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जाने कैसे कोरोना की तीसरी लहर से बच्चों को बचाने में मददगार है तुलसी का काढ़ा

तुलसी का काढ़ा कैसे फायदेमंद है कोरोना की 
तीसरी लहर के लिए


पिछले साल से फैला कोरोना वायरस आज भी रुकने का नाम नहीं ले रहा है। कोरोना वायरस की दूसरी लहर की तबाही के बाद अब सभी लोगों को कोरोना वायरस की तीसरी लहर का डर सताने लगा है। अगर हम विशेषज्ञो की माने तो उनके अनुसार कोरोना की तीसरी लहर बच्चों के लिए ज्यादा खतरनाक साबित हो सकती है इसलिए कोरोना की तीसरी लहर से अपने बच्चों को
बचाने के लिए अभी से माता पिता कोशिशों पर लगे हुए है। विशेषज्ञों ने जब से कोरोना की तीसरी लहर की
भविष्यवाणी की है जब से ही लोगों में डर और ज्यादा बढ़ गया है। जबकि अभी तक इस बात का कोई पुख्ता सबूत सामने नहीं आया है कि कोरोना की तीसरी लहर आएगी या नहीं। लेकिन विशेषज्ञों की भविष्यवाणी के अनुसार तीसरी लहर का शिकार बच्चें हो सकते है। इसलिए बच्चों को हिफाजत में रखना बेहद जरूरी है। बच्चों को इस बीमारी से बचाने के लिए उनकी इम्यूनिटी को स्ट्रॉन्ग करना बेहद जरूरी है। ताकि वो आसानी से इस बीमारी का सामना कर सकें। बच्चों की इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए बच्चों को तुलसी का काढ़ा पीलाएं। तो चलिए जानते है कोरोना की तीसरी लहर से बच्चों को बचाने में तुलसी का काढ़ा कैसे मददगार है।

जाने तुलसी के फायदों के बारे में

ये बात तो हम सभी लोग जानते है कि तुलसी अपने
औषधीय गुणों के लिए जानी जाती है। औषधीय गुणों से भरपूर तुलसी में विटामिन और खनिज प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। आपको बता दे कि तुलसी ना सिर्फ इम्यूनिटी को बूस्ट
करती है बल्कि साथ ही साथ कई बीमारियों का उपचार भी करती है। तुलसी के पत्तों का सेवन करके आप बुखार,पेट दर्द,
मलेरिया, दिल से जुड़ी बीमारियों और बैक्टीरियल से बच सकते है। इतना ही नहीं अगर आपको  सर्दी खांसी या फिर सिर
दर्द होता है तो भी आप तुलसी के सेवन से इनसे निजात पा सकते है। आप चाहे तो तुलसी का काढ़ा पीला कर अपने बच्चों की इम्यूनिटी को बूस्ट कर सकते है। साथ ही साथ आपको बता दे कि तुलसी की पत्तियों में
रोग प्रतिरोधक क्षमता होती है। अगर कोई व्यक्ति इसका रोज सेवन करें तो उससे इसके कई सकारात्मक फायदे मिलेंगे।

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जाने कैसे बनाए तुलसी का काढ़ा

1. काली मिर्च

2. शहद

3. तुलसी की चार पत्तियां

4. अदरक के टुक्ड़े

आपको एक कटोरी में काली मिर्च, तुलसी की पत्तियों
और अदरक को एक साथ पीस लेना होगा। उसके बाद आपको एक कप पानी को उबालना होगा। और उसमे पीसी हुई काली मिर्च, तुलसी की पत्तियों और अदरक को डाल कर उबालना होगा। और उसके बाद शहद मिलाकर थोड़ा ठंडा होने के बाद अपने बच्चों को पिलाना होगा।

