Less urine output: 1 घंटे में कितना यूरिन आना चाहिए? पूरी जानकारी
Less urine output, पेशाब (Urine) शरीर की एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया है, जिसके माध्यम से शरीर से विषैले पदार्थ, अतिरिक्त पानी और अपशिष्ट बाहर निकलते हैं।
Less urine output : कम पेशाब क्यों आता है? जानिए इसके पीछे की वजह
Less urine output, पेशाब (Urine) शरीर की एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया है, जिसके माध्यम से शरीर से विषैले पदार्थ, अतिरिक्त पानी और अपशिष्ट बाहर निकलते हैं। सामान्य रूप से पेशाब की मात्रा और आवृत्ति व्यक्ति के स्वास्थ्य का एक अहम संकेत मानी जाती है। अगर किसी व्यक्ति को सामान्य से कम पेशाब आ रहा है, तो इसे Less Urine Output कहा जाता है। यह स्थिति कभी-कभी साधारण हो सकती है, लेकिन कई बार यह किसी गंभीर बीमारी का संकेत भी हो सकती है। इसलिए कम पेशाब को हल्के में लेना सही नहीं होता।
कम पेशाब आने का क्या मतलब है
कम पेशाब आने का अर्थ है कि शरीर पर्याप्त मात्रा में यूरिन नहीं बना पा रहा या बाहर नहीं निकाल पा रहा। मेडिकल भाषा में इसे Oliguria कहा जाता है। जब 24 घंटे में पेशाब की मात्रा सामान्य से काफी कम हो जाए, तो यह स्थिति चिंताजनक मानी जाती है। यह संकेत देता है कि या तो शरीर में पानी की कमी है या किडनी ठीक से काम नहीं कर रही है।
1 घंटे में कितना यूरिन आना चाहिए
एक स्वस्थ वयस्क व्यक्ति में सामान्य रूप से 0.5 से 1 मिलीलीटर प्रति किलो शरीर के वजन के अनुसार प्रति घंटे यूरिन आना चाहिए। उदाहरण के लिए: अगर किसी व्यक्ति का वजन 60 किलो है, तो उसे 1 घंटे में लगभग 30 से 60 मिलीलीटर यूरिन आना सामान्य माना जाता है। दिन भर में औसतन एक स्वस्थ व्यक्ति लगभग 800 से 2000 मिलीलीटर यूरिन करता है, जो उसकी पानी पीने की मात्रा, मौसम और शारीरिक गतिविधि पर निर्भर करता है।
कम पेशाब आने के सामान्य कारण
कम पेशाब आने के कई कारण हो सकते हैं, जिनमें कुछ सामान्य और कुछ गंभीर भी हो सकते हैं। सबसे आम कारण है डिहाइड्रेशन, यानी शरीर में पानी की कमी। जब व्यक्ति पर्याप्त पानी नहीं पीता या ज्यादा पसीना आता है, उल्टी-दस्त होते हैं, तो शरीर पानी बचाने लगता है और पेशाब कम हो जाता है। इसके अलावा ब्लड प्रेशर कम होना, ज्यादा खून बहना, तेज बुखार, अत्यधिक व्यायाम और लंबे समय तक धूप में रहना भी कम पेशाब का कारण बन सकता है।
किडनी से जुड़ी समस्याएँ
किडनी हमारे शरीर का मुख्य फिल्टर होती है, जो खून को साफ करके यूरिन बनाती है। अगर किडनी में किसी प्रकार की समस्या हो जाए, तो यूरिन बनने की प्रक्रिया प्रभावित हो जाती है। जैसे – किडनी फेल्योर, किडनी इंफेक्शन, किडनी स्टोन या किडनी में सूजन जैसी स्थितियों में पेशाब कम हो सकता है। यह एक गंभीर संकेत होता है और तुरंत डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी होता है।
