Shiv Sena UBT Crisis: बैठक से नदारद रहे 6 सांसद, उद्धव गुट ने जारी किया शो-कॉज नोटिस
Shiv Sena UBT Crisis, शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) में एक बार फिर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। पार्टी की महत्वपूर्ण संसदीय बैठक में छह लोकसभा सांसदों के अनुपस्थित रहने के बाद नेतृत्व ने सख्त रुख अपनाया है।
Shiv Sena UBT Crisis : शिवसेना UBT में बढ़ी टेंशन, 6 सांसदों की अनुपस्थिति पर पार्टी ने लिया बड़ा फैसला
Shiv Sena UBT Crisis, शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) में एक बार फिर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। पार्टी की महत्वपूर्ण संसदीय बैठक में छह लोकसभा सांसदों के अनुपस्थित रहने के बाद नेतृत्व ने सख्त रुख अपनाया है। पार्टी ने सभी अनुपस्थित सांसदों को शो-कॉज (कारण बताओ) नोटिस जारी कर उनसे जवाब मांगा है कि वे बैठक में क्यों शामिल नहीं हुए। यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर संभावित टूट और दल-बदल की चर्चाएं जोरों पर हैं।
अहम बैठक में केवल तीन सांसद पहुंचे
नई दिल्ली स्थित पार्टी के संसदीय कार्यालय में आयोजित इस बैठक को शिवसेना (UBT) के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा था। बैठक में पार्टी के वरिष्ठ नेता संजय राउत समेत केवल तीन लोकसभा सांसद मौजूद रहे, जबकि छह सांसद अनुपस्थित रहे। इससे पार्टी नेतृत्व की चिंता बढ़ गई और अनुपस्थित सांसदों के भविष्य को लेकर अटकलें तेज हो गईं। बैठक से पहले पार्टी ने सभी सांसदों को तीन लाइन का व्हिप जारी करते हुए अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने का निर्देश दिया था। इसके बावजूद छह सांसदों का नहीं पहुंचना अनुशासनहीनता के रूप में देखा जा रहा है।
नोटिस भेजकर मांगा गया स्पष्टीकरण
बैठक समाप्त होने के तुरंत बाद पार्टी ने अनुपस्थित सांसदों को शो-कॉज नोटिस जारी कर दिया। पार्टी नेताओं के अनुसार, सभी सांसदों से पूछा गया है कि उन्हें बैठक की सूचना दी गई थी, व्हाट्सएप संदेश और अन्य माध्यमों से जानकारी भी पहुंचाई गई थी, फिर भी वे क्यों नहीं आए और अनुपस्थिति की कोई पूर्व सूचना क्यों नहीं दी। पार्टी का कहना है कि नोटिस का उद्देश्य पहले सांसदों का पक्ष जानना है। जवाब मिलने के बाद ही आगे की अनुशासनात्मक कार्रवाई पर फैसला लिया जाएगा।
‘ऑपरेशन टाइगर’ की अटकलों के बीच बढ़ी हलचल
पिछले कुछ दिनों से महाराष्ट्र की राजनीति में “ऑपरेशन टाइगर” की चर्चा चल रही है। राजनीतिक गलियारों में ऐसी अटकलें हैं कि शिवसेना (UBT) के कुछ सांसद एक अलग समूह बनाकर एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के साथ जा सकते हैं। हालांकि, इस पर अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन छह सांसदों का एक साथ बैठक से दूर रहना इन अटकलों को और हवा दे रहा है। इसी वजह से पार्टी नेतृत्व ने तत्काल कार्रवाई करते हुए नोटिस जारी किया है।
संजय राउत का सख्त संदेश
बैठक से पहले शिवसेना (UBT) के वरिष्ठ नेता संजय राउत ने स्पष्ट शब्दों में कहा था कि जो सांसद बैठक में आएंगे, वही पार्टी के साथ माने जाएंगे और जो नहीं आएंगे, उन्हें गद्दार समझा जाएगा। उनके इस बयान के बाद बैठक पर सभी की नजरें थीं। बैठक में अपेक्षित संख्या में सांसदों के नहीं पहुंचने से यह साफ हो गया कि पार्टी के भीतर असंतोष और राजनीतिक अनिश्चितता बनी हुई है।
Read More: Natural Hair Dye: बालों को नेचुरल तरीके से करें काला, जामुन की गुठली से तैयार करें असरदार हेयर डाई
क्या हो सकती है आगे की कार्रवाई?
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि शो-कॉज नोटिस अनुशासनात्मक प्रक्रिया का पहला कदम है। यदि सांसदों के जवाब पार्टी नेतृत्व को संतोषजनक नहीं लगते हैं, तो उनके खिलाफ संगठनात्मक कार्रवाई की जा सकती है। हालांकि, कानूनी विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि केवल पार्टी बैठक में अनुपस्थित रहने के आधार पर संविधान की दसवीं अनुसूची (दल-बदल विरोधी कानून) के तहत स्वतः अयोग्यता तय नहीं होती। इस तरह के मामलों में परिस्थितियों और आगे की राजनीतिक गतिविधियों को भी देखा जाता है।
Read More: Batman Day 2026: बैटमैन के दमदार सफर और उसकी सबसे बड़ी ताकत के बारे में जानिए
महाराष्ट्र की राजनीति पर असर
अगर छह सांसद वास्तव में अलग रास्ता चुनते हैं, तो यह उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (UBT) के लिए बड़ा राजनीतिक झटका साबित हो सकता है। इससे लोकसभा में पार्टी की संख्या और राजनीतिक प्रभाव दोनों प्रभावित हो सकते हैं। दूसरी ओर, यदि सांसद नोटिस का जवाब देकर पार्टी के साथ बने रहने का भरोसा देते हैं, तो यह संकट कुछ हद तक टल सकता है। फिलहाल सभी की नजरें सांसदों के जवाब और पार्टी नेतृत्व के अगले फैसले पर टिकी हुई हैं। शिवसेना (UBT) की संसदीय बैठक में छह सांसदों की अनुपस्थिति ने महाराष्ट्र की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। पार्टी द्वारा जारी शो-कॉज नोटिस यह संकेत देता है कि नेतृत्व अनुशासन के मुद्दे पर कोई ढिलाई नहीं बरतना चाहता। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि सांसद क्या जवाब देते हैं और आने वाले दिनों में यह राजनीतिक विवाद किस दिशा में आगे बढ़ता है। फिलहाल इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर महाराष्ट्र की राजनीति को चर्चा के केंद्र में ला दिया है।
We’re now on WhatsApp. Click to join.
अगर आपके पास भी हैं कुछ नई स्टोरीज या विचार, तो आप हमें इस ई-मेल पर भेज सकते हैं info@oneworldnews.com