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लाइफस्टाइल

Shimla trip: अगर आप पहली बार शिमला घूमने जा रहे हैं, तो इन जगहों पर जाना न भूले

Shimla trip: शिमला की ये जगहें घूमने के लिए है बेहद खूबसूरत


Shimla trip: ये बात तो हम सभी लोग जानते है कि हमारे देश में घूमने फिरने की काफी सूंदर सूंदर जगहे हैं। जिन भी लोगों को घूमना फिरना पसंद है उन सभी लोगों को हमारा देश बहुत ज्यादा पसंद आता है। हमारे देश में कई जगह ऐसी है जहां पर हर साल काफी संख्या में पर्यटक घूमने फिरने आते हैं। कोई अपने दोस्तों के साथ घूमना पसंद करता है, तो कोई अपने पार्टनर के साथ ट्रिप पर जाता है। लेकिन जैसा की हम सभी लोग जानते है कि पिछले कुछ समय से कोरोना लॉकडाउन के कारण हम कही भी घूमने फिरने नहीं जा पा रहे हैं। लेकिन अभी हमारे देश में ज्यादातर राज्य अनलॉक की तरफ बढ़ रहे है जिसके कारण अब धीरे धीरे चीजों से पाबंदियो हट रही है। और ऐसे में उन लोगों के घूमने फिरने का प्लान बन रहा है जिन्हें घूमना फिरना बहुत ज्यादा पसंद होता है। अगर आप कभी शिमला नहीं गए और लॉकडाउन के बाद पहली बार शिमला घूमने का प्लान बना रहे है तो आप इन जगहों पर जा सकते है। वैसे तो पूरा ही शिमला बेहद खूबसूरत है लेकिन अगर आप पहली बार शिमला जा रहे है तो इन जगहों पर जाना न भूले।

नारकंडा: नारकंडा घूमने के लिए एक बेहद ही खूबसूरत जगह है। शिमला से नारकंडा की दूरी लगभग 60 किलोमीटर से है। शिमला से नारकंडा की इस दूरी को तय करने में 2 घंटे से ज्यादा का समय लगता है। ऐसा इसलिए क्योंकि ये जगह काफी ऊंचाई पर स्थित है। यहाँ आपको बर्फबारी देखने को मिलती है। यहाँ आपको काफी सारे एडवेंचर करने को मिलते हैं।

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जाखू मंदिर: आपको बता दे कि शिमला से जाखू मंदिर जाने में सड़क के रास्ते सिर्फ 20 मिनट का समय लगता है। इसके अलावा आप जाखू मंदिर मॉल रोड से रोपवे के जरिए भी जा सकते है। यहाँ जाने का अपना प्रति व्यक्ति किराय लगभग 250 रुपये है। आपको बता दे कि ये जाखू मंदिर हनुमान जी का मंदिर है, और यहां आपको हनुमान जी की 108 फीट ऊंची प्रतिमा देखने को मिलेगी।

कुफरी: अगर आप शिमला पहली बार गए है तो आप घूमने के लिए कुफरी जा सकते है यह घूमने के लिए बेहद ही खूबसूरत जगह है। कुफरी शिमला से महज 15 किलोमीटर की दुरी पर है। जिसके आप एक घंटे से कम समय में पार कर सकते है। यहाँ आपको सेब के बागान, घुड़सवारी, जीप की सवारी करने को मिलेगी।

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जाने कोरोना की तीसरी लहर से कैसे निपटने के लिए तैयार है सरकार

कोरोना की तीसरी लहर से कुछ इस तरह निपटेगी सरकार


पिछले साल से फैला कोरोना अभी भी रुकने का नाम नहीं ले रहा है अभी हमारे देश में कोरोना की दूसरी लहर की तबाही थमी भी नहीं है कि वैज्ञानिकों ने कोरोना की तीसरी लहर के आने का ऐलान कर दियाऔर सभी लोगों को एक नए संकट की चेतावनी दे डाली है। ऐसे में सभी लोगों के मन में ये सवाल उठने लगा है कि एक तरफ तो कोरोना की पहली और दूसरी लहर ने हमारे पूरे स्वास्थ्य सिस्टम की पोल खोलकर रख दी है ऐसे में अगर कोरोना की तीसरी लहर आती है तो हमारी सरकार इससे कैसे निपटेंगी। जहां वैज्ञानिकों ने कोरोना की तीसरी लहर के आने का ऐलान कर रखा है तो वही सभी लोग डर भी रही है कि कोरोना की तीसरी लहर से निपटने के लिए सरकार ने कोई ठोस तैयारी अभी से की है या नहीं। तो चलिए विस्तार से जानते है कि कोरोना की तीसरी लहर से निपटने के लिए सरकार ने क्या तैयारियां की है।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से की मुलाकात

आज मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। उनकी यह मुलाकात लगभग दो घंटे की थी। इस मुलाकात में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कोरोना की तीसरी लहर के बारे में बात की। साथ ही साथ उन्होंने राज्य सरकार के एक साल के कार्यकाल समेत तमाम मुद्दों पर चर्चा की। इस बैठक की जानकारी खुद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ट्वीट कर दी। शिवराज सिंह चौहान ने ट्वीट कर बताया कि आज नई दिल्ली में उनकी भेट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हुई। इस बैठक में उन्होंने मध्यप्रदेश में कोरोना वायरस की वर्तमान स्थिति से अवगत कराया। इसके साथ ही साथ उन्होंने कोरोना नियंत्रण को लेकर राज्य के द्वारा अब तक किए गए प्रयासों की जानकारी दी। इतना ही नहीं उन्होंने तीसरी लहर से निपटने के लिए तैयारियों पर भी बात की।

