Jangarna 2027: Census 2027, इंटरनेट यूजर्स के साथ रेडियो सुनने वालों से भी पूछे जाएंगे सवाल
Jangarna 2027, भारत में होने वाली अगली जनगणना को लेकर केंद्र सरकार ने अहम जानकारी साझा की है। Census of India 2027 को लेकर साफ किया गया है कि इस बार पूरी प्रक्रिया दो चरणों में पूरी की जाएगी।
Jangarna 2027 : जनगणना 2027, 34 सवालों में अब रेडियो से जुड़ी जानकारी भी शामिल
Jangarna 2027, भारत में होने वाली अगली जनगणना को लेकर केंद्र सरकार ने अहम जानकारी साझा की है। Census of India 2027 को लेकर साफ किया गया है कि इस बार पूरी प्रक्रिया दो चरणों में पूरी की जाएगी। यह जनगणना कई मायनों में खास होगी, क्योंकि इसे देश की पहली डिजिटल जनगणना माना जा रहा है।
दो चरणों में होगी जनगणना
सरकार के अनुसार, जनगणना 2027 को दो हिस्सों में बांटा गया है:
पहला चरण:
इस चरण में घरों की लिस्टिंग (House Listing) और उनकी गणना की जाएगी। इसमें यह जानकारी जुटाई जाएगी कि कितने घर हैं, उनकी स्थिति क्या है और बुनियादी सुविधाएं कैसी हैं।
दूसरा चरण:
इस चरण में जनसंख्या से जुड़ी विस्तृत जानकारी एकत्र की जाएगी, जैसे परिवार के सदस्यों की संख्या, शिक्षा, रोजगार और अन्य सामाजिक-आर्थिक पहलू।
गृह राज्य मंत्री का बयान
Nityanand Rai ने जनगणना 2027 को लेकर जानकारी देते हुए कहा कि पहले चरण के लिए नोटिफिकेशन जारी किया जा चुका है। इसके बाद दूसरे चरण के लिए भी अलग से अधिसूचना जारी की जाएगी।उन्होंने यह भी बताया कि प्रक्रिया को व्यवस्थित और प्रभावी बनाने के लिए सभी जरूरी तैयारियां की जा रही हैं।
पहली बार होगी डिजिटल जनगणना
Census of India 2027 की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह भारत की पहली डिजिटल जनगणना होगी। इस बार डेटा संग्रह के लिए मोबाइल ऐप और ऑनलाइन पोर्टल का इस्तेमाल किया जाएगा।इस डिजिटल प्रक्रिया से डेटा अधिक सटीक, तेज और सुरक्षित तरीके से एकत्र किया जा सकेगा। इससे समय की बचत भी होगी और मानवीय त्रुटियों में कमी आएगी।
प्रश्नावली और डेटा संग्रह
मंत्री ने बताया कि पिछली जनगणना की तरह ही इस बार भी कुछ विशेष जानकारियां दूसरे चरण में जुटाई जाएंगी। उदाहरण के तौर पर, दिव्यांगता से जुड़ा डेटा पहले भी दूसरे चरण में लिया गया था और इस बार भी ऐसा ही होने की संभावना है।दूसरे चरण की प्रश्नावली को अंतिम रूप देने के लिए विशेषज्ञों और संबंधित हितधारकों से सलाह ली जाएगी। इसके बाद विस्तृत दिशा-निर्देश और मैनुअल तैयार किए जाएंगे।
प्रशिक्षण पर विशेष जोर
जनगणना प्रक्रिया को सुचारू रूप से पूरा करने के लिए सरकार द्वारा विशेष प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए जाएंगे। इसमें प्रगणक (Enumerators) और पर्यवेक्षक (Supervisors) को प्रशिक्षित किया जाएगा।इन प्रशिक्षण कार्यक्रमों में डेटा संग्रह, तकनीकी उपकरणों के उपयोग और लोगों से सही जानकारी प्राप्त करने के तरीकों पर फोकस किया जाएगा।
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घर-घर जाकर जुटाई जाएगी जानकारी
जनगणना के दौरान प्रगणक अपने-अपने निर्धारित क्षेत्रों में जाकर घर-घर जानकारी एकत्र करेंगे। वे प्रत्येक परिवार से संपर्क कर जरूरी विवरण दर्ज करेंगे।डिजिटल माध्यमों के इस्तेमाल के बावजूद, यह प्रक्रिया पूरी तरह जमीनी स्तर पर आधारित रहेगी, ताकि हर व्यक्ति तक पहुंच सुनिश्चित की जा सके।
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क्यों खास है जनगणना 2027?
- पहली बार पूरी तरह डिजिटल प्रक्रिया
- डेटा संग्रह में आधुनिक तकनीक का उपयोग
- दो चरणों में व्यवस्थित कार्यान्वयन
- अधिक सटीक और पारदर्शी आंकड़े
देश के लिए क्यों जरूरी है जनगणना?
जनगणना किसी भी देश के विकास की योजना बनाने का आधार होती है। इससे सरकार को यह समझने में मदद मिलती है कि देश की आबादी कितनी है, लोगों की जरूरतें क्या हैं और किस क्षेत्र में किस तरह के संसाधनों की आवश्यकता है।इसी आधार पर शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी योजनाएं बनाई जाती हैं।Census of India 2027 भारत के लिए एक बड़ा और महत्वपूर्ण कदम साबित होने वाली है। डिजिटल तकनीक के इस्तेमाल से यह प्रक्रिया पहले से अधिक प्रभावी और पारदर्शी होगी।दो चरणों में होने वाली यह जनगणना न केवल देश की सटीक तस्वीर पेश करेगी, बल्कि आने वाले वर्षों की विकास योजनाओं के लिए मजबूत आधार भी तैयार करेगी।
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