H1N1 पर दिल्ली सरकार का बड़ा कदम, पंकज सिंह ने अधिकारियों के साथ की हाईलेवल मीटिंग
H1N1, राजधानी दिल्ली में H1N1 (स्वाइन फ्लू) के बढ़ते मामलों ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। इस स्थिति को देखते हुए दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने सोमवार, 24 अगस्त को एक हाई-लेवल बैठक बुलाई।
H1N1 के बढ़ते मामलों पर दिल्ली सरकार की पैनी नजर, पंकज सिंह ने बुलाई हाईलेवल मीटिंग
H1N1, राजधानी दिल्ली में H1N1 (स्वाइन फ्लू) के बढ़ते मामलों ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। इस स्थिति को देखते हुए दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने सोमवार, 24 अगस्त को एक हाई-लेवल बैठक बुलाई। बैठक में राजधानी में H1N1 के मौजूदा हालात, अस्पतालों की तैयारियों, दवाओं और मेडिकल सुविधाओं के साथ-साथ निगरानी व्यवस्था की समीक्षा की जानी है। बैठक दिल्ली सचिवालय में दोपहर करीब 2 बजे होने की जानकारी सामने आई है।

दिल्ली में 1,777 H1N1 मामले सामने आए
स्वास्थ्य विभाग के ताजा उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली में इस साल अब तक 1,777 H1N1 संक्रमण दर्ज किए जा चुके हैं। 20 अगस्त को एक ही दिन में 159 नए इन्फ्लुएंजा केस सामने आए थे, जिनमें 114 मामले H1N1 के थे। यानी उस दिन सामने आए नए इन्फ्लुएंजा मामलों में करीब 72 प्रतिशत H1N1 संक्रमण थे।H1N1, Influenza A का एक सबटाइप है और आम बोलचाल में इसे स्वाइन फ्लू कहा जाता है। दिल्ली में इस साल कुल Influenza A के मामले 2,392 तक पहुंच चुके हैं, जबकि Influenza B के 210 मामले भी दर्ज किए गए हैं। इस तरह राजधानी में कुल इन्फ्लुएंजा मामलों की संख्या 2,602 तक पहुंच गई है।
स्वास्थ्य मंत्री पंकज सिंह ने बुलाई अहम बैठक
H1N1 के बढ़ते मामलों के बीच स्वास्थ्य मंत्री पंकज सिंह ने सोमवार को वरिष्ठ स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ बैठक बुलाने का फैसला किया। इस बैठक में स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे। इसके अलावा अस्पतालों और संबंधित स्वास्थ्य एजेंसियों से जुड़े अधिकारियों के भी स्थिति की समीक्षा में शामिल होने की उम्मीद है।बैठक का मुख्य उद्देश्य यह देखना है कि राजधानी में H1N1 के बढ़ते मामलों से निपटने के लिए मौजूदा स्वास्थ्य सुविधाएं पर्याप्त हैं या नहीं। इसके साथ ही टेस्टिंग, सर्विलांस, अस्पतालों में बेड, दवाओं और जरूरी मेडिकल उपकरणों की उपलब्धता का भी आकलन किया जाएगा।
अस्पतालों में बेड और दवाओं की स्थिति की होगी समीक्षा
स्वास्थ्य विभाग के सामने सबसे बड़ी प्राथमिकताओं में अस्पतालों की तैयारियों को मजबूत रखना है। बैठक में सरकारी अस्पतालों में उपलब्ध बेड, डॉक्टरों, दवाओं और जरूरी मेडिकल उपकरणों की स्थिति पर चर्चा होगी। अधिकारियों से यह जानकारी भी ली जाएगी कि अगर आने वाले दिनों में H1N1 के मामलों में और बढ़ोतरी होती है तो अस्पताल मरीजों का दबाव संभालने के लिए कितने तैयार हैं।हालांकि दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि राजधानी के अस्पतालों में फिलहाल बेड, डॉक्टर, दवाओं और जरूरी मेडिकल उपकरणों की कमी नहीं है। उन्होंने लोगों से घबराने के बजाय सावधानी बरतने की अपील की है।
केंद्र भी कर चुका है H1N1 की स्थिति की समीक्षा
