CJP Protests: छात्र के पिता से कथित मारपीट पर CJP का प्रदर्शन, हिंदुत्व इन्फ्लुएंसर के खिलाफ उठाई आवाज
CJP Protests, दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने एक बार फिर प्रदर्शन किया है। पार्टी के समर्थक शुक्रवार को नई दिल्ली स्थित पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन पहुंचे और छात्र कार्यकर्ता निशू आजाद के पिता संजय कुमार के साथ जंतर-मंतर पर कथित मारपीट के मामले में कार्रवाई की मांग की।
CJP Protests : दिल्ली पुलिस से CJP की दो टूक मांग, छात्र के पिता से मारपीट मामले में हो सख्त कार्रवाई
CJP Protests, दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने एक बार फिर प्रदर्शन किया है। पार्टी के समर्थक शुक्रवार को नई दिल्ली स्थित पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन पहुंचे और छात्र कार्यकर्ता निशू आजाद के पिता संजय कुमार के साथ जंतर-मंतर पर कथित मारपीट के मामले में कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने सोशल मीडिया पर सामने आए एक वीडियो और आरोपी के कथित बयानों का हवाला देते हुए पुलिस से हिंदुत्व विचारधारा से जुड़े सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

क्यों फिर गरमाया मामला?
यह विवाद जून में जंतर-मंतर पर हुए CJP के प्रदर्शन से जुड़ा है। रिपोर्टों के मुताबिक 23 जून को प्रदर्शन के दौरान छात्र कार्यकर्ता निशू आजाद के पिता संजय कुमार वहां पहुंचे थे। वह अपनी बेटी और एक अन्य व्यक्ति के साथ मौजूद थे और प्रदर्शन की वीडियो रिकॉर्डिंग कर रहे थे। इसी दौरान वीडियो बनाए जाने को लेकर विवाद शुरू हुआ और मामला कथित तौर पर मारपीट तक पहुंच गया। CJP का आरोप है कि संजय कुमार के साथ मारपीट की गई और उनके सिर पर चोट लगी। इस मामले में स्वतंत्र भारद्वाज का नाम सामने आया है। हालांकि, मामले से जुड़े आरोपों और चोट की गंभीरता को लेकर अलग-अलग दावे सामने आए हैं। दिल्ली पुलिस की ओर से कथित ‘खोपड़ी फोड़ने’ के दावे को भ्रामक बताया गया है और चोटों को मेडिकल रिकॉर्ड में साधारण प्रकृति का बताया गया है।
वायरल इंटरव्यू के बाद बढ़ा विवाद
मामला उस समय दोबारा सुर्खियों में आया जब स्वतंत्र भारद्वाज का एक पुराना पॉडकास्ट इंटरव्यू सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। रिपोर्टों के अनुसार, इस बातचीत में उन्होंने संजय कुमार पर हमला करने का दावा किया था और कथित तौर पर उनके सिर पर कड़ा मारने की बात कही थी। इसी वीडियो के सामने आने के बाद CJP ने पुलिस पर कार्रवाई में देरी का आरोप लगाया, भारद्वाज ने अब अपने बचाव में अलग पक्ष रखा है। उन्होंने कहा कि वह खुद भीड़ से घिर गए थे और उन्होंने जो किया, वह आत्मरक्षा में किया। उनका दावा है कि करीब 15 लोगों ने उन्हें घेर लिया था और उनके सिर पर भी चोट लगी थी। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति दोबारा पैदा होने पर वह फिर आत्मरक्षा करेंगे।
CJP ने पुलिस स्टेशन तक किया मार्च
शुक्रवार को CJP के प्रवक्ता सौरव दास और सह-संयोजक आशुतोष रांका की अगुवाई में समर्थकों ने पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन की ओर मार्च किया। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस से आरोपी के खिलाफ तत्काल कार्रवाई और गिरफ्तारी की मांग की। प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस के खिलाफ नारे भी लगाए गए। CJP का कहना है कि यह सिर्फ एक व्यक्ति के साथ कथित मारपीट का मामला नहीं है, बल्कि सार्वजनिक प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों और उनके परिवारों की सुरक्षा से जुड़ा सवाल भी है। पार्टी ने पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच और आरोपों के आधार पर उचित कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस से क्या मांग कर रही है पार्टी?
CJP नेताओं का आरोप है कि पहले दर्ज FIR में गंभीर धाराएं शामिल नहीं की गईं। पार्टी की ओर से हत्या के प्रयास से जुड़ी धारा जोड़ने और पीड़ित परिवार की सामाजिक पृष्ठभूमि को देखते हुए SC/ST एक्ट के तहत कार्रवाई की मांग भी की गई है। दूसरी ओर, पुलिस का पक्ष यह है कि मामले में कानून के मुताबिक कार्रवाई की जा रही है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार पुलिस ने ‘खोपड़ी फोड़ने’ के दावे को सही नहीं माना है और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर चोटों को साधारण बताया है। इसलिए मामले में सामने आ रहे राजनीतिक और सोशल मीडिया दावों के बजाय जांच और कानूनी प्रक्रिया का अंतिम निष्कर्ष महत्वपूर्ण होगा।
स्वतंत्र भारद्वाज ने क्या कहा?
स्वतंत्र भारद्वाज ने आरोपों से पूरी तरह इनकार नहीं किया, बल्कि घटना को आत्मरक्षा के रूप में पेश किया है। उनका कहना है कि प्रदर्शन के दौरान वह खुद खतरे में थे और भीड़ ने उन्हें घेर लिया था। उन्होंने कथित तौर पर यह भी कहा कि उनके खिलाफ सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे कुछ बयान मजाक के संदर्भ में थे। यह बयान इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि वायरल वीडियो और बाद में दिए गए उनके स्पष्टीकरण के बीच अंतर को लेकर विवाद बढ़ गया है। CJP का कहना है कि सार्वजनिक रूप से किए गए दावों के आधार पर पुलिस को मामले की गंभीरता से जांच करनी चाहिए।
राजनीतिक रंग भी ले चुका है मामला
जंतर-मंतर की घटना अब केवल पुलिस कार्रवाई तक सीमित नहीं रही है। मामले पर अलग-अलग राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं। CJP की ओर से दिल्ली पुलिस पर निष्क्रियता का आरोप लगाया गया है, जबकि दूसरी तरफ भारद्वाज ने अपने बचाव में भीड़ से खतरे का दावा किया है। वायरल क्लिप में भारद्वाज ने कुछ राजनीतिक नेताओं से समर्थन मिलने का दावा भी किया था। हालांकि, उपलब्ध रिपोर्टों में संबंधित नेताओं की ओर से इस दावे की पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में इन दावों को फिलहाल आरोप या कथन के तौर पर ही देखा जाना चाहिए, तथ्य के तौर पर नहीं।
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पुलिस ने दिया कार्रवाई का आश्वासन
शुक्रवार के प्रदर्शन के बाद CJP प्रतिनिधियों ने दावा किया कि दिल्ली पुलिस ने उन्हें आश्वासन दिया है कि स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी और गिरफ्तारी 72 घंटे के भीतर की जा सकती है। हालांकि, अंतिम कार्रवाई पुलिस की जांच और कानूनी प्रक्रिया पर निर्भर करेगी। इस आश्वासन के बाद अब निगाहें पुलिस की अगली कार्रवाई पर हैं। अगर जांच में लगाए गए आरोपों की पुष्टि होती है तो आरोपी के खिलाफ कानून के तहत आगे की कार्रवाई हो सकती है। वहीं यदि जांच में अलग तथ्य सामने आते हैं तो मामला उसी आधार पर आगे बढ़ेगा।
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