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लाइफस्टाइल

Panikot Lake In Haryana: दिल्ली से सिर्फ 2 घंटे दूरी पर बसा है ये ‘मिनी लद्दाख’

Panikot Lake In Haryana: ‘सिरोही झील’ की खूबसूरती देख झूम उठेगा दिल 

Highlights :
  • देश-दुनिया घूमने वालों के लिए है अच्छी खबर
  • अब दिल्ली के करीब मिलेगा, ‘लद्दाख’ का आनंद
  • फरीदाबाद में पड़ता है ‘पानीकोट झील’

Panikot Lake In Haryana: दिल्ली में देखने के लिए बहुत कुछ है। दिल्ली में शॉपिंग करने के लिए भी बहुत कुछ है। इंडिया के अन्य क्षेत्रों के अलावा दुनियाभर के लोग दिल्ली आते हैं। यहां घूमते हैं और मनचाहा शॉपिंग करने के बाद, चटपटा और जायकेदार खाने-पीने का लुत्फ उठाते हैं। वहीं, दिल्लीवासियों को जब घूमने का दिल करता है तब वे लोग भी देश-विदेश के टूअर पर अपने बैग को पैक कर निकल लेते हैं। सच कहूं तो दिल्लीवासियों के दिल में जरूर यह ख्याल आता होगा कि काश कोई ऐसा टूअर प्लेस या कोई लेक या कुछ भी जो घूमने-देखने लायक हो और वो दिल्ली के करीब ही होता तो कितना बेहतर होता! पर, आज हम दिल्ली के लोगों को उनके करीब ही एक ऐसे प्लेस के बारे में बताएंगे जो शायद उनके दिल को छू जाएगा।

यदि कोई भी पर्सन जो न्यू प्लेसेज को एक्सप्लोर करने का शौकीन है उसके लिए भी हम दिल्ली के बगल में ही एक बेहद ब्यूटीफूल प्लेस के बारे में बताने जा रहे हैं। हम दिल्ली के नजदीक जिस प्लेस के बारे में बताना चाहते हैं, उसे ‘मिनी लद्दाख’ के नाम से भी जानते हैं। कुछ लोग तो इसे पैंगोंग लेक और गोवा का बीच भी कहने में हिचक नहीं करते हैं। लेकिन इस प्लेस का रियल नेम ‘सिरोही झील’ है। इस झील को दूसरे नाम के रूप में ‘पानीकोट झील’ भी कहा जाता है।

‘पानीकोट झील’  के बारे में एक दृष्टि

दिल्ली के पास ही फरीदाबाद पड़ता है। फरीदाबाद दिल्ली से करीब डेढ़- दो घंटे की दूरी पर स्थित है जो कि हरियाणा स्टेट में पड़ता है। ‘पानीकोट झील’ हरियाणा के फरीदाबाद जिले में सिरोही गांव में पड़ता है जो कि बल्लभगढ़-सोहना रोड के मार्ग पर है। पानीकोट झील के अगल-बगल छोटी छोटी पहाड़ियों ने कवर कर रखा है। शायद यही कारण है कि इसकी बनावट के आधार पर लोग इसे ‘पैंगोंग झील’ कहते हैं। पानीकोट झील हरियाणा स्टेट में है। यह बल्लभगढ़ से जो हाईवे सोहना की तरफ जाती है उससे थोड़ी दूर पर पड़ता है। वीकेंड के दिन तो यहां लोगों को अच्छी संख्या में देखा जा सकता है। झील की पानी बहुत साफ मानी जाती है। जिस दिन पर्यटकों की भीड़ अधिक होती है, उस दिन उड़ने वाले थोड़ा धूल के कणों के कारण पानी की ऊपरी परत थोड़ी कम साफ दिखती है, पर ज्योहिं भीड़ कम होती है और पानी शांत हो जाता है तब यह पूरी तरह से साफ दिखने लगता है।

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पानीकोट झील जाने के पहले यह जानना है जरूरी

चूंकि यह पानीकोट झील पहाड़ियों से घिरे हुए एक गांव में पड़ता है, तो यहां आपके लिए पार्किंग की सुविधा मिलने में दिक्कत हो सकती है। यदि आप बाइक से हैं तो उसे वहीं झील के पास पार्क किया जा सकता है। बड़ी गाड़ियों को बाहर कहीं पार्क करना ही बेहतर होगा ।खाने-पीने के सामान को यूज करने के बाद झील के आस-पास कहीं गंदगी न फैलाएं। यह हमारा नैतिक कर्तव्य है कि हम किसी भी जगह पर गंदगी न फैलाएं और उसको साफ बनाए रखें।

लोकल निवासियों के साथ प्यार और विनम्रता से व्यवहार करें। लोगों को यहां आने के लिए प्रेरित भी करें। बता दें कि पानीकोट लेक के आस-पास सुंदर तालाब भी हैं। इन सभी दृश्यों को देखकर आपको यही फील होगा कि यहां छोटे-छोटे द्वीप बने हुए हैं। इस झील और इसके बाहरी आवरण को देखने के बाद ‘लद्दाख’ जैसी फीलिंग आने लगती है। सच में नैचुरल ब्यूटी की बात निराली है। देश-दुनिया में एक्सप्लोर करने वाले पर्यटकों को एक बार आकर इस मन को मोह लेने वाली झील को जरूर देखना चाहिए। इसकी खूबसूरती और मनोहर व्यूज को देखने के बाद ऐसा लगता है, कि मानो इसे बस देखते ही रहें।

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