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कोरोना की अगली लहर की तैयारी’

कोरोना की तीसरी लहर के लिए देश कितना तैयार है ये तो समय के साथ ही पता चलेगा। अगर हम दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल की बात करें तो दिल्ली में कोरोना मरीजों की देखभाल करने के लिए 5000 युवाओं को उनके द्वारा 2-2 हफ़्ते की ट्रेनिंग दी जाएगी। कोरोना की तीसरी लहर से बचने के लिए युवाओं को ये ट्रेनिंग आईपी यूनिवर्सिटी दिलवाएगी। सभी युवाओं को दिल्ली के 9 बड़े मेडिकल इंस्टीट्यूट में बेसिक ट्रेनिंग की सुविधा मिलेगी। दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल के अनुसार युवाओं की ट्रेनिंग होने के बाद स्वास्थ्य सुविधाएं बढ़ेंगी। उनके अनुसार इन लोगों को कोरोना मरीजों को मास्क लगवाने, उन्हें ऑक्सीजन लगवाने और सैनेटाइज करने जैसे बेसिक कामों की ट्रेनिंग दी जाएगी।

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काम की बात करोना

कोरोना महामारी के बाद भी भारतीय शादियों में आ सकते है ये बदलाव

महामारी के कारण भारतीय शादियों में आए ये बदलाव


पिछले साल से फैला हुआ कोरोना वायरस आज भी रुकने का नाम नहीं ले रहा है। इसके कारण हम सभी लोगों  के जीवन में काफी ज्यादा बदलाव देखने को मिले है। इस कठिन समय ने हमें बहुत कुछ सिखाया है। इस पैनडेमिक में हम सभी लोगों ने छोटी छोटी चीजों में खुशियों के साथ रहना और ताम-झाम और भीड़-भाड़ से दूर रहना सीख लिया है।

इस पैनडेमिक में जिन भी लोगों ने शादी हुई है सभी लोगों ने अपने सारे बड़े-बडे़ अरमानों को भूलकर, जो उनसे संभव हुआ उसी में शादी की या फिर ये कहें बस शादी निपटाई। पिछले एक साल से हम सभी लोग कोरोना वायरस के साथ जी रहे है और आगे भी अभी इससे पूरी तरह निजात की गुंजाइश नज़र नहीं आ रही है, महामारी के कारण हमारे देश में शादियों में काफी ज्यादा बदलाव आए है। जिन्हें देखकर ऐसा लगता है कि इनमें से कुछ अब हमेशा रहेगा। तो चलिए जानते है कैसे महामारी के कारण भारतीय शादियों में बदलाव आए है।

बहुत कम लोगों के बीच शादी: ये बात तो हम सभी लोग जानते है कि महामारी के कारण अभी आम लोग हो या बॉलीवुड सितारे, सभी लोग बहुत कम लोगों के बीच शादी कर रहे है। अभी कुछ समय पहले ही बॉलीवुड अभिनेत्री यामी गौतम ने अपने परिवार वालों और करीबी रिस्तेदारों के बीच शादी की थी। वही अगर हम टीवी एक्टर अंकित गेरा की बात करें तो उनकी शादी में भी सिर्फ दस लोग  ही मौजूद थे।

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मास्क और सैनिटाइजर: शादियों में बहुत मुश्किल होता है कि पहले गेस्ट से मिलने से पहले उन्हें हैंड सैनिटाइज दिया जाए उसके बाद ही उन्हें आगे बढ़ने दिया जाए। पहले लोग अपने गेस्ट का मुस्कुराते चेहरे के साथ स्वागत करते थे लेकिन अब मास्क के कारण मुस्कुराते चेहरे के साथ लोगों के स्वागत वाली बात भी नहीं रहेगी।

लोगों को ग्रीट करने का तरीका: अब समय पहले जैसा नहीं रहा। पहले लोग दूल्हे के परिवार वालों को गले लगाकर उनका स्वागत करते थे लेकिन अब चीजे बदल गई है। अब आपको दूल्हे के परिवार वालों को नमस्ते, खम्मा घणी, आदाब के साथ उनका स्वागत करना होगा। हमारे देश में पहले कई जगहों पर संबंधी मिलन का चलन था जिसमे दरवाजे पर बारात लगने के बाद दूल्हा और दुल्हन दोनों के पिता, ताऊ, मामा, मौसा आपस में गले मिलते थे। लेकिन अब इस महामारी के कारण ये सब नहीं हो पायेगा।

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लाइफस्टाइल सेहत

अगर फिट रहने के लिए आप घर पर कर रहे है ट्रेडमिल वर्कआउट, तो इन बातों का रखें ध्यान

