मिशन मंगल रिव्यु – “MOM” से ‘मंगलयान” कैसे बना

मिशन मंगल रिव्यु स्पेशल
अक्षय कुमार स्टारर फिल्म मिशन मंगल आज लांच होने जा रही है।इस फिल्म को रिलीज करने का सबसे अच्छा अवसर स्वतंत्रता दिवस के अलावा और कोई दिन नहीं हो सकता था। फिल्म की कहानी भारत में 2013 में लांच किये गए मार्स ऑर्बिटर मिशन पर आधारित है। इस मिशन से भारत एशिया का पहला और दुनिया का चौथा देश बना था जिसने अपना ऑर्बिटर मार्स पर सफलतापूर्वक भेजा। इस फिल्म मे अक्षय कुमार यानी राकेश धवन लीड रूल में नजर आएंगे।
लीड रोल में शामिल हैं ये कलाकार
फिल्म मिशन मगल में लीड रोल में कुल 8 कलाकार शामिल हैं। सभी कलाकारों ने अपनी एक्टिंग का जादू इस फिल्म में दिखाया हैं। अक्षय कुमार एक पागल साइंटिस्ट के रूप में नजर आएंगे जो बहुत कुछ करने का जज्बा रखते हैं। प्रोजेक्ट डायरेक्टर के रूप में विद्या बालन ने अपना रोल बखूभी निभाया हैं। तापसी पन्नू एक सिंपल घरेलु लड़की बनकर छा गयी हैं। सोनाक्षी सिन्हा एक यंग बिगडीं हुई लड़की है जो अनाथ हैं। शरमन जोशी एक वर्जिन लड़के की भूमिका में और ज्योतिष पर विश्वास रखने वाले और मार्स से डरने वाले लड़के की भूमिका में जंच रहे हैं। इसके अलावा भी इस फिल्म में कई बड़े स्टार शामिल हैं। बाकी सभी किरदारों ने अपना रोल बखूभी निभाया हैं।
क्या ख़ास है “मंगल मिशन ” में
वैसे तो यह फिल्म वैज्ञानिक तथ्यों पर आधरित हैं लेकिन मंगलयान की सफलता का श्रेय इस फिल्म में विद्या बालन की “पूरी रेसिपि” को जाता हैं। विद्या बालन GSLV की असफलता के कारण निराश होकर जब जॉब छोड़ने का सोचती है तो अचानक एक दिन उन्हें रसोई में पूरी बनाते समय कुछ ऐसा ख्याल आता है जो मंगलयान की सफलता का कारण बनता हैं। इस फिल्म में साइंस की बड़ी-बड़ी बातों को होम साइंस से जोड़ा गया हैं। कैसे रात का बचा खाना सुबह छौंक लगाकर नाश्ते में देकर विद्या बालन 400 करोड़ का बजट पास करवाती है, जानने के लिए आप लोगो को इस फिल्म को देखने सिनेमाघरों में जाना पड़ेगा।
Read more: चंद्रयान- 2 मिशन को सफल बनाने में इन महिलाओ ने दिया बढ़ा योगदान
क्या है फिल्म “मंगल मिशन” की कहानी
इस फिल्म में भारत के पहले मंगलयान को लांच करने की कहानी है। फ़िल्म में यह दिखाया गया है कि कैसे वैज्ञानिकों ने तमाम निजी मुश्किलों से जूझते हुए मंगलयान जैसे महत्वाकांक्षी मिशन को अंजाम दिया। 5 नवंबर 2013 को 2:38pm पर भारत के आंध्र प्रदेश में स्थित एसडीएससी स्पेस सेण्टर में पोलर सेटेलाईट लांचिंग वीकल राकेट सी-25 के जरिये मंगल्यान को छोड़ा गया था। इंडिया के पहले और भी कई बड़े देश जैसे चाइना, अमेरिका ने भी मिशन मंगल की कोशिश की थी। लेकिन, उनके कई मिशन फेल हो गए थे। बाकी देशों ने कुल मिलाकर 51 मिशन लांच किये थे जिनमे से सिर्फ 21 मिशन ही सफल हो पाए थे। जबकि, इंडिया के इसरो का मार्स ऑर्बिटर मिशन बिना किसी फेलियर के मंगल के ऑर्बिट में जा सका और वहां पर जुडी कई जानकारियां दे पाने में सक्षम रहा। इस मिशन में 450 करोड़ का ख़र्च आया था जो नासा के खर्चे से 10 गुना कम है।
Have a news story, an interesting write-up or simply a suggestion? Write to us at info@oneworldnews.com