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Abdominal Obesity: महिलाओं में तेजी से बढ़ रहा पेट का फैट, जानिए क्या कहता है ताजा शोध

Abdominal Obesity, भारत में मोटापा अब सिर्फ बढ़ते वजन की समस्या नहीं रह गया है, बल्कि पेट के आसपास जमा होने वाली चर्बी (abdominal obesity) एक बहुत बड़ा स्वास्थ्य मुद्दा बन चुका है।

Abdominal Obesity : पुरुषों से ज्यादा महिलाएं क्यों हो रहीं Abdominal Obesity की शिकार? रिपोर्ट में खुलासा

Abdominal Obesity, भारत में मोटापा अब सिर्फ बढ़ते वजन की समस्या नहीं रह गया है, बल्कि पेट के आसपास जमा होने वाली चर्बी (abdominal obesity) एक बहुत बड़ा स्वास्थ्य मुद्दा बन चुका है। खासकर महिलाओं में यह समस्या पुरुषों की तुलना में कहीं ज्यादा देखने को मिल रही है, जिससे वैज्ञानिक और स्वास्थ्य विशेषज्ञ चिंतित हैं। इस लेख में हम जानेंगे कि Abdominal Obesity क्या है, क्यों महिलाओं में अधिक पाई जा रही है, इसके कारण क्या हैं और इससे कैसे निपटा जा सकता है।

पेट की चर्बी क्या है? एक सरल परिचय

जब शरीर की मध्य भाग यानी कमर के आसपास अत्यधिक वसा जमा हो जाती है, तो उसे Abdominal Obesity या सेंट्रल मोटापा कहा जाता है। यह सामान्य मोटापे (BMI) से अलग होता है क्योंकि यह शरीर के अंदरूनी अंगों के पास जमा फैट को दर्शाता है, जो कई गंभीर बीमारियों का जोखिम बढ़ाता है।

भारत में शोध क्या बताते हैं?

भारत में National Family Health Survey‑5 (NFHS-5, 2019-21) के आंकड़े बताते हैं कि महिलाओं में पेट के मोटापे की समस्या काफी अधिक है। NFHS-5 के विश्लेषण में पाया गया कि लगभग 40% महिलाएं abdominal obesity से प्रभावित हैं, जबकि पुरुषों में यह आंकड़ा सिर्फ 12% के आसपास है। यानी करीब 3 में से 1 महिला पेट की चर्बी की समस्या से जूझ रही है, जबकि पुरुषों में यह समस्या अपेक्षाकृत कम है। यह आंकड़ा बहुत मायने रखता है क्योंकि BMI (सामान्य मोटापा मापने वाला तरीका) में महिला-पुरुष में इस तरह का अंतर इतना स्पष्ट नहीं दिखता यानी महिलाओं में सिर्फ वजन देखकर समस्या पूरी तरह से पहचान में नहीं आती, पर पेट की माप शरीर के वास्तविक जोखिम को उजागर करती है।

महिलाओं में क्यों अधिक abdominal obesity?

1. हार्मोनल और जैविक कारण

महिलाओं में हार्मोनल बदलाव जैसे पीरियड्स, गर्भावस्था और मेनोपॉज की वजह से शरीर के फैट का वितरण बदलता है। शोधों से पता चला है कि महिलाओं का फैट अधिक जिद्दी होता है और आसानी से बर्न नहीं होता, जिससे पेट के आसपास चर्बी अधिक जमती है।

2. जीवनशैली और शहरीकरण

शहरी इलाकों में रहने वाली महिलाएं अधिक sedentary (बैठे रहने वाली) जीवनशैली अपनाती हैं, जिससे कैलोरी खर्च कम होता है और पेट के आसपास वसा जमा होना आसान हो जाता है। यह समस्या सर्वेक्षणों में भी स्पष्ट है शहरों में महिलाओं में पेट की चर्बी ग्रामीण महिलाओं की तुलना में कहीं ज्यादा पाई गई है।

3. आहार और पाचन आदतें

आजकल के खानपान में तले-भुने खाद्य पदार्थ, अधिक शक्कर, बिना पोषण वाले भोजन और processed फूड्स शामिल हैं। इनसे वजन के साथ-साथ पेट के आसपास वसा बढ़ती है, खासकर उन महिलाओं में जो घर और कार्यस्थल के बीच समय संतुलन बनाए रखने में व्यस्त रहती हैं।

पुरुषों में abdominal obesity के बारे में क्या शोध बताते हैं?

हालांकि पुरुषों में abdominal obesity की समस्या महिलाओं जितनी तीव्र नहीं है, लेकिन पुरुष भी खतरे से बाहर नहीं हैं। अन्य शोधों से पता चला है कि विश्व भर में और भारत में भी पुरुषों की waist-to-hip ratio (कमर-कूल्हे अनुपात) बढ़ रहा है, जिससे दिल, हार्ट डिजीज, टाइप-2 डायबिटीज जैसे जोखिम बढ़ते हैं।  पुरुषों में पेट की चर्बी अक्सर “beer belly” या “बियर पेट” के रूप में जानी जाती है, जो सिर्फ दिखने में नहीं बल्कि उनके स्वास्थ्य के लिए भी गंभीर समस्या बन सकती है।

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स्वास्थ्य पर प्रभाव सिर्फ मोटापा ही नहीं

Abdominal obesity केवल वजन बढ़ने की समस्या नहीं है यह हार्ट डिजीज, टाइप-2 डायबिटीज, फैटी लिवर, उच्च BP, और metabolic syndrome जैसी गंभीर बीमारियों का जोखिम बढ़ाती है। यह इसलिए भी खतरनाक है क्योंकि यह फैट सीधे शरीर के अंदरूनी अंगों के आसपास जमा होता है, जिससे रोग-प्रतिरोधक क्षमता और चयापचय पर बुरा असर पड़ता है।

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समाधान और रोकथाम

संतुलित आहार

पोषणयुक्त भोजन जैसे हरी सब्ज़ियाँ, फल, साबुत अनाज और कम वसा वाला प्रोटीन पेट की चर्बी कम करने में मदद करते हैं। साथ ही processed food और sugary drinks से बचना चाहिए।

नियमित व्यायाम

कार्डियो (जैसे तेज़ चलना, दौड़ना), core strengthening exercises और योग abdominal fat को कम करने में मदद करते हैं। हर दिन कम से कम 30 मिनट सक्रिय रहना आवश्यक है।

जीवनशैली में बदलाव

बैठने की जगह standing work, छोटे walks, और stress management से भी पेट की चर्बी घटाने में मदद मिलती है।यह सिर्फ वजन बढ़ने का मामला नहीं है, बल्कि एक ऐसी समस्या है जो पुरुषों और महिलाओं दोनों के लिए गंभीर स्वास्थ्य जोखिम लेकर आती है। इसलिए जरूरी है कि हम समय रहते स्वस्थ आहार, नियमित व्यायाम और सक्रिय जीवनशैली अपनाएं ताकि पेट की चर्बी को नियंत्रित किया जा सके और बेहतर स्वास्थ्य सुनिश्चित किया जा सके।

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