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#SavetheNextVictim:किरण बेदी के इंडियन विज़न संस्था को हुए 25 साल पूरे 

25 सालो में बदल गया कैदियों और उनके परिवार का जीवन


जब कभी नारी सशक्तिकरण की बात होती है  तब भारत की पहली आईपीएस ऑफिसर डॉ किरण बेदी का नाम सबसे पहले लिया जाता है। उन्होंने हमेशा से ही सच  के लिए लड़ाई लड़ी और कई लोगो के जीवन को नई दिशा दी। जी हाँ, आज ही के दिन डॉ किरण को “Ramon Magsaysay Award” से नवाज़ा गया था और इसी दिन डॉ किरण बेदी ने 1 सितम्बर 1996 को “इंडिया विज़न फाउंडेशन” की स्थापना की थी। जिसमे रह रहे सभी केदियो के जीवन को एक नयी दिशा दी गयी।  

आपको बता दे कि 1 सितम्बर  को  इस संस्था को 25 साल पूरे हो चुके है।  इस संस्था  के 25 साल पूरे होने पर सुब्रतो पार्क में स्थित एयर फाॅर्स स्टेडियम में एक इवेंट का आयोजन किया गया जिसकी शुरुआत फाउंडर डॉ किरण बेदी,गेस्ट-मिस्टर वी.एस.के कौमदि और डॉ आर.जी आनंद ने अगरबत्ती जलाकर की।  इस ख़ास मौके कई सारे प्रोग्राम भी हुए. 

25 सालो में बदल गया कैदियों और उनके परिवार का जीवन

इंडिया विज़न संस्था यूपी, महाराष्ट्र और दिल्ली एनसीआर के अन्तर्गत सभी जेलों में रह रहे केदियो को स्किल्स ट्रैंनिंग देता है ताकि जब वो रिहा हो तो बिना समाज के डर और शर्म से अपने जीवन को एक नई दिशा दे और उसे नए सिरे से शुरू करे।  साथ ही इस संस्था के स्थापित होने के बाद 3s मॉडल की भी शुरुआत की गयी थी – शिक्षा ,स्किल और संस्कार। इन तीनो के तहत सभी केदियो को ट्रैंनिंग दी जाती है।   जिसमे म्यूजिक , योग  जैसे प्रोग्राम रखे  गए है।  इन सभी प्रोग्राम  को एक नाम दिया गया है जैसे जो कैदी  म्यूजिक में रूचि रखते है उनको म्यूजिक सिखाने के लिए सोनी  एंटरटेनमेंट द्वारा धुन प्रोग्राम लांच किया गया। इस प्रोग्राम के तहत कैदी म्यूजिक सीखते है और उनके लिए कई  म्यूजिक प्रतियोगिता आयोजित किये जाते है।  

इसके अलावा जेल में जो कैदी अपनी सज़ा काट रहे है इंडिया विज़न संस्था ने उनके बच्चो की पढ़ाई का भी सारा खर्चा उठाते है। जो महिलाएं कैदी है जिनके बच्चे छोटे है और उनके साथ  जेल में रह रहे है उनके लिए जेल के अंदर ही क्रेच खोले गए है. जहाँ उन बच्चो का ख्याल भी रखा जाता है , पढ़ाया जाता है और उन्हें खेल- खेल में ट्रैंनिंग भी दी जाती है।  

इस संस्था ने कई स्कूलों के साथ टाईअप कर रखा है जिसमे इन बच्चो को आगे की पढ़ाई के लिए भेजा जाता है। जिसमे से कुछ बच्चो ने बड़ा मुकाम हासिल भी किया है। उनमें से आज कोई टीचर है तो कोई बैंकिंग सेक्टर में जॉब कर रहा है। इस संस्था ने कई  सारे कैदियों और उनके परिवार का जीवन बदला है,  उन्हें सर उठा कर चलने के लिए  हिम्मत दी।  

