Premanand Ji Maharaj: प्रेमानंद जी महाराज के पास कितनी दौलत है? Net Worth पर सामने आया उनका खुद का जवाब
Premanand Ji Maharaj, प्रेमानंद जी महाराज आज भारत के सबसे चर्चित आध्यात्मिक गुरुओं में से एक हैं। वृंदावन में उनका आश्रम, उनके प्रवचन, और भक्तों के प्रति उनका संदेश लाखों लोगों को आकर्षित करता है।
Premanand Ji Maharaj : ‘मेरे पास 10 रुपये भी नहीं’ – प्रेमानंद जी महाराज ने खुद बताया अपनी Net Worth का सच
Premanand Ji Maharaj, प्रेमानंद जी महाराज आज भारत के सबसे चर्चित आध्यात्मिक गुरुओं में से एक हैं। वृंदावन में उनका आश्रम, उनके प्रवचन, और भक्तों के प्रति उनका संदेश लाखों लोगों को आकर्षित करता है। इसी कारण से यह सवाल अक्सर पूछा जाता है कि “प्रेमानंद जी महाराज की संपत्ति (Net Worth) कितनी है?” और ख़ासकर यह जानना भी कि क्या उनके पास खुद कोई धन-दौलत है? आइए, विस्तार से जानते हैं उनके नेट वर्थ, संपत्ति के बारे में सच, और उनका जवाब खुद महाराज जी का क्या है।
1. प्रेमानंद जी महाराज कौन हैं?
प्रेमानंद जी महाराज का जन्म अनिरुद्ध कुमार पांडे के रूप में उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले के सरसोल गाँव में हुआ था। उन्होंने बचपन से ही आध्यात्म की ओर झुकाव दिखाया और मात्र 13 वर्ष की उम्र में घर-बार त्यागकर साधु जीवन अपनाया। आज वे राधा-कृष्ण भक्ति, प्रेम-भक्ति और अध्यात्म पर आधारित प्रवचन देने वाले प्रमुख संतों में गिने जाते हैं।
2. नेट वर्थ की धारणाएँ — क्या सच है?
जब लोग “Net Worth” शब्द सुनते हैं, तो वे आम तौर पर धन, संपत्ति, बैंक बैलेंस, जमीन-जायदाद और निवेश जैसी चीजें सोचते हैं। इसी वजह से प्रेमानंद जी महाराज की लोकप्रियता और प्रचार के कारण कई तरह के नेट वर्थ के आंकले सामने आए हैं कुछ वेबसाइटों ने अनुमान लगाया कि प्रेमानंद जी महाराज से जुड़े आश्रम और ट्रस्ट के पास करोड़ों रुपये से अधिक की संपत्ति हो सकती है (जैसे वृंदावन में ज़मीन, भवन, और सामग्री) — लेकिन यह उनके निजी नाम पर नहीं है। कुछ इंटरनेट स्रोतों पर यह भी दावा किया गया कि प्रेमानंद जी महाराज की रिलेटेड सम्पत्ति (जैसे आश्रम से जुड़ी संपत्तियाँ) का कुल मूल्य ₹7–9 करोड़ के करीब हो सकता है — लेकिन यह आंकड़ा सरकारी या औपचारिक रिकॉर्ड पर आधारित नहीं है। वैसे भी कुछ असत्य और अतिरंजित दावों में उन्हें कभी $1 million की नेट वर्थ दी गई है — यह भी कहीं से आधिकारिक पुष्टि नहीं पाई गई। इन सब बातों का सही मायने में मतलब यह है कि प्रचार और पार्ट-स्पेकुलेशन अलग चीज़ है, वास्तविक स्थिति अलग। अब जानते हैं कि खुद महाराज जी ने क्या कहा है।
3. प्रेमानंद जी महाराज का खुद का स्पष्ट जवाब
प्रेमानंद जी महाराज ने कई बार स्पष्ट रूप से कहा है कि उनके पास कोई निजी संपत्ति नहीं है न घर, न बैंक खाता, न जमीन, न बैंक बैलेंस और न ही व्यक्तिगत धन। यह बात उन्होंने अपने अनुयायियों और मीडिया के सामने खुद कही है। उनका कहना है कि उनके पास देने या खर्च करने के लिए ₹10 भी नहीं हैं और अगर कोई उनसे ₹10 माँग ले, तो उनके पास देने को कुछ भी नहीं होगा। वे कहते हैं कि एक सच्चा साधु को सांसारिक संपत्ति में लगाव नहीं होना चाहिए, और उनका जीवन यही सिद्धांत दिखाता है।
4. आश्रम का धन और दान — महाराज जी की भूमिका
हालाँकि प्रेमानंद जी महाराज के निजी नाम पर कोई संपत्ति नहीं है, उनके आस-पास जो आश्रम, ट्रस्ट और दान-संपत्ति हैं, वे एक अलग इकाई के रूप में मौजूद हैं भक्तों के द्वारा दान स्वरूप दी गई राशि से आश्रम के भवन, कार्यक्रम और सेवा-कार्य चलाए जाते हैं। यह धन व्यक्तिगत रूप से महाराज का नहीं है, बल्कि ट्रस्ट और आश्रम के आध्यात्मिक मिशन के लिए उपयोग किया जाता है। इस धन का उपयोग भोजन, धार्मिक कार्यक्रम, सामाजिक सेवा, मंदिर निर्माण और भक्तों की सहायता में किया जाता है न कि किसी विशिष्ट व्यक्ति की व्यक्तिगत सुख-सुविधा में। इस प्रकार आश्रम का कोई बड़ा धन या संपत्ति है, लेकिन यह सीधे प्रेमानंद जी महाराज की निजी संपत्ति नहीं है यह एक सार्वजनिक धार्मिक संस्था की संपत्ति है।
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5. जीवनशैली – साधु, नहीं करोड़पति
प्रेमानंद जी महाराज का जीवनशैली साधु जीवन के सिद्धांत पर आधारित है। वे रोज़मर्रा की आवश्यकताओं के लिए भी भक्तों की मदद पर निर्भर रहते हैं। वे साधारण सादे वस्त्र पहनते हैं। उनके पास कोई निजी वाहन नहीं है; कुछ भक्ति-सेवक या ट्रस्ट उन्हें सेवाकार्य के लिए वाहन उपलब्ध कराते हैं लेकिन यह उनके नाम नहीं होता। ( वे किसी व्यक्तिगत बैंक खाता या संपत्ति में नहीं रहते। उनकी “संपत्ति” उनकी भक्ति, संदेश और अनुयायियों के दिलों में बसती है न कि बैंक में।
6. निष्कर्ष – प्रेमानंद जी महाराज Net Worth
इसलिए, अगर आप “Net Worth” की बात आज के आर्थिक मानकों में करते हैं, तो प्रेमानंद जी महाराज व्यक्तिगत रूप से किसी भी संपत्ति के मालिक नहीं हैं। उनकी सम्पत्ति — यदि कोई हो — तो वह आध्यात्मिक प्रभाव, सेवा और उनके संगठन के तहत संचालित आश्रम/ट्रस्ट की सहायता है, न कि किसी निजी खाता या दौलत के रूप में। उनकी वास्तविक “धन-दौलत” तो उनके लाखों अनुयायियों और उनके जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने की शक्ति है जो एक साधु के रूप में उनके “स्पिरिचुअल नेट वर्थ” को परिभाषित करता है।
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