Circular Fashion: पुरानी साड़ी और जींस से बनाएं डिजाइनर लुक, यंग फैशन डिजाइनर्स से जानें तरीका
Circular Fashion, क्या आपकी अलमारी में भी ऐसे कपड़े रखे हैं, जिन्हें अब आप पहनना पसंद नहीं करते? कोई पुरानी जींस, इस्तेमाल न होने वाली टी-शर्ट, पुरानी साड़ी या ऐसा जैकेट जो अब फैशन से बाहर लगता है?
अब पुराने कपड़े भी बनेंगे फैशन स्टेटमेंट! जानें क्या है Circular Fashion का ट्रेंड
Circular Fashion, क्या आपकी अलमारी में भी ऐसे कपड़े रखे हैं, जिन्हें अब आप पहनना पसंद नहीं करते? कोई पुरानी जींस, इस्तेमाल न होने वाली टी-शर्ट, पुरानी साड़ी या ऐसा जैकेट जो अब फैशन से बाहर लगता है? अगर हां, तो उन्हें फेंकने या अलमारी में जगह घेरने देने के बजाय आप उनसे नया और ट्रेंडी आउटफिट तैयार कर सकते हैं। फैशन की दुनिया में इस सोच को सर्कुलर फैशन (Circular Fashion) कहा जाता है। इसमें पुराने कपड़ों और बचे हुए फैब्रिक को नए डिजाइन में बदलकर उनका इस्तेमाल लंबे समय तक किया जाता है।आज फैशन केवल नए कपड़े खरीदने और बदलते ट्रेंड को अपनाने तक सीमित नहीं है। डिजाइनर अब इस बात पर भी ध्यान दे रहे हैं कि कपड़ों का इस्तेमाल कैसे बढ़ाया जाए, फैब्रिक की बर्बादी कैसे कम हो और पुराने मटेरियल को नए अंदाज में कैसे पेश किया जाए। दिल्ली में 13 अक्टूबर 2026 को आयोजित R|Elan Circular Design Challenge के फिनाले में युवा डिजाइनरों ने इसी सोच को अपने कलेक्शन के जरिए दिखाया। इस आयोजन में पुराने तौलिये, इस्तेमाल हो चुकी स्पोर्ट्स जर्सी, चमड़े के बचे हुए टुकड़ों और अन्य बेकार समझे जाने वाले मटेरियल से फैशन आइटम तैयार किए गए।
क्या है सर्कुलर फैशन?
सर्कुलर फैशन का मकसद कपड़ों को इस्तेमाल करने के बाद तुरंत फेंकने के बजाय उनकी उम्र बढ़ाना है। इसमें पुराने कपड़ों को दोबारा पहनना, उनकी मरम्मत करना, डिजाइन बदलना, दूसरे कपड़ों के साथ जोड़ना और बचे हुए फैब्रिक का नए तरीके से इस्तेमाल करना शामिल है। इस तरह एक ही कपड़े को अलग-अलग अंदाज में पहना जा सकता है और नए कपड़े खरीदने की जरूरत भी कम हो सकती है।उदाहरण के लिए, अगर आपकी पुरानी जींस घुटनों से फट गई है, तो उसे शॉर्ट्स, स्कर्ट या पैचवर्क जैकेट में बदला जा सकता है। पुरानी साड़ी से कुर्ती, को-ऑर्ड सेट, जैकेट या बैग बनाया जा सकता है। वहीं, ऐसी टी-शर्ट जिसे आप अब नहीं पहनते, उसे क्रॉप टॉप या दूसरे कपड़ों के साथ मिलाकर नए डिजाइन में तैयार किया जा सकता है।इसका मतलब यह नहीं कि हर पुराना कपड़ा किसी भी नए डिजाइन में आसानी से बदला जा सकता है। कपड़े की गुणवत्ता, उसकी सिलाई, रंग और उपलब्ध फैब्रिक के हिसाब से डिजाइन चुनना जरूरी होता है।
लक्मे फैशन वीक के युवा डिजाइनरों ने क्या दिखाया?
