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भारत

ऐतिहासिक फैसला- निर्भया कांड के चारों आरोपियों को फांसी की सजा

दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट ने रखा बरकरार


दिल दहलाने वाले निर्भया कांड पर सुप्रीम कोर्ट ने अहम फैसला सुनाया है। दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले को बरकरार रखते हुए शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने सभी आरोपियों की फांसी की सजा को बरकार रखा है। सुप्रीम कोर्ट ने चारों आरोपियों की फांसी की सजा सुनाई है।

शुक्रवार को जस्टिस दीपक मिश्रा, जस्टिस आर भानुमति और जस्टिस अशोक भूषण की बेंच यह फैसला सर्वसम्मित से सुनाया है। फैसला सुनाते हुए कोर्ट ने कहा इस बर्बरता के लिए माफी नहीं दी जा सकती, अगर किसी एक मामले में मौत की सजा हो सकती है तो वो यही। निर्भया कांड सदमे की सुनामी थी।

साथ ही कहा कि चारों आरोपियों को रियायत नहीं दी जा सकती।

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चार आरोपी


 

कोर्ट में लोगों ने ताली बजाकर फैसले का किया स्वागत

खबरों की मानें तो तीन जजों ने जैसे ही पूरा फैसला सुनाया लोगों ने कोर्ट में फैसले का स्वागत करते हुए तालियां बजाई।

इससे पहले निचली अदालत ने मुकेश,पवन,विनय शर्मा और अक्षय कुमार सिंह को मौत की सजा सुनाई थी। दिल्ली हाईकोर्ट ने निचली अदालत के फैसले को बरकरार रखा और अब सुप्रीम कोर्ट ने भी फैसले को बरकरार रखा और आरोपियों को फांसी की सजा सुनाई है।

इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई के बाद 27 मार्च को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है।

निर्भया की मां ने किया शुक्रिया

सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद निर्भया की मां आशा ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि मैं सारे समाज का धन्यवाद करती हूं। उम्मीद करती हूं हम आगे और भी बच्चियों के लिए ऐसी लड़ाई लड़ेंगे। कहीं न कहीं लचर व्यवस्था तो है, लेकिन आज कोर्ट ने साबित हो गया  कि न्याय मे देर है, अंधेर नहीं।

आपको बता दें इस कांड में कुल 6 आरोपी थे। जिसमें एक नाबालिक था। नाबालिक को जुवेनाइल बोर्ड ने नाबालिग को गैंगरेप और हत्या का दोषी माना और उस प्रोबेशन होम में तीन साल गुजारने को फैसला सुनाया। इसके अलावा एक और आरोपी राम सिंह ने तिहाड़ जेल में आत्महत्या कर ली थी।

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