जब छोटे बच्चो को जेल में देख कर परेशान हुई थी डॉ किरण बेदी 

इंडियन विज़न संस्था के 25 साल पूरे होने पर फाउंडर डॉ किरण बेदी ने इस संस्था के 25 सालों  के सफर का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि कैसे जब वो कैदियों से मिलने तिहाड़ जेल पहुची थी। वहां उन कैदी महिलाओं के साथ छोटे बच्चो को देख कर परेशां हो गयी थी.जिन बच्चो  को स्कूल जाकर पढ़ना चाहिए  था वो अपनी माँ के साथ जेल में सज़ा काट रहे थे। इसलिए उन्होंने उन बच्चो के लिए तिहाड़ जेल की एक छोटी जगह से इस प्ले स्कूल खोला और धीरे – धीरे यह एक बड़ी संस्था में बदल दिया ।  

अगर आपके पास भी हैं कुछ नई स्टोरीज या विचार, तो आप हमें इस ई-मेल पर भेज सकते हैं info@oneworldnews.com

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KaamKiKhabar : देश और दुनिया की लेटेस्ट खबरें – 22 August

 देश और दुनिया की लेटेस्ट खबरें 


1.चिदंबरम से पहले सवाल पूछेगी सीबीआई, फिर करेगी कोर्ट में पेश

INX केस के मामले में गिरफ्तार किए गए पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम से सीबीआई आज फिर पूछताछ करेगी. सीबीआई  चिदंबरम को अदालत में पेश करने से पहले उनसे कुछ सवाल पूछेगी.ये सवाल इस केस से जुड़े होंगे और उनसे विवादित डील की मंजूरी के बारे में पूछा जाएगा. सीबीआई हेडक्वार्टर में होने वाली ये पूछताछ सीबीआई के डीएसपी आर.पार्थसारथी की अगुवाई में होगी.

2.भाजपा जल्द शुरू करेगी अनुच्छेद 370 पर देश में अभियान ,2000 हस्तियाें से मुलाकात करेगी

भाजपा जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने के मुद्दे पर देशभर में जनजागरण और जनसंपर्क अभियान चलाएगी. इस अभियान के तहत फिल्म,खेल और क्षेत्र की 2000 प्रमुख हस्तियों से संपर्क किया जाएगा. इस अभियान में पार्टी अध्यक्ष अमित शाह, कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा, वरिष्ठ मंत्री और मुख्यमंत्री भी हिस्सा लेंगे .

3.पाकिस्तान के एफ- 16 को गिराने वाले अभिनंदन ने मिग-21 उड़ाना शुरू किया

पाकिस्तान द्वारा पकड़ने जानें वाले भारतीय वायुसेना के विंग कमांडर अभिनंदन वर्द्धमान ने मिग 21 विमान फिर से उड़ाना शुरू कर दिया है.वर्द्धमान ने करीब छह महीने बाद फिर से लड़ाकू विमान उड़ाया है. फिलहाल अभी वर्द्धमान राजस्थान में भारतीय वायुसेना के एक अड्डे पर सेवा दे रहे हैं.

4. राज ठाकरे की ईडी के सामने पेशी आज, हिरासत में लिए गए MNS नेता संदीप देशपांडे

ठाकरे आज ईडी के सामने पेश होंगे.ऐसे में एमएनएस कार्यकर्ता किसी तरह का हंगामा न करें, इसे लेकर पुलिस चौकन्नी है.इसके मद्देनजर आज सुबह एमएनएस नेता संदीप देशपांडे को हिरासत में ले लिया गया है.

5. डोनाल्ड ट्रंप ने किया आगाह, अफगानिस्तान के आतंकियों से लड़ने को तैयार रहे भारत

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत ,ईरान ,रूस और तुर्की जैसे देशो को आगाह करते हुए कहा कि – आतंकवादियों से लड़ना ही होगा क्योंकि एक अमरीका ही है जो करीब सात हज़ार मील दूर आतंकवाद से लड़ने का काम कर रहा है.

