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World Polio Day 2026: कब है विश्व पोलियो दिवस? जानें इतिहास, महत्व और उद्देश्य

World Polio Day 2026, विश्व पोलियो दिवस (World Polio Day) हर वर्ष 24 अक्टूबर को मनाया जाता है। यह दिवस पोलियो जैसी गंभीर और जानलेवा बीमारी के प्रति लोगों में जागरूकता फैलाने तथा इसके उन्मूलन के लिए किए जा रहे वैश्विक प्रयासों को सम्मान देने के उद्देश्य से मनाया जाता है।

World Polio Day 2026 : हर बच्चे का टीकाकरण, स्वस्थ भविष्य की पहचान

World Polio Day 2026, विश्व पोलियो दिवस (World Polio Day) हर वर्ष 24 अक्टूबर को मनाया जाता है। यह दिवस पोलियो जैसी गंभीर और जानलेवा बीमारी के प्रति लोगों में जागरूकता फैलाने तथा इसके उन्मूलन के लिए किए जा रहे वैश्विक प्रयासों को सम्मान देने के उद्देश्य से मनाया जाता है। वर्ष 2026 में भी यह दिवस दुनिया भर में स्वास्थ्य संगठनों, सरकारों, चिकित्सा संस्थानों और सामाजिक संगठनों द्वारा विभिन्न जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से मनाया जाएगा।यह दिन विशेष रूप से बच्चों के स्वास्थ्य की सुरक्षा और टीकाकरण के महत्व को समझाने का अवसर प्रदान करता है। पोलियो उन्मूलन की दिशा में दुनिया ने उल्लेखनीय सफलता हासिल की है, लेकिन जब तक यह बीमारी पूरी तरह समाप्त नहीं हो जाती, तब तक सतर्कता और टीकाकरण जारी रखना आवश्यक है।

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विश्व पोलियो दिवस 2026 कब है?

विश्व पोलियो दिवस 2026 शनिवार, 24 अक्टूबर 2026 को मनाया जाएगा। यह दिवस पोलियो से बचाव के लिए टीकाकरण, जागरूकता और वैश्विक सहयोग का संदेश देता है।

पोलियो क्या है?

पोलियो (Poliomyelitis) एक संक्रामक वायरल बीमारी है, जो पोलियो वायरस के कारण होती है। यह वायरस मुख्य रूप से दूषित भोजन, पानी या संक्रमित व्यक्ति के संपर्क से फैलता है।यह बीमारी मुख्य रूप से 5 वर्ष से कम आयु के बच्चों को प्रभावित करती है। कई मामलों में संक्रमित व्यक्ति में कोई स्पष्ट लक्षण नहीं दिखते, लेकिन गंभीर स्थिति में यह वायरस तंत्रिका तंत्र (Nervous System) पर हमला कर स्थायी लकवा (Paralysis) का कारण बन सकता है।

पोलियो के प्रमुख लक्षण

पोलियो के लक्षण संक्रमण की गंभीरता के अनुसार अलग-अलग हो सकते हैं। सामान्य लक्षणों में शामिल हैं—

  • तेज बुखार
  • गले में दर्द
  • सिरदर्द
  • थकान
  • उल्टी
  • हाथ-पैरों में दर्द या कमजोरी
  • गर्दन और पीठ में अकड़न

गंभीर मामलों में रोगी को स्थायी लकवा हो सकता है और कभी-कभी सांस लेने वाली मांसपेशियां प्रभावित होने पर स्थिति जानलेवा भी हो सकती है।

विश्व पोलियो दिवस का इतिहास

विश्व पोलियो दिवस पहली बार 2000 के दशक की शुरुआत में रोटरी इंटरनेशनल (Rotary International) द्वारा मनाया गया। इस दिन का चयन पोलियो वैक्सीन विकसित करने वाले प्रसिद्ध वैज्ञानिक डॉ. जोनास साल्क (Dr. Jonas Salk) के जन्मदिन (24 अक्टूबर) के सम्मान में किया गया।डॉ. साल्क द्वारा विकसित पोलियो वैक्सीन ने इस बीमारी की रोकथाम में ऐतिहासिक भूमिका निभाई। इसके बाद विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO), यूनिसेफ (UNICEF), रोटरी इंटरनेशनल, अमेरिकी रोग नियंत्रण एवं रोकथाम केंद्र (CDC) और अन्य साझेदारों ने मिलकर वैश्विक स्तर पर पोलियो उन्मूलन अभियान को गति दी।

