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Irregular periods: हार्मोनल असंतुलन से छुटकारा, आयुर्वेद से ठीक करें अनियमित पीरियड्स

Irregular periods, अनियमित पीरियड्स (Irregular Periods) आजकल महिलाओं में एक आम समस्या बनती जा रही है। कभी पीरियड्स समय से पहले आ जाते हैं, तो कभी काफी देरी से।

Irregular periods : पीरियड्स नहीं आ रहे समय पर? अपनाएं ये असरदार आयुर्वेदिक उपाय

Irregular periods, अनियमित पीरियड्स (Irregular Periods) आजकल महिलाओं में एक आम समस्या बनती जा रही है। कभी पीरियड्स समय से पहले आ जाते हैं, तो कभी काफी देरी से। कई बार 2–3 महीने तक भी साइकिल नहीं आती। इसके पीछे हार्मोनल असंतुलन, तनाव, खराब लाइफस्टाइल, ज्यादा वजन, थायरॉइड या पीसीओएस जैसी समस्याएं जिम्मेदार हो सकती हैं।आयुर्वेद के अनुसार, मासिक धर्म की अनियमितता शरीर में वात, पित्त और कफ दोष के असंतुलन के कारण होती है। खासकर वात दोष के बढ़ने से साइकिल में देरी या रुकावट आ सकती है। ऐसे में प्राकृतिक और संतुलित उपायों से इस समस्या को नियंत्रित किया जा सकता है।

1. अशोक की छाल का सेवन

आयुर्वेद में अशोक को महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए बेहद लाभकारी माना गया है। अशोक की छाल से बना काढ़ा या अशोकारिष्ट गर्भाशय को मजबूत बनाने और पीरियड्स को नियमित करने में मदद करता है।

कैसे करें सेवन:
अशोकारिष्ट 10–15 मिली मात्रा में बराबर पानी मिलाकर दिन में दो बार लिया जा सकता है (डॉक्टर की सलाह से)।

फायदा:
यह हार्मोन बैलेंस करने और अधिक या कम ब्लीडिंग की समस्या को सुधारने में सहायक है।

2. शतावरी का उपयोग

शतावरी महिलाओं के लिए एक बेहतरीन आयुर्वेदिक जड़ी-बूटी है। यह हार्मोन संतुलन बनाए रखने और प्रजनन तंत्र को मजबूत करने में मदद करती है।

कैसे लें:
1 चम्मच शतावरी पाउडर को गुनगुने दूध के साथ रोजाना रात में लें।

फायदा:
यह अनियमित पीरियड्स, कमजोरी और तनाव को कम करने में मदद करती है।

3. गुड़ और अजवाइन का नुस्खा

अगर पीरियड्स देरी से आते हैं, तो गुड़ और अजवाइन का घरेलू नुस्खा फायदेमंद हो सकता है।

कैसे बनाएं:
एक गिलास पानी में 1 चम्मच अजवाइन और थोड़ा सा गुड़ डालकर उबाल लें। इसे छानकर सुबह खाली पेट पिएं।

फायदा:
यह शरीर में गर्माहट बढ़ाता है और रुकी हुई साइकिल को शुरू करने में मदद कर सकता है।

4. मेथी के बीज

मेथी के बीज भी हार्मोन बैलेंस करने में सहायक माने जाते हैं।

कैसे लें:
1 चम्मच मेथी के बीज रातभर पानी में भिगो दें। सुबह खाली पेट इसका पानी पिएं।

फायदा:
यह पीरियड्स को नियमित करने के साथ-साथ पेट दर्द में भी राहत देता है।

5. योग और प्राणायाम

आयुर्वेद केवल जड़ी-बूटियों तक सीमित नहीं है, बल्कि संतुलित जीवनशैली पर भी जोर देता है। नियमित योग और प्राणायाम से हार्मोन संतुलन बेहतर होता है।

फायदेमंद योगासन:

  • भुजंगासन
  • पवनमुक्तासन
  • मालासन
  • तितली आसन

रोजाना 20–30 मिनट योग करने से मासिक चक्र नियमित होने में मदद मिल सकती है।

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6. संतुलित आहार अपनाएं

आयुर्वेद के अनुसार, तैलीय, जंक फूड और ज्यादा ठंडी चीजें वात दोष बढ़ा सकती हैं। इसलिए:

  • हरी सब्जियां
  • ताजे फल
  • साबुत अनाज
  • सूखे मेवे
    को अपने आहार में शामिल करें।

गुनगुना पानी पिएं और ज्यादा ठंडी या प्रोसेस्ड चीजों से बचें।

7. तनाव कम करें

तनाव हार्मोनल असंतुलन का एक बड़ा कारण है। मेडिटेशन, पर्याप्त नींद और सकारात्मक सोच से मानसिक तनाव कम किया जा सकता है। रोजाना 7–8 घंटे की नींद जरूरी है।

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कब लें डॉक्टर की सलाह?

अगर 3 महीने तक पीरियड्स न आएं, बहुत ज्यादा ब्लीडिंग हो, या असहनीय दर्द हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। आयुर्वेदिक दवाएं भी विशेषज्ञ की सलाह से ही लें, खासकर अगर आप पहले से किसी बीमारी की दवा ले रही हैं। अनियमित पीरियड्स की समस्या को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। सही खानपान, नियमित दिनचर्या और आयुर्वेदिक उपायों से हार्मोन संतुलन बेहतर किया जा सकता है। अशोक, शतावरी, मेथी और घरेलू नुस्खों के साथ योग और तनाव प्रबंधन अपनाकर मासिक चक्र को नियमित किया जा सकता है। हालांकि, हर महिला का शरीर अलग होता है, इसलिए किसी भी उपाय को अपनाने से पहले विशेषज्ञ से सलाह लेना जरूरी है। प्राकृतिक तरीकों से धीरे-धीरे सुधार संभव है, बस जरूरत है नियमितता और सही देखभाल की।

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