6. भारत की सैन्य शक्ति में होगा इजाफ़ा, जल्द मिलेगा पहला राफेल लड़ाकू विमान

जल्द ही भारत की सैन्‍य शक्ति में इजाफा होने जा रहा है. दरअसल, भारत को फ्रांस से अपना पहला राफेल लड़ाकू विमान मिलने जा रहा है. यह भारत को मिलने वाला पहला राफेल लड़ाकू विमान होगा. खुद रक्षा मंत्री रामनाथ सिंह और वायुसेना प्रमुख बीएस धनोआ इसे लेने के लिए फ्रांस जाने वाले हैं.

7. भूटान के बाद 3 देशो के दौरे पर पीएम मोदी , फ्रांस में G- 7 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के बाद यूएई और बहरीन जाएंगे 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज से 26 अगस्त तक फ्रांस, यूएई और बहरीन की यात्रा पर रहेंगे. पीएम मोदी अपनी इस यात्रा के दौरान इन देशों के शीर्ष नेताओं के साथ द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और परस्पर हित के वैश्विक मुद्दों पर व्यापक चर्चा करेंगे. पीएम मोदी अपनी फ्रांस की यात्रा के दौरान बियारेत्ज में 45वें जी 7 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे.

8. गिरावट के साथ बाजार की शुरुआत, 37 हजार के नीचे आया सेंसेक्‍स

भारतीय शेयर बाजार की गुरुवार को एक बार फिर गिरावट के साथ शुरुआत हुई. सप्‍ताह‍ के चौथे कारोबारी दिन शुरुआती मिनटों में सेंसेक्‍स 100 अंक से अधिक टूटकर 37 हजार के नीचे आ गया. वहीं निफ्टी में भी 40 अंकों की गिरावट दर्ज की गई और यह 10,900 के नीचे कारोबार करता दिखा.

9. धोखाधड़ी के मामले में दुबई में बीडीजेएस प्रमुख तुषार वेल्लापल्ली गिरफ्तार

बीडीजेएस के प्रमुख और एनडीए केरल के उपाध्यक्ष तुषार वेल्लापल्ली को दुबई में धोखाधड़ी  के मामले में गिरफ्तार किया गया है. सूत्रों के मुताबिक, तुषार ने दुबई में अपने बिजनेस पार्टनर को एक चेक दिया था, जो बाउंस हो गया था. जिसके चलते  उनपर धोखाधड़ी का केस  दर्ज हुआ है.

10. मानेसर लैंड स्कैम को लेकर पंचकूला CBI कोर्ट में सुनवाई शुरू, भूपेंद्र हुड्डा भी है मौजूद

मानेसर लैंड स्कैम में पंचकूला की विशेष सीबीआई कोर्ट में आज सुनवाई शुरू हो गई है. पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा समेत सभी आरोपी कोर्ट में मौजूद हैं. पिछली सुनवाई के दौरान कोर्ट में सभी आरोपियों पर आरोपों को लेकर बहस हुई थी. सीबीआई ने पूर्व सीएम भूपेंद्र हुड्डा सहित 34 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट फाइल की गई थी. आज भी आरोपों पर ही बहस होगी.

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#HappyBirthdayGulzar: अपने शब्दों से हिंदी सिनेमा में दिया बड़ा योगदान 

यह है गुलज़ार द्वारा लिखी गई बेहतरीन कविताएँ


जिन्होंने अपने खूबसूरत अल्फाज़ो से गीतों को कर दिया गुलज़ार, आज है उन्ही गीतकार गुलज़ार साहब का 84 वा जन्मदिन. गुलज़ार एक अच्छे गीतकार ही नहीं बल्कि एक अच्छे स्क्रिप्ट राइटर और फिल्म निर्देशक भी है.उन्होंने हिंदी सिनेमा में अपना बड़ा योगदान दिया है. गुलज़ार ने अपने करियर में बेहतरीन फिल्मों के साथ-साथ दिल को छूने वाली ऐसे कविताएं और गाने लिखे है, जिन्हें सुनकर आप कहीं खो से जाते हैं. आज उनके जन्मदिन के ख़ास मौके पर हम आपको उनके द्वारा लिखी गयी ख़ास कविताओँ के बारे में बताएँगे