ट्रेडमिल वर्कआउट के दौरान इन बातों का ध्यान रखें


 

पिछले साल से फैला हुआ कोरोना वायरस आज भी रुकने का नाम ही नहीं ले रहा है इस कोरोना वायरस ने लाखों लोगों की जान ले ली है। अभी इस कोरोना महामारी की दूसरी लहर चल रही है जो की पहली वाली से भी ज्यादा खतरनाक है। इस कोरोना महामारी के कारण ही लम्बे समय से जिम, स्कूल, कॉलेज सभी चीजे बंद हैं। जिसके कारण सभी लोगों को काफी ज्यादा परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लंबे समय से जिम बंद होने के कारण कई लोगों ने अपने घरों पर ही वर्कआउट करना शुरू कर दिया है। कई लोग तो ऐसे भी है जिन्होंने इस कोरोना काल में अपने घर पर ही एक छोटा जिम तैयार कर लिया है ताकि उनके वर्कआउट सेशन्स में कोई दिक्कत न आए। जो भी लोगों ने अपने घर पर नया नया जिम तैयार करते है वो अपने घर पर ही कसरत करना शुरू करते है। वो लोग अक्सर ट्रेडमिल वर्कआउट को ज्यादा तवज्जो देते हैं क्योंकि उसके अपने अलग फायदे भी हैं। तो चलिए आज जानते है अगर आप ट्रेडमिल वर्कआउट शुरू करने जा रहे है तो आपको किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।

1. घर पर जिम तैयार करने के लिए जरूरी नहीं है कि हर व्यक्ति नया ही ट्रेडमिल खरीदे। कई लोग सेकंड हैंड यानी की पुराना ट्रेडमिल भी खरीदते हैं। ऐसे लोगों के लिए बहुत जरूरी है कि वो ये सेकंड हैंड ट्रेडमिल खरीदने से पहले इसके मोटर और शॉकर को अच्छे से एक बार देख लें। ताकि आगे चलकर उनको कोई परेशानी न हो।

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2. जो भी लोग घर पर नया जिम तैयार करते है उन्हें कभी भी कसरत करने के लिए सीधा ट्रेडमिल पर नहीं चढ़ना चाहिए। क्योंकि ये आपको परेशानी में डाल सकता है। कसरत के दौरान हमारे घुटनों पर जोर पड़ता है। इसलिए अगर आप ट्रेडमील एक्सरसाइज करने जा रहे हैं तो कोशिश करें कम से कम 10 मिनट का वर्कआउट सेशन तो पहले ही कर ही लें

3. आपको एक्सरसाइज करते हुए ट्रेडमिल से डरना नहीं चाहिए। ऐसा करने से आपका पोश्चर प्रभावित होगा साथ ही साथ आपके घुटने, पैरों या शरीर के किसी भी अन्य अंग पर चोट लग सकती है। इसलिए आपको सेफ्टी बार को पूरी तरह और पूरे समय पकड़ कर कसरत नहीं करना चाहिए।

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काम की बात करोना

कोरोना से जंग के लिए इन देशों ने शुरू किया बच्चों का टीकाकरण, जाने भारत में कब से शुरू होगा

जाने क्यों बच्चों को टीकाकरण से बाहर रखा गया है


पिछले साल से फैला हुआ कोरोना वायरस आज भी रुकने का नाम ही नहीं ले रहा है पहले कोरोना की पहली लहर आई जिसमे लाखों लोगों की जान चली गयी। उसके बाद लोगों को लगा साल 2021 में उन्हें इस कोरोना वायरस से छुटकारा मिलेगा लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ। इस साल भी कोरोना वायरस ने अपना कहर बरकरार रखा। इस बार हम सभी लोगों को कोरोना की दूसरी लहर का सामना करना पड़ा है कोरोना महामारी की दूसरी लहर पहली वाली से भी ज्यादा खतरनाक है। इस कोरोना वायरस की दूसरी लहर के दौरान लोगों को वायरस में म्यूटेशन के कारण कोविड-19 से संबंधित कई गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ा था। कोरोना की इस दूसरी लहर में सभी उम्र के लोगों में इसके लक्षण देखने को मिले थे। लेकिन इन सबके बीच अच्छी बात यह है कि अभी कोरोना की दूसरी लहर का असर लगभग थमता सा दिख रहा है। अब लोगों के मन में कोरोना की तीसरी लहर को लेकर कई तरह के सवाल आ रहे है। कई रिपोर्ट्स ये दावा कर रही है कि तीसरी लहर का असर बच्चों में अधिक देखने को मिल सकता है। अगर हम विशेषज्ञों की माने तो उनके अनुसार वैक्सीनेशन ही इसका एकमात्र उपाय है जो लोगों को संभावित तीसरी लहर से सुरक्षित कर सकता है तो चलिए जानते है क्यों अभी देश में बच्चों को टीकाकरण से बाहर रखा गया है।

