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Heart Attack Risk: मोबाइल-लैपटॉप का ओवरयूज पड़ सकता है भारी, हार्ट अटैक का रिस्क हाई

Heart Attack Risk, आज की डिजिटल दुनिया में मोबाइल, लैपटॉप, टैबलेट और टीवी हमारे जीवन का अहम हिस्सा बन चुके हैं। पढ़ाई से लेकर नौकरी और मनोरंजन तक,

Heart Attack Risk : 6 घंटे से ज्यादा स्क्रीन? डॉक्टरों ने दी गंभीर चेतावनी

Heart Attack Risk, आज की डिजिटल दुनिया में मोबाइल, लैपटॉप, टैबलेट और टीवी हमारे जीवन का अहम हिस्सा बन चुके हैं। पढ़ाई से लेकर नौकरी और मनोरंजन तक, हर काम स्क्रीन के जरिए हो रहा है। लेकिन हाल ही में सामने आई एक नई रिसर्च ने युवाओं के लिए चिंता बढ़ा दी है। शोध के अनुसार, रोजाना 6 घंटे से ज्यादा स्क्रीन टाइम दिल की सेहत पर नकारात्मक असर डाल सकता है और हार्ट अटैक का खतरा बढ़ा सकता है।

क्या कहती है नई रिसर्च?

हालिया अध्ययन में पाया गया कि जो युवा लंबे समय तक स्क्रीन के सामने बैठे रहते हैं, उनमें हृदय रोगों का जोखिम तेजी से बढ़ रहा है। शोधकर्ताओं के मुताबिक, लगातार बैठकर मोबाइल या लैपटॉप इस्तेमाल करने से शरीर की शारीरिक गतिविधि कम हो जाती है, जिससे मोटापा, हाई ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल बढ़ने का खतरा रहता है। ये सभी कारक आगे चलकर हार्ट अटैक की वजह बन सकते हैं।विशेषज्ञों का कहना है कि समस्या सिर्फ स्क्रीन देखने की नहीं है, बल्कि लंबे समय तक बिना हिले-डुले बैठे रहने की आदत असली खतरा है।

स्क्रीन टाइम और दिल की सेहत का कनेक्शन

जब हम घंटों तक एक ही जगह बैठे रहते हैं, तो शरीर की मेटाबॉलिक गतिविधियां धीमी पड़ जाती हैं। इससे रक्त संचार प्रभावित होता है और फैट जमा होने लगता है।

इसके अलावा, ज्यादा स्क्रीन टाइम का संबंध इन समस्याओं से भी जुड़ा है:

  • मोटापा
  • हाई ब्लड प्रेशर
  • टाइप-2 डायबिटीज
  • स्ट्रेस और एंग्जायटी
  • नींद की कमी

ये सभी कारक मिलकर दिल पर अतिरिक्त दबाव डालते हैं।

युवाओं में क्यों बढ़ रहा है खतरा?

पहले हार्ट अटैक को उम्रदराज लोगों की बीमारी माना जाता था, लेकिन अब 25 से 40 साल के युवाओं में भी यह तेजी से बढ़ रहा है। इसके पीछे कई कारण हैं:

1. वर्क फ्रॉम होम और ऑनलाइन लाइफस्टाइल

ऑफिस का काम, ऑनलाइन मीटिंग्स और सोशल मीडिया सब कुछ स्क्रीन आधारित हो गया है।

2. फिजिकल एक्टिविटी की कमी

जिम या खेलकूद के लिए समय निकालना मुश्किल हो गया है।

3. अनहेल्दी स्नैकिंग

स्क्रीन देखते हुए जंक फूड और मीठे पेय पदार्थों का सेवन बढ़ जाता है।

4. नींद की गड़बड़ी

लेट नाइट स्क्रॉलिंग नींद के चक्र को बिगाड़ देती है, जिससे दिल की सेहत प्रभावित होती है।

मानसिक तनाव भी बढ़ाता है जोखिम

लगातार सोशल मीडिया पर एक्टिव रहना मानसिक तनाव और तुलना की भावना को बढ़ाता है। रिसर्च बताती है कि क्रोनिक स्ट्रेस हार्ट अटैक के प्रमुख कारणों में से एक है। जब शरीर लंबे समय तक तनाव में रहता है, तो हार्मोनल असंतुलन होता है, जो दिल की धड़कन और ब्लड प्रेशर को प्रभावित करता है।

कैसे कम करें स्क्रीन टाइम का असर?

अगर आपका काम स्क्रीन पर निर्भर है, तो भी कुछ सावधानियां अपनाकर आप जोखिम को कम कर सकते हैं।

1. 20-20-20 नियम अपनाएं

हर 20 मिनट बाद 20 सेकंड के लिए 20 फीट दूर देखें। इससे आंखों और दिमाग को आराम मिलेगा।

2. हर घंटे में ब्रेक लें

कम से कम 5–10 मिनट टहलें या स्ट्रेचिंग करें।

3. रोजाना 30 मिनट एक्सरसाइज

तेज चलना, योग, साइक्लिंग या कोई भी फिजिकल एक्टिविटी दिल को मजबूत बनाएगी।

4. डिजिटल डिटॉक्स करें

सोने से एक घंटे पहले स्क्रीन बंद कर दें। सप्ताह में एक दिन सोशल मीडिया से दूरी रखें।

5. हेल्दी डाइट अपनाएं

जंक फूड की जगह फल, सलाद, नट्स और घर का बना खाना खाएं।

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विशेषज्ञों की सलाह

कार्डियोलॉजिस्ट का कहना है कि स्क्रीन टाइम को पूरी तरह खत्म करना संभव नहीं है, लेकिन संतुलन जरूरी है। अगर आप रोजाना 6–8 घंटे स्क्रीन पर काम करते हैं, तो उसके बराबर शारीरिक गतिविधि भी शामिल करें। इसके अलावा, नियमित हेल्थ चेकअप करवाना भी जरूरी है, खासकर यदि परिवार में दिल की बीमारी का इतिहास हो।

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चेतावनी संकेत जिन्हें नजरअंदाज न करें

  • सीने में दर्द या दबाव
  • सांस लेने में तकलीफ
  • अत्यधिक थकान
  • दिल की धड़कन तेज होना
  • चक्कर आना

अगर ये लक्षण दिखाई दें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।डिजिटल युग में स्क्रीन से पूरी तरह दूरी बनाना संभव नहीं है, लेकिन उसके दुष्प्रभावों को समझना और समय रहते कदम उठाना बेहद जरूरी है। नई रिसर्च युवाओं के लिए एक चेतावनी है कि 6 घंटे से ज्यादा स्क्रीन टाइम दिल की सेहत के लिए खतरनाक हो सकता है।

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