यह है गुलज़ार साहब द्वारा लिखी गई बेहतरीन कविताएँ 

1.  “किताबें”
किताबें झाँकती हैं बंद आलमारी के शीशों से,
बड़ी हसरत से तकती हैं।
महीनों अब मुलाकातें नहीं होतीं,
जो शामें इन की सोहबत में कटा करती थीं।
अब अक्सर।

2.“रात चाँद और मैं”

उस रात बहुत सन्नाटा था
उस रात बहुत खामोशी थी
साया था कोई ना सरगोशी
आहट थी ना जुम्बिश थी कोई
आँख देर तलक उस रात मगर
बस इक मकान की दूसरी मंजिल पर
इक रोशन खिड़की और इक चाँद फलक पर
इक दूजे को टिकटिकी बांधे तकते रहे
रात चाँद और मैं तीनो ही बंजारे हैं

3. “खुदा”
पूरे का पूरा आकाश घुमा कर बाज़ी देखी मैंने
काले घर में सूरज रख के,
तुमने शायद सोचा था, मेरे सब मोहरे पिट जायेंगे,
मैंने एक चिराग़ जला कर,
अपना रस्ता खोल लिया

4. इक इमारत!
इक इमारत
है सराय शायद,
जो मेरे सर में बसी है.
सीढ़ियाँ चढ़ते-उतरते हुए जूतों की धमक,
बजती है सर में.

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5.वक़्त को आते न जाते न गुजरते देखा,
न उतरते हुए देखा कभी इलहाम की सूरत,
जमा होते हुए एक जगह मगर देखा है.
शायद आया था वो ख़्वाब से दबे पांव ही,
और जब आया ख़्यालों को एहसास न था.

गुलज़ार साहब ने अपने करियर की शुरुआत एस.डी बर्मन के साथ एक लीरिक्स राइटर के तौर पर की थी. इस दौरान गुलजार साहब को कई बार अंतरराष्ट्रीय व राष्ट्रीय पुरस्कारों से नवाजा जा चुका है. इनमें ऑस्कर, ग्रैमी, पद्म भूषण और कई फिल्मफेयर अवॉर्ड्स भी शामिल हैं. गुलजार साहब को न केवल उनके लिखे गानों के लिए बल्कि उनकी शायरी के लिए भी खूब जाना जाता है.

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आज़ादी के साथ रक्षा बंधन पर अपने भाइयो को दे यह ख़ास मैसेज

इस समय पर बाँधे अपने भाई को राखी


जहाँ एक तरफ पूरा देश भारत कि आज़ादी का जश्न मनाएगा वही दूसरी ओर पूरे भारत में रक्षा बंधन का त्यौहार भी मनाया जायेगा.यह त्यौहार भाई – बहन के लिए सबसे बड़ा त्योहार होता है. इस दिन बहन अपने भाई के कलाई पर राखी बाँधती है और यह वादा लेती है की वो उसकी हमेशा रक्षा करेगा. भाई – बहन का रिश्ता होता ही बेहद ख़ास है जो बचपन से आपके साथ लड़ेगा,गुस्सा भी करेगा लेकिन आपको हर मुसीबत से बाहर भी वही निकालेगा  . क्योंकि वो सिर्फ आपका भाई ही नहीं आपका दोस्त भी होता है इसलिए इस रक्षा बंधन आप अपने भाई को दे यह ख़ास मैसेज

 रक्षा बंधन पर दे अपने भाई को यह ख़ास मैसेज : 

1. हर पल हो तेरे लिए लक्की

बीवी न हो तेरी बिलकुल शक्की

और अपनी बॉन्डिंग यूँ ही रहे पक्की

हैप्पी रक्षा बंधन !

