Haryana job fairs: हरियाणा में पहली बार 17 जिलों में मेगा जॉब फेयर, CM से सांसदों तक संभालेंगे जिम्मेदारी; देखें पूरी डिटेल
Haryana job fairs, हरियाणा में नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं के लिए बड़ी खबर सामने आई है। राज्य सरकार सितंबर से दिसंबर 2026 के बीच 17 जिलों में मेगा जॉब फेयर आयोजित करने जा रही है। खास बात यह है कि इन रोजगार मेलों को सिर्फ नौकरी देने का माध्यम नहीं, बल्कि युवाओं और सरकार के बीच सीधे संवाद के मंच के तौर पर भी विकसित किया जा रहा है।
Haryana job fairs : हरियाणा में रोजगार का मेगा अभियान, 17 जिलों में जॉब फेयर; CM से मंत्री-सांसदों तक को मिली जिम्मेदारी
Haryana job fairs, हरियाणा में नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं के लिए बड़ी खबर सामने आई है। राज्य सरकार सितंबर से दिसंबर 2026 के बीच 17 जिलों में मेगा जॉब फेयर आयोजित करने जा रही है। खास बात यह है कि इन रोजगार मेलों को सिर्फ नौकरी देने का माध्यम नहीं, बल्कि युवाओं और सरकार के बीच सीधे संवाद के मंच के तौर पर भी विकसित किया जा रहा है। कार्यक्रमों में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के साथ कैबिनेट मंत्री, राज्य मंत्री और सांसद भी युवाओं के बीच पहुंचेंगे। सरकार की ओर से तैयार कार्यक्रम के मुताबिक अलग-अलग जिलों में रोजगार मेलों का आयोजन किया जाएगा। इनमें निजी कंपनियों को बुलाकर युवाओं को उनकी योग्यता और कौशल के आधार पर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की योजना है। हरियाणा के रोजगार निदेशालय को इन आयोजनों की नोडल एजेंसी बनाया गया है, जबकि कौशल विकास एवं औद्योगिक प्रशिक्षण विभाग को आयोजन से जुड़ी व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी दी गई है।

सितंबर से शुरू होगा मेगा जॉब फेयर अभियान
रोजगार मेलों की शुरुआत सितंबर में होगी। 7 सितंबर को अंबाला और रेवाड़ी में कार्यक्रम प्रस्तावित है। अंबाला में राज्यसभा सांसद संजय भाटिया और रेवाड़ी में राज्य मंत्री राजेश नागर युवाओं के बीच पहुंचेंगे। इसके बाद 9 सितंबर को कुरुक्षेत्र में राज्यस्तरीय रोजगार मेला आयोजित होगा, जिसमें मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के शामिल होने की योजना है। सितंबर में ही यमुनानगर, सिरसा, भिवानी, कैथल और चरखी दादरी जैसे जिलों में भी रोजगार मेलों का आयोजन प्रस्तावित है। इस तरह पहले महीने में ही अभियान को कई जिलों तक पहुंचाने की तैयारी है।
अक्टूबर में इन जिलों में लगेगा रोजगार मेला
अक्टूबर में भी मेगा जॉब फेयर अभियान जारी रहेगा। 7 अक्टूबर को रोहतक में राज्यस्तरीय रोजगार मेला आयोजित किया जाएगा। इसके अलावा 16 अक्टूबर को फरीदाबाद और महेंद्रगढ़, 21 अक्टूबर को पलवल और 23 अक्टूबर को गुरुग्राम में कार्यक्रम प्रस्तावित हैं।रिपोर्ट के अनुसार 16 अक्टूबर को फरीदाबाद में सांसद कृष्ण पाल गुर्जर और महेंद्रगढ़ में मंत्री राव नरबीर सिंह युवाओं के बीच पहुंचेंगे। वहीं 23 अक्टूबर को गुरुग्राम के कार्यक्रम में मंत्री विपुल गोयल के शामिल होने की जानकारी है। 30 अक्टूबर को झज्जर में मंत्री आरती सिंह राव मुख्य अतिथि होंगी। इसी महीने 1 नवंबर को हिसार में भी राज्यस्तरीय रोजगार मेले का आयोजन प्रस्तावित है, जिसमें मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के शामिल होने की योजना है।
दिसंबर तक चलेगा रोजगार अभियान
सरकार का यह अभियान केवल सितंबर और अक्टूबर तक सीमित नहीं रहेगा। नवंबर और दिसंबर में भी अलग-अलग जिलों में रोजगार मेलों का आयोजन किया जाएगा। उपलब्ध कार्यक्रम के अनुसार 14 दिसंबर को पंचकूला और सोनीपत में कार्यक्रम प्रस्तावित हैं। पंचकूला में सांसद मनोहर लाल और सोनीपत में सांसद सुभाष बराला की मौजूदगी की जानकारी दी गई है। इस पूरे अभियान के जरिए सरकार की कोशिश है कि ज्यादा से ज्यादा स्थानीय युवाओं को उनके ही जिले या आसपास रोजगार के अवसर मिल सकें।
रोजगार निदेशालय को मिली बड़ी जिम्मेदारी
