Sonam Wangchuk Hunger Strike: सरकार की चुप्पी पर भड़के अभिजीत दीपके, पूछे 5 बड़े सवाल; बोले- सिर्फ खामोशी ही मिली
Sonam Wangchuk Hunger Strike: सोनम वांगचुक की 18 दिनों से जारी भूख हड़ताल पर CJP संस्थापक अभिजीत दीपके ने केंद्र सरकार की चुप्पी पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री, शिक्षा मंत्री और सरकार से जवाबदेही की मांग करते हुए कई तीखे सवाल पूछे।
Sonam Wangchuk Hunger Strike: 18वें दिन भी जारी अनशन, सरकार की चुप्पी पर अभिजीत दीपके का हमला
Sonam Wangchuk Hunger Strike: NEET पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली में कथित गड़बड़ियों के विरोध में सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल 18वें दिन भी जारी है। इस बीच कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने केंद्र सरकार की चुप्पी पर तीखा सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि एक ऐसे व्यक्ति को, जिसने छात्रों के भविष्य और न्याय के लिए अपनी सेहत दांव पर लगा दी, सरकार की ओर से अब तक केवल खामोशी ही मिली है।
अभिजीत दीपके ने सरकार पर साधा निशाना
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा किए गए अपने संदेश में अभिजीत दीपके ने कहा कि सरकार इस मुद्दे पर जवाबदेही से बच रही है। उनका कहना है कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और छात्रों के भविष्य से जुड़े गंभीर सवालों पर सरकार को स्पष्ट जवाब देना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि लोगों को आंदोलन से जुड़े अनावश्यक सवालों की बजाय उन मुद्दों पर चर्चा करनी चाहिए, जिनका असर लाखों छात्रों के भविष्य पर पड़ता है।
सरकार से पूछे 5 बड़े सवाल
अभिजीत दीपके ने अपने बयान में केंद्र सरकार के सामने कई सवाल रखे। उन्होंने पूछा कि—
- प्रधानमंत्री इस मुद्दे पर बातचीत क्यों नहीं कर रहे?
- शिक्षा मंत्री से अब तक जवाबदेही क्यों तय नहीं की गई?
- सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल पर सरकार की चुप्पी क्यों बनी हुई है?
- परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे?
- छात्रों के भविष्य से जुड़े इस मुद्दे पर सरकार स्पष्ट जवाब कब देगी?
‘छात्रों के सपनों का सवाल’
दीपके ने कहा कि यह केवल एक आंदोलन नहीं, बल्कि उन लाखों छात्रों की उम्मीदों का सवाल है जो निष्पक्ष परीक्षा व्यवस्था चाहते हैं। उनका आरोप है कि यदि ऐसे मुद्दों पर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो युवाओं का व्यवस्था पर भरोसा कमजोर हो सकता है।
विपक्षी नेताओं ने भी जताया समर्थन
सोनम वांगचुक के आंदोलन को लेकर कई विपक्षी नेताओं ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है। समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने वांगचुक से स्वास्थ्य का ध्यान रखने और अनशन समाप्त करने की अपील की है। साथ ही उन्होंने परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग का समर्थन भी जताया है।
20 जुलाई को संसद मार्च की तैयारी
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने घोषणा की है कि आंदोलन के अगले चरण के तहत 20 जुलाई को संसद तक मार्च निकाला जाएगा। संगठन का दावा है कि भूख हड़ताल के दौरान सोनम वांगचुक का वजन काफी कम हुआ है, जिसके चलते उनकी सेहत को लेकर भी चिंता बढ़ रही है।
क्या है आंदोलन की मुख्य मांग?
आंदोलन का मुख्य उद्देश्य NEET पेपर लीक और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच, परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करना है।
निष्कर्ष
सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल लगातार चर्चा का विषय बनी हुई है। इस बीच अभिजीत दीपके द्वारा सरकार से पूछे गए सवालों ने परीक्षा प्रणाली और युवाओं के भविष्य को लेकर चल रही बहस को और तेज कर दिया है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि सरकार इस मुद्दे पर आगे क्या कदम उठाती है।
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