Categories
बिना श्रेणी

Kartik puja 2019 : कार्तिक के महीने में क्यों की जाती है तुलसी की पूजा

जाने क्या है हिन्दू धर्म में कार्तिक के महीने का महत्व


Kartik puja 2019: हर साल शरद पूर्णिमा के बाद से शुरू हो जाता है कार्तिक का महीना और इस साल कार्तिक का महीना 14 अक्टूबर से शुरू हो रहा है। कार्तिक के महीने को हिन्दू धर्म में सबसे पावन माना जाता है। इस महीने में लोग तुलसी की पूजा करते है और उनका विवाह भगवान विष्णु से कराते है। पारिवारिक और वैवाहिक जीवन के लिए तुलसी की पूजा सबसे उत्तम मानी जाती है और तुलसी के पौधे की  प्लांटिंग तथा पूजन के लिए सबसे अच्छा महीना कार्तिक का ही होता है।

इस माह कि एक और ख़ास बात है की इस  महीने में भगवान विष्णु योग नींद से जागते है। वही माँ लक्ष्मी धरती पर भ्रमण करती हैं और भक्तों को अपना आशीर्वाद बरसाती है। यह महीना  काफी पावन माना जाता है , कहते है इस महीने में दान ,व्रत और गंगा स्नान करने से सभी पापों से मुक्ति मिलती है।

हिन्दू धर्म में कार्तिक के महीने का होता है ख़ास महत्व

कार्तिक महीने का हिंदू धर्म में खास महत्व होता है। इस महीने में कई हिंदू व्रत और त्योहार आते हैं। कार्तिक महीने की शुरुआत से लेकर पूर्णिमा तक लोग कई तरह की पूजा अर्चना करते हैं। कार्तिक मास में करवा चौथ, धनतेरस, दिवाली, भाईदूज, कार्तिक पूर्णिमा जैसे कई व्रत त्योहार आते हैं। आपको बता दें की कार्तिक महीना 14 अक्टूबर से शुरू होगा और 12 नवंबर 2019 तक चलेगा।

और पढ़ें: KarwaChauth 2019: दीपवीर से लेकर प्रियंका निक तक, जानिए कैसी चल रही है करवाचौथ की तैयारी?

इसके अलावा बात करे अगर हिन्दू कैलेंडर की तो यह महीना काफी पवित्र है। इसमें आप तुलसी की पूजा करते है तो आपके घर में सुख शान्ति बनी रहती है और मनवांछित फल भी मिलता है।

इस महीने  को क्यों कहा जाता है कार्तिक का महीना ?  

यह महीना इस लिए भी पवित्र माना जाता है क्योंकि इस महीने में भगवान शिव के बड़े बेटे कार्तिक ने राक्षस तारकासुर का वध किया था। तभी से इस महीने का नाम कार्तिक पड़ा इसलिए इस महीने कार्तिक और तुलसी की पूजा की जाती है।कार्तिक का महीना जैसे ही शुरू होता है उसके चौथे दिन करवाचौथ पड़ता  है। इस साल करवा चौथ 17 अक्टूबर को है जिस दिन सभी पत्नियाँ अपने पति की लम्बी उम्र के लिए व्रत रखती है।

अगर आपके पास भी हैं कुछ नई स्टोरीज या विचार, तो आप हमें इस ई-मेल पर भेज सकते हैं info@oneworldnews.com

Categories
लाइफस्टाइल

क्या बिना शादी के कुंवारी लड़कियाँ रख सकती है करवाचौथ का व्रत ?

कुंवारी लड़कियाँ का करवा चौथ का फ़ास्ट रखना सही है?


हर सुहागन के लिए करवा चौथ का व्रत बेहद ख़ास होता है क्योंकि इस दिन सभी सुहागने व्रत रख कर अपने पति की लम्बी आयु की मनोकामना करती है। इस साल करवा चौथ 17 अक्टूबर को मनाया जायेगा। इस दिन व्रत में सुबह सरगी खाई जाती है और शाम को चाँद देख कर व्रत खोला जाता है। इस बार उपवास का समय 13 घंटे 56 मिनट का है। सुबह 6:21 से रात 8:18 तक। इसलिए सरगी सुबह 6:21 से पहले ही खा लें।

क्या बिना शादी के कुंवारी लड़की रख सकती है करवाचौथ का व्रत ?

करवाचौथ का व्रत सिर्फ सुहागिन महिलाएं ही नहीं बल्कि कुंवारी लड़कियां भी रखती हैं। ज्योतिषी की माने तो कुंवारी लड़कियां भी करवाचौथ का व्रत रख सकती हैं। इससे उन्हें करवामाता का आशीर्वाद ही मिलेगा।

आज कल तो ज्यादातर कुँवारी लड़कियाँ करवाचौथ का व्रत या तो प्रेमी के लिए रखती है या फिर अपने होने वाले मंगेतर के लिए। अगर आपका अभी किसी से कोई रिश्ता नहीं बना है तो भी आप अपने भावी पति का ख्याल कर व्रत रख सकती हैं। इस व्रत को रखने के लिए जो नियम सुहागनों  के लिए बनाये गए है वही यह नियम कुंवारी लड़कियों के लिए भी रखा गया है। लेकिन एक नियम है जो कुंवारी लड़कियों के लिए अलग है अगर आप अपने प्रेमी या मंगेतर के लिए व्रत नहीं रख रहीं हैं तो निर्जल व्रत रखने की बजाय निराहार व्रत रहें।

