Iran Warning to America: ईरान ने अमेरिका को दी धमकी, समझौते की शर्तें पूरी होने तक अंतिम बातचीत नहीं
Iran Warning to America : ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बागेर गालीबफ ने कहा कि जब तक अमेरिका एमओयू की शर्तों का पालन नहीं करता, तब तक अंतिम समझौते पर बातचीत आगे नहीं बढ़ेगी। ईरान ने जरूरत पड़ने पर युद्ध के लिए तैयार रहने की चेतावनी भी दी।
Iran Warning to America: अमेरिका पर समझौते के उल्लंघन का आरोप
Iran Warning to America :पश्चिम एशिया में एक बार फिर तनाव बढ़ता दिखाई दे रहा है। ईरान और अमेरिका के बीच जारी बातचीत के बीच ईरान ने कड़ा रुख अपनाते हुए साफ कर दिया है कि जब तक अमेरिका समझौते की शर्तों का पूरी तरह पालन नहीं करता, तब तक किसी अंतिम समझौते पर बातचीत आगे नहीं बढ़ेगी। ईरान ने यह भी चेतावनी दी है कि यदि समझौते का उल्लंघन जारी रहा तो वह हर स्थिति का सामना करने, यहां तक कि युद्ध के लिए भी तैयार है।
अमेरिका पर समझौते के उल्लंघन का आरोप
ईरानी संसद के स्पीकर और मुख्य वार्ताकार मोहम्मद बागेर गालीबफ ने कहा कि अमेरिका ने हालिया समझौते की कई प्रतिबद्धताओं का पालन नहीं किया है। उनका कहना है कि जब तक दूसरी ओर से सभी शर्तें पूरी नहीं होतीं, तब तक अंतिम राजनीतिक समझौते पर चर्चा संभव नहीं है। गालीबफ ने टेलीविजन इंटरव्यू में कहा कि यदि दूसरा पक्ष एमओयू (मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग) का सम्मान नहीं करता, तो ईरान हर परिस्थिति का सामना करने के लिए तैयार है।
14 सूत्रीय एमओयू पर केंद्रित है बातचीत
ईरान का कहना है कि फिलहाल दोनों देशों के बीच चर्चा किसी अंतिम परमाणु समझौते को लेकर नहीं, बल्कि 14 सूत्रीय एमओयू के क्रियान्वयन पर केंद्रित है। ईरानी नेतृत्व का मानना है कि पहले समझौते की सभी शर्तों को लागू किया जाए, उसके बाद ही आगे की वार्ता हो सकती है। इस बीच Iran Warning to America को लेकर कूटनीतिक हलकों में हलचल बढ़ गई है।
तेल निर्यात में मिली बड़ी सफलता
गालीबफ ने दावा किया कि नौसैनिक नाकाबंदी हटने के बाद ईरान ने 4 करोड़ बैरल से अधिक तेल का निर्यात किया है। उनके मुताबिक इससे देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है और यह एमओयू के सफल क्रियान्वयन का बड़ा परिणाम है।
होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान का सख्त रुख
ईरान ने रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर भी अपना रुख स्पष्ट किया है। गालीबफ ने कहा कि इस क्षेत्र पर ईरान और ओमान का अधिकार है। उन्होंने संकेत दिया कि एमओयू की निर्धारित अवधि पूरी होने के बाद यहां से गुजरने वाले जहाजों से टोल वसूला जा सकता है। इस बयान के बाद Iran Warning to America और भी गंभीर माना जा रहा है।
दोहा में जारी है तकनीकी स्तर की बातचीत
ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बागई ने कहा कि फिलहाल अमेरिका के साथ किसी उच्चस्तरीय राजनीतिक बैठक की योजना नहीं है। दोहा में केवल तकनीकी स्तर की बातचीत जारी है, जिसमें एमओयू के क्रियान्वयन और ईरान की फ्रीज की गई संपत्तियों को जारी करने जैसे मुद्दों पर चर्चा हो रही है। कतर ने भी पुष्टि की है कि दोनों देशों के बीच तकनीकी बातचीत जारी है, लेकिन किसी अंतिम राजनीतिक समझौते पर फिलहाल कोई चर्चा नहीं हो रही है।
Iran Warning to America के बाद बढ़ी वैश्विक चिंता
विशेषज्ञों का मानना है कि Iran Warning to America के बाद पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ सकता है। यदि दोनों देशों के बीच मतभेद जल्द दूर नहीं हुए तो इसका असर वैश्विक तेल बाजार, समुद्री व्यापार और क्षेत्रीय सुरक्षा पर पड़ सकता है।
निष्कर्ष
Iran Warning to America ने एक बार फिर दुनिया का ध्यान पश्चिम एशिया की ओर खींच दिया है। ईरान ने साफ कर दिया है कि जब तक अमेरिका समझौते की सभी शर्तों का पालन नहीं करता, तब तक अंतिम वार्ता संभव नहीं होगी। आने वाले दिनों में दोनों देशों की अगली रणनीति पर पूरी दुनिया की नजर रहेगी, क्योंकि इसका असर वैश्विक राजनीति और ऊर्जा बाजार दोनों पर पड़ सकता है।
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