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Rewind 2021- साल 2021 मे इन लैजेंट्से ने ली आखिरी सांस, कोई था बेहतरीन धावक तो कोई पत्रकार

Rewind- 2021- दिलीप कुमार से लेकर सुरेखा सीकरी ने इस दुनिया को कहा अलविदा


हम सभी साल के आखिरी सप्ताह तक पहुंच गए हैं। कुछ खुशी और कुछ गमी के साथ यह साल भी अब खत्म होने वाला है। इस पूरे साल में देश में कई घटनाएं हुई। किसी का जन्म हुआ तो किसी की मृत्यु। कोरोना की दूसरी लहर ने कई लोगों को अपने अंदर समा लिया। लोगों ने अपने परिजनों को जाते देखा। चाहते हुए भी लोग इस दुःख के समय में एक दूसरे का साथ नहीं दे पाएं। जिसका नतीजा यह हुआ कि लोग अकेले हो गए। कई लोगों को अकेलेपन के शिकार हो गए।

इसलिए यह साल भी कोरोना के कारण 2020 के जैसा ही लोगों को लिए कुछ खास नहीं रहा। इसी दौरान इस साल में हमने कुछ महान हस्तियों को भी खो दिया। जिन्होंने अपने काम से लोगों के बीच नाम और शोहरत पाई थी। तो चलिए जानते हैं उन लैजेंट के बारे में जिन्होंने 2021 को दुनिया को अलविदा कह दिया।

दिलीप कुमार

बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता युसुफ खान उर्फ दिलीप कुमार ने 7 जुलाई 2021 को 98 साल की उम्र में मुंबई में आखिरी सांस ली। दिलीप कुमार का जन्म अविभाजित भारत के पेशावर में 11 दिसंबर को 1922 हुआ था। विभाजन के बाद इनका परिवार मुंबई में आकर बस गया था। तंगहाली में बचपन गुजारने के बाद इन्हें देविका रानी ने बॉलीवुड में ब्रेक दिया था। इसके बाद कड़ी मेहनत बॉलीवुड में वह मुकाम हासिल किया जिसके वह हकदार थे।

दिलीप साहब की पहली फिल्म “ज्वार भाटा” साल 1944 में आई थी। बॉलीवुड में त्रासद अभिनय के लिए उन्हें ट्रेंजडी किंग कहा जाता है। बॉलीवुड में बेहतरीन अभिनय के लिए दादा साहब फाल्के, पद्मभूषण और पद्म विभूषण से नवाजा गया। दिलीप साहब भारत के पहले ऐसे अभिनय है जिन्हें पाकिस्तान के सर्वोच्च नागरिक सम्मान “निशान-ए-इम्तियाज” से भी सम्मानित किया गया था।

सुरेखा सीकरी

दादी सा से घर-घर में अपनी पहचान कायम करने वाली टीवी इंटस्ट्री की प्रसिद्ध अभिनेत्री सुरेखा सीकरी ने 16 जुलाई को आखिरी सांस ली। 75 साल की उम्र में हार्ट अटैक के कारण उनका निधन हो गया। इससे पहले फिल्म बधाई हो के लिए उन्हे अवॉर्ड से की थी। सुरेखा सीकरी ने अपने करियर की शुरुआत थियेटर आर्टिस्ट के तौर पर की थी। उसके बाद उन्होंने बॉलीवुड और टीवी इंडस्ट्री में काम किया। लेकिन उन्हे पहचान बालिक वधू टीवी सीरियल से मिली थी।

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मिल्खा सिंह

मिल्खा सिंह को भला कौन नहीं जानता है। भारत के पहले एथलीट जिन्हेंने अपनी दौड़ से सबको हैरान कर दिया था। 18 जून 2021 को उन्होंने आखिरी सांस ली। इन्हें फलाइंग सिख के नाम से भी जाना जाता है। इनका जन्म भी अविभाजित भारत में 20 नवंबर 10929 को पाकिस्तान के गोविंदपुरा में हुआ था। विभाजन के दौरान इन्होंने अपने परिवार को खो दिया और अपनी एक बहन के साथ दिल्ली मे आएं थे। यहीं से इनका दौड़ने का सफर शुरु हुआ।

Rewind 2021

इन्होंने साल 1960 में रोम के ग्रीष्म ओलंपिक और टोक्यो के 1964 के ग्रीष्म ओलंपि में भारत का प्रतिनिधित्व किया था। भारत सरकार द्वारा मिल्खा सिंह को 1959 में पद्म श्री की उपाधि से सम्मानित किया गया था।

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विनोद दुआ

विनोद दुआ एक ऐसा नाम जिन्हें भारतीय पत्रकारिता में एक नया आयाम जोड़ा है। 4 दिसंबर 2021 को इनके निधन के साथ ही भारतीय पत्रकारिता में टीवी जर्नलिज्म का एक अध्याय खत्म हो गया। इन्होंने अपने करियर की शुरुआत ब्रोडकास्टर के तौर पर की थी। जिसका अंत सोशल मीडिया पर आकर हुआ। विनोद दुआ ने हिंदी टीवी पत्रकारिता के लिए चुनावों का विश्लेषण करना शुरु किया था। इनकी शानदार पत्रकारिता के लिए 2008 को पद्म्श्री से नवाजा गया है। इसके अलावा 1996 में बीडी गोयनका पुरस्कार से सम्मानित किया गया। विनोदा दुआ को उनके बेबाक सवालों को लिए जाना जाता है।

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