इन मेगा जॉब फेयर का पूरा समन्वय रोजगार निदेशालय करेगा। हरियाणा के आधिकारिक रोजगार पोर्टल पर भी विभिन्न कंपनियों की वैकेंसी और रोजगार मेलों से जुड़ी जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है। पोर्टल पर निजी और सरकारी संस्थानों से जुड़ी नौकरी की सूचनाएं लगातार अपडेट की जाती हैं। वहीं कौशल विकास एवं औद्योगिक प्रशिक्षण विभाग को आयोजन स्थल, लॉजिस्टिक्स, प्रचार-प्रसार और सुरक्षा से संबंधित तैयारियां करने की जिम्मेदारी दी गई है। सरकार चाहती है कि रोजगार मेलों में केवल बड़ी कंपनियां ही नहीं, बल्कि अलग-अलग क्षेत्रों की ज्यादा से ज्यादा कंपनियां शामिल हों।
निजी कंपनियों की भागीदारी पर जोर
मेगा जॉब फेयर की सफलता के लिए निजी क्षेत्र के नियोक्ताओं को बड़ी संख्या में जोड़ने की तैयारी है। कंपनियों को अपनी रिक्तियों के साथ इन आयोजनों में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। इससे युवाओं को एक ही जगह पर अलग-अलग कंपनियों में नौकरी के अवसर तलाशने का मौका मिलेगा।सरकार की योजना केवल रोजगार उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है। युवाओं की स्किल और इंडस्ट्री की जरूरत के बीच अंतर कम करने पर भी जोर दिया जा रहा है। हरियाणा का कौशल विकास विभाग भी उद्योगों की जरूरत के मुताबिक प्रशिक्षण और स्किल डेवलपमेंट को बढ़ावा देने का काम करता है।
विश्वविद्यालय और शिक्षण संस्थान भी होंगे शामिल
रोजगार मेलों में ज्यादा से ज्यादा युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए विश्वविद्यालयों, पॉलिटेक्निक संस्थानों और उच्च शिक्षण संस्थानों की मदद लेने की योजना है। इन संस्थानों के जरिए छात्रों और नौकरी तलाश रहे युवाओं तक मेगा जॉब फेयर की जानकारी पहुंचाई जाएगी।इससे खासतौर पर अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों, ITI और डिप्लोमा धारकों तथा अलग-अलग तकनीकी और गैर-तकनीकी योग्यता रखने वाले युवाओं को फायदा मिलने की उम्मीद है।
सरकारी नौकरी और निजी नौकरी में अंतर समझना जरूरी
यहां युवाओं के लिए एक जरूरी बात समझना भी आवश्यक है। ये मेगा जॉब फेयर मुख्य रूप से रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए आयोजित किए जा रहे हैं। इनमें निजी क्षेत्र की कंपनियों की भागीदारी महत्वपूर्ण होगी। इसलिए इसे सीधे सरकारी भर्ती अभियान समझना सही नहीं होगा।सरकारी नौकरी के लिए संबंधित भर्ती बोर्ड, आयोग या विभाग की आधिकारिक अधिसूचना और चयन प्रक्रिया अलग रहती है। हरियाणा सरकार ने हाल में भी सरकारी भर्तियों में पारदर्शिता और मेरिट आधारित चयन पर जोर दिया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा था कि सरकारी नौकरियों में चयन मेहनत, योग्यता और प्रतिभा के आधार पर किया जा रहा है।
युवाओं को क्या करना चाहिए?
जिन युवाओं को इन रोजगार मेलों में शामिल होना है, उन्हें अपनी शैक्षणिक योग्यता, रिज्यूमे, अनुभव प्रमाणपत्र और जरूरी पहचान दस्तावेज पहले से तैयार रखने चाहिए। इसके अलावा रोजगार मेले में शामिल होने वाली कंपनियों और उनके जॉब प्रोफाइल की जानकारी पहले से हासिल करना फायदेमंद रहेगा।युवाओं को यह भी देखना चाहिए कि उनकी योग्यता किस पद के लिए उपयुक्त है। ITI, डिप्लोमा, ग्रेजुएशन, पोस्ट ग्रेजुएशन या तकनीकी योग्यता के आधार पर अलग-अलग कंपनियों में अलग अवसर उपलब्ध हो सकते हैं।हरियाणा के आधिकारिक रोजगार पोर्टल पर रोजगार मेले और विभिन्न कंपनियों की वैकेंसी की जानकारी उपलब्ध रहती है, इसलिए उम्मीदवारों को आवेदन और आयोजन से जुड़ी ताजा सूचना वहीं से जांचनी चाहिए।
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सरकार और युवाओं के बीच सीधे संवाद की कोशिश
इस मेगा जॉब फेयर अभियान की एक खास बात यह है कि मुख्यमंत्री से लेकर मंत्री और सांसद तक अलग-अलग जिलों में युवाओं से सीधे संवाद करेंगे। सरकार इसे रोजगार के साथ-साथ युवाओं की समस्याओं और अपेक्षाओं को समझने के अवसर के रूप में भी देख रही है।कुल मिलाकर, सितंबर से दिसंबर 2026 तक 17 जिलों में प्रस्तावित मेगा जॉब फेयर हरियाणा के नौकरी तलाश रहे युवाओं के लिए महत्वपूर्ण अवसर बन सकते हैं। निजी कंपनियों की भागीदारी, रोजगार निदेशालय का समन्वय और जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी इस अभियान को बड़े स्तर पर आयोजित करने की सरकार की तैयारी को दिखाती है। उम्मीदवारों को सलाह है कि वे अपने जिले के कार्यक्रम की तारीख, स्थान, पात्रता और कंपनियों की सूची की जानकारी आधिकारिक माध्यमों से जांचकर ही आगे बढ़ें।
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