लाइफस्टाइल

Orthodox Lent 2026: Great Lent 2026, यीशु मसीह के त्याग को समर्पित 40 दिन

,Orthodox Lent 2026, Orthodox Lent, जिसे Great Lent भी कहा जाता है, ईसाई धर्म के ऑर्थोडॉक्स संप्रदाय का सबसे पवित्र और आध्यात्मिक काल माना जाता है।

Orthodox Lent 2026 : Orthodox Lent का आध्यात्मिक अर्थ, क्यों रखते हैं ईसाई 40 दिन का व्रत

Orthodox Lent 2026, Orthodox Lent, जिसे Great Lent भी कहा जाता है, ईसाई धर्म के ऑर्थोडॉक्स संप्रदाय का सबसे पवित्र और आध्यात्मिक काल माना जाता है। यह उपवास और आत्म-संयम का वह समय होता है, जब श्रद्धालु अपने मन, शरीर और आत्मा को शुद्ध करने का प्रयास करते हैं। 2026 में Orthodox Lent पूरी दुनिया में गहरी आस्था और भक्ति के साथ मनाया गया। यह काल ईस्टर (पुनरुत्थान पर्व) से पहले आता है और यीशु मसीह के त्याग, तपस्या और प्रेम को याद करने का अवसर देता है।

Orthodox Lent क्या है?

Orthodox Lent लगभग 40 दिनों तक चलने वाला उपवास काल होता है, जो ईस्टर से पहले शुरू होता है। यह वह समय है जब यीशु मसीह ने जंगल में 40 दिन तक उपवास किया था। उसी परंपरा का अनुसरण करते हुए, ऑर्थोडॉक्स ईसाई इस अवधि में भोजन, मनोरंजन और सांसारिक सुखों से दूरी बनाकर आध्यात्मिक जीवन पर ध्यान केंद्रित करते हैं। इस उपवास को केवल खाने-पीने की पाबंदी नहीं माना जाता, बल्कि इसे आत्मिक अनुशासन और आत्म-सुधार का मार्ग कहा जाता है।

2026 में Orthodox Lent कब शुरू हुआ?

2026 में Orthodox Lent की शुरुआत 16 फरवरी से हुई और यह 4 अप्रैल तक चला, जिसके बाद ईस्टर संडे मनाया गया। इन दिनों में चर्चों में विशेष प्रार्थनाएँ, उपवास और दान-पुण्य के कार्य किए गए।

उपवास और खान-पान के नियम

Orthodox Lent के दौरान श्रद्धालु कई प्रकार के भोजन से परहेज करते हैं, जैसे:

  • मांस
  • दूध और दुग्ध उत्पाद
  • अंडे
  • कभी-कभी मछली और तेल भी

इस दौरान लोग फल, सब्ज़ियाँ, दालें, ब्रेड और अनाज जैसे साधारण भोजन लेते हैं। इसका उद्देश्य शरीर को नियंत्रित कर आत्मा को मजबूत बनाना है।

प्रार्थना और आत्मचिंतन

Lent का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा प्रार्थना और आत्ममंथन है। लोग चर्च जाकर अधिक समय बिताते हैं, बाइबिल पढ़ते हैं और अपने जीवन के गलतियों पर विचार करते हैं।

इस समय लोग:

  • अपने पापों को स्वीकार करते हैं
  • दूसरों को माफ करते हैं
  • ईश्वर से मार्गदर्शन मांगते हैं

यह काल ईश्वर के और करीब आने का अवसर माना जाता है।

दान और सेवा का महत्व

Orthodox Lent के दौरान दान और सेवा को विशेष महत्व दिया जाता है। श्रद्धालु गरीबों की मदद करते हैं, भूखों को भोजन कराते हैं और जरूरतमंदों को सहायता प्रदान करते हैं। मान्यता है कि केवल उपवास करना पर्याप्त नहीं, बल्कि दूसरों की मदद करना भी उतना ही जरूरी है।

Read More: Golden Globes 2026:  83वें गोल्डन ग्लोब अवॉर्ड्स 2026: प्रियंका चोपड़ा और निक जोनास बने रेड कार्पेट की शान

आधुनिक जीवन में Lent का अर्थ

आज के डिजिटल और भागदौड़ भरे जीवन में Orthodox Lent लोगों को धीमा होने और आत्मचिंतन का मौका देता है। लोग सोशल मीडिया से दूरी बनाते हैं, मोबाइल का कम उपयोग करते हैं और परिवार के साथ समय बिताते हैं। यह एक तरह से डिजिटल डिटॉक्स भी बन चुका है।

Read More: Dew Drops For Skin: सुबह की ओस से निखरेगी स्किन? एक्सपर्ट से जानें सच्चाई

Orthodox Lent का आध्यात्मिक संदेश

यह काल हमें सिखाता है:

  • संयम
  • धैर्य
  • करुणा
  • आत्म-नियंत्रण

यीशु मसीह के जीवन से प्रेरित होकर, लोग अपने भीतर बेहतर इंसान बनने की कोशिश करते हैं। Orthodox Lent 2026 केवल उपवास का समय नहीं, बल्कि आत्मा को नया रूप देने का अवसर है। यह लोगों को अपने जीवन पर विचार करने, गलतियों को सुधारने और ईश्वर के करीब आने का मौका देता है।

We’re now on WhatsApp. Click to join.

अगर आपके पास भी हैं कुछ नई स्टोरीज या विचार, तो आप हमें इस ई-मेल पर भेज सकते हैं info@oneworldnews.com

Back to top button