PM Modi: ईरान ने PM मोदी को भेजा खास न्योता, क्या अंतिम संस्कार में होगी भारत की बड़ी मौजूदगी?
PM Modi, भारत और ईरान के रिश्तों के बीच एक बड़ी कूटनीतिक खबर सामने आई है। ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने प्रधानमंत्री Narendra Modi को ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता Ali Khamenei
PM Modi : खामेनेई की अंतिम यात्रा में शामिल होंगे मोदी? निमंत्रण मिलने के बाद बढ़ी चर्चा
PM Modi, भारत और ईरान के रिश्तों के बीच एक बड़ी कूटनीतिक खबर सामने आई है। ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने प्रधानमंत्री Narendra Modi को ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता Ali Khamenei के राजकीय अंतिम संस्कार में शामिल होने का औपचारिक निमंत्रण भेजा है। यह निमंत्रण भारतीय विदेश मंत्रालय (MEA) को आधिकारिक माध्यम से सौंपा गया है।
अभी तक भारत की ओर से नहीं मिला जवाब
हालांकि ईरान की ओर से निमंत्रण भेज दिया गया है, लेकिन भारत सरकार ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि प्रधानमंत्री मोदी स्वयं इस कार्यक्रम में शामिल होंगे या नहीं। विदेश मंत्रालय की ओर से भी इस मामले पर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। सूत्रों के अनुसार, नई दिल्ली अभी इस निमंत्रण पर विचार कर रही है और जल्द ही प्रतिनिधित्व के स्तर पर फैसला लिया जा सकता है।
जुलाई में होंगे अंतिम संस्कार के कार्यक्रम
रिपोर्ट्स के मुताबिक, अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार और दफन से जुड़े कार्यक्रम 4 जुलाई से शुरू होकर 9 जुलाई तक चलेंगे। ये कार्यक्रम ईरान के विभिन्न शहरों जैसे तेहरान, क़ोम और मशहद में आयोजित किए जाएंगे। अंतिम दफन समारोह मशहद में होने की संभावना है, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और विदेशी नेताओं के पहुंचने की उम्मीद है।
क्यों महत्वपूर्ण है यह निमंत्रण?
ईरान द्वारा प्रधानमंत्री मोदी को भेजा गया निमंत्रण केवल एक औपचारिकता नहीं माना जा रहा, बल्कि इसे दोनों देशों के बीच रणनीतिक और कूटनीतिक संबंधों के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। भारत और ईरान के बीच ऊर्जा, व्यापार, क्षेत्रीय सुरक्षा और चाबहार बंदरगाह जैसे कई अहम मुद्दों पर सहयोग रहा है। ऐसे में इस स्तर का निमंत्रण दोनों देशों के रिश्तों की अहमियत को दर्शाता है।
क्या PM मोदी जाएंगे ईरान?
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या प्रधानमंत्री मोदी स्वयं ईरान जाएंगे। इस पर अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। कुछ मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया है कि यदि प्रधानमंत्री किसी कारणवश शामिल नहीं हो पाते हैं तो भारत की ओर से एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल भेजा जा सकता है। हालांकि सरकार ने इस संबंध में कोई औपचारिक जानकारी साझा नहीं की है।
दुनिया भर के नेताओं की नजर
खामेनेई के अंतिम संस्कार में दुनिया के कई देशों के शीर्ष नेताओं और प्रतिनिधियों के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है। पाकिस्तान पहले ही एक प्रतिनिधिमंडल भेजने की घोषणा कर चुका है। ऐसे में भारत की भागीदारी को भी अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक नजरिए से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
भारत-ईरान संबंधों पर रहेगा असर
विशेषज्ञों का मानना है कि भारत का प्रतिनिधित्व चाहे प्रधानमंत्री स्तर पर हो या किसी अन्य वरिष्ठ नेता के माध्यम से, यह फैसला दोनों देशों के भविष्य के संबंधों पर असर डाल सकता है। पश्चिम एशिया में बदलते भू-राजनीतिक समीकरणों के बीच भारत ईरान के साथ अपने संबंधों को संतुलित तरीके से आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहा है।
फिलहाल इंतजार आधिकारिक घोषणा का
ईरान ने प्रधानमंत्री मोदी को औपचारिक निमंत्रण भेज दिया है, लेकिन अब सबकी नजरें भारत सरकार के फैसले पर टिकी हैं। क्या प्रधानमंत्री मोदी खुद ईरान जाकर अंतिम संस्कार में शामिल होंगे या भारत की ओर से कोई विशेष प्रतिनिधिमंडल भेजा जाएगा, इसका जवाब आने वाले दिनों में मिल सकता है। फिलहाल सरकार की ओर से किसी भी तरह की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
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