और पढ़ें: शादी के बाद पहला करवाचौथ क्यों होता है हर लड़की के लिए खास

1. इसके अलावा कुंवारी लड़कियां करवा चौथ माता, भगवान शिव और माता गौरी की पूजा करे साथ ही उनकी कथा सुने।

2. कुंवारी लड़कीयां चाँद देख कर नहीं बल्कि तारे को देख कर अपना फ़ास्ट तोड़े।

3. कुंवारी लड़कियां बिना  छन्नी के  तारो को  जल से अर्घ्य देकर पूजा करें और व्रत खोलें।

तो यह है कुछ नियम जो हर लड़की करवा चैयत पर फॉलो कर सकती है।

अगर आपके पास भी हैं कुछ नई स्टोरीज या विचार, तो आप हमें इस ई-मेल पर भेज सकते हैं info@oneworldnews.com

Categories
लाइफस्टाइल

शादी के बाद पहला करवाचौथ क्यों होता है हर लड़की के लिए खास, यहाँ जानें

जानिए क्या है करवाचौथ की कथा और कैसे मनायें पहला करवाचौथ


शादी के बाद सुहागनों को लिए हर व्रत और त्योहार खास होता है। उसी में से एक बहुत खास व्रत है करवाचौथ का व्रत। ये व्रत औरतें अपने पति की लम्बी उम्र की कामना के लिए रखती है। नवविवाहित औरतों के लिए ये व्रत काफी अहम होता है। वैसे तो काफी लड़कियाँ शादी के पहले भी व्रत रखती है लेकिन शादी के बाद पहला करवाचौथ व्रत काफी खास होता है। औरतें इस दिन सबसे खूबसूरत और खास दिखना चाहती हैं। जिनका पहला करवा चौथ होता है वे दुल्हन की तरह तैयार होती हैं। लाल रंग का जोड़ा शगुन के तौर पर माना जाता है। इसके अलावा कई और रंग हैं जो इस दिन पहने जाते हैं। जिनका पहला करवा चौथ है उन्हें कुछ खास बातों का ध्यान रखना चाहिए।

क्यों होता है  सुहागनों के  लिए  पहला करवाचौथ खास? 

लड़की के साथ साथ उसके ससुराल वालो के लिए भी करवाचौथ स्पेशल होता है। सुबह सरगी के साथ दिन की शुरुआत होती है। उसके बाद पूरे दिन तरह-तरह के व्यंजन बनते हैं और मिठाईयां भी बनती है। दूध और फेनी की मिठाई सब से खासतौर से बनाई जाती है। दुल्हन की तरह ही नवविवाहिता तैयार होती हैं। ससुराल वाले अपनी बहू को कुछ खास चीजें देती हैं जैसे जोड़ा और गहने। लेकिन कई लोगों में उनके माइके से जोड़े और तोहफों आने का रिवाज भी होता है।

शाम को स्त्रियां पूजा करके चंद्रमा को अर्क देकर अपने पति की पूजा करती हैं और उनके हाथ से पानी पीकर व्रत खोलती हैं।

व्रत की कथा:

वैसे तो काफी कहानियां है जो करवाचौथ व्रत के समय सुनी जाती है। जो सबसे प्रसिद्ध कहानी है वो है सावित्री और यमराज की कहानी। दरसअल, सावित्री ने यमराज से अपने पति के प्राणों की भीख मांगी थी औरकुछ खाए पिए  वो सारा दिन तपस्या करती थी ताकि  वो उनके पति को वापस लाये ।सावित्री से हार मान कर यमराज ने उनके पति को वापस कर दिया था, इसलिए करवाचौथ मनाते है और यही वजह है की इस दिन औरतें भूखी और प्यासी रहती है।

और पढ़ें: सर्दियों में स्किन को मॉइस्चराइज रखने के लिए फॉलो करे यह टिप्स

क्यों पूजते है चाँद को ?

करवाचौथ में चंद्र को अर्क देने के बाद ही औरतें कुछ खा और  पी सकती है। अब ऐसे में आप सोच रहे होंगे की चांद की पूजा क्यों की जाती है ? तो लंका कांड में एक कथा है जब भगवान राम समु्द्र पार करके लंका पहुंचे तो उन्होने चांद पर पड़ने वाली छाया के बारे में बताया कि विष और चंद्रमा दोनों ही समुद्र मंथन से निकले थे जिस कारण से चंद्रमा विष को अपना भाई मानते है इस कारण से विष को अपने ह्रदय में स्थान दे रखा है। इसी कारण से करवा चौथ के दिन महिलाएं चांद की पूजा करती हैं और पति से दूर न रहने की कामना करती हैं।

अगर आपके पास भी हैं कुछ नई स्टोरीज या विचार, तो आप हमें इस ई-मेल पर भेज सकते हैं info@oneworldnews.com