2.करते है बातें आपस  में खरी- खरी

हमने कभी एक दुसरे की एक न सुनी

फिर भी रहती है फ़िक्र तेरी हर घड़ी

हैप्पी रक्षा बंधन !

3.मेरा दुश्मन भी तू और दोस्त भी तू

मेरे लिए मुसीबत भी तू उसका हल भी तू

और मेरे खुशियों की दस्तक भी तू !

हैप्पी रक्षा  बंधन !

4. साथ रहकर तेरा झगड़ा कभी थमा नहीं

किसी भी बात को लेकर तुझसे कोई गिला नहीं

है तू मुझे बहुत प्यारा ,कोई तुझे रेप्लस नहीं कर सकता

हैप्पी रक्षा बंधन !

5. मेरी राखी की कलाई तू

मेरे खर्चो की भरपाई तू

बस तेरा ही ध्यान है आता

हैप्पी रक्षा बंधन !

6. खुदा करे तुझे खुशियां हज़ार मिले, मुझसे भी अच्छा यार मिले,

तेरी गर्लफ्रेंड तुझे बंधे राखी, और एक और बहन का प्यार मिले.

हैप्पी रक्षा बंधन !

7.आया राखी का त्यौहार ,

छाई खुशियों की बहार ,

एक रेशम की डोरी से बाँधा ,

एक बहन ने अपने भाई की कलाई पर प्यार

8. ये लम्हा कुछ ख़ास है ,

बहन के हाथों में भाई का हाथ है ,

तेरे सकून की खातिर मेरी बहना ,

तेरा भाई हमेशा तेरे साथ है।

राखी बांधने का यह है सही मुहूर्त

इस बार रक्षा बंधन पर राखी बांधने का शुभ समय सुबह 05.54 – शाम 05.59 मिनट तक.इस समय पर राखी बांधने का विशेष फल मिलेगा.वही दोपहर 02:03 – 03:41 बजे तक राखी ना बांधें.

Read More:- 22वीं पुण्यतिथि स्पेशल  -कैसे बने गुलशन कुमार ‘कैसेट किंग’? 

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22वीं पुण्यतिथि स्पेशल  -कैसे बने गुलशन कुमार ‘कैसेट किंग’? 

गुलशन  कुमार का ज़िन्दगी का सफर नहीं था आसान


12 अगस्त 1997 को दिल्ली की सड़कों पर जूस बेचने वाले शिव भक्त ने अपने जीवन के अंतिम सास भी मंदिर मे ही ली.। हम बात कर रहे है संगीत उद्योग के बादशाह और टी-सीरीज के संस्थापक गुलशन कुमार (gulshan kumar) की जिन्होंने कैसेट बेचकर अपनी जिंदगी में नया मुकाम हासिल किया था। बता दें कि  आज उनकी 22वीं पुण्यतिथि है और आज ही के दिन शिवभक्त गुलशन कुमार की मुंबई के अंधेरी (पश्चिम) में शिव मंदिर के पास हत्या कर दी गई थी।

‘जीरो से हीरो’ बनने का सफर

5 मई 1956 को एक पंजाबी अरोड़ा परिवार में जन्मे गुलशन कुमार का नाता देश की राजधानी दिल्ली से जन्म से जुड़ा हुआ था। गुलशल कुमार की कहानी भी ‘जीरो से हीरो’ बनने के जैसी है। टी-सीरीज के संस्थापक रहे गुलशन कुमार ने अपना जीवन सडक किनारे जूस और बाद में कैसेट बेचकर शुरू किया था।

