Tooth Sensitivity: दांतों में बार-बार होती है झनझनाहट तो इन 8 चीजों से रहें दूर, बढ़ सकती है Sensitivity
Tooth Sensitivity, कई लोगों को ठंडी आइसक्रीम, गर्म चाय या खट्टी चीजें खाते-पीते समय दांतों में अचानक तेज झनझनाहट या दर्द महसूस होता है।
Tooth Sensitivity : दांतों के दर्द और झनझनाहट को बढ़ाती हैं ये 8 खाने की चीजें, तुरंत करें परहेज
Tooth Sensitivity, कई लोगों को ठंडी आइसक्रीम, गर्म चाय या खट्टी चीजें खाते-पीते समय दांतों में अचानक तेज झनझनाहट या दर्द महसूस होता है। इस समस्या को आमतौर पर दांतों की सेंसिटिविटी कहा जाता है। जब दांतों की बाहरी सुरक्षात्मक परत यानी इनेमल कमजोर या घिसने लगती है और अंदर की डेंटिन परत अधिक एक्सपोज हो जाती है, तो तापमान या कुछ खाद्य पदार्थों के संपर्क में आने पर नसों तक संवेदना पहुंच सकती है।सेंसिटिव दांतों के कई कारण हो सकते हैं, जिनमें बहुत ज्यादा जोर लगाकर ब्रश करना, मसूड़ों का पीछे हटना, कैविटी, दांतों में दरार, एसिडिक ड्रिंक्स का अधिक सेवन और दांतों की सफाई से जुड़ी समस्याएं शामिल हैं। खान-पान भी इस समस्या को बढ़ा सकता है। कुछ खाद्य पदार्थ दांतों के इनेमल को कमजोर कर सकते हैं या पहले से मौजूद सेंसिटिविटी को ज्यादा महसूस करा सकते हैं।आइए जानते हैं ऐसे 8 फूड्स और ड्रिंक्स कौन से हैं, जिन्हें सेंसिटिव दांतों वाले लोगों को सीमित मात्रा में लेना चाहिए।
1. नींबू और खट्टे फल
नींबू, संतरा, मौसमी, ग्रेपफ्रूट जैसे खट्टे फलों में प्राकृतिक एसिड की मात्रा अधिक होती है। इनका बार-बार सेवन दांतों की सतह पर मौजूद इनेमल को एसिड अटैक के संपर्क में ला सकता है। अगर आपके दांत पहले से संवेदनशील हैं, तो खट्टे फलों का अत्यधिक सेवन झनझनाहट बढ़ा सकता है।इसका मतलब यह नहीं कि आपको फलों को पूरी तरह छोड़ देना चाहिए। इन्हें संतुलित मात्रा में खाएं और खाने के बाद सामान्य पानी से कुल्ला कर लें। खट्टे पदार्थ खाने के तुरंत बाद ब्रश करने से बचना भी बेहतर होता है।
2. सोडा और कार्बोनेटेड ड्रिंक्स
कोल्ड ड्रिंक्स, सोडा और कई कार्बोनेटेड पेय दांतों के लिए समस्या पैदा कर सकते हैं। इनमें एसिड और कई मामलों में काफी मात्रा में चीनी होती है। एसिड इनेमल को प्रभावित कर सकता है, जबकि चीनी मुंह में मौजूद बैक्टीरिया के लिए भोजन का काम करती है।अगर आपको दांतों में सेंसिटिविटी है, तो ऐसे पेय पदार्थों का सेवन कम करना बेहतर है। जरूरत हो तो इन्हें स्ट्रॉ की मदद से पीने से दांतों के सीधे संपर्क को कुछ हद तक कम किया जा सकता है।
3. आइसक्रीम और बहुत ठंडी चीजें
बहुत ठंडी चीजें जैसे आइसक्रीम, बर्फ वाले पेय और बेहद ठंडा पानी सेंसिटिव दांतों में तुरंत झनझनाहट पैदा कर सकते हैं। खासकर तब जब इनेमल घिस चुका हो या डेंटिन एक्सपोज हो।अगर ठंडी चीज खाने पर दर्द होता है, तो बहुत ठंडे तापमान वाली चीजों से कुछ समय के लिए दूरी बनाना उपयोगी हो सकता है। आइसक्रीम को धीरे-धीरे खाने और सीधे दांतों पर लंबे समय तक न लगाने की कोशिश करें।

4. कैंडी और टॉफी
चिपचिपी कैंडी, टॉफी और कैरेमल दांतों पर लंबे समय तक चिपके रह सकते हैं। इनमें मौजूद चीनी मुंह के बैक्टीरिया के लिए एसिड बनाने का मौका देती है। इससे दांतों में कैविटी का खतरा बढ़ सकता है, जो आगे चलकर संवेदनशीलता का कारण बन सकती है।अगर मीठा खाने की इच्छा हो तो बहुत चिपचिपी कैंडी के बजाय कम चिपकने वाले विकल्प चुनना बेहतर हो सकता है। खाने के बाद पानी से कुल्ला करना भी मददगार है।
5. अचार और बहुत खट्टी चटनी