दिल्ली में बढ़ते मामलों के बीच केंद्र सरकार भी स्थिति पर नजर बनाए हुए है। 21 अगस्त को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने H1N1 को लेकर एक समीक्षा बैठक की थी, जिसमें दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री पंकज कुमार सिंह भी शामिल हुए थे।बैठक में राष्ट्रीय स्तर पर इन्फ्लुएंजा की निगरानी, महामारी विज्ञान से जुड़े आंकड़ों, Influenza-Like Illness (ILI) और Severe Acute Respiratory Infection (SARI) के ट्रेंड, टेस्टिंग और लैब सर्विलांस की समीक्षा की गई। स्वास्थ्य सुविधाओं की तैयारियों का भी आकलन किया गया।जेपी नड्डा ने अधिकारियों से लगातार सतर्कता बनाए रखने, मजबूत निगरानी व्यवस्था और किसी भी असामान्य बढ़ोतरी या मामलों के क्लस्टर की समय रहते पहचान पर जोर दिया था।
ICMR ने कहा- नए स्ट्रेन की पुष्टि नहीं
H1N1 के बढ़ते मामलों के बीच लोगों में नए या ज्यादा खतरनाक वायरस स्ट्रेन को लेकर भी चिंता बढ़ी है। हालांकि, भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) के वैज्ञानिकों ने स्पष्ट किया है कि भारत में फिलहाल H1N1 के किसी नए स्ट्रेन के उभरने की जानकारी नहीं है।ICMR के अनुसार, वर्तमान में फैल रहे वायरस स्ट्रेन पहले से मौजूद हैं और मौजूदा बढ़ोतरी को मौसमी इन्फ्लुएंजा गतिविधि से जोड़ा जा रहा है। विशेषज्ञों ने लोगों को अनावश्यक रूप से घबराने से बचने की सलाह दी है।
मानसून के बीच अन्य बीमारियों पर भी नजर
दिल्ली सरकार की बैठक सिर्फ H1N1 तक सीमित नहीं रहेगी। मानसून के मौसम में डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी वेक्टर जनित बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है। इसलिए स्वास्थ्य विभाग इन बीमारियों की स्थिति और रोकथाम की तैयारियों की भी समीक्षा कर रहा है।अधिकारियों से फील्ड सर्विलांस मजबूत करने और बीमारी के मामलों की नियमित निगरानी करने को कहा जा सकता है। इसके अलावा अस्पतालों और स्थानीय निकायों के बीच बेहतर समन्वय पर भी जोर दिया जा रहा है।
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H1N1 के क्या हैं सामान्य लक्षण?
H1N1 संक्रमण में आमतौर पर बुखार, खांसी, गले में खराश, शरीर में दर्द, ठंड लगना और थकान जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। कुछ मरीजों में सांस लेने में परेशानी जैसे गंभीर लक्षण भी हो सकते हैं। ऐसे मामलों में समय पर डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है।विशेषज्ञों के मुताबिक, बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और पहले से किसी बीमारी से जूझ रहे लोगों को फ्लू जैसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। समय पर चिकित्सकीय सलाह लेने से संभावित जटिलताओं का जोखिम कम किया जा सकता है।
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लोगों से सावधानी बरतने की अपील
H1N1 और अन्य सांस संबंधी संक्रमणों से बचने के लिए भीड़भाड़ वाली जगहों पर सावधानी बरतना, हाथों की स्वच्छता बनाए रखना और फ्लू जैसे लक्षण होने पर दूसरों के संपर्क में आने से बचना उपयोगी उपाय हैं। विशेषज्ञ बिना सलाह के दवा लेने से बचने की सलाह भी दे रहे हैं।फिलहाल दिल्ली सरकार और केंद्र दोनों राजधानी में H1N1 की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। स्वास्थ्य मंत्री पंकज सिंह की हाई-लेवल बैठक के बाद अस्पतालों और सर्विलांस व्यवस्था को लेकर नए निर्देश सामने आ सकते हैं। अधिकारियों का फोकस संक्रमण की समय पर पहचान, मरीजों के उचित इलाज और अस्पतालों को किसी भी संभावित बढ़ोतरी के लिए तैयार रखने पर है।
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