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Shashi Tharoor : ‘पेपर लीक से अमीरों के बच्चों को नहीं, गरीब और मध्यम वर्ग के युवाओं को होता है नुकसान’, जंतर-मंतर के प्रदर्शनकारियों को थरूर का संदेश

Shashi Tharoor : कांग्रेस सांसद Shashi Tharoor ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे युवाओं के नाम खुला पत्र लिखा है। उन्होंने पेपर लीक को गरीब और मध्यम वर्ग के युवाओं के सपनों के साथ धोखा बताया और सोनम वांगचुक से अनशन समाप्त करने की अपील की।

Shashi Tharoor : जंतर-मंतर के युवाओं को Shashi Tharoor का खुला पत्र, बोले- पेपर लीक सबसे बड़ा धोखा, उम्मीद मत छोड़िए

Shashi Tharoor :  कांग्रेस सांसद Shashi Tharoor ने जंतर-मंतर पर पेपर लीक और परीक्षा व्यवस्था के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे युवाओं के नाम एक भावुक खुला पत्र लिखा है। उन्होंने कहा कि वह युवाओं से किसी राजनेता के रूप में नहीं, बल्कि एक ऐसे भारतीय के रूप में बात कर रहे हैं, जो देश के युवाओं के भविष्य को लेकर गहरी चिंता महसूस करता है। उन्होंने युवाओं के साथ-साथ केंद्र सरकार और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक से भी महत्वपूर्ण अपील की है।

Shashi Tharoor ने साझा की अपनी संघर्ष की कहानी

अपने पत्र में Shashi Tharoor ने बताया कि उनका जन्म एक मध्यम वर्गीय परिवार में हुआ था। उनके पिता अखबार में नौकरी करते थे और परिवार की सीमित आय में तीन बच्चों की पढ़ाई होती थी। उन्होंने कहा कि उनके लिए योग्यता, छात्रवृत्ति और निष्पक्ष परीक्षाएं ही आगे बढ़ने का एकमात्र रास्ता थीं। उन्होंने बताया कि उन्होंने मुंबई और कोलकाता में स्कूली शिक्षा प्राप्त की, दिल्ली में उच्च शिक्षा हासिल की और अपनी मेहनत के दम पर आगे बढ़ते हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचे।

‘पेपर लीक सबसे ज्यादा गरीब और मध्यम वर्ग को नुकसान पहुंचाता है’

थरूर ने कहा कि जब प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक होते हैं या परीक्षाएं रद्द होती हैं, तो सबसे अधिक नुकसान उन युवाओं को होता है जो मेहनत और ईमानदारी के भरोसे अपने भविष्य का निर्माण करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि आर्थिक रूप से संपन्न परिवारों के पास कई विकल्प होते हैं, लेकिन सामान्य परिवारों के युवाओं के लिए निष्पक्ष परीक्षा ही सफलता का सबसे बड़ा माध्यम होती है। ऐसे में पेपर लीक केवल एक परीक्षा नहीं, बल्कि लाखों सपनों और वर्षों की मेहनत के साथ विश्वासघात है।

Shashi Tharoor ने युवाओं से कहा- उम्मीद मत छोड़िए

अपने खुले पत्र में Shashi Tharoor ने युवाओं से निराश न होने की अपील की। उन्होंने कहा कि आज के युवा भारत का भविष्य हैं और उनकी आवाज देश की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने विश्वास जताया कि युवाओं की भागीदारी से देश में एक पारदर्शी और निष्पक्ष व्यवस्था फिर से स्थापित की जा सकती है।

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सोनम वांगचुक से की अनशन समाप्त करने की अपील

थरूर ने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक से भी अपना अनशन समाप्त करने की अपील की। उन्होंने कहा कि वांगचुक ने अपनी मुहिम के जरिए देश का ध्यान इस गंभीर मुद्दे की ओर आकर्षित किया है और अब देश को उनकी आवाज और नेतृत्व की आगे भी जरूरत है।

सरकार से भी की संवेदनशीलता दिखाने की अपील

Shashi Tharoor  ने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि युवाओं की चिंताओं को गंभीरता से सुना जाए और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता तथा जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं। उनका कहना था कि युवाओं का विश्वास बनाए रखना किसी भी लोकतंत्र की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।

निष्कर्ष

जंतर-मंतर पर जारी प्रदर्शन के बीच Shashi Tharoor  का यह खुला पत्र शिक्षा व्यवस्था, निष्पक्ष परीक्षाओं और युवाओं के भविष्य पर राष्ट्रीय बहस को नई दिशा देता है। उन्होंने युवाओं से संघर्ष जारी रखने, सरकार से संवेदनशील होने और सोनम वांगचुक से स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए आंदोलन आगे बढ़ाने की अपील की।

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