How to prevent stroke: ठंड में बढ़ते हार्ट अटैक के खतरे से कैसे बचें?

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How to prevent stroke: ठंड मे heart को healthy रखना है बेहद ज़रूरी


How to prevent stroke: अगर हम इस बार की दिल्ली की ठंड की बात करें तो इस बार की ठंड ने कई सालों के रिकॉर्ड को तोड़ दिया हैं। कड़ाके की ठंड ने जहाँ लोगों को ठंड में कंपकपां दिया है वही दूसरी और प्रदूषण ने ठंड ने साथ मिलकर लोगों के लिए हार्ट अटैक का खतरा बढ़ा दिया हैं। आकंड़ों के अनुसार, ठंड,शीतलहर और प्रदूषण की स्थिति के कारण सामान्य दिनों के मुकाबले हार्ट अटैक के मामलों में 35 प्रतिशत की बढ़ोतरी रिकॉर्ड की गई है।आइये जानते है ठंड में हार्ट अटैक के  खतरे से बचने के लिए क्या करें।

क्या कहते है आंकड़ें

आकंड़ों के अनुसार, ठंड,शीतलहर और प्रदूषण की स्थिति के कारण विशेषज्ञों ने  चिंता जाहिर की है कि हृदय रोग के जोखिम वाले लोगों समय अनुकूल है और उन्हें सावधान रहने की आवश्यकता हैं। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के अनुसार, 20 से 31 दिसम्बर के बीच हार्ट अटैक वाले 15 मरीजों की भर्ती हुई है और केवल पांच मरीज ही पहले से एंजियोप्लास्टी वाले थे।

अस्पताल के आंकड़ें

आकंड़ों के अनुसार, जहाँ अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में 15 मरीजों की भर्ती हुई है वही आरएमएल अस्पताल में 3, सफदरजंग में 4 और जीबी पंत अस्पताल में 12 मरीजों को भर्ती किया गया। सबसे ज्यादा विशेष बात जो गौर करने लायक है वो है कि इनमें से ज्यादातर लोग पहले से ही हृदय रोग से पीड़ित थे।सभी हॉस्पिटल के डॉक्टरों के अनुसार, ज्यादातर मरीज खतरे से बाहर हैं।

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क्या कहते है डॉ. रणदीप गुलेरिया?

एम्स के निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया के मुताबिक ने हार्ट के मरीज़ों के लिए कुछ विशेष हिदायतें दी हैं। उनके अनुसार ऐसे मौसम में हृदय रोगियों को काफी ध्यान देने की जरूरत है। साथं ही  उन्होंने हार्ट के मरीज़ों को शरीर को गर्म रखने के लिए कुछ ऐसी एक्सरसाइज बोली है जिससे शरीर में गर्मी रहें। उनके अनुसार,  शरीर को गर्म रखने के लिए दिल को अधिक मेहनत करनी पड़ती है और तापमान में कमी आने से धमनियों में संकुचन होता है। इसी कारण रक्त प्रभाव में रुकावट आती है और हार्ट को ऑक्सीजन की सप्लाई कम हो जाती है। ऐसे में दिल का दौरा पडऩे का जोखिम अधिक रहता है।

अगर हम इस समय  की बात करें तो अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में 15 मरीजों की भर्ती के साथ-साथ सामान्य दिनों के मुकाबले ओपीडी में मरीजों की तादाद में 20 से 25 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।

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