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PM Modi: जींद रैली से पहले PM मोदी को Bomb Blast की धमकी, जांच में बांग्लादेश कनेक्शन की पड़ताल

PM Modi, हरियाणा में उस समय सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर आ गईं जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जींद रैली को बम से उड़ाने की धमकी मिलने की सूचना सामने आई। इसी दौरान गुरुग्राम के कई निजी स्कूलों को भी धमकी भरे ई-मेल प्राप्त हुए, जिसके बाद छात्रों और अभिभावकों के बीच हड़कंप मच गया।

PM Modi : हरियाणा में हाई अलर्ट! PM मोदी की रैली और गुरुग्राम के स्कूल बने धमकी का निशाना

PM Modi, हरियाणा में उस समय सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर आ गईं जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जींद रैली को बम से उड़ाने की धमकी मिलने की सूचना सामने आई। इसी दौरान गुरुग्राम के कई निजी स्कूलों को भी धमकी भरे ई-मेल प्राप्त हुए, जिसके बाद छात्रों और अभिभावकों के बीच हड़कंप मच गया। पुलिस, बम निरोधक दस्ता और साइबर एजेंसियों ने तुरंत मोर्चा संभालते हुए जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में कुछ डिजिटल सुराग विदेशी नेटवर्क और बांग्लादेश से जुड़े संभावित तकनीकी लिंक की ओर इशारा कर रहे हैं। हालांकि अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जांच अभी जारी है और किसी अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।

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जींद रैली से पहले मिली धमकी

जानकारी के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रस्तावित कार्यक्रम से पहले सुरक्षा एजेंसियों को धमकी भरा संदेश मिला। इसके बाद रैली स्थल और आसपास के इलाकों में व्यापक तलाशी अभियान चलाया गया। बम निरोधक दस्ते, डॉग स्क्वॉड और स्थानीय पुलिस ने पूरे परिसर की गहन जांच की। सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा करते हुए कार्यक्रम स्थल पर आने वाले प्रत्येक व्यक्ति की सघन जांच की गई।अधिकारियों ने बताया कि किसी भी संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक सामग्री के मिलने की पुष्टि नहीं हुई है। इसके बावजूद सुरक्षा मानकों में कोई ढील नहीं दी गई और पूरे आयोजन क्षेत्र को हाई सिक्योरिटी जोन में बदल दिया गया।

गुरुग्राम के स्कूलों में मचा हड़कंप

इसी बीच गुरुग्राम के कई स्कूलों को धमकी भरे ई-मेल मिलने के बाद प्रशासन हरकत में आ गया। स्कूल प्रबंधन ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। कई स्कूलों में छात्रों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया, जबकि कुछ जगहों पर एहतियात के तौर पर कक्षाएं अस्थायी रूप से रोक दी गईं।बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वॉड ने स्कूल परिसरों की गहन जांच की, लेकिन किसी भी स्थान से कोई विस्फोटक बरामद नहीं हुआ। अधिकारियों ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की।

साइबर जांच में विदेशी लिंक की पड़ताल

धमकी भरे ई-मेल मिलने के बाद साइबर क्राइम विशेषज्ञों और केंद्रीय एजेंसियों ने तकनीकी जांच शुरू कर दी है। जांच में ई-मेल के स्रोत, आईपी एड्रेस, वीपीएन के उपयोग और डिजिटल रूटिंग की बारीकी से पड़ताल की जा रही है।सूत्रों के अनुसार कुछ डिजिटल संकेत बांग्लादेश से जुड़े नेटवर्क या वहां से संचालित तकनीकी माध्यमों की ओर इशारा करते हैं। हालांकि जांच एजेंसियों का कहना है कि केवल आईपी एड्रेस या डिजिटल रूटिंग के आधार पर किसी देश या संगठन की भूमिका तय नहीं की जा सकती। अंतिम निष्कर्ष फॉरेंसिक विश्लेषण और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के बाद ही सामने आएगा।

सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट

प्रधानमंत्री के कार्यक्रम को देखते हुए हरियाणा पुलिस, केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों और खुफिया विभाग ने सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत कर दी है। रैली स्थल के आसपास सीसीटीवी निगरानी बढ़ाई गई है। ड्रोन के जरिए भी निगरानी की जा रही है और संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।स्कूलों की सुरक्षा के लिए भी स्थानीय प्रशासन ने विशेष दिशा-निर्देश जारी किए हैं। स्कूल प्रबंधन को किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तत्काल सूचना पुलिस को देने के लिए कहा गया है।

अभिभावकों से शांति बनाए रखने की अपील

धमकी की खबर सामने आने के बाद कई अभिभावकों में चिंता देखी गई। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि सभी स्कूलों और सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा जांच पूरी सतर्कता के साथ की गई है और फिलहाल किसी प्रकार का खतरा नहीं पाया गया है।पुलिस ने लोगों से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे अपुष्ट संदेशों को साझा न करने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि गलत जानकारी से अनावश्यक दहशत फैल सकती है।

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पहले भी मिल चुकी हैं ऐसी धमकियां

देश के विभिन्न हिस्सों में पिछले कुछ वर्षों के दौरान स्कूलों, अस्पतालों, हवाई अड्डों और अन्य सार्वजनिक संस्थानों को ई-मेल के माध्यम से बम की झूठी धमकियां मिलने की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं। अधिकांश मामलों में व्यापक तलाशी के बाद कोई विस्फोटक नहीं मिला, लेकिन हर बार सुरक्षा एजेंसियों ने इन्हें गंभीरता से लेते हुए विस्तृत जांच की है।

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जांच जारी, आधिकारिक पुष्टि का इंतजार

फिलहाल सुरक्षा एजेंसियां धमकी भेजने वाले की पहचान करने और उसके उद्देश्य का पता लगाने में जुटी हैं। यदि विदेशी सर्वर या सीमा पार नेटवर्क का इस्तेमाल किया गया है, तो अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों की मदद भी ली जा सकती है। अधिकारियों ने कहा है कि जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि धमकी के पीछे कौन लोग थे और क्या वास्तव में किसी अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की भूमिका थी।फिलहाल जींद रैली और गुरुग्राम के स्कूलों से जुड़े दोनों मामलों में सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह चाक-चौबंद है। प्रशासन ने नागरिकों से सतर्क रहने, अफवाहों से बचने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देने की अपील की है।

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