Uterine Fibroids: महिलाओं में तेजी से बढ़ रही Fibroids की समस्या! क्या बिना सर्जरी के गर्भाशय की गांठ हो सकती है ठीक?
Uterine Fibroids, महिलाओं की सेहत से जुड़ी समस्याओं में Uterine Fibroids यानी गर्भाशय में बनने वाली गांठ काफी आम है। फाइब्रॉएड को लेकर अक्सर महिलाओं के मन में सबसे बड़ा सवाल होता है कि क्या इसका इलाज केवल ऑपरेशन से ही संभव है?
Uterine Fibroids से परेशान हैं महिलाएं? जानें कब ऑपरेशन जरूरी और कब बिना सर्जरी मिल सकता है इलाज
Uterine Fibroids, महिलाओं की सेहत से जुड़ी समस्याओं में Uterine Fibroids यानी गर्भाशय में बनने वाली गांठ काफी आम है। फाइब्रॉएड को लेकर अक्सर महिलाओं के मन में सबसे बड़ा सवाल होता है कि क्या इसका इलाज केवल ऑपरेशन से ही संभव है? अच्छी बात यह है कि हर फाइब्रॉएड में सर्जरी की जरूरत नहीं पड़ती। कुछ महिलाओं में बिना किसी उपचार के केवल नियमित निगरानी पर्याप्त होती है, जबकि लक्षण होने पर दवाओं और कुछ कम-आक्रामक प्रक्रियाओं की मदद ली जा सकती है। हालांकि, फाइब्रॉएड का इलाज हर महिला के लिए एक जैसा नहीं होता। इसकी संख्या, आकार, गर्भाशय में स्थिति, लक्षण, उम्र और भविष्य में गर्भधारण की योजना के आधार पर डॉक्टर उपचार का विकल्प चुनते हैं।

क्या होता है Uterine Fibroid?
Uterine Fibroid गर्भाशय की मांसपेशियों और संबंधित ऊतक से बनने वाली आमतौर पर गैर-कैंसरकारी गांठ होती है। कई महिलाओं में फाइब्रॉएड मौजूद होने के बावजूद कोई लक्षण दिखाई नहीं देते। ऐसे मामलों में तुरंत इलाज की आवश्यकता नहीं होती और डॉक्टर समय-समय पर इसकी निगरानी कर सकते हैं। फाइब्रॉएड गर्भाशय की अलग-अलग जगहों पर विकसित हो सकते हैं। कुछ गर्भाशय की बाहरी सतह की तरफ होते हैं, कुछ मांसपेशियों के भीतर और कुछ गर्भाशय की अंदरूनी गुहा की ओर बढ़ते हैं। इनकी जगह और आकार ही काफी हद तक यह तय करता है कि महिला को किस तरह की परेशानी हो सकती है।
फाइब्रॉएड के कौन-कौन से लक्षण दिख सकते हैं?
हर महिला में इसके लक्षण अलग हो सकते हैं। कुछ महिलाओं में कोई परेशानी नहीं होती, जबकि कुछ में लक्षण काफी गंभीर हो सकते हैं। सामान्य लक्षणों में बहुत ज्यादा या लंबे समय तक पीरियड्स आना, पीरियड्स के दौरान दर्द, पेल्विक एरिया में दबाव या दर्द और बार-बार पेशाब आने जैसी समस्या शामिल हो सकती है। अधिक रक्तस्राव के कारण कुछ महिलाओं में एनीमिया भी हो सकता है। कुछ मामलों में फाइब्रॉएड प्रजनन क्षमता को भी प्रभावित कर सकता है। खासकर गर्भाशय की अंदरूनी गुहा को प्रभावित करने वाले फाइब्रॉएड गर्भधारण से जुड़ी समस्याओं में भूमिका निभा सकते हैं। इसलिए गर्भधारण की योजना बना रही महिलाओं के लिए डॉक्टर से सही मूल्यांकन कराना जरूरी है।
क्या बिना ऑपरेशन के फाइब्रॉएड ठीक हो सकता है?