टी-सीरीज  की स्थापना के साथ ही उन्होंने इंडियन म्यूजिक इंडस्ट्री में भी नए मुकाम हासिल किये थे। मेहनत और लगन जैसी खूबियों के मालिक ने बॉलीवुड में ऐसी उचाईयां हासिल की थी जो आज के समय में हासिल करना बहुत मुश्किल होता हैं। संगीत का रंग रूप बदलकर संगीत को नयी दिशा देने वाले गुलशन कुमार को आज भी उनके संगीत के लिए याद किया जाता हैं।

कैसे बने ‘कैसेट किंग’ 

‘कैसेट किंग’ के नाम से मशहूर  गुलशन कुमार ने दिल्ली के दरियागंज बाजार में जूस बेचकर अपना सफर शुरू किया था और बाद में उन्होंने कैसेट के बिज़नेस में अपना नाम बनाया। एक कैसेट की दुकान खोलकर बाद में टी-सीरीज की स्थापना करके उसके संस्थापक का दर्जा हासिल किया। एक छोटी सी म्यूजिक कंपनी टी-सीरीज की स्थापना करके और बहुत ही कम समय में म्यूजिक की दुनिया में नाम कमाकर हमेशा सबका अच्छा सोचने वाले शिवभक्त ने भगवान् के चरणों में शरण ले ली। 12 अगस्त 1997 को गुलशन कुमार की मुंबई के जीतेश्वर मंदिर में गोली मारकर हत्या कर दी गई जिसमे अब्दुल रउफ नामक आरोपी को गिरफ्तार किया गया तह और उसने हत्या की साजिश की बात भी कबूली ली थी। हालाँकि कुछ और लोग भी शक़ के दायरे में थे लेकिन बात साबित ना होने से सब बच गए।

Read More:- दीपिका और प्रियंका के फेक फॉलोवर्स की लिस्ट  है लम्बी : जाने कितनी सच्चाई है इस ख़बर मे?

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मनोरंजन लेटेस्ट

सोशल मीडिया पर बयां  किया  अनुराग  कश्यप ने अपना दर्द , कही यह बड़ी बात

अनुराग कश्यप ने छोड़ा अपना ट्विटर अकाउंट

अपनी हर बात का बेबाकी से जवाब देने वाले डायरेक्टर अनुराग कश्यप ने अपना ट्विटर छोड़ दिया है. उन्होंने  अपने ट्विटर अकाउंट को छोड़ने कि  वजहअपने माता – पिता को आने वाले अनजान फोन कॉल्स और बेटी को मिल रही धमकियों को बताई.साथ ही ट्विटर अकाउंट को छोड़ने से पहले अनुराग नेसोशल मीडिया पर  अपना  दर्द बयां

उन्होंने ट्विटर छोड़ने से पहले लिखा ‘जब आपके माता-पिता को फोन आने लग जाएं और आपकी बेटी को ऑनलाइन धमकियां मिलने लगे तो फिर कोईभी बात नहीं करना चाहेगा. कोई वजह या कोई भी तर्क नहीं बचेगा. दबंगों का राज होगा और दबंगई जीने का नया तरीका. सबको नया भारत मुबारक होऔर आप इसमें रह सकें. आपको खुशियां और तरक्की मिले. ये मेरा आखिरी ट्वीट होगा क्योंकि मैं ट्विटर छोड़ रहा हूं. जब मैं बिना डर के बोल नहीं सकतातो मैं बोलूंगा ही नहीं. गुड बाय.’ यह कहकर उन्होंने अपने ट्विटर अकाउंट डिलीट कर दिया.

 मॉब लिंचिंग के  मामले में भी ट्रोल हो चुके है अनुराग

ऐसा पहली बार नहीं है जब अनुराग कश्यप किसी विवादित बयान को  लेकर ट्रोल हुए थे. इस से पहले भी अनुराग  मॉब  लिंचिंग को लेकर प्रधानमंत्री कोपत्र लिखने वालों में नाम होने की वजह से भी ट्रोल हो चुके है.आपको बता दे की हाल ही में अनुराग ने जम्मूकश्मीर से  आर्टिकल 370 हटाने के बाद  केंद्र सरकार के इस फैसले पर ट्वीट किया था.ट्वीट में अनुराग ने पीएम मोदी का नाम लिए बिना ही उन पर निशाना साधा था. जिसमे उन्होंने कश्मीर पर लिए गए इस फैसले को लेकर खुद को कंफ्यूज बताया था.

