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Cervical Cancer Awareness Month 2026: दबे पांव आता है सर्वाइकल कैंसर, 30+ महिलाओं के लिए ये संकेत हो सकते हैं खतरे की घंटी

Cervical Cancer Awareness Month 2026, हर साल जनवरी महीने को Cervical Cancer Awareness Month के रूप में मनाया जाता है।

Cervical Cancer Awareness Month 2026 : महिलाओं के लिए जरूरी खबर: सर्वाइकल कैंसर के शुरुआती लक्षण जिन्हें अनदेखा करना पड़ सकता है भारी

Cervical Cancer Awareness Month 2026, हर साल जनवरी महीने को Cervical Cancer Awareness Month के रूप में मनाया जाता है। इसका उद्देश्य महिलाओं को सर्वाइकल कैंसर के प्रति जागरूक करना, इसके शुरुआती लक्षणों को पहचानना और समय रहते जांच व इलाज के लिए प्रेरित करना है। सर्वाइकल कैंसर एक ऐसा रोग है जो धीरे-धीरे और बिना ज्यादा संकेत दिए शरीर में पनपता है। यही वजह है कि इसे “दबे पांव आने वाली बीमारी” कहा जाता है। खासतौर पर 30 साल की उम्र के बाद महिलाओं को इसके लक्षणों को बिल्कुल भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए, क्योंकि थोड़ी सी लापरवाही आगे चलकर गंभीर रूप ले सकती है।

क्या है सर्वाइकल कैंसर?

सर्वाइकल कैंसर महिलाओं के गर्भाशय के निचले हिस्से यानी सर्विक्स (Cervix) में होने वाला कैंसर है। यह ज्यादातर मामलों में ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (HPV) संक्रमण के कारण होता है। HPV एक सामान्य वायरस है, जो यौन संपर्क के जरिए फैल सकता है। कई बार शरीर की इम्यूनिटी इस वायरस को खुद ही खत्म कर देती है, लेकिन कुछ मामलों में यह लंबे समय तक बना रहता है और कैंसर का कारण बन सकता है।

क्यों खतरनाक है यह बीमारी?

सर्वाइकल कैंसर की सबसे बड़ी समस्या यह है कि इसके शुरुआती स्टेज में कोई खास लक्षण नजर नहीं आते। जब तक लक्षण स्पष्ट होते हैं, तब तक बीमारी काफी हद तक बढ़ चुकी होती है। यही कारण है कि समय-समय पर जांच और जागरूकता बेहद जरूरी है।

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30 की उम्र के बाद क्यों बढ़ता है खतरा?

विशेषज्ञों के अनुसार, 30 साल की उम्र के बाद महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर का खतरा बढ़ने लगता है। इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं, जैसे—

  • लंबे समय तक HPV संक्रमण रहना
  • कमजोर इम्यून सिस्टम
  • बार-बार प्रेग्नेंसी
  • स्मोकिंग या तंबाकू का सेवन
  • नियमित जांच न कराना

इसी उम्र के बाद महिलाओं को अपने शरीर में होने वाले छोटे बदलावों पर भी ध्यान देना चाहिए।

सर्वाइकल कैंसर के शुरुआती लक्षण

हालांकि शुरुआत में लक्षण हल्के हो सकते हैं, लेकिन कुछ संकेत ऐसे हैं जिन्हें बिल्कुल नजरअंदाज नहीं करना चाहिए—

  • पीरियड्स के बीच या बाद में असामान्य ब्लीडिंग
  • संभोग के बाद खून आना
  • मेनोपॉज के बाद ब्लीडिंग
  • असामान्य योनि स्राव, जिसमें बदबू या अलग रंग हो
  • पेल्विक एरिया में दर्द
  • संभोग के दौरान दर्द

अगर ये लक्षण बार-बार दिखाई दें, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है।

एडवांस स्टेज में दिखने वाले संकेत

जब बीमारी बढ़ जाती है, तब इसके लक्षण और गंभीर हो सकते हैं—

  • लगातार कमर या पीठ दर्द
  • अचानक वजन कम होना
  • थकान और कमजोरी
  • पेशाब करने में दिक्कत या खून आना

इस स्टेज पर इलाज मुश्किल और लंबा हो सकता है, इसलिए शुरुआती पहचान बेहद अहम है।

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जांच और स्क्रीनिंग क्यों है जरूरी?

सर्वाइकल कैंसर की सबसे अच्छी बात यह है कि समय रहते इसका पता लगाया जा सकता है। इसके लिए दो प्रमुख जांच होती हैं—

  • पैप स्मियर टेस्ट (Pap Smear Test)
  • HPV टेस्ट

30 साल से ऊपर की महिलाओं को डॉक्टर की सलाह के अनुसार नियमित अंतराल पर ये टेस्ट जरूर कराने चाहिए। इससे कैंसर बनने से पहले ही असामान्य कोशिकाओं का पता चल सकता है।

बचाव के आसान तरीके

Cervical Cancer Awareness Month 2026 का मुख्य उद्देश्य यही है कि महिलाएं बचाव के उपायों को अपनाएं—

  • HPV वैक्सीन लगवाएं, जो कैंसर के खतरे को काफी हद तक कम करती है
  • सुरक्षित यौन संबंध बनाएं
  • स्मोकिंग से दूर रहें
  • संतुलित आहार लें और इम्यूनिटी मजबूत रखें
  • नियमित हेल्थ चेकअप कराएं

जागरूकता ही सबसे बड़ा हथियार

आज भी कई महिलाएं शर्म, डर या जानकारी की कमी के कारण अपने लक्षणों को छिपा लेती हैं। लेकिन सच्चाई यह है कि जितनी जल्दी जांच होगी, उतना ही आसान इलाज होगा। Cervical Cancer Awareness Month 2026 हमें यही संदेश देता है कि चुप रहना नहीं, बल्कि समय पर कदम उठाना जरूरी है। सर्वाइकल कैंसर कोई अचानक होने वाली बीमारी नहीं है, बल्कि यह धीरे-धीरे शरीर में पनपता है। अगर 30 की उम्र के बाद महिलाएं इसके शुरुआती लक्षणों को पहचान लें और नियमित जांच कराएं, तो इस जानलेवा बीमारी से बचा जा सकता है। याद रखें, थोड़ी सी सतर्कता आपकी जिंदगी बचा सकती है इसलिए अपने स्वास्थ्य को प्राथमिकता दें और दूसरों को भी जागरूक करें।

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