इसका जवाब है कई मामलों में हां, लेकिन यह फाइब्रॉएड की स्थिति पर निर्भर करता है। अगर फाइब्रॉएड छोटा है और कोई खास लक्षण नहीं दे रहा, तो डॉक्टर केवल निगरानी की सलाह दे सकते हैं। फाइब्रॉएड अक्सर धीरे-धीरे बढ़ते हैं और मेनोपॉज के बाद हार्मोन का स्तर कम होने पर छोटे भी हो सकते हैं। लेकिन यह समझना जरूरी है कि हर फाइब्रॉएड अपने आप खत्म हो जाएगा, ऐसा नहीं है। यदि अत्यधिक रक्तस्राव, लगातार दर्द, दबाव, एनीमिया या प्रजनन संबंधी समस्या हो रही है तो उपचार की जरूरत पड़ सकती है।
दवाओं से मिल सकती है राहत
कुछ मामलों में फाइब्रॉएड के कारण होने वाले लक्षणों को नियंत्रित करने के लिए दवाओं का इस्तेमाल किया जाता है। हार्मोन से संबंधित कुछ दवाएं भारी मासिक रक्तस्राव को कम करने में मदद कर सकती हैं। कुछ दवाएं फाइब्रॉएड के आकार को अस्थायी रूप से कम भी कर सकती हैं। इसके अलावा, भारी पीरियड्स के दौरान रक्तस्राव कम करने के लिए डॉक्टर कुछ गैर-हार्मोनल दवाएं भी दे सकते हैं। अगर ज्यादा ब्लीडिंग की वजह से आयरन की कमी या एनीमिया हो गया है, तो डॉक्टर आयरन सप्लीमेंट की सलाह दे सकते हैं। हालांकि, दवाओं का उद्देश्य हर बार फाइब्रॉएड को पूरी तरह खत्म करना नहीं होता। कई बार इनका मुख्य लक्ष्य लक्षणों को नियंत्रित करना और महिला की जीवन गुणवत्ता बेहतर करना होता है।
बिना बड़े ऑपरेशन के भी मौजूद हैं विकल्प
आज फाइब्रॉएड के उपचार में कई ऐसे विकल्प उपलब्ध हैं जिनमें पारंपरिक बड़ी सर्जरी की आवश्यकता नहीं पड़ सकती। इनमें Uterine Artery Embolization (UAE) और MRI-guided Focused Ultrasound जैसे उपचार शामिल हैं। Uterine Artery Embolization में फाइब्रॉएड तक पहुंचने वाली रक्त वाहिकाओं में छोटे कणों के माध्यम से रक्त प्रवाह कम किया जाता है। इससे फाइब्रॉएड को मिलने वाली रक्त आपूर्ति घटती है और समय के साथ वह सिकुड़ सकता है। यह एक कम-आक्रामक प्रक्रिया है। वहीं, MRI-guided Focused Ultrasound में MRI की मदद से फाइब्रॉएड की सटीक पहचान करके केंद्रित अल्ट्रासाउंड ऊर्जा से उसके ऊतक को गर्म कर नष्ट किया जाता है। इसमें सामान्य सर्जिकल चीरा नहीं लगाया जाता।
Radiofrequency Ablation भी हो सकता है विकल्प
फाइब्रॉएड के लिए Radiofrequency Ablation (RFA) भी एक कम-आक्रामक विकल्प है। इसमें रेडियोफ्रीक्वेंसी ऊर्जा की गर्मी से फाइब्रॉएड के ऊतक को नष्ट किया जाता है, जिसके बाद वह धीरे-धीरे सिकुड़ सकता है। कुछ तकनीकों में इसे छोटे चीरे के जरिए किया जाता है, जबकि कुछ में गर्भाशय ग्रीवा के रास्ते से उपचार संभव होता है। 2026 में Mayo Clinic ने भी फाइब्रॉएड उपचार में कम-आक्रामक और गर्भाशय को सुरक्षित रखने वाले विकल्पों पर जोर दिया है। हालांकि, हर महिला इन प्रक्रियाओं के लिए उपयुक्त नहीं होती।
कब ऑपरेशन की जरूरत पड़ सकती है?