जाने किन देशों में बच्चों को दी जा रही है वैक्सीन

आपको बता दे कि अमेरिका में सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन की अनुमति मिलने के बाद मई के मध्य से ही 12 साल से अधिक उम्र के बच्चों को फाइजर वैक्सीन देने की शुरुआत की जा चुकी है। सिर्फ अमेरिका ही नहीं बल्कि कनाडा, जापान, चिली और इटली ने भी 12 साल से अधिक उम्र के बच्चों को फाइजर वैक्सीन लगाने की मंजूरी दे दी है। जबकि अभी दुबई और फिलीपींस ने सिर्फ आपातकालीन उपयोग के लिए इस वैक्सीन को मंजूरी दे दी है।

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जाने फाइजर वैक्सीन बच्चों के लिए कितनी असरदार है

आपको बता दे कि हाल ही में न्यू इंग्लैंड जर्नल ऑफ मेडिसिन में प्रकाशित एक नए अध्ययन के अनुसार ‘वैज्ञानिकों ने फाइजर वैक्सीन के टीकाकरण वाले बच्चों में काफी असरदार प्रभाव देखे हैं। वैज्ञानिकों के अनुसार फाइजर वैक्सीन के दोनों डोस लेने के बाद बच्चों में वैक्सीन की प्रभाविकता 100 फीसदी के करीब देखी गई है। वैज्ञानिकों द्वारा 2,260 बच्चों पर किए गए अध्ययन में पाया कि फाइजर वैक्सीन लेने के बाद बच्चों में इसके अच्छे परिणाम देखने को मिले हैं।

जाने भारत में कब से शुरू होगा बच्चों का टीकाकरण

आपको बता दे कि भारत में वैक्सीन डे से ही बायोटेक ने बच्चों पर परीक्षण करना शुरू किया है। वही दूसरी तरफ कुछ मीडिया रिपोर्टस में दावा किया है कि जाइडस कैडिला कंपनी को भी बच्चों के वैक्सीन निर्माण करने का काम मिल सकता है। वही कुछ रिपोर्टस का दावा है कि फाइजर ने हमारे देश में अपनी वैक्सीन लाने के लिए भारतीय सरकार के साथ बातचीत की।  जिससे की अन्य देशों की तरह हमारे देश में भी बच्चों का टीकाकरण हो सकें। अभी भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान के निदेशक डॉ रणदीप गुलेरिया का कहना है कि हमारे देश में भी बच्चों की वैक्सीन सितंबर-अक्टूबर तक उपलब्ध कराने का प्रयास जारी है।

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जानें आज के समय पर सादगी से शादी करना क्यों बन गया है नया ट्रेंड

कोविड 19 के कारण लोग करने लगे है सादगी से शादी


हमारे देश में शादियां किसी त्योहार से कम नहीं होती। हमारे देश की शादी में सैकड़ों की भीड़ होना आम बात है साथ ही डीजे की धमक पर थिरकते लोग व देर रात तक झूमते हुए बरात को लेकर लड़की के घर पहुंचते है वहां डेरों रस्मों के साथ शादी सम्पन कर लड़की को अपने घर ले कर आते है।

लेकिन चीन में घातक कोरोना वायरस के कारण मानों इन खुशियों पर तो ग्रहण लग गया है। कोरोना लॉकडाउन के कारण बहुत सारी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। लोगों को बिलकुल सादगी के बीच सात फेरे लेकर शादी को सम्पन करना पड़ रहा है। लेकिन इन सबके बीच उन लोगों को काफी ज्यादा सुकून मिल रहा है जिन लोगों के पास इतने धूम धाम के साथ शादी कराने के पैसे नहीं है। तो चलिए आज बात करते है कैसे कोरोना लॉकडाउन के कारण सादगी से शादी करना एक नया ट्रेंड बन गया है।

अब शादियों में लोगों के चेहरों पर खुशियां नहीं बल्कि मास्क नजर आता है

हर साल हमारे देश में नवरात्र के बाद से शादी की मुहर्त तेजी से शुरू हो जाते है। एक बार लगन शुरू होने की देर होती है उनके बाद घरों में शादी कि तैयारियां जोर शोर से शुरू हो जाती है। लेकिन जैसा कि हम देख रहे है कि पिछले साल से ही कोरोना वायरस के कारण लोग धूम धाम से शादी नहीं कर पा रहे है।