सर्कुलर फैशन को बढ़ावा देने के लिए आयोजित Circular Design Challenge युवा डिजाइनरों और नए फैशन ब्रांड्स को अपने प्रयोग दिखाने का मंच देता है। इस पहल में ऐसे डिजाइन और तकनीक सामने आते हैं, जिनमें बेकार समझे जाने वाले मटेरियल को उपयोगी और आकर्षक फैशन प्रोडक्ट में बदला जाता है।2026 के फिनाले में दिल्ली के डिजाइनर सौरभ मौर्य के ब्रांड Margn ने पहला स्थान हासिल किया। उनके कलेक्शन में दोबारा इस्तेमाल किए गए मटेरियल को हिमालयी हस्तशिल्प परंपराओं के साथ जोड़ा गया। इस बार की प्रतियोगिता में कुल 220 से अधिक आवेदनों के बीच से चुने गए फाइनलिस्ट ने अपने प्रयोग पेश किए।इस आयोजन में दूसरे डिजाइनरों ने भी पुराने मटेरियल को नए रूप में पेश करने के कई तरीके दिखाए। Yoshita 1967 के अनिल पड़िया ने पारंपरिक क्रोशिया तकनीक, जैविक रूप से नष्ट होने वाले सूती धागे और रीसाइकिल किए गए शीशों जैसे तत्वों का इस्तेमाल किया। Duja ने पुरानी स्पोर्ट्स जर्सी को नए टॉप और स्कर्ट में बदला। इस्तेमाल हो चुके बास्केटबॉल और फुटबॉल के टुकड़ों से स्टेटमेंट बैग भी तैयार किए गए।वहीं, लंदन के Rwrk Studio ने पुराने तौलियों को हुडी, जॉगर्स, ड्रेस और टोट बैग जैसे फैशन आइटम में बदलने का तरीका दिखाया। सलोनी झवेरी ने बचे हुए कपड़ों, फैक्ट्री के अतिरिक्त स्टॉक और कटिंग के बाद बचने वाले फैब्रिक को इस्तेमाल करके कलेक्शन तैयार किया। इन उदाहरणों से पता चलता है कि पुराने कपड़ों और बेकार मटेरियल को सही डिजाइन के साथ इस्तेमाल किया जाए, तो उनसे भी आकर्षक फैशन तैयार हो सकता है।
पुरानी जींस से बनाएं स्टाइलिश आउटफिट
डेनिम ऐसा फैब्रिक है, जिसे कई तरह से दोबारा इस्तेमाल किया जा सकता है। अगर आपकी पुरानी जींस अब फिट नहीं आती या उसका रंग फीका पड़ गया है, तो उसे नया रूप देना आसान हो सकता है। जींस के अच्छे हिस्सों से शॉर्ट्स, मिनी स्कर्ट, जैकेट या छोटा बैग बनाया जा सकता है। अलग-अलग रंग की डेनिम को जोड़कर पैचवर्क डिजाइन भी तैयार किया जा सकता है।अगर आप पूरा कपड़ा काटना नहीं चाहते, तो केवल कुछ बदलाव करके भी उसे नया लुक दे सकते हैं। पुराने बटन बदलें, किनारों पर कढ़ाई करवाएं या जेब के आसपास छोटे पैच लगाएं। इसके साथ सफेद टी-शर्ट और स्नीकर्स पहनकर कैजुअल लुक बनाया जा सकता है। थोड़ी रचनात्मकता के साथ पुरानी जींस को ऐसा आउटफिट बनाया जा सकता है, जो सामान्य कपड़ों से अलग दिखाई दे।
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पुरानी साड़ी और दुपट्टे से तैयार करें नया फैशन
पुरानी साड़ियों में अक्सर खूबसूरत प्रिंट, कढ़ाई और बॉर्डर होते हैं। अगर साड़ी अब पहनने लायक नहीं लगती, तो उसकी अच्छी स्थिति वाले हिस्सों से कुर्ती, ब्लाउज, लॉन्ग जैकेट या स्कर्ट तैयार की जा सकती है। साड़ी के बॉर्डर को नए आउटफिट पर इस्तेमाल करने से उसमें पारंपरिक और आधुनिक स्टाइल का मेल दिखाई देता है।इसी तरह पुराने दुपट्टे को श्रग, स्टोल या टॉप में बदला जा सकता है। अगर कपड़ा बहुत नाजुक है, तो उसे काटने से पहले किसी टेलर से सलाह लेना बेहतर होगा। इससे फैब्रिक खराब होने का खतरा कम होगा और उपलब्ध कपड़े का सही इस्तेमाल किया जा सकेगा।
पुराने कपड़ों को नया लुक देने के आसान तरीके
पुराने कपड़ों को नया बनाने के लिए हमेशा सिलाई में बड़े बदलाव करना जरूरी नहीं है। कई बार छोटे बदलाव भी काफी होते हैं। किसी पुराने शर्ट पर नए बटन लगाने, उसकी स्लीव्स छोटी करने या उस पर कढ़ाई करवाने से उसका लुक बदल सकता है। साधारण कुर्ती पर लेस या फैब्रिक पैच लगाकर उसे नया अंदाज दिया जा सकता है।अगर आपके पास कई पुराने कपड़े हैं, तो उनके रंग और फैब्रिक के हिसाब से नए कॉम्बिनेशन बनाने की कोशिश करें। एक पुरानी शर्ट को जैकेट की तरह पहना जा सकता है, जबकि लंबे दुपट्टे को बेल्ट या स्टाइलिश स्टोल की तरह इस्तेमाल किया जा सकता है। हालांकि, कपड़े का इस्तेमाल इस तरह करें कि उसकी सिलाई मजबूत रहे और पहनने में आराम मिले।
सर्कुलर फैशन क्यों है जरूरी?
