CKD Causes in Young Adults: क्रॉनिक किडनी डिजीज अब युवाओं में भी आम, जानिए इसके 3 बड़े कारण
CKD Causes in Young Adults, आज के समय में क्रॉनिक किडनी डिजीज (CKD) को अक्सर उम्रदराज लोगों की बीमारी माना जाता था, लेकिन अब यह धारणा तेजी से बदल रही है।
CKD Causes in Young Adults : जंक फूड, पेनकिलर और हाई BP बना रहे किडनी को कमजोर
CKD Causes in Young Adults, आज के समय में क्रॉनिक किडनी डिजीज (CKD) को अक्सर उम्रदराज लोगों की बीमारी माना जाता था, लेकिन अब यह धारणा तेजी से बदल रही है। डॉक्टरों के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों में युवाओं खासकर 20 से 40 वर्ष आयु वर्ग में भी CKD के मामलों में बढ़ोतरी देखी जा रही है।किडनी का काम शरीर से विषैले पदार्थ और अतिरिक्त पानी को फिल्टर कर बाहर निकालना होता है। जब यह क्षमता धीरे-धीरे कम होने लगती है और लंबे समय तक खराब रहती है, तो इसे क्रॉनिक किडनी डिजीज कहा जाता है। समस्या यह है कि शुरुआती चरण में इसके लक्षण बहुत हल्के या लगभग न के बराबर होते हैं, इसलिए युवाओं में यह अक्सर देर से पकड़ में आती है।नीचे जानिए युवाओं में CKD बढ़ने के 3 सबसे बड़े कारण, जो आज की जीवनशैली से सीधे जुड़े हैं।
1. अनहेल्दी लाइफस्टाइल और जंक फूड की आदत
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में युवाओं का खानपान तेजी से बदल गया है। प्रोसेस्ड फूड, ज्यादा नमक, शुगर और ट्रांस फैट से भरपूर डाइट किडनी पर अतिरिक्त दबाव डालती है।
कैसे बढ़ता है जोखिम:
- हाई सोडियम से ब्लड प्रेशर बढ़ता है
- मोटापा और मेटाबॉलिक सिंड्रोम
- इंसुलिन रेजिस्टेंस
- किडनी फिल्ट्रेशन पर असर
बार-बार फास्ट फूड, पैकेज्ड स्नैक्स और शुगर ड्रिंक्स लेने से हाई BP और प्रीडायबिटीज जैसी स्थितियां कम उम्र में ही विकसित हो रही हैं, जो CKD का बड़ा कारण बनती हैं।
2. दर्दनाशक दवाओं का अधिक उपयोग
युवाओं में सिरदर्द, बॉडी पेन या जिम-इंजरी के लिए पेनकिलर लेना आम हो गया है। लेकिन बिना डॉक्टर की सलाह लंबे समय तक दर्दनाशक दवाएं (विशेषकर NSAIDs) लेना किडनी को नुकसान पहुंचा सकता है।
क्यों खतरनाक:
- किडनी में रक्त प्रवाह कम होता है
- नेफ्रॉन (फिल्टर यूनिट) को नुकसान
- धीरे-धीरे किडनी फंक्शन घटता है
कई लोग छोटी-छोटी समस्याओं में भी OTC पेनकिलर लेते रहते हैं, जिससे वर्षों में CKD का जोखिम बढ़ जाता है।
3. अनियंत्रित हाई ब्लड प्रेशर और डायबिटीज
पहले हाई BP और डायबिटीज को उम्र से जुड़ी बीमारियां माना जाता था, लेकिन अब युवाओं में भी ये तेजी से बढ़ रही हैं। यही दोनों CKD के सबसे बड़े मेडिकल कारण हैं।
कैसे किडनी को नुकसान:
- हाई BP से किडनी की रक्त वाहिकाएं सख्त होती हैं
- डायबिटीज से फिल्टरिंग यूनिट क्षतिग्रस्त
- प्रोटीन लीकेज (एल्बुमिन्यूरिया)
- धीरे-धीरे किडनी फेलियर
समस्या यह है कि युवा अक्सर BP या शुगर की नियमित जांच नहीं कराते, जिससे बीमारी लंबे समय तक अनियंत्रित रहती है।
युवाओं में CKD के शुरुआती संकेत
CKD का शुरुआती चरण अक्सर बिना लक्षण के होता है, लेकिन कुछ संकेत नजर आ सकते हैं:
- पैरों या चेहरे पर सूजन
- थकान और कमजोरी
- बार-बार पेशाब आना
- झागदार पेशाब
- भूख कम लगना
- हाई BP
इन लक्षणों को नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है।
क्यों खतरनाक है युवाओं में CKD
कम उम्र में CKD होने का मतलब है कि व्यक्ति को लंबे समय तक बीमारी का सामना करना पड़ सकता है।
जोखिम:
- जल्दी किडनी फेलियर
- डायलिसिस की जरूरत
- हार्ट डिजीज का खतरा
- जीवन की गुणवत्ता प्रभावित
यानी यह सिर्फ किडनी की बीमारी नहीं, बल्कि पूरे स्वास्थ्य पर असर डालती है।
कैसे करें बचाव
अच्छी बात यह है कि CKD के कई कारण लाइफस्टाइल से जुड़े हैं, इसलिए रोकथाम संभव है।
जरूरी कदम:
- नमक और प्रोसेस्ड फूड कम करें
- पर्याप्त पानी पिएं
- नियमित व्यायाम
- वजन नियंत्रित रखें
- बिना डॉक्टर पेनकिलर न लें
- BP और शुगर की जांच कराएं
- धूम्रपान और अल्कोहल से बचें
नियमित जांच क्यों जरूरी
यदि परिवार में किडनी रोग, डायबिटीज या हाई BP का इतिहास है, तो युवाओं को भी साल में कम से कम एक बार जांच करानी चाहिए:
- ब्लड क्रिएटिनिन
- यूरिन टेस्ट
- BP चेक
- ब्लड शुगर
शुरुआती चरण में CKD पकड़ में आ जाए तो इसकी प्रगति को काफी हद तक धीमा किया जा सकता है।क्रॉनिक किडनी डिजीज अब सिर्फ बुजुर्गों की बीमारी नहीं रही। बदलती जीवनशैली, जंक फूड, पेनकिलर का अधिक उपयोग और कम उम्र में बढ़ती डायबिटीज-हाई BP जैसी समस्याएं युवाओं में CKD के मामलों को बढ़ा रही हैं।सही खानपान, नियमित जांच और दवाओं का सावधानी से उपयोग करके इस गंभीर बीमारी के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है। युवाओं के लिए जरूरी है कि वे किडनी स्वास्थ्य को लेकर जागरूक रहें, क्योंकि स्वस्थ किडनी ही स्वस्थ जीवन की आधारशिला है।
We’re now on WhatsApp. Click to join.
अगर आपके पास भी हैं कुछ नई स्टोरीज या विचार, तो आप हमें इस ई-मेल पर भेज सकते हैं info@oneworldnews.com