जो लोग शादियों में आ भी रहे है। वो लोग शादी में खुशियां मनाने की जगह अपने चेहरे पर मास्क लगाकर दूर दूर से ही मुस्करा कर खुशियों का इजहार कर रहे है। दूल्हे राजा के मन में शादी को लेकर जितनी खुशियां है उनके साथ ही साथ उनके दिल में कोरोना संक्रमण को लेकर डर भी बना हुआ है। कही ऐसा न हो जाएं कोई संक्रमित व्यक्ति सबको अपनी चपेट में लेकर संक्रमण को बढ़ा दे।

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सिर्फ आम लोग नहीं बल्कि बॉलीवुड सेलेब्स भी कर रहे है सादगी से शादी

हमारे देश में अगर बॉलीवुड फिल्मों से ज़्यादा कुछ ग्रैंड होता है तो वो है बॉलीवुड सेलेब्स की शादियां। बॉलीवुड सेलेब्स की शादियां 5-स्टार या 7-स्टार होटल होना एक आम बात है। उनके हर फंक्शन 5-स्टार या 7-स्टार से कम के होटल में नहीं होते। कोई बॉलीवुड सेलिब्रिटी अपने मेहमानों को लाने के लिए प्राइवेट जेट्स का इस्तेमाल करता है तो कोई खूबसूरत टस्कन वेडिंग करता है हर सेलिब्रिटी के लिए अपनी शादी पर कई फंक्शन और 4, 5 रिसेप्शन का आयोजन करना आम बात होती है।

लेकिन उसके बीच कई ऐसे सितारे भी है जिन्होंने अपनी लाइफ के सबसे खास दिन को बिलकुल सिंपल और प्राइवेट रखा। उन्होंने अपनी फॅमिली और कुछ दोस्तों के साथ सादगी से शादी की।

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अनलॉक में न भूले कोरोना के इन बेसिक नियमों को

अनलॉक के दौरान बचें ये गलतियों दोहराने से


पिछले साल से फैला कोरोना वायरस आज भी रुकने का नाम नहीं ले रहा है अभी हमारे देश में कोरोना वायरस की दूसरी लहर चल रही है। इस दौरान एक दिन में चार लाख से अधिक कोरोना के मामलों दर्ज किए गए थे। दूसरी लहर के वक्त कुछ ऐसी तस्वीरें निकल कर सामने आईं, जिन्हें देख कर सभी लोग सहम गया। कुछ दिन पहले ही हमे सांसों के लिए तरसते लोग, ऑक्सीजन की भारी कमी, जरूरी दवाओं की बड़े पैमाने पर कालाबाजारी और अस्पतालों में बेड की कमी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा था। हालांकि अच्छी बात ये है कि अभी लगातार कोरोना के मामले कम होने लगे हैं। जिसके कारण कई राज्यों ने अनलॉक की प्रक्रिया शुरू कर दी है। लेकिन हमें विशेषज्ञों की बात भूलनी नहीं चाहिए। कोरोना की दूसरी लहर के बीच कुछ विशेषज्ञों ने कहा था कि कोरोना की तीसरी लहर का आना तय है। लेकिन अगर हम सुरक्षा मानदंडों का पालन करें और कुछ गलतियों को न दोहराएं तो शायद तीसरी लहर का प्रभाव कम होगा। तो चलिए जानते है उन गलतियों के बारे में जिन्हे हमे नहीं दोहराना चाहिए।

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अपनी जिम्मेदारी को भूले न

ये बात तो हम सभी लोग जानते है कि कोरोना के दौरान मास्क पहनना और सैनिटाइजर का इस्तेमाल करना बेहद जरूरी है यह हमें कोरोना से बचने में मदद करता है। लेकिन जैसे की अभी लगातार कोरोना के मामले कम होने लगे हैं। ऐसे में हमे सैनिटाइजर का इस्तेमाल और मास्क पहनना बिल्कुल भी नहीं भूलना चाहिए। हमें सभी लोगों को विशेषकर अपने परिवार वालों और दोस्तों को सावधान रहने के लिए कहना चाहिए। एक जिम्मेदार और जागरूक नागरिक होने के नाते हमें उन लोगों में जागरूकता फैलानी चाहिए, जिन्हें हम जानते हैं।