विश्व पोलियो दिवस का उद्देश्य

इस दिवस के प्रमुख उद्देश्य हैं—

  • पोलियो के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाना।
  • प्रत्येक बच्चे का समय पर टीकाकरण सुनिश्चित करना।
  • पोलियो उन्मूलन अभियान को मजबूत बनाना।
  • स्वास्थ्यकर्मियों और स्वयंसेवकों के योगदान को सम्मान देना।
  • दुनिया को पूरी तरह पोलियो मुक्त बनाने के लिए वैश्विक सहयोग बढ़ाना।

भारत की पोलियो उन्मूलन यात्रा

भारत ने पोलियो के खिलाफ एक लंबी और सफल लड़ाई लड़ी है। पल्स पोलियो अभियान के माध्यम से करोड़ों बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाई गई।विश्व स्वास्थ्य संगठन ने 2014 में भारत को पोलियो मुक्त (Polio-Free) घोषित किया। यह भारत के सार्वजनिक स्वास्थ्य क्षेत्र की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक मानी जाती है।हालांकि भारत पोलियो मुक्त है, फिर भी नियमित टीकाकरण और निगरानी लगातार जारी है ताकि वायरस दोबारा फैलने का कोई खतरा न रहे।

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पोलियो से बचाव कैसे करें?

पोलियो से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका टीकाकरण है। इसके अलावा—

  • सभी बच्चों को राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम के अनुसार पोलियो की सभी खुराक दिलाएं।
  • पल्स पोलियो अभियान के दौरान अतिरिक्त खुराक अवश्य दिलाएं।
  • साफ और सुरक्षित पेयजल का उपयोग करें।
  • हाथ धोने की आदत अपनाएं।
  • स्वच्छता और साफ-सफाई बनाए रखें।
  • बच्चों के स्वास्थ्य की नियमित जांच कराएं।

विश्व पोलियो दिवस 2026 का महत्व

हालांकि दुनिया के अधिकांश देशों से पोलियो लगभग समाप्त हो चुका है, लेकिन कुछ क्षेत्रों में अभी भी वायरस का खतरा बना हुआ है। ऐसे में विश्व पोलियो दिवस यह याद दिलाता है कि जब तक दुनिया का हर बच्चा सुरक्षित नहीं होगा, तब तक पोलियो उन्मूलन का लक्ष्य पूरा नहीं माना जाएगा।यह दिवस सरकारों, स्वास्थ्य संस्थाओं और समाज को टीकाकरण कार्यक्रमों को मजबूत बनाने तथा स्वास्थ्य सेवाओं तक सभी की पहुंच सुनिश्चित करने की प्रेरणा देता है।

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विश्व पोलियो दिवस कैसे मनाया जाता है?

इस अवसर पर दुनिया भर में कई कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं—

  • पोलियो टीकाकरण अभियान।
  • स्वास्थ्य जागरूकता रैलियां।
  • स्कूलों और कॉलेजों में भाषण एवं निबंध प्रतियोगिताएं।
  • स्वास्थ्य शिविर और मुफ्त परामर्श।
  • सोशल मीडिया पर जागरूकता अभियान।
  • स्वास्थ्य विशेषज्ञों द्वारा पोलियो से बचाव संबंधी जानकारी साझा करना।
  • स्वास्थ्यकर्मियों और स्वयंसेवकों का सम्मान।

विश्व पोलियो दिवस 2026 केवल एक स्वास्थ्य दिवस नहीं, बल्कि यह बच्चों के उज्ज्वल और सुरक्षित भविष्य का संकल्प है। पोलियो जैसी बीमारी को रोकना पूरी तरह संभव है, यदि हर बच्चे तक समय पर टीकाकरण पहुंचे और समाज जागरूक रहे। भारत ने पोलियो उन्मूलन में एक प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया है, लेकिन इस उपलब्धि को बनाए रखने के लिए सतत प्रयास आवश्यक हैं। आइए, विश्व पोलियो दिवस 2026 के अवसर पर हम सभी यह संकल्प लें कि हर बच्चे को समय पर पोलियो की खुराक दिलाकर एक स्वस्थ, सुरक्षित और पूरी तरह पोलियो-मुक्त विश्व के निर्माण में अपना योगदान देंगे।

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