वही इस ट्वीट को लेकर अनुराग दक्षिणपंथियों के निशाने पर आ गए. जिसके बाद अनुराग को जमकर ट्विटर  अकाउंट पर ट्रोल किया गया था.भारी ट्रोलिंगके बाद अनुराग ने फिर से ट्वीट किया और लिखा कि वो आर्टिकल 370 को समझ नहीं पाए हैं.

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घोषित हुए 66वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार,  यहां देखें विनर्स की पूरी लिस्ट

विक्की कौशल और आयुष्मान खुराना  ही थे असली  दावेदार


शास्त्री भवन के पीआईबी कॉन्फ्रेंस हॉल में हाल ही में 66वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों की घोषणा की गई. हालांकि इन अवॉर्ड्स का ऐलान 24 अप्रैल को होना था लेकिन लोकसभी चुनावों के कारण इसे कुछ समय के लिए टाल दिया गया था. 66वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में कुछ फिल्में सबसे ज्यादा चर्चा में रहीं उनमें शामिल थीं- उरी: द सर्जिकल स्ट्राइक, अंधाधुन, बधाई हो और पद्मावत.

आयुष्मान खुराना और तब्बू स्टारर फिल्म ‘अंधाधुन’ को बेस्ट हिंदी फिल्म का अवॉर्ड दिया गया. इस फिल्म का निर्देशन किया था श्रीराम राघवन ने. इस फिल्म के लिए आयुष्मान खुराना को बेस्ट एक्टर का अवॉर्ड भी दिया गया. वहीं बेस्ट एंटरटेनमेंट फिल्म का अवॉर्ड ‘बधाई हो’ ने झटका. ‘उरी: द सर्जिकल स्ट्राइक को बेस्ट बैकग्राउंड म्यूजिक का अवॉर्ड मिला वहीं इस फिल्म के लिए विक्की कौशल को बेस्ट एक्टर का अवॉर्ड दिया गया. संजय लीला भंसाली को ‘पद्मावत’ फिल्म के लिए बेस्ट म्यूजिक डायरेक्टर का अवॉर्ड दिया गया और इस फिल्मा को बेस्ट कोरियाग्रफी का अवॉर्ड भी मिला.

चलिए जानते हैं किस कैटेगिरी में फिल्म और कलाकारों ने राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार जीता- 

बेस्ट एक्टर अवॉर्ड: आयुष्मारन खुराना (बधाई हो), विक्की  कौशल (उरी: द सर्जिकल स्ट्राइक)
बेस्ट एक्ट्रेस अवॉर्ड: कीर्ति सुरेश (महानती)
स्पेशल मेंशन अवॉर्ड (नॉन फीचर)
महान हुतात्मा- सागर पुराणिक
ग्लो वॉर्म इन ए जंगल- रमण दुंपाल
लड्डू- समीर साधवानी और किशोर साधवानी