डॉक्टर से समय समय पर संपर्क करते रहें

आपने देखा होगा कि अक्सर लोग ख़ासी बुखार होने पर खुद दवा ले लेते है ये लोगों की सबसे बड़ी गलती होती है। लोगों को समझना चाहिए कि उन्हें स्वयं दवा नहीं लेनी चाहिए। कई केसों में ऐसा भी देखा गया है कि जब तक एक कोविड रोगी को बीमारी की गंभीरता का पता चलता है तब तक बहुत देर हो जाती है क्योंकि समय रहते वो बीमारी की गंभीरता से समझने में असफल रहता है वो डॉक्टर से जब तक संपर्क नहीं करता जब तक उससे डॉक्टर की बहुत ज्यादा आवश्यक न हो। लेकिन आपको बता दें कि हमेशा डॉक्टर के संपर्क में रहना और अपने स्वास्थ्य को अपडेट करना हमेशा अच्छा होता है। ताकि डॉक्टर आपको बता सकें कि आपके लिए क्या सही है।

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जानें महामारी ने कैसे लोगों की सेक्स लाइफ को किया प्रभावित

महामारी और लॉकडाउन के बीच पिसती लोगों की सेक्स लाइफ- शोध


साल 2019 में आई कोरोना महामारी ने धीरे-धीरे करके लोगों की जिदंगी को पूरी तरह से बदल दिया है। पिछले साल मार्च महीने में लगे लॉकडाउन ने लोगों के अंदर कई तरह की डर और इंजाइटी को पैदा कर दिया है। मानसिक तनाव के साथ- साथ अब लोगों की जिदंगी में शारीरिक तनाव भी ला दिया है। लॉकडाउन के शुरुआती दिनों में जो लोग इस बात से बहुत खुश थे कि अब अपनी जिदंगी को थोड़ा टाइम देंगे। वहीं लोग अब धीरे-धीरे महामारी के कारण कई तरह की परेशानियों से जूझ रहे हैं। इसका असर अब लोगों की सेक्स लाइफ पर भी पड़ा है।

महामारी के कारण कई तरह के बदलाव हुए हैं।  एक्सपर्ट की मानें तो महामारी के कारण लोगों में तनाव बढ़ रहा है, जिसका सीधा असर लोगों की सेक्स लाइफ पर पड़ा है। लोगों में सेक्स की इच्छा कम हो रही है। अब जब पूरी दुनिया महामारी से कारण अपनी जीविकायापन को लेकर परेशान है। ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि क्या दोबारा से एक बार फिर कपल्स अच्छी सेक्स लाइफ की शुरुआत कर सकते हैं।

इन विषयों  पर लगातार शोध किए जा रहे हैं। जिससे महामारी के दौरान लोगों की सेक्स लाइफ के बारे में पता लगाया जा सके। सोशल साइकोलॉजी एंड पर्सनैलिटी साइंस नामक पात्रिका में छपे एक शोध के अनुसार जो कपल्स सप्ताह में एक बार सेक्स करते थे। वो लोग उन लोगों को मुकाबले ज्यादा संतुष्ट है जो कम सेक्स करते थे। रिसर्च के दौरान यह पाया है कि जो कपल्स सप्ताह में में एक बार से ज्यादा सेक्स करते हैं उनके संबंधों में भी कुछ खास फर्क नहीं पड़ा।

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महामारी के इस दौर में जब लोग बहुत परेशान है ऐसे में एक्सपर्ट के अनुसार रिश्ते को मजबूत बनाने के लिए कपल्स को आपस में  यौन संबंधी बातें करनी चाहिए। जिससे दोनों के बीच एक रोमांटिक माहौल बनें। इतना ही नहीं दोनों के बीच यौन इच्छाएं बरकरार रहें।

लोगों की सेक्स लाइफ पर किए गए रिसर्च में रिसर्चर ने पाया कि इटली, भारत और अमेरिका में साल 2020 में लगाए लॉकडाउन के सीधा असर लोगों की सेक्स लाइफ पर पड़ा है। जिसके अनुसार एक बार भी सेक्स करने वाले पार्टनर में कमी आई है।

बीबीसी में छपी एक रिपोर्ट के अनुसार लॉकडाउन और सेक्स के बारे में टेक्सस विश्वविद्यालय के असिस्टेंट प्रोफेसर और साइकोलॉजिस्ट रोएंडा बल्जारिनी का कहना है कि लॉकडाउन के शुरुआती दिनों में लोग खुश थे। एक दूसरे की मदद भी कर रहे थे। यहां तक की लोग अपने पड़ोसी की मदद बिना किसी रुकावट की करते थे।

लेकिन समय के साथ संसाधनों में कमी आ गई। लोगों में तनाव बढ़ने लगा। लोग निराशा और अवसाद में चले गए। जिसका सीधा असर लोगों की निजी जिदंगी और रिश्तों पर पड़ने लगा। बल्जारिनी और उनके साथी द्वारा की गई एक स्टडी में  यह भी पाया गया है  कि महामारी के शुरुआती दिनों में 18 साल से अधिक उम्र के लोगों में आर्थिक मोर्चे की चिंताओं ने सेक्स की इच्छा को और बढ़ा दिया था । लेकिन जैसे-जैसे स्थिति बदली, लोगों मे तनाव, अकेलापन के कारण सेक्स की इच्छा कम होती गई।