दवाओं का प्रभाव
कुछ दवाएँ भी कम पेशाब का कारण बन सकती हैं। जैसे – दर्द निवारक दवाएँ, हाई ब्लड प्रेशर की दवाएँ, एलर्जी की कुछ दवाएँ और एंटीबायोटिक्स। ये दवाएँ किडनी के कार्य को प्रभावित कर सकती हैं, जिससे यूरिन आउटपुट कम हो जाता है। अगर किसी दवा के बाद पेशाब कम हो रहा है, तो डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए।
कम पेशाब आने के लक्षण
कम पेशाब के साथ कुछ अन्य लक्षण भी दिखाई दे सकते हैं, जैसे –
- मुंह सूखना
- चक्कर आना
- अत्यधिक थकान
- पेशाब का रंग गहरा पीला या भूरा होना
- शरीर में सूजन (खासतौर पर पैरों और चेहरे पर)
- सांस लेने में तकलीफ
ये सभी संकेत बताते हैं कि शरीर में कोई गड़बड़ी हो रही है।
कब यह स्थिति खतरनाक होती है
अगर किसी व्यक्ति को 6 से 8 घंटे तक बिल्कुल भी पेशाब नहीं आता, या बहुत ही कम मात्रा में आता है, तो यह एक आपातकालीन स्थिति मानी जाती है। इसके अलावा अगर कम पेशाब के साथ पेट दर्द, सीने में दर्द, तेज बुखार, उल्टी या बेहोशी जैसे लक्षण हों, तो तुरंत अस्पताल जाना चाहिए। यह किडनी फेल्योर या शरीर में गंभीर संक्रमण का संकेत हो सकता है।
Read More: Destination Wedding: उत्तराखंड के त्रियुगीनारायण मंदिर में शादी का सपना? ऐसे करें रजिस्ट्रेशन
कम पेशाब से बचाव के उपाय
कम पेशाब की समस्या से बचने के लिए सबसे जरूरी है पर्याप्त मात्रा में पानी पीना। एक सामान्य वयस्क को दिन में कम से कम 2 से 3 लीटर पानी पीना चाहिए, हालांकि यह मौसम और शरीर की जरूरत पर निर्भर करता है।
इसके अलावा:
- बहुत ज्यादा कैफीन और शराब से बचें
- संतुलित आहार लें
- ज्यादा नमक और जंक फूड कम करें
- नियमित हेल्थ चेकअप कराएं
- बिना डॉक्टर की सलाह के दवाएँ न लें
इलाज क्या है
कम पेशाब का इलाज उसके कारण पर निर्भर करता है। अगर वजह डिहाइड्रेशन है, तो तरल पदार्थ देकर स्थिति सुधर सकती है। अगर किडनी की समस्या है, तो डॉक्टर ब्लड टेस्ट, यूरिन टेस्ट और अल्ट्रासाउंड जैसे जांच कराते हैं।
कुछ मामलों में IV फ्लूइड्स, दवाएँ या गंभीर स्थिति में डायलिसिस की जरूरत भी पड़ सकती है। कम पेशाब आना शरीर का एक महत्वपूर्ण चेतावनी संकेत हो सकता है। यह कभी साधारण पानी की कमी से होता है, तो कभी गंभीर किडनी रोग का संकेत भी हो सकता है। सामान्य रूप से 1 घंटे में पर्याप्त मात्रा में यूरिन आना शरीर के स्वस्थ होने का प्रमाण है। इसलिए अगर पेशाब की मात्रा लगातार कम हो रही है, तो इसे नजरअंदाज न करें और समय रहते डॉक्टर से सलाह लें। सही समय पर ध्यान देने से बड़ी बीमारियों से बचा जा सकता है और शरीर को स्वस्थ रखा जा सकता है।
We’re now on WhatsApp. Click to join.
अगर आपके पास भी हैं कुछ नई स्टोरीज या विचार, तो आप हमें इस ई-मेल पर भेज सकते हैं info@oneworldnews.com







