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भागलपुर में फिल्म ‘मेंहीं एक विचार’ टीजर जारी,सनातन पर खूब बोले मोहन भागवत : Bihar Hindi News Today

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन राव भागवत शुक्रवार को परमहंस महर्षि मेंहीं के जीवन पर आधारित फीचर फिल्म मेंहीं एक विचार, एक व्यक्तित्व के आउटलेट के प्रदर्शन के मौके पर संघ प्रमुख ने कहा कि फिल्मों को देखने का लोगों का अपना-अपना नजरिया होता है।

भागवत ने आचार्य हरिनंदन बाबा से मुलाकात की और कहा सनातन धर्म को आगे बढ़ाने का काम करें : Bihar Hindi News Today

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन राव भागवत शुक्रवार को परमहंस महर्षि मेंहीं के जीवन पर आधारित फीचर फिल्म मेंहीं एक विचार, एक व्यक्तित्व के आउटलेट के प्रदर्शन के मौके पर संघ प्रमुख ने कहा कि फिल्मों को देखने का लोगों का अपना-अपना नजरिया होता है।

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फिल्म ‘मेंहीं एक विचार’ का टीजर जारी –

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन राव भागवत  बिहार के भागलपुर में शुक्रवार को परमहंस महर्षि मेंहीं के जीवन पर आधारित फीचर फिल्म ‘मेंहीं एक विचार’ एक व्यक्तित्व के आउटलेट का प्रदर्शन किया है। मोहन भागवत ने कहा कि फिल्म में कुछ अच्छी बातें होती हैं तो कुछ खराब बातें। फिल्म से हर किसी को 10 अच्छी बातें ग्रहण करनी चाहिए। फिल्म मनोरंजन के लिए जरूर है, लेकिन हमें उसकी अच्छाई ग्रहण करना चाहिए। उन्होंने कहा कि मैं संत नहीं बन सकता, लेकिन उस ओर दस कदम जरूर चल सकता हूं। ऐसा करने से किसी न किसी जन्म में संत बना जा सकता है। इस मौके पर सरसंघचालक मोहन राव भागवत ने कहा कि ग्रंथ के प्रमाण से लोग भले ही भ्रमित हो सकते हैं, लेकिन संत तो प्रमाणित होते हैं। एक मनुष्य को जीवन कैसे जिया जाए, इसके लिए संत प्रमाण हैं और बहुत सारे ग्रंथ हैं उनसे ज्ञान मिलता है। आगे कहा कि ज्ञान को बुद्धि से हृदय में उतारने का काम संत करते हैं। संत सारी दुनिया को उन्नत बनाते हैं। सृष्टि, मानवता, कुटुंब को जोड़कर चलाने की बात को धर्म कहते हैं और इसे ही सनातन धर्म कहते हैं।

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सनातन धर्म को आगे बढ़ाने का काम करें –

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन राव भागवत ने सनातन धर्म को लेकर कहा कि बड़े लोग वे हैं, जो धर्म के तत्व को नित्य अनुभव करके चलते हैं। धर्म सत्य है एवं सत्य प्रकाशन होता है। तथा सत्य के निरंतर संपर्क में रहने वाले संत होते हैं इसलिए संत के प्रमाण हैं। भारत में सभी समय संत उपलब्ध रहे हैं। दुनिया को जीवन की शिक्षा देना भारत का कर्तव्य व धर्म है। इसके पूर्व संघ प्रमुख महर्षि मेंहीं आश्रम से जुड़े 20 साधु-संतों के साथ बैठक की है। ये साधु-संत विभिन्न जिलों व प्रांतों में धर्म का प्रचार-प्रसार कर रहे हैं। उन्होंने साधु-संतों के बीच सनातन धर्म को निरंतर आगे बढ़ाने की अपील की। इसके बाद वे गुरु आश्रम में पहुंच गए। फिर बैठक के कुछ देर बाद उन्होंने भोजन किया और विश्राम किया।  फिर तीन बजे वे महर्षि मेंहीं व महर्षि संतसेवी के समाधि स्थल पर पहुंचे और माल्यार्पण किया। इसके बाद वे फिल्म का टीजर जारी किया। वे दोपहर 3:22 बजे पटना के लिए सड़क मार्ग से रवाना हो गए।

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