खेल

Asian Games 2026: तिरंगा लेकर नहीं चल पाएंगे तेजिंदरपाल तूर, जानें क्यों बदला गया भारत का ध्वजवाहक

Asian Games 2026, जापान के आइची-नागोया में शनिवार, 19 सितंबर से एशियन गेम्स 2026 की आधिकारिक शुरुआत हो रही है। लेकिन उद्घाटन समारोह से कुछ घंटे पहले भारतीय दल के ध्वजवाहक को लेकर बड़ा बदलाव करना पड़ा।

Asian Games 2026 : तेजिंदरपाल तूर को मिली थी बड़ी जिम्मेदारी, लेकिन किट न मिलने से करना पड़ा बदलाव

Asian Games 2026, जापान के आइची-नागोया में शनिवार, 19 सितंबर से एशियन गेम्स 2026 की आधिकारिक शुरुआत हो रही है। लेकिन उद्घाटन समारोह से कुछ घंटे पहले भारतीय दल के ध्वजवाहक को लेकर बड़ा बदलाव करना पड़ा। शॉट पुट के स्टार खिलाड़ी और दो बार के एशियन गेम्स चैंपियन तेजिंदरपाल सिंह तूर अब ओपनिंग सेरेमनी में भारत का झंडा नहीं उठा पाएंगे। उनकी जगह कबड्डी खिलाड़ी पवन सहरावत को भारतीय पुरुष ध्वजवाहक बनाया गया है। उनके साथ निशानेबाज मनु भाकर भारतीय दल की अगुआई करेंगी।

images?q=tbn:ANd9GcRmc2YEVy6HYW5QcgQSfSsWrXv4rt 2 lGZs3HPYQe4uA&s=10

आखिर क्यों बदला गया ध्वजवाहक?

भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) की ओर से बताया गया कि तेजिंदरपाल सिंह तूर के ध्वजवाहक की भूमिका से हटने की वजह एक तकनीकी समस्या है। हालांकि, समाचार एजेंसी PTI से बातचीत में तूर ने इस स्थिति की वजह आधिकारिक किट मिलने में हुई देरी बताई। उनके मुताबिक, उन्हें जानकारी मिली कि उनकी किट नागोया एयरपोर्ट पर दोपहर करीब 3 बजे पहुंचेगी। इसके बाद एयरपोर्ट से किट लेकर ओपनिंग सेरेमनी के आयोजन स्थल तक समय पर पहुंचना मुश्किल था। इसी वजह से उन्होंने IOA को बताया कि वह समारोह में शामिल नहीं हो पाएंगे।तूर ने यह भी बताया कि उनकी किट भारत में ही थी और एथलेटिक्स टीम के अन्य सदस्यों को भी उस समय तक अपनी आधिकारिक किट नहीं मिली थी। इस वजह से आखिरी समय में ध्वजवाहक बदलने का फैसला किया गया।

तूर को कब मिली ध्वजवाहक बनने की जानकारी?

इस पूरे मामले में एक और महत्वपूर्ण बात सामने आई है। तूर के अनुसार, भारतीय ओलंपिक संघ ने उन्हें ध्वजवाहक बनने की जानकारी शुक्रवार को यानी समारोह से सिर्फ एक दिन पहले दी थी। उनका कहना है कि यदि उन्हें यह जिम्मेदारी पहले पता होती तो उनके कोच, जो जापान पहुंच चुके थे, उनकी किट अपने साथ ला सकते थे। देर से मिली जानकारी के कारण किट को समय पर नागोया पहुंचाना मुश्किल हो गया।यानी तूर के मामले में समस्या सिर्फ किट की डिलीवरी तक सीमित नहीं रही, बल्कि ध्वजवाहक की जिम्मेदारी के बारे में अंतिम समय में जानकारी मिलने से भी परिस्थितियां जटिल हुईं। हालांकि IOA ने आधिकारिक तौर पर इसे तकनीकी समस्या बताया है।

अब पवन सहरावत उठाएंगे तिरंगा

तेजिंदरपाल सिंह तूर की जगह अब कबड्डी स्टार पवन सहरावत भारत के पुरुष ध्वजवाहक होंगे। सहरावत भारतीय पुरुष कबड्डी टीम के अहम खिलाड़ियों में शामिल रहे हैं और पिछले एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय टीम का हिस्सा थे। अब उन्हें ओपनिंग सेरेमनी में भारतीय दल का नेतृत्व करने की जिम्मेदारी मिली है।पवन सहरावत के साथ ओलंपिक पदक विजेता निशानेबाज मनु भाकर भारत का झंडा लेकर खिलाड़ियों की परेड में शामिल होंगी। मनु भाकर को पहले ही भारतीय महिला ध्वजवाहक के रूप में चुना गया था। इस तरह अंतिम समय में बदलाव के बाद भारतीय दल की अगुआई मनु भाकर और पवन सहरावत करेंगे।

तूर के लिए क्यों खास थी यह जिम्मेदारी?

