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Surajkund Mela Ticket Price 2026: कभी नहीं गए सूरजकुंड मेला? 2026 में टिकट, शेड्यूल और ट्रैवल टिप्स जान लें

Surajkund Mela Ticket Price 2026, भारत के मेलों और त्योहारों में सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय शिल्प मेला की अपनी एक अलग पहचान है।

Surajkund Mela Ticket Price 2026 : सूरजकुंड मेला 2026, माय इंडिया का सबसे रंगीन उत्सव

Surajkund Mela Ticket Price 2026, भारत के मेलों और त्योहारों में सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय शिल्प मेला की अपनी एक अलग पहचान है। यह मेला हर साल जनवरी-फरवरी के दौरान हरियाणा के फरीदाबाद में आयोजित होता है और यहां देश-विदेश से लाखों पर्यटक आते हैं। 2026 में इसका 39वां संस्करण 31 जनवरी से 15 फरवरी तक आयोजित किया जाएगा, जिसमें हस्तशिल्प, संस्कृति, खानपान, सांस्कृतिक कार्यक्रम और शिल्प प्रदर्शनी की भरमार होगी।

मेले में क्यों है इतना आकर्षण?

सूरजकुंड मेला सिर्फ शिल्प और कला का बाजार नहीं है यह भारत की विविध सांस्कृतिक परंपरा और लोक धरोहर का महोत्सव भी है। यहां विभिन्न राज्यों के शिल्पकार, कारीगर, कलाकार और सिलाई-बुनाई के विशेषज्ञ अपनी कला और संस्कृति की झलक प्रस्तुत करते हैं। 2026 में मिस्र (Egypt) को पार्टनर कंट्री के रूप में चुना गया है, जबकि उत्तर प्रदेश और मेघालय को थीम स्टेट बनाया गया है, जिससे मेले में अलग-अलग राज्य की विशिष्टता देखने को मिलेगी।

सूरजकुंड मेला टिकट की कीमतें 2026

अगर आप पहली बार सूरजकुंड मेला देखने जा रहे हैं, तो टिकट की जानकारी आपके लिए जरूरी है। 2026 के लिए टिकट की दरें पहले सालों के पैटर्न के अनुरूप ही रखी गई हैं:

  • सप्ताह के दिन (Weekdays) — लगभग ₹120 प्रति व्यक्ति
  • शनिवार-रविवार (Weekend) — लगभग ₹180 प्रति व्यक्ति

इन टिकटों पर स्टूडेंट्स और सीनियर सिटीजन पर विशेष छूट भी मिल सकती है, बशर्ते वैध आईडी-प्रूफ दिखाया जाए। (Ticket Price)

टिकट कहां से मिलेंगी?

आम तौर पर टिकट तीन प्रमुख तरीकों से खरीदी जा सकती हैं:

  1. ओनलाइन बुकिंग:
    • आप DMRC की Momentum 2.0 मोबाइल ऐप के माध्यम से आसानी से टिकट खरीद सकते हैं।
    • कई बार हरियाणा पर्यटन या सूरजकुंड मेले की आधिकारिक वेबसाइट पर भी टिकटिंग की सुविधा उपलब्ध होती है।
  2. मेट्रो स्टेशन से:
    • select दिल्ली मेट्रो स्टेशन पर टिकट काउंटर पर टिकट उपलब्ध रहते हैं।
    • बदरपुर बॉर्डर मेट्रो स्टेशन मेले के सबसे नजदीक का स्टेशन है।
  3. मेला स्थल के गेट पर:
    • मेला शुरू होने पर मेले के गेट पर भी टिकट काउंटर लगाए जाते हैं जहां से आप सीधे टिकट बुक कर सकते हैं।

इन तरीकों से पहले से टिकट खरीद लेने पर लंबी कतारों से बचा जा सकता है और मेले में पहुंचने के बाद सीधा एंट्री मिल जाती है।

मेला कब और कितने बजे खुलता है?

2026 सूरजकुंड मेला हर दिन 10:30 बजे सुबह से शाम 8:30 बजे तक खुला रहेगा। इस समय में आप हस्तशिल्प स्टॉल, सांस्कृतिक प्रदर्शनी, फूड कोर्ट्स और मनोरंजन गतिविधियों का आनंद ले सकते हैं।

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बस और लोकल ट्रांसपोर्ट सुविधाएं

अगर आप दिल्ली-एनसीआर से सूरजकुंड मेला जा रहे हैं, तो बस और मेट्रो सुविधाएं आपके लिए खास हैं। हर साल मेले के दौरान फेरिंग सुविधाओं के रूप में कई सैटल बस सेवाएं चलाई जाती हैं:

  • बल्लभगढ़ से सुबह 7 बजे से हर 30 मिनट में बस सेवा चलती है, और सप्ताहांत पर यह हर 15 मिनट पर होती है।
  • मेट्रो स्टेशन से शटल-बस भी चलेगी, जो आपको सीधे मेले के परिसर तक ले जाएगी।
  • बस किराया आम तौर पर बहुत सस्ता रहता है — बल्लभगढ़ से लगभग ₹25, बदरपुर से लगभग ₹20 और मेट्रो स्टॉप से ₹10।

मेले में क्या-क्या मिलेगा देखने को?

सूरजकुंड मेला सिर्फ सामान खरीदने की जगह नहीं है, बल्कि यहां आपका पूरा दिन बिताना एक अनुभव बन जाता है। मेले में आपको देखने को मिलता है:

  • हस्तशिल्प और हैंडलूम के 1200+ स्टॉल्स
  • विविध राज्यों और देश-विदेश से कारीगरों का प्रदर्शन
  • फूड कोर्ट्स जहां अलग-अलग राज्यों के स्वादिष्ट व्यंजन मिलते हैं
  • सांस्कृतिक कार्यक्रम, लाइव संगीत, नृत्य और लोक कला प्रदर्शन
  • बच्चों और वयस्कों के लिए मनोरंजन जोन और गतिविधियां

यात्रा की प्लानिंग कैसे करें?

सूरजकुंड मेला देखने का सबसे अच्छा समय सुबह या दोपहर का है, क्योंकि भीड़ आम तौर पर शाम को ज्यादा होती है। अगर आप वीकडे पर जाते हैं, तो आपको अपेक्षाकृत शांत माहौल मिलेगा।

  • मेट्रो से: बदरपुर बॉर्डर मेट्रो स्टेशन
  • ऑटो/कैब से: मेट्रो से मेले तक ऑटो या कैब उपलब्ध हो जाती है
  • बस से: बल्लभगढ़ या अन्य प्रमुख पॉइंट से मेले के लिए बसें लगती हैं

बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सब के लिए है कुछ खास

यह मेला सभी उम्र के लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र है। छोटे बच्चे रंग-बिरंगे स्टॉल्स और झूलों का आनंद लेंगे, जबकि बुजुर्ग शांत-सहज तरीके से कला और संस्कृति का मज़ा ले सकते हैं। अगर आप स्टूडेंट या सीनियर सिटीजन हैं तो टिकट पर मिलने वाली छूट का फायदा उठाना न भूलें।

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अंतिम सुझाव

सूरजकुंड मेला 2026 अपने आप में एक सांस्कृतिक उत्सव और मनोरंजन-भरा अनुभव है। अगर आपने अब तक कभी यह मेला नहीं देखा है, तो यह मौका मिस न करें। पहले से टिकट बुक कर लें, सुबह-सुबह पहुंचें और पूरे दिन की प्लानिंग के साथ जाएं। इससे आप शिल्प, संस्कृति और खानपान को बेहतर ढंग से एंजॉय कर सकेंगे।

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