How long does it take to get pregnant through IVF: IVF से गर्भधारण में कितना समय लगता है? जानिए पूरी प्रक्रिया
How long does it take to get pregnant through IVF: IVF (इन विट्रो फर्टिलाइजेशन) से प्रेग्नेंट होने में कितना समय लगता है? कितना इंतजार करना पड़ता है और सफलता के प्रमुख चरण क्या हैं – जानें विस्तृत गाइड।
How long does it take to get pregnant through IVF: IVF टाइमलाइन, स्टेप्स और इंतजार से जुड़ी अहम जानकारी
How long does it take to get pregnant through IVF, IVF यानी इन विट्रो फर्टिलाइजेशन एक वैज्ञानिक प्रक्रिया है, जिसमें एग और स्पर्म को लैब में मिलाकर भ्रूण तैयार किया जाता है। इस प्रक्रिया में तुरंत परिणाम नहीं मिलते, बल्कि कई चरणों और धैर्य की जरूरत होती है। हर स्टेप का अपना समय होता है, इसलिए IVF से प्रेग्नेंट होने में कुछ हफ्तों से लेकर कुछ महीनों तक लग सकते हैं।
IVF से प्रेग्नेंट होने में कितना समय लगता है?
आज के समय में कई जोड़े गर्भधारण में देरी या बांझपन की समस्या का सामना करते हैं। ऐसे में IVF (इन विट्रो फर्टिलाइजेशन) एक प्रभावी और वैज्ञानिक प्रक्रिया है, जो शरीर के बाहर एग और स्पर्म को मिलाकर भ्रूण तैयार करता है और उसे गर्भाशय में स्थानांतरित करता है। हालांकि यह एक एकल दिन की प्रक्रिया नहीं है, बल्कि इसमें समय, धैर्य और कई चरण शामिल होते हैं।
IVF प्रक्रिया का समय – चरण दर चरण
1. पहला परामर्श और जांच (Consultation & Testing)
सबसे पहले डॉक्टर कपल का पूरा मेडिकल इतिहास लेते हैं और आवश्यक जांच करते हैं जैसे हार्मोन टेस्ट, अल्ट्रासाउंड और स्पर्म विश्लेषण। यह चरण आमतौर पर 2–4 हफ्ते ले सकता है।
2. ओवरी का स्टिमुलेशन (10–14 दिन)
महिला को दवाओं और इंजेक्शन दिए जाते हैं ताकि ओवरीज़ में एक से अधिक अंडे विकसित हों। इस दौरान नियमित मॉनिटरिंग होती है।
3. एग रिट्रीवल (Egg Retrieval)
जब अंडे परिपक्व हो जाते हैं, तो उन्हें एक छोटी प्रक्रिया से निकाला जाता है। यह आमतौर पर एक दिन में पूरा हो जाता है।
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4. फर्टिलाइजेशन और एम्ब्रियो निर्माण (3–5 दिन)
रेट्रीव किए गए अंडों को लैब में स्पर्म के साथ मिलाया जाता है और भ्रूण तैयार होते हैं। यह चरण तकरीबन 3–5 दिन में पूरा होता है।
5. एम्ब्रियो ट्रांसफर और प्रतीक्षा (10–15 दिन)
तय समय पर एम्ब्रियो को गर्भाशय में ट्रांसफर किया जाता है। इसके बाद आमतौर पर 14–15 दिनों का इंतजार करना पड़ता है ताकि प्रेग्नेंसी टेस्ट से परिणाम मिल सके।
कुल मिलाकर एक सिंगल IVF साइकिल में आमतौर पर 4–8 हफ्ते का समय लग सकता है, लेकिन पहले परामर्श से लेकर टेस्ट तक यह अवधि 2–3 महीने तक फैल सकती है, क्योंकि शरीर की प्रतिक्रिया और टेस्ट रियलिटी पर भी निर्भर करता है।
IVF प्रक्रिया को सफल बनाने के कारक
✔ उम्र और स्वास्थ्य – युवा महिलाएं आमतौर पर बेहतर रिज़ल्ट पाती हैं।
✔ रूपरेखा और डाइट – डॉक्टरी सलाह के मुताबिक पोषण और जीवनशैली का पालन कार्य में मदद करता है।
✔ डॉक्टर और सेंटर की विशेषज्ञता – अनुभवी चिकित्सक और अच्छा IVF केंद्र सफलता दर बढ़ा सकते हैं।
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IVF और सामान्य गर्भधारण में अंतर
जहां सामान्य गर्भधारण में स्पर्म और एग शरीर के अंदर मिलते हैं, IVF में ये बाहरी लैब में मिलते हैं और भ्रूण को गर्भाशय में ट्रांसफर किया जाता है। इस वजह से IVF थोड़ा लंबा और तकनीकी प्रक्रिया होता है, पर यह आसान गर्भधारण में मददगार साबित होता है।
विशेषज्ञ की सलाह
IVF कोई तेज़ी से परिणाम देने वाली प्रक्रिया नहीं है, बल्कि एक योजना, धैर्य और लगातार मॉनिटरिंग वाला सफर है। प्रेग्नेंसी टेस्ट को जल्दी करना कोई बेहतर संकेत नहीं देता; सही समय के इंतजार से ही सटीक परिणाम मिलता है।
निष्कर्ष
- IVF प्रक्रिया में सिर्फ एक दिन का काम नहीं, बल्कि कई चरण और समय शामिल होता है।
- 2–3 महीने के भीतर डॉक्टर की देखरेख में एक IVF साइकिल सामान्यतः पूरा हो सकता है।
- प्रेग्नेंसी टेस्ट ट्रांसफर के बाद लगभग 14–15 दिन पर होता है।
यह सफर चुनौतीपूर्ण हो सकता है, लेकिन सही जानकारी और विशेषज्ञ मार्गदर्शन के साथ यह संभव और सफल भी साबित होता है।
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