WHO: इन संकेतों को हल्के में लेना पड़ सकता है भारी, WHO ने कैंसर को लेकर किया अलर्ट
WHO, विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की हालिया रिपोर्ट ने भारत समेत दुनिया भर के स्वास्थ्य विशेषज्ञों की चिंता बढ़ा दी है। रिपोर्ट के अनुसार, भारत में
WHO की नई रिपोर्ट से हड़कंप! हर 10 में से 1 भारतीय कैंसर के खतरे में
WHO, विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की हालिया रिपोर्ट ने भारत समेत दुनिया भर के स्वास्थ्य विशेषज्ञों की चिंता बढ़ा दी है। रिपोर्ट के अनुसार, भारत में हर 10 में से लगभग 1 व्यक्ति को 75 वर्ष की आयु से पहले कैंसर होने का खतरा है। साथ ही आने वाले वर्षों में देश में कैंसर के मामलों में तेज़ बढ़ोतरी होने की आशंका जताई गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि बदलती जीवनशैली, तंबाकू और शराब का सेवन, मोटापा, प्रदूषण तथा देर से जांच कराना इसके प्रमुख कारण हैं।
WHO रिपोर्ट में क्या कहा गया?
WHO की Global Status Report on Cancer 2026 के अनुसार, भारत में वर्ष 2024 के दौरान लगभग 16 लाख नए कैंसर के मामले और करीब 9 लाख मौतें दर्ज की गईं। रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है कि यदि रोकथाम और समय पर जांच पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया, तो 2050 तक भारत में हर साल नए कैंसर मामलों की संख्या 28 लाख तक पहुंच सकती है।
कैंसर के बढ़ते मामलों की बड़ी वजहें
डॉक्टरों के अनुसार कई ऐसे जोखिम कारक हैं जिन्हें बदला जा सकता है। इनमें सबसे प्रमुख हैं—
- तंबाकू (सिगरेट, बीड़ी, गुटखा, खैनी और पान मसाला) का सेवन
- शराब का अधिक सेवन
- मोटापा और शारीरिक गतिविधि की कमी
- फल और सब्जियों की कम मात्रा वाला असंतुलित आहार
- वायु प्रदूषण और हानिकारक रसायनों के संपर्क में रहना
- HPV और हेपेटाइटिस-B जैसे संक्रमण
- परिवार में कैंसर का इतिहास
- बढ़ती उम्र और देर से जांच कराना
WHO का कहना है कि दुनिया भर में होने वाले लगभग 40% कैंसर मामलों को सही जीवनशैली और रोकथाम के उपाय अपनाकर टाला जा सकता है।
किन लक्षणों को बिल्कुल नजरअंदाज न करें?
विशेषज्ञों का कहना है कि कैंसर का जल्द पता चलने पर इलाज की सफलता की संभावना काफी बढ़ जाती है। यदि निम्न में से कोई भी लक्षण लंबे समय तक बना रहे तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें—
- बिना वजह वजन तेजी से घटना
- लगातार थकान या कमजोरी
- शरीर में किसी गांठ का महसूस होना
- लगातार खांसी या खून आना
- मल या पेशाब की आदतों में बदलाव
- लंबे समय तक न भरने वाला घाव
- निगलने में कठिनाई
- आवाज का लंबे समय तक बैठना
- किसी तिल या मस्से के आकार, रंग या आकृति में बदलाव
- असामान्य रक्तस्राव
इन लक्षणों का मतलब हमेशा कैंसर नहीं होता, लेकिन समय पर जांच कराना बेहद जरूरी है।
किन लोगों को ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत?
डॉक्टरों के अनुसार निम्न लोगों को नियमित स्वास्थ्य जांच करानी चाहिए—
- 40 वर्ष से अधिक उम्र के लोग
- धूम्रपान या तंबाकू का सेवन करने वाले
- अत्यधिक शराब पीने वाले
- परिवार में कैंसर का इतिहास रखने वाले
- मोटापे या मधुमेह से पीड़ित लोग
- लंबे समय तक प्रदूषण या रसायनों के संपर्क में रहने वाले
महिलाओं को समय-समय पर स्तन और सर्वाइकल कैंसर की स्क्रीनिंग करानी चाहिए, जबकि पुरुषों को जोखिम के आधार पर मुंह, फेफड़े और प्रोस्टेट कैंसर की जांच कराने की सलाह दी जाती है।
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समय पर जांच क्यों है जरूरी?
विशेषज्ञों का कहना है कि भारत में बड़ी संख्या में मरीज तब अस्पताल पहुंचते हैं जब बीमारी काफी आगे बढ़ चुकी होती है। ऐसे मामलों में इलाज अधिक जटिल और महंगा हो जाता है। यदि कैंसर शुरुआती चरण में पकड़ में आ जाए तो कई प्रकार के कैंसर का सफल इलाज संभव है और मरीज सामान्य जीवन जी सकता है।
कैंसर के खतरे को कैसे कम करें?
डॉक्टर स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की सलाह देते हैं। इसके लिए—
- तंबाकू और शराब से पूरी तरह दूरी बनाएं।
- रोज कम से कम 30–45 मिनट व्यायाम करें।
- ताजे फल, हरी सब्जियां और साबुत अनाज का सेवन बढ़ाएं।
- वजन नियंत्रित रखें।
- हेपेटाइटिस-B और HPV जैसे आवश्यक टीके लगवाएं।
- प्रदूषण और हानिकारक रसायनों से बचाव करें।
- नियमित हेल्थ चेकअप और डॉक्टर की सलाह के अनुसार कैंसर स्क्रीनिंग कराएं।
घबराएं नहीं, जागरूक बनें
WHO और कैंसर विशेषज्ञों का संदेश स्पष्ट है कि कैंसर का खतरा बढ़ रहा है, लेकिन समय पर पहचान, स्वस्थ जीवनशैली और नियमित जांच से बड़ी संख्या में मामलों को रोका जा सकता है या शुरुआती अवस्था में सफलतापूर्वक इलाज किया जा सकता है। इसलिए यदि शरीर में कोई असामान्य बदलाव लंबे समय तक बना रहे, तो घरेलू उपचार या लापरवाही करने के बजाय तुरंत विशेषज्ञ डॉक्टर से परामर्श लें। यही सावधानी गंभीर बीमारी से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका साबित हो सकती है।
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