अगर फाइब्रॉएड बहुत बड़ा हो, तेजी से बढ़ रहा हो, लगातार भारी ब्लीडिंग हो रही हो, दर्द या दबाव की समस्या गंभीर हो या अन्य उपचारों से फायदा न मिल रहा हो, तो डॉक्टर सर्जरी पर विचार कर सकते हैं। Myomectomy में फाइब्रॉएड को हटाया जाता है, जबकि गर्भाशय को बरकरार रखा जाता है। यदि महिला भविष्य में गर्भधारण करना चाहती है, तो कई मामलों में यह विकल्प महत्वपूर्ण हो सकता है। दूसरी ओर, Hysterectomy में गर्भाशय को ही हटा दिया जाता है, जिसके बाद गर्भधारण संभव नहीं होता। इसलिए सर्जरी का फैसला केवल फाइब्रॉएड के आकार के आधार पर नहीं होना चाहिए। महिला की उम्र, लक्षण और भविष्य की प्रेग्नेंसी प्लान भी इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
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फाइब्रॉएड का पता कैसे चलता है?
फाइब्रॉएड की जांच के लिए डॉक्टर आमतौर पर मेडिकल हिस्ट्री और पेल्विक एग्जाम के साथ Ultrasound का इस्तेमाल कर सकते हैं। कुछ स्थितियों में फाइब्रॉएड के आकार और स्थान को बेहतर समझने के लिए MRI की जरूरत पड़ सकती है। अगर महिला को बहुत ज्यादा पीरियड्स आते हैं, लगातार पेट या पेल्विक दर्द रहता है या एनीमिया की शिकायत है, तो इसे सामान्य समस्या मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
क्या घरेलू उपायों से फाइब्रॉएड खत्म हो सकता है?
इंटरनेट पर कई घरेलू नुस्खों के दावे किए जाते हैं, लेकिन ऐसा कोई सामान्य घरेलू उपाय प्रमाणित नहीं है जो फाइब्रॉएड को निश्चित रूप से खत्म कर दे। खान-पान और स्वस्थ जीवनशैली से सामान्य स्वास्थ्य बेहतर रखने में मदद मिल सकती है, लेकिन फाइब्रॉएड के आकार या स्थिति के आधार पर चिकित्सकीय मूल्यांकन जरूरी है।इसलिए किसी भी हर्बल प्रोडक्ट या सप्लीमेंट को डॉक्टर की सलाह के बिना शुरू करना उचित नहीं है।
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कब तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें?
अगर पीरियड्स में असामान्य रूप से बहुत ज्यादा ब्लीडिंग हो, लगातार तेज पेल्विक दर्द रहे, कमजोरी या चक्कर जैसी समस्या हो, पेट में असामान्य दबाव महसूस हो या गर्भधारण में परेशानी आ रही हो, तो स्त्री रोग विशेषज्ञ से सलाह लेनी चाहिए।खास तौर पर अत्यधिक रक्तस्राव से एनीमिया हो सकता है, इसलिए लंबे समय तक इसे नजरअंदाज करना सही नहीं है।Uterine Fibroids का मतलब हमेशा ऑपरेशन नहीं होता। बिना लक्षण वाले छोटे फाइब्रॉएड में केवल निगरानी पर्याप्त हो सकती है, जबकि लक्षण होने पर दवाओं, Uterine Artery Embolization, Focused Ultrasound या Radiofrequency Ablation जैसे विकल्पों पर विचार किया जा सकता है। लेकिन किस महिला के लिए कौन-सा इलाज सही है, यह फाइब्रॉएड के आकार, संख्या, स्थान, लक्षण और प्रेग्नेंसी की योजना देखकर ही तय किया जा सकता है। इसलिए किसी भी वायरल घरेलू नुस्खे या खुद से दवा लेने के बजाय स्त्री रोग विशेषज्ञ से जांच और व्यक्तिगत उपचार योजना लेना सबसे सुरक्षित तरीका है।
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