निकाल लिया गया। घटना के बावजूद श्रीनगर एयरपोर्ट पर अन्य उड़ानों के संचालन पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ा। एयरपोर्ट अथॉरिटी के अनुसार आगमन और प्रस्थान की अन्य सेवाएं सामान्य रूप से चलती रहीं।
क्या होता है VDGS सिस्टम?
VDGS का पूरा नाम Visual Docking Guidance System है। यह एयरपोर्ट के पार्किंग स्टैंड पर लगाया जाने वाला सिस्टम है, जिसका उद्देश्य विमान को निर्धारित स्थान पर सुरक्षित तरीके से पार्क कराने में मदद करना है।इस सिस्टम में डिस्प्ले यूनिट के साथ लेजर या कैमरा सेंसर जैसी तकनीक का इस्तेमाल किया जाता है। विमान जब पार्किंग बे की ओर बढ़ता है, तो यह सिस्टम पायलट को विमान की दिशा और स्थिति के बारे में संकेत देता है। श्रीनगर की घटना में इसी सिस्टम को सपोर्ट करने वाला पोल विमान के संपर्क में आया। हालांकि इस समय यह स्पष्ट नहीं है कि टक्कर किस तकनीकी या परिचालन कारण से हुई।
हादसे की वजह अभी साफ नहीं
घटना के तुरंत बाद सोशल मीडिया पर अलग-अलग तरह की अटकलें लगने लगीं। कुछ रिपोर्टों में विमान के ब्रेक से जुड़ी संभावित समस्या का उल्लेख किया गया, लेकिन अधिकारियों की जांच पूरी होने से पहले किसी एक कारण को जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं होगा।एयरपोर्ट अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि घटना से जुड़े विवरण और परिस्थितियों की जांच निर्धारित प्रक्रिया के तहत संबंधित अधिकारी करेंगे। जांच पूरी होने के बाद ही यह पता चलेगा कि विमान VDGS पोल तक कैसे पहुंचा और टक्कर की वास्तविक वजह क्या थी।
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क्या फ्लाइट की आगे की उड़ान प्रभावित होगी?
हादसे के बाद विमान की तकनीकी स्थिति की जांच जरूरी है। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक विमान को निरीक्षण और आवश्यक रखरखाव के लिए सेवा से बाहर रखा जा सकता है। हालांकि, फ्लाइट 6E 225 के बाद की उड़ानों पर इसका कितना असर पड़ेगा, इसकी विस्तृत जानकारी एयरलाइन और संबंधित अधिकारियों की आगे की घोषणा पर निर्भर करेगी।दूसरी ओर, श्रीनगर एयरपोर्ट के बाकी ऑपरेशंस सामान्य रहे हैं। इसलिए इस घटना का असर फिलहाल पूरे एयरपोर्ट के उड़ान संचालन पर नहीं पड़ा है।
पिछले 24 घंटे में IndiGo से जुड़ी दूसरी घटना
श्रीनगर की घटना ऐसे समय हुई है जब पिछले 24 घंटों में IndiGo से जुड़ी एक और विमानन घटना भी चर्चा में रही। रिपोर्टों के अनुसार, दोहा से बेंगलुरु जा रही IndiGo की एक फ्लाइट में पायलट की तबीयत खराब होने के बाद विमान को मस्कट डायवर्ट किया गया था। हालांकि, इन दोनों घटनाओं का आपस में कोई सीधा संबंध नहीं बताया गया है। इस वजह से सोशल मीडिया पर IndiGo से जुड़ी सुरक्षा को लेकर चर्चाएं तेज हुई हैं, लेकिन किसी एयरलाइन की सुरक्षा व्यवस्था का आकलन अलग-अलग घटनाओं के आधार पर करना उचित नहीं होगा। प्रत्येक मामले की परिस्थितियां और जांच के निष्कर्ष अलग होते हैं।
जांच के बाद सामने आएगी पूरी तस्वीर
श्रीनगर एयरपोर्ट पर हुई इस घटना में फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण तथ्य यही है कि विमान लैंडिंग के बाद पार्किंग के दौरान VDGS पोल से टकराया और सभी यात्री सुरक्षित रहे। विमान को नुकसान पहुंचने की जानकारी है, लेकिन नुकसान की पूरी सीमा तकनीकी निरीक्षण के बाद ही स्पष्ट होगी। संबंधित अधिकारी घटना की परिस्थितियों की जांच कर रहे हैं। जांच में विमान की गति, पार्किंग प्रक्रिया, ग्राउंड स्टाफ की भूमिका, VDGS सिस्टम और अन्य परिचालन पहलुओं को देखा जा सकता है।कुल मिलाकर, श्रीनगर एयरपोर्ट पर IndiGo फ्लाइट 6E 225 के साथ शुक्रवार सुबह एक ग्राउंड हादसा हुआ। नवी मुंबई से आई फ्लाइट सुरक्षित लैंड करने के बाद बे नंबर 6 में पार्क की जा रही थी, तभी वह VDGS पोल से टकरा गई। विमान को नुकसान हुआ, लेकिन किसी यात्री या क्रू सदस्य को चोट नहीं लगी। एयरपोर्ट का सामान्य संचालन भी प्रभावित नहीं हुआ।अब सभी की नजर जांच रिपोर्ट पर है, जिससे यह स्पष्ट होगा कि आखिर पार्किंग के दौरान विमान VDGS पोल के संपर्क में कैसे आया और विमान को दोबारा सेवा में लाने के लिए किस तरह की तकनीकी प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
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