तेजिंदरपाल सिंह तूर भारतीय एथलेटिक्स के प्रमुख खिलाड़ियों में से एक हैं। वह एशियन गेम्स में शॉट पुट के दो बार के चैंपियन हैं। उन्होंने 2018 जकार्ता एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीता था और 2023 हांगझोउ एशियन गेम्स में भी अपना खिताब बरकरार रखा था। इस बार भी उनकी नजर एशियन गेम्स में लगातार तीसरे स्वर्ण पदक पर है।ओपनिंग सेरेमनी में ध्वजवाहक बनना किसी भी खिलाड़ी के लिए विशेष सम्मान माना जाता है। इसलिए तूर का अंतिम समय में इस भूमिका से बाहर होना उनके लिए एक महत्वपूर्ण बदलाव है। हालांकि, उनकी एशियन गेम्स में भागीदारी प्रभावित नहीं हुई है। वह अभी जापान में एथलेटिक्स टीम के ट्रेनिंग बेस पर मौजूद हैं और अपनी प्रतियोगिता की तैयारी कर रहे हैं।

अभी कहां है भारतीय एथलेटिक्स दल?

भारतीय एथलेटिक्स टीम 13 सितंबर से टोक्यो के पास स्थित सुकुबा यूनिवर्सिटी में अनुकूलन शिविर में ट्रेनिंग कर रही है। टीम को एथलेटिक्स स्पर्धाओं से पहले नागोया पहुंचना है। रिपोर्टों के मुताबिक, एथलेटिक्स प्रतियोगिताएं शुरू होने से दो दिन पहले 21 सितंबर को टीम के नागोया पहुंचने का कार्यक्रम है। यही वजह है कि तूर भी इस समय नागोया के बजाय सुकुबा में थे।तूर ने बताया कि यदि ध्वजवाहक बनाए जाने की जानकारी उन्हें पहले मिलती तो उनके कोच के जरिए किट को पहले ही नागोया लाने की व्यवस्था की जा सकती थी। लेकिन उन्हें जिम्मेदारी के बारे में देर से बताया गया और किट की डिलीवरी भी समय पर नहीं हो सकी।

Read More: Badshah Cheating Rumours: क्या Badshah ने Isha Rikhi को किया Cheat? Bigg Boss 20 में एक्ट्रेस के बयान से तेज हुई चर्चा

ओपनिंग सेरेमनी में भारत की अगुआई कौन करेगा?

एशियन गेम्स 2026 की ओपनिंग सेरेमनी 19 सितंबर को आइची-नागोया में होगी। भारतीय समय के अनुसार समारोह दोपहर करीब 2:30 बजे शुरू होने का कार्यक्रम है। भारत की ओर से मनु भाकर और पवन सहरावत खिलाड़ियों की परेड में तिरंगा लेकर भारतीय दल का नेतृत्व करेंगे।इस बार भारत का दल करीब 500 खिलाड़ियों का है, जो अलग-अलग खेलों में देश का प्रतिनिधित्व करेगा। भारतीय दल के लिए एथलेटिक्स, शूटिंग, बैडमिंटन, कुश्ती, बॉक्सिंग, हॉकी, क्रिकेट और अन्य खेलों में पदक की उम्मीदें हैं। पिछले एशियन गेम्स में भारत ने 106 पदक जीतकर अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया था।

Read More: शादी के 5 महीने बाद क्यों अलग हुए Isha Rikhi और Badshah? ‘उसने मुझे Cheat किया’ वाले बयान से मची हलचल

तूर का पूरा ध्यान अब प्रतियोगिता पर

ओपनिंग सेरेमनी में शामिल नहीं होने के बावजूद तेजिंदरपाल सिंह तूर का लक्ष्य एशियन गेम्स में अपने प्रदर्शन पर रहेगा। वह शॉट पुट में भारत के प्रमुख पदक दावेदारों में शामिल हैं और लगातार तीसरे एशियन गेम्स स्वर्ण पदक के लिए उतरेंगे। इस लिहाज से समारोह में ध्वजवाहक की भूमिका छूटने के बाद उनकी प्राथमिकता अब अपनी स्पर्धा की तैयारी पर होगी।फिलहाल, भारतीय दल के ध्वजवाहक के तौर पर पवन सहरावत का नाम तय हो चुका है। मनु भाकर के साथ वह नागोया में होने वाली ओपनिंग सेरेमनी में भारत का तिरंगा लेकर चलेंगे। वहीं तेजिंदरपाल सिंह तूर सुकुबा में रहकर अपनी एथलेटिक्स स्पर्धा की तैयारी जारी रखेंगे।

We’re now on WhatsApp. Click to join.

अगर आपके पास भी हैं कुछ नई स्टोरीज या विचार, तो आप हमें इस ई-मेल पर भेज सकते  हैं info@oneworldnews.com.

Back to top button