फैशन इंडस्ट्री में कपड़ों के उत्पादन, इस्तेमाल और फेंके जाने से पर्यावरण पर असर पड़ता है। जब लोग कपड़ों को कम समय में बदल देते हैं, तो इस्तेमाल किए गए वस्त्रों की मात्रा बढ़ सकती है। पुराने कपड़ों को दोबारा इस्तेमाल करने, उनकी मरम्मत करने और उन्हें नए डिजाइन में बदलने से नए कपड़ों की मांग कम करने में मदद मिल सकती है।सर्कुलर फैशन का एक फायदा यह भी है कि इससे स्थानीय टेलर, कारीगर और छोटे डिजाइनर नए काम के अवसर तलाश सकते हैं। कपड़ों पर कढ़ाई, पैचवर्क और री-डिजाइन जैसे काम से पुराने आउटफिट को अलग पहचान दी जा सकती है। हालांकि, हर तरह की रीसाइक्लिंग का पर्यावरण पर असर एक जैसा नहीं होता। कपड़े को दोबारा इस्तेमाल करने के लिए लगने वाली ऊर्जा, पानी और अन्य संसाधनों का भी ध्यान रखना जरूरी है।
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क्या आप भी अपना सकते हैं सर्कुलर फैशन?
सर्कुलर फैशन अपनाने के लिए महंगे डिजाइनर कपड़े खरीदना जरूरी नहीं है। इसकी शुरुआत अपनी अलमारी से की जा सकती है। ऐसे कपड़ों को अलग रखें जिन्हें आप लंबे समय से नहीं पहन रहे हैं, लेकिन जिनका फैब्रिक अब भी अच्छी स्थिति में है। फिर तय करें कि उन्हें मरम्मत, बदलाव या किसी दूसरे कपड़े के साथ जोड़कर कैसे इस्तेमाल किया जा सकता है।कपड़े को नया रूप देने से पहले उसका फैब्रिक जांचें और जरूरत के अनुसार किसी टेलर की मदद लें। अगर कपड़ा पहनने लायक नहीं बचा है, तो उसे सफाई के कपड़े या दूसरे उपयोगी घरेलू सामान में बदला जा सकता है। इससे कपड़े को सीधे फेंकने के बजाय उसका कुछ और समय तक इस्तेमाल संभव हो सकता है।लक्मे फैशन वीक के युवा डिजाइनरों के प्रयोग दिखाते हैं कि फैशन में रचनात्मकता केवल नए कपड़े बनाने तक सीमित नहीं है। पुराने तौलिये, स्पोर्ट्स जर्सी, डेनिम और फैब्रिक के बचे हुए टुकड़े भी नए आउटफिट और एक्सेसरीज का हिस्सा बन सकते हैं। इसलिए अगली बार अलमारी में कोई पुराना कपड़ा देखकर उसे बेकार समझने से पहले सोचें कि क्या उसे एक नया रूप दिया जा सकता है। हो सकता है, आपका अगला ट्रेंडी आउटफिट किसी नए कपड़े से नहीं, बल्कि आपकी पुरानी अलमारी से ही तैयार हो जाए।
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