अचार, सिरका आधारित चटनी और बहुत खट्टी सॉस में एसिडिक तत्व हो सकते हैं। इनका बार-बार सेवन दांतों की सतह पर एसिड के संपर्क को बढ़ा सकता है। जिन लोगों का इनेमल पहले से कमजोर है, उनमें इससे सेंसिटिविटी अधिक महसूस हो सकती है।ऐसी चीजों को कम मात्रा में लेना और भोजन के बाद पानी पीना एक आसान सावधानी हो सकती है।

6. स्पोर्ट्स और एनर्जी ड्रिंक्स
स्पोर्ट्स ड्रिंक्स और एनर्जी ड्रिंक्स को कई लोग सामान्य पेय समझकर नियमित रूप से लेते हैं, लेकिन इनमें अक्सर एसिडिक सामग्री और चीनी मौजूद हो सकती है। बार-बार इनका सेवन दांतों को एसिड के संपर्क में ला सकता है।अगर आप ऐसे पेय लेते हैं, तो इनकी आवृत्ति कम रखें और पूरे दिन थोड़ा-थोड़ा करके पीने के बजाय एक बार में सेवन करना दांतों के बार-बार एसिड एक्सपोजर को कम कर सकता है। इसके बाद पानी पीना भी उपयोगी है।
7. बहुत ज्यादा मीठे डेजर्ट
केक, पेस्ट्री, मिठाइयां, कुकीज और अन्य शुगर-रिच डेजर्ट का अत्यधिक सेवन दांतों की सेहत को प्रभावित कर सकता है। चीनी सीधे इनेमल को नहीं घोलती, लेकिन मुंह के बैक्टीरिया चीनी का इस्तेमाल करके एसिड बना सकते हैं। लंबे समय तक ऐसा होने पर दांतों में कैविटी विकसित हो सकती है।कैविटी होने पर दांतों में ठंडा-गर्म लगना या दर्द जैसी समस्या हो सकती है। इसलिए मीठी चीजों को सीमित मात्रा में लेना और ओरल हाइजीन का ध्यान रखना जरूरी है।
8. बहुत गर्म चाय और कॉफी
बहुत गर्म चाय या कॉफी कुछ लोगों में सेंसिटिव दांतों में असहजता या दर्द को ट्रिगर कर सकती है। खासकर यदि दांतों की सतह पहले से कमजोर हो।इसके अलावा चाय और कॉफी में चीनी मिलाने की आदत भी दांतों के लिए नुकसानदायक हो सकती है। इन्हें बहुत गर्म अवस्था में पीने के बजाय थोड़ा सामान्य तापमान पर आने दें और चीनी की मात्रा सीमित रखें।
Read More: FCRA Amendment Bill 2026: विदेशी फंडिंग कानून पर कांग्रेस का सरकार पर हमला, थरूर ने बताए बड़े खतरे
दांतों की सेंसिटिविटी से बचने के लिए क्या करें?
अगर आपको बार-बार दांतों में झनझनाहट महसूस होती है, तो केवल भोजन बदलना पर्याप्त नहीं हो सकता। सबसे पहले इसके कारण का पता लगाना जरूरी है। दिन में दो बार सॉफ्ट-ब्रिसल टूथब्रश से हल्के हाथों से ब्रश करें और जरूरत पड़ने पर डेंटिस्ट की सलाह से सेंसिटिविटी के लिए बनाए गए टूथपेस्ट का इस्तेमाल करें।खाने के बाद पानी से कुल्ला करने की आदत भी अच्छी है। खासकर एसिडिक चीजें खाने या पीने के बाद तुरंत ब्रश करने के बजाय कुछ समय इंतजार करना बेहतर हो सकता है।
Read More: US Immigration Rules: अमेरिका में बसने का सपना देख रहे हैं? पहले जान लें नए इमीग्रेशन नियम
कब डेंटिस्ट से मिलना चाहिए?
अगर दांतों की सेंसिटिविटी लगातार बनी हुई है, दर्द तेज है, केवल एक दांत में बार-बार दर्द होता है, मीठा खाने पर दर्द होता है या ब्रश करते समय मसूड़ों से खून आता है, तो इसे नजरअंदाज न करें। इसके पीछे कैविटी, मसूड़ों की समस्या, इनेमल का घिसना या दांत में क्रैक जैसी समस्या हो सकती है।दांतों की सेंसिटिविटी में खान-पान की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है। नींबू जैसे खट्टे खाद्य पदार्थ, सोडा, बहुत ठंडी चीजें, चिपचिपी कैंडी, अचार, एनर्जी ड्रिंक्स, ज्यादा मीठे डेजर्ट और बहुत गर्म चाय-कॉफी का अत्यधिक सेवन समस्या को बढ़ा सकता है। हालांकि हर व्यक्ति में ट्रिगर अलग हो सकते हैं। अगर संवेदनशीलता बार-बार हो रही है, तो सही कारण जानने के लिए डेंटिस्ट से जांच कराना सबसे बेहतर कदम है।
We’re now on WhatsApp. Click to join.
अगर आपके पास भी हैं कुछ नई स्टोरीज या विचार, तो आप हमें इस ई-मेल पर भेज सकते हैं info@oneworldnews.com.