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कैसे 25 साल की आर्ची सेन रोजाना करती है 200 कुत्तों की मदद : वीडियो देख हो जायेंगे आप ‘Inspire’

जाने कौन है आर्ची सेन जो मदद करती है आवारा कुत्तों की


आर्ची सिंह रांची की रहने वाली है जिनकी उम्र महज 25 साल है। आपको बता दे कि रांची की रहने वाली आर्ची सिंह पिछले साल से ही सड़क के आवारा कुत्तों को खाना खिला रही हैं। सिविल सर्विसेज की तैयारी कर रही आर्ची सिंह रोजाना करीब 200 कुत्तों को खाना खिलाती है। आपको बता दे कि आर्ची सिंह का ये सिलसिला पिछले साल से ही चल रहा है। जब से हमारे देश में लॉकडाउन लगा है जब से ही आर्ची सिंह ना केवल इस बात का ध्यान रखती हैं कि कोई भी कुत्ता भूखा ना रहे बल्कि आर्ची इनके वैक्सीनेशन और इलाज का भी पूरा ध्यान रखती हैं। आर्ची ने एक मीडिया इंटरव्यू के दौरान बताया था कि उनका ये सिलसिला दो तीन कुत्तों से शुरू हुआ था जो की आज 200 तक पहुंच चुका है। सिर्फ कुत्तों के खाने का ही नहीं बल्कि उनके पानी का भी इंतजाम आर्ची ने अलग-अलग जगहों पर किया हुआ है उन्होंने 50 पानी के बर्तनों का इंतजाम कर उन्हें अलग अलग जगहों पर कुत्तों के लिए रखा है।

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जाने क्यों आर्ची सेन सड़क के आवारा कुत्तों को लगाए रिफ्लेक्टिव कॉलर बेल्ट

आपको बता दे कि आर्ची सेन सड़क के आवारा कुत्तों को खाना खिलने के साथ साथ उनके लिए ऐसे रिफ्लेक्टिव कॉलर बेल्ट का भी इंतजाम करती है जो की रात के अंधेरे में रिफ्लेक्टिव होते है। जिनके कारण कोई भी आवारा कुत्ता रात को किसी भी सड़क दुर्घटना का शिकार न हो सकें। ये रिफ्लेक्टिव कॉलर बेल्ट सड़क के आवारा कुत्तों को सड़क दुर्घटना से बचने में मदद करती है। अपने भी देखा होगा कि रात के अंधेरे में कई कुत्ते गाड़ी के नीचे आकर दब जाते हैं जिसके कारण उनकी मौत हो जाती है। उन सभी चीजों को देखते हुए ही आर्ची सिंह ने ये नेक काम शुरू किया है। उन्होंने अभी तक करीब 150 कुत्तों को इस तरह के रिफ्लेक्टिव कॉलर बेल्ट लगा दिए हैं।

आपको बता दे कि आर्ची सेन  का कहना है कि सड़क के आवारा कुत्तों का गुजरा सड़क पर पड़े खाने को खाकर ही होता था लेकिन जब से हमारे देश में लॉकडाउन लगा है जब से ही सड़कों पर सन्नाटा पसरा हुआ है जिसके कारण कुत्तों के खाने में भी कमी आ गयी है। आपको बता दे कि आर्ची ने पहले तो कुत्तों को चार पैकेट बिस्कुट लेकर खिलाए। लेकिन वो तुरंत ही खत्म हो गया। उसके बाद आर्ची और ज्यादा बिस्कुट के पैकेट लाने लगीं। लेकिन इतने ज्यादा बिस्कुट के पैकेट भी तुरंत ही खत्म हो जाते थे। जिसके बाद आर्ची ने सड़क के आवारा कुत्तों को खाना खिलाना शुरू किया। लेकिन वो ये काम ज्यादा दिनों एक नहीं कर पाए। क्योंकि इसके लिए उन्हें बहुत सारे पैसों की जरूरत थी। इसके लिए उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पेज बनाया ‘स्ट्रीट डॉग फॉर रांची’ जिसमे उन्होंने लोगों इस दान देने की अपील की थी। जिसमे बहुत सारे लोगों ने उनकी मदद की।  सहायता से अब वो इस समय पर 200 से ज्यादा कुत्तों को रोजाना खाना खिलाने का काम कर पा रही है।

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