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Kolkata Latest News: 500 फीट दूर तक बहा ले गया पानी! सिदुली कोलियरी हादसे में दो श्रमिकों की बाल-बाल बची जान

Kolkata Latest News, पश्चिम बंगाल के पश्चिम बर्धमान जिले में सोमवार तड़के एक कोयला खदान में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ECL) के केंदा क्षेत्र की सिदुली कोलियरी में अचानक पानी घुस गया। पानी के तेज बहाव ने खदान के अंदर मौजूद दो श्रमिकों को अपनी चपेट में ले लिया।

Kolkata Latest News : बंगाल की खदान में अचानक घुसा पानी, दो श्रमिकों को 500 फीट तक खींच ले गया बहाव

Kolkata Latest News, पश्चिम बंगाल के पश्चिम बर्धमान जिले में सोमवार तड़के एक कोयला खदान में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ECL) के केंदा क्षेत्र की सिदुली कोलियरी में अचानक पानी घुस गया। पानी के तेज बहाव ने खदान के अंदर मौजूद दो श्रमिकों को अपनी चपेट में ले लिया। रिपोर्ट के मुताबिक दोनों श्रमिक पानी के बहाव में करीब 500 फीट तक बह गए। हालांकि राहत की बात यह रही कि दोनों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया और बाद में इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया। घटना के बाद खदान में कोयला उत्पादन पूरी तरह प्रभावित हो गया।

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दो श्रमिक पानी के तेज बहाव में फंसे

बताया जा रहा है कि हादसे के समय खदान के भीतर एक माइनिंग सरदार और एक पंप खलासी मौजूद थे। अचानक पानी का प्रवाह बढ़ने से दोनों श्रमिक मुश्किल में फंस गए। पानी इतनी तेजी से खदान के अंदर आया कि उन्हें संभलने का मौका नहीं मिला और दोनों पानी के बहाव के साथ काफी दूर तक चले गए।रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों श्रमिक लगभग 500 फीट तक पानी में बह गए। घटना की जानकारी मिलते ही खदान में मौजूद अन्य कर्मचारियों और बचाव दल ने तत्काल राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद दोनों श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।

अस्पताल में कराया गया भर्ती

खदान से बाहर निकाले जाने के बाद दोनों श्रमिकों को अस्पताल भेजा गया। शुरुआती जानकारी के मुताबिक उनकी जान बच गई है और उनका इलाज कराया जा रहा है। हादसे के बाद खदान परिसर में कर्मचारियों के बीच भी काफी चिंता और तनाव का माहौल बन गया।इस घटना में सबसे बड़ी राहत यही रही कि पानी के तेज बहाव में काफी दूर तक बह जाने के बावजूद दोनों श्रमिकों को समय रहते बचा लिया गया। अगर बचाव अभियान में देरी होती तो स्थिति और गंभीर हो सकती थी।

खदान में ठप हुआ कोयला उत्पादन

पानी के अचानक घुसने के कारण सिदुली कोलियरी में कोयला उत्पादन पूरी तरह ठप हो गया। खदान में पानी की स्थिति को नियंत्रित करने और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने का काम शुरू किया गया। इस तरह की घटनाओं में सबसे बड़ी चुनौती खदान के भीतर जमा पानी को सुरक्षित तरीके से बाहर निकालना और कर्मचारियों के लिए दोबारा काम शुरू करने से पहले सुरक्षा सुनिश्चित करना होती है।सिदुली कोलियरी ECL के केंदा क्षेत्र के अंतर्गत आती है। आधिकारिक ECL दस्तावेजों में भी सिदुली कोलियरी को केंदा क्षेत्र के तहत दर्ज किया गया है। ECL की आधिकारिक जानकारी के अनुसार, सिदुली कोलियरी में खदान से निकलने वाले पानी के उपचार के लिए भी व्यवस्था मौजूद है।

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कैसे अचानक बढ़ा पानी?

फिलहाल सामने आई शुरुआती रिपोर्ट में पानी के अचानक खदान में घुसने की बात कही गई है, लेकिन पानी के स्रोत और उसके अचानक बढ़ने की विस्तृत वजह को लेकर पूरी जानकारी सामने नहीं आई है। घटना के बाद खदान की स्थिति और पानी के प्रवेश के कारणों की जांच की जा रही है।कोयला खदानों में पानी का प्रवेश एक गंभीर सुरक्षा चुनौती माना जाता है। भूमिगत खदानों में काम करने वाले श्रमिकों के लिए अचानक पानी भरना विशेष रूप से खतरनाक हो सकता है, क्योंकि सीमित जगह और सुरंगों के कारण बाहर निकलने के रास्ते प्रभावित हो सकते हैं।

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रेस्क्यू टीम ने संभाला मोर्चा

हादसे की जानकारी मिलने के बाद बचाव कार्य शुरू किया गया। खदान के अंदर फंसे दोनों श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकालना प्राथमिकता थी। पानी के बहाव में लगभग 500 फीट तक चले जाने के बावजूद दोनों को जीवित निकाल लिया गया।घटना के बाद अधिकारियों और खदान प्रबंधन की ओर से स्थिति का जायजा लिया गया। साथ ही यह सुनिश्चित करने की कोशिश की गई कि खदान के अंदर किसी अन्य कर्मचारी की मौजूदगी या सुरक्षा को लेकर कोई खतरा न हो।

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सुरक्षा व्यवस्था पर फिर उठे सवाल

खदान में हुए इस हादसे ने एक बार फिर भूमिगत कोयला खदानों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े किए हैं। खदानों में पानी, जहरीली गैस और अन्य तकनीकी जोखिमों से निपटने के लिए लगातार निगरानी और सुरक्षा उपायों की जरूरत होती है।सिदुली कोलियरी से जुड़ी आधिकारिक रिकॉर्डिंग से पता चलता है कि यहां खदान संबंधी कई तकनीकी और रखरखाव गतिविधियां लगातार चलती रहती हैं। 2026 में भी कोल इंडिया के ई-टेंडर रिकॉर्ड में सिदुली कोलियरी के लिए इलेक्ट्रिकल और पंप से जुड़े काम दर्ज किए गए हैं।

बड़ा हादसा टला

फिलहाल इस घटना की सबसे बड़ी राहत यही है कि दोनों श्रमिकों की जान बच गई। पानी के तेज बहाव में 500 फीट तक बहने के बाद भी दोनों को सुरक्षित निकाल लिया गया। उन्हें अस्पताल भेजे जाने के बाद मेडिकल जांच और इलाज कराया जा रहा है।घटना के बाद सिदुली कोलियरी में उत्पादन प्रभावित हुआ है और खदान की सुरक्षा स्थिति का आकलन किया जा रहा है। अब सबसे अहम सवाल यह है कि खदान में अचानक पानी कहां से आया और भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो, इसके लिए क्या अतिरिक्त सुरक्षा कदम उठाए जाएंगे। फिलहाल हादसे की विस्तृत वजह और पानी के स्रोत को लेकर आधिकारिक जांच की जानकारी का इंतजार है।

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