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लाइफस्टाइल

Ravish Kumar Biography: जानिए रवीश कुमार के जीवन के कुछ रोचक तथ्य

रवीश कुमार का जन्म 15 दिसंबर 1974 को बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के मोतिहारी में एक छोटे से गांव जितवारपूर में हुआ था। एक ब्राह्मण परिवार से संबंध रखते हैं।

 Ravish Kumar Biography: क्यों रवीश कुमार लोगों के बीच हैं इतने लोकप्रिय

Ravish Kumar Biography: रवीश कुमार एक लोकप्रिय हिंदी पत्रकार हैं। जो अपने शो- प्राइम टाइम में अपने अनोखे मोनोलॉग के लिए जाने जाते हैं। वह NDTV इंडिया के बेहतरीन संपादक थे। वह चैनल के प्रमुख वीकडे शो प्राइम टाइम , हम लोग ,रवीश की रिपोर्ट और देस की बात सहित कई कार्यक्रमों की मेजबानी करते थे।

रवीश कुमार को दो बार वर्ष के सर्वश्रेष्ठ पत्रकार के लिए पत्रकारिता पुरस्कार में रामनाथ गोयनका उत्कृष्टता पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। रवीश कुमार वर्ष 2019 में रेमन मैग्सेसे पुरस्कार प्राप्त करने वाले पांचवें भारतीय पत्रकार बने।

रवीश कुमार का जन्म

रवीश कुमार का जन्म 5 दिसंबर 1974 को बिहार के पूर्वी चंपारन जिले के अरेराज के पास जितवारपुर गांव में हुआ था ।  उनके पिता का नाम श्री बलिराम पांडे है। उनके भाई, ब्रजेश कुमार पांडे, बिहार में एक सक्रिय राजनीतिज्ञ हैं और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के सदस्य हैं।

रवीश कुमार की शिक्षा

रवीश कुमार ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा लोयोला हाई स्कूल पटना से हासिल किए थे। इसके बाद उन्होंने उच्च शिक्षा के लिए दिल्ली आए और दिल्ली यूनिवर्सिटी में रविश कुमार ने इतिहास की पढ़ाई करने के बाद सिविल सर्विस की तैयारी की लेकिन इन्होंने सिविल सिविल सर्विस परीक्षा में सफलता नहीं मिला उसके बाद रवीश कुमार ने मास मीडिया का डिप्लोमा करके पत्रकारिता जगत में पहली कंपनी एनडीटीवी में ज्वाइन किया और उसके बाद लगातार दो दशक से ज्यादा इन्होंने एनडीटीवी में काम किए और लोगों के दिलों में अपने एक नए अंदाज के लिए पहचाने जाने लगे।

रविश कुमार का प्रारंभिक जीवन

रवीश कुमार का जन्म 15 दिसंबर 1974 को बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के मोतिहारी में एक छोटे से गांव जितवारपूर में हुआ था। एक ब्राह्मण परिवार से संबंध रखते हैं। इनका पूरा नाम रविश कुमार पांडे हैं। इनकी शुरुआत जिंदगी में पढ़ाई लोयोला हाई स्कूल पटना से हुई थी। इसके बाद अपने उच्च शिक्षा के को प्राप्त करने के लिए दिल्ली आए और दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक की डिग्री प्राप्त करने के बाद इन्होंने आईएएस की तैयारी के लिए कई साल तैयारी की और अच्छे मेहनत के बाद भी उनकी आईएस की सफल नहीं हो पाए। इन्होंने फिर से मास मीडिया की कोर्स कि और उसके बाद उन्होंने एनडीटीवी में एक छोटे से वर्कर से ज्वाइन करके धीरे-धीरे अपनी मेहनत और काबिलियत के दम पर एनडीटीवी का प्राइम टाइम का मुख्य और एनडीटीवी मुख्य रूप से रवीश के नाम से जानने लगा।

रवीश कुमार की शादी और पत्नी

दिल्ली विश्वविद्यालय में एम.फिल की पढ़ाई के दौरान, रवीश ने अपनी भावी पत्नी, नयना दासगुप्ता से मुलाकात की, जो इंद्रप्रस्थ कॉलेज में पढ़ रही थी। रवीश और नयना ने करीब सात साल तक डेट किया।

जब रवीश कुमार ने अपने माता-पिता से नयना से शादी करने की अपनी योजना के बारे में बताने के लिए संपर्क किया, तो उन्होंने शादी का कड़ा विरोध किया। आपको बताए जैसा कि रवीश एक भूमिहार ब्राह्मण है, एक उच्च जाति जबकि नयना बंगाली समुदाय से ताल्लुक रखती हैं। हालांकि, रवीश ने अपने परिवार से नाता तोड़ लिया और नयना से शादी कर ली।

रवीश कुमार का करियर

इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर डिप्लोमा के बाद, रवीश 1996 में एनडीटीवी इंडिया में शामिल हो गए और भारत में सबसे लोकप्रिय हिंदी पत्रकारों में से एक बन गए। एनडीटीवी इंडिया में उनके कई शो को जनता और आलोचकों दोनों ने भी पसंद किया है।

रवीश कुमार की पुस्तकें –

1. द फ्री वॉयस: ऑन डेमोक्रेसी, कल्चर एंड द नेशन

2. बोलना ही है : लोकतंत्र, संस्कृति और राष्ट्र के बारे में

3. इश्क में शहर होना

4. देखते रहिये

5. रवीशपंती

6. प्यार में एक शहर होता है

रवीश कुमार के पुरस्कार

1. रवीश कुमार को पत्रकारिता में उनके काम के लिए रेमन मैगसेसे पुरस्कार (2019) सहित विभिन्न पुरस्कारों से सम्मानित किया गया है।

2. वह हिंदी भाषा में प्रसारण श्रेणी के लिए पत्रकारिता पुरस्कार में दो बार रामनाथ गोयनका उत्कृष्टता प्राप्त कर चुके हैं।

3. पत्रकारिता के लिए गौरी लंकेश पुरस्कार, पहला कुलदीप नैयर पत्रकारिता पुरस्कार (2017), हिंदी पत्रकारिता और रचनात्मक साहित्य के लिए गणेश शंकर विद्यार्थी पुरस्कार से सम्मानित हुए।

4. उन्हें द इंडियन एक्सप्रेस द्वारा 100 सबसे प्रभावशाली भारतीय (2016) की सूची में शामिल किया गया था।

5. उन्हें मुंबई प्रेस क्लब द्वारा वर्ष का पत्रकार भी नामित किया गया था।

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