US Army Chief: ईरान-अमेरिका टकराव के बीच सेना में भूचाल! आर्मी चीफ की अचानक विदाई
US Army Chief, अमेरिका और इज़रायल ने ईरान की राजधानी Tehran में एक साथ कई ठिकानों पर हवाई हमले तेज कर दिए हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, दर्जनों स्थानों को निशाना बनाया गया,
US Army Chief : मिडिल ईस्ट संकट के बीच पेंटागन में बड़ा फेरबदल, आर्मी चीफ की कुर्सी
US Army Chief, अमेरिका और इज़रायल ने ईरान की राजधानी Tehran में एक साथ कई ठिकानों पर हवाई हमले तेज कर दिए हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, दर्जनों स्थानों को निशाना बनाया गया, जिससे शहर में दहशत का माहौल है। हमले ऐसे समय में हुए हैं जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव पहले से ही चरम पर है।ईरानी अधिकारियों का कहना है कि हमले सैन्य प्रतिष्ठानों तक सीमित नहीं रहे, बल्कि कुछ नागरिक ढांचे भी इसकी चपेट में आए हैं। इसी को लेकर तेहरान प्रशासन ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है और इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया है।
पुल पर हमले में आठ की मौत, 100 घायल
ईरान के सरकारी मीडिया ने अल्बोरज प्रांत के अधिकारियों के हवाले से बताया कि अमेरिका द्वारा एक प्रमुख पुल पर किए गए हमले में कम से कम आठ लोगों की मौत हो गई, जबकि करीब 100 लोग घायल हो गए। यह हमला निर्माणाधीन बी1 पुल पर हुआ, जहां बड़ी संख्या में लोग ‘नेचर डे’ मनाने के लिए एकत्रित थे।स्थानीय प्रशासन के अनुसार, घायलों को आसपास के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। कई लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है। ईरानी सरकार ने इस हमले को “नागरिक बुनियादी ढांचे पर सीधा हमला” बताते हुए इसकी कड़ी निंदा की है।
ट्रंप की चेतावनी से बढ़ा तनाव
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर चेतावनी दी थी कि “अभी और भी हमले बाकी हैं।” उन्होंने बी1 पुल को ईरान की एक महत्वपूर्ण परियोजना बताया था। ट्रंप के इस बयान के बाद क्षेत्रीय तनाव और बढ़ गया है।ईरान ने ट्रंप के बयान को उकसाने वाला करार दिया है। तेहरान का कहना है कि नागरिक स्थलों को निशाना बनाना किसी भी हाल में स्वीकार्य नहीं है और इसका जवाब दिया जाएगा।
युद्ध के बीच अमेरिकी सेना में बड़ा झटका
ईरान के साथ जारी संघर्ष के बीच अमेरिकी सेना के शीर्ष स्तर पर बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। अमेरिकी सेना के चीफ ऑफ स्टाफ जनरल Randy George ने अचानक इस्तीफा दे दिया है।पेंटागन की ओर से जारी बयान में इस्तीफे के पीछे की वजह स्पष्ट नहीं की गई है। हालांकि, राजनीतिक हलकों में यह चर्चा है कि रक्षा मंत्री Pete Hegseth ने उनसे इस्तीफा मांगा था।
Read More: Top 10 bhojpuri sexy actress: भोजपुरी की हॉट डीवाज़, स्टाइल और अदा में बॉलीवुड को देती हैं टक्कर
वफादारी पर सवाल और अचानक रिटायरमेंट
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, जनरल जॉर्ज को तत्काल प्रभाव से सेवानिवृत्त कर दिया गया है। कुछ विश्लेषकों का मानना है कि उन्हें राष्ट्रपति ट्रंप के प्रति कथित वफादारी की कमी के कारण हटाया गया हो सकता है। हालांकि, इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।यह फैसला ऐसे समय में आया है जब अमेरिका ईरान के साथ सक्रिय सैन्य टकराव में है। ऐसे में सेना प्रमुख का अचानक पद छोड़ना कई सवाल खड़े कर रहा है।
बर्खास्तगी की श्रृंखला जारी
अमेरिकी रक्षा मंत्रालय में हाल के दिनों में वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की खबरें लगातार सामने आ रही हैं। पेंटागन के शीर्ष प्रवक्ता Sean Parnell ने इस कदम की घोषणा की। बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ द्वारा की गई बर्खास्तगियों की एक लंबी श्रृंखला का हिस्सा है।इससे पहले भी कई वरिष्ठ अधिकारियों को पद से हटाया जा चुका है। इसे रक्षा तंत्र में बड़े स्तर पर पुनर्गठन के रूप में देखा जा रहा है।
Read More: Ramayana Teaser: भव्य सेट, शानदार VFX और Ranbir Kapoor का दमदार अंदाज़
रैंडी जॉर्ज का सैन्य करियर
जनरल रैंडी जॉर्ज अगस्त 2023 से इस पद पर कार्यरत थे और उनका कार्यकाल चार वर्षों का था। वे United States Military Academy (वेस्ट प्वाइंट) से स्नातक थे और एक अनुभवी पैदल सेना अधिकारी के रूप में जाने जाते हैं।उन्होंने खाड़ी युद्ध के साथ-साथ इराक और अफगानिस्तान में भी सेवाएं दी थीं। इसके अलावा वे पूर्व रक्षा मंत्री Lloyd Austin के करीबी सहयोगी भी रह चुके थे।मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और अमेरिकी सेना में शीर्ष स्तर पर हो रहे बदलावों ने वैश्विक राजनीति को नई दिशा दे दी है। तेहरान पर हमले और सेना प्रमुख का इस्तीफा, दोनों घटनाएं इस बात का संकेत देती हैं कि आने वाले दिनों में हालात और गंभीर हो सकते हैं।
We’re now on WhatsApp. Click to join.
अगर आपके पास भी हैं कुछ नई स्टोरीज या विचार, तो आप हमें इस ई-मेल पर भेज सकते हैं info@oneworldnews.com






