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Fuel After Price Hike: आम आदमी को झटका! पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़े, कई शहरों में 100 रुपये के पार पहुंचा ईंधन

Fuel After Price Hike, देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी दर्ज की गई है। सरकारी तेल विपणन कंपनियों (OMCs) ने पेट्रोल के दाम में 87

Fuel After Price Hike : 91 पैसे तक महंगा हुआ पेट्रोल-डीजल, जानिए किस शहर में सबसे ज्यादा है कीमत

Fuel After Price Hike, देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी दर्ज की गई है। सरकारी तेल विपणन कंपनियों (OMCs) ने पेट्रोल के दाम में 87 पैसे प्रति लीटर और डीजल के दाम में 91 पैसे प्रति लीटर तक की वृद्धि की है। यह पिछले 10 दिनों के भीतर तीसरी बार है जब ईंधन की कीमतों में इजाफा किया गया है। ताजा बढ़ोतरी के बाद देश के कई शहरों में पेट्रोल 100 रुपये प्रति लीटर के पार पहुंच गया है, जबकि कुछ शहरों में डीजल भी 100 रुपये प्रति लीटर के करीब पहुंच चुका है।

10 दिनों में लगभग 5 रुपये महंगा हुआ ईंधन

15 मई से अब तक पेट्रोल और डीजल की कीमतों में तीन चरणों में बढ़ोतरी की जा चुकी है। पहले 3 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि हुई, इसके बाद लगभग 90 पैसे की बढ़ोतरी और अब फिर 87-91 पैसे का इजाफा किया गया है। इस तरह 10 दिनों से भी कम समय में ईंधन की कीमतें लगभग 5 रुपये प्रति लीटर तक बढ़ चुकी हैं। तेल कंपनियों का कहना है कि वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार उछाल के कारण उन्हें पेट्रोल और डीजल की बिक्री पर नुकसान उठाना पड़ रहा था। ताजा संशोधन इसी वित्तीय दबाव को कम करने की दिशा में उठाया गया कदम माना जा रहा है।

हैदराबाद बना सबसे महंगा शहर

नई कीमतों के बाद हैदराबाद देश के प्रमुख शहरों में सबसे महंगे ईंधन वाले शहरों में शामिल हो गया है। यहां पेट्रोल की कीमत लगभग 112.81 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गई है, जबकि डीजल 100.94 रुपये प्रति लीटर के आसपास बिक रहा है। यह देश के बड़े महानगरों में सबसे ऊंची दरों में से एक है। हैदराबाद में बढ़ी हुई कीमतों का असर आम वाहन चालकों, टैक्सी संचालकों और परिवहन क्षेत्र पर साफ दिखाई देने लगा है। व्यापारिक संगठनों का कहना है कि ईंधन महंगा होने से माल ढुलाई की लागत भी बढ़ेगी, जिसका असर वस्तुओं की कीमतों पर पड़ सकता है।

कोलकाता और मुंबई भी महंगे शहरों की सूची में

ताजा बढ़ोतरी के बाद कोलकाता में पेट्रोल की कीमत लगभग 110.64 रुपये प्रति लीटर और डीजल 97.02 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गई है। वहीं मुंबई में पेट्रोल करीब 108.49 रुपये प्रति लीटर और डीजल 95.02 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। इन दरों के चलते कोलकाता और मुंबई भी देश के सबसे महंगे ईंधन वाले प्रमुख शहरों में शामिल हो गए हैं।मुंबई में परिवहन क्षेत्र से जुड़े संगठनों ने चिंता जताई है कि लगातार बढ़ती कीमतें सार्वजनिक परिवहन, टैक्सी सेवाओं और माल ढुलाई पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाल सकती हैं।

दिल्ली और अन्य महानगरों में भी असर

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में पेट्रोल की कीमत बढ़कर लगभग 99.51 रुपये प्रति लीटर और डीजल 92.49 रुपये प्रति लीटर हो गई है। हालांकि दिल्ली अभी भी हैदराबाद, कोलकाता और मुंबई की तुलना में अपेक्षाकृत सस्ती है, लेकिन यहां भी ईंधन की कीमतें 100 रुपये के स्तर के बेहद करीब पहुंच चुकी हैं।चेन्नई में पेट्रोल 105 रुपये प्रति लीटर से ऊपर और डीजल लगभग 97 रुपये प्रति लीटर के आसपास पहुंच गया है। बेंगलुरु में भी ईंधन की कीमतों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

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आम लोगों की जेब पर बढ़ेगा बोझ

ईंधन की कीमतों में वृद्धि का सीधा असर आम नागरिकों की जेब पर पड़ता है। निजी वाहन चलाने वालों को अधिक खर्च करना पड़ता है, वहीं परिवहन लागत बढ़ने से खाद्य पदार्थों, उपभोक्ता वस्तुओं और अन्य जरूरी सामानों की कीमतों में भी बढ़ोतरी की आशंका रहती है। अर्थशास्त्रियों का मानना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें ऊंचे स्तर पर बनी रहती हैं, तो आने वाले दिनों में महंगाई पर अतिरिक्त दबाव देखने को मिल सकता है। लॉजिस्टिक्स और सप्लाई चेन की लागत बढ़ने से कई क्षेत्रों में कीमतों पर असर पड़ सकता है।

कीमतों में बढ़ोतरी की वजह क्या है?

विशेषज्ञों के अनुसार हालिया बढ़ोतरी के पीछे मुख्य कारण वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में तेजी है। पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज क्षेत्र में आपूर्ति को लेकर बनी अनिश्चितता ने अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार को प्रभावित किया है। इसके अलावा रुपये की कमजोरी के कारण भारत जैसे आयात-निर्भर देशों की लागत और बढ़ जाती है। भारत अपनी तेल आवश्यकताओं का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए वैश्विक बाजार में होने वाले बदलावों का सीधा असर घरेलू ईंधन कीमतों पर पड़ता है।

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आगे क्या?

बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में नरमी नहीं आती, तो तेल कंपनियां आगे भी कीमतों में संशोधन कर सकती हैं। हालांकि सरकार और तेल कंपनियां लगातार बाजार की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 87 से 91 पैसे प्रति लीटर तक की ताजा बढ़ोतरी ने आम लोगों और परिवहन क्षेत्र की चिंता बढ़ा दी है। हैदराबाद, कोलकाता और मुंबई देश के सबसे महंगे ईंधन वाले प्रमुख शहरों में शामिल हो गए हैं। पिछले 10 दिनों में लगभग 5 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी ने महंगाई और जीवनयापन की लागत पर असर डालना शुरू कर दिया है। अब लोगों की नजर अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल के बाजार और सरकार की अगली रणनीति पर टिकी हुई है।

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