बेस्ट नरेशन मधुबनी- द स्टेशन ऑफ कलर
आवाज- दीपक अग्निहोत्री, उर्विजा उपाध्याय
बेस्ट म्यूजिक फिल्म- ज्योति- डायरेक्टर केदार दिवेकर
बेस्ट ऑडियोग्रफी- चिल्ड्रेन ऑफ द सॉइल- बिश्वदीप चटर्जी
बेस्ट लोकेशन साउंड- द सीक्रेट लाइफ ऑफ फ्रॉग्स- अजय बेदी
बेस्ट सिनमैटॉग्रफी- द सिक्रेट लाइफ ऑफ फ्रॉग्स – अजय बेदी और विजय बेदी
बेस्ट बीट डायरेक्शन- अई शपथ- गौतम वजे
बेस्ट फिल्म ऑन फैमिली वैल्यु- चलो जीते हैं- मंगेश हडावले
बेस्ट शॉट फिक्शन फिल्म- कासव- आदित्य सुभाष जंभाले
सोशल जस्टिस फिल्म- व्हाइ मी- हरीश शाह
सोशल जस्टिस फिल्म- एकांत- नीरज सिंह
बेस्ट इन्वेस्टिगेटिव फिल्म- अमोली- जैसमिन कौर और अविनाश रॉय
बेस्ट स्पोर्ट्स फिल्म- स्विमिंग थ्रू द डार्कनेस- सुप्रियो सेन
बेस्ट एजुकेशनल फिल्म- सरला विरला- एरेगोड़ा
बेस्ट फिल्म ऑन सोशल इशू- ताला ते कूंजी- शिल्पी गुलाटी
बेस्ट एनवायरन्मेंटल फिल्म- द वर्ल्ड्स मोस्ट फेमस टाइगर- सुबिया नालामुथु
बेस्ट प्रमोशनल फिल्म- रीडिस्कवरिंग जाजम- अविशान मौर्य और कृति गुप्ता
बेस्ट साइंसेज ऐंड टेक्नॉलजी फिल्म- जीडी नायडू: द एडिसिन ऑफ इंडिया- रंजीत कुमार
बेस्ट आर्ट्स ऐंड कल्चरल फिल्म- बुनकर: द लास्ट ऑफ द वाराणसी वीवर्स- सत्यप्रकाश उपाध्याय
बेस्ट डेब्यू नॉन-फीचर फिल्म ऑफ ए डायरेक्टर- फलूदा- साग्निक चटर्जी
बेस्ट नॉन-फीचर फलिम (शेयर्ड)- सन राइज – विभा बख्शी
बेस्ट नॉन-फीचर फिल्म- द सिक्रेट लाइफ ऑफ फ्रॉग्स – अजय बेदी ऐंड विजय बेदी
बेस्ट म्यूजिक डायरेक्टर- पद्मावत- संजय लीला भंसाली

स्पेशल मेंशन (फीचर)
नथिकचरामी (कन्नड़)- श्रुति हरिहरण
कड़क(हिंदी)- चंद्रचूड़ राय (ऐक्टर)
जोसफ (मलयालम)- जोजू जॉर्ज (ऐक्टर)
सुदानी फ्रॉम नाइजीरिया (मलयालम)- सावित्री (ऐक्ट्रेस)

बेस्ट राजस्थानी फिल्म- टर्टल- दिनेश एस यादव
बेस्ट पंचिंगा फिल्म- इन द लैंड ऑफ पॉइजन विमिन- मंजू बोरा
बेस्ट शेरडूकपन फिल्म- मिशिंग- बॉबी शर्मा बरुआ
बेस्ट गारो फिल्म- मामा- डॉमिनिक संगमा
बेस्ट मराठी फिल्म- भोंगा- शिवाजी लोटन पाटिल
बेस्ट तमिल फिल्म- बारम- प्रिया कृष्णस्वामी
बेस्ट हिंदी फिल्म- अंधाधुन- श्रीराम राघवन
बेस्ट उर्दू फिल्म- हामिद- ऐजाज खान
बेस्ट बंगाली फिल्म- एक जे छिलो राजा- सृजीत मुखर्जी
बेस्ट मलयालम फिल्म- सुदानी फ्रॉम नाइजीरिया- जकारिया
बेस्ट तेलुगू फिल्म- महानति- नाग अश्विन
बेस्ट कन्नड़ फिल्म- नाथीचरामी- मंजुनाथ एस (मंसूरे)
बेस्ट कोंकणी फिल्म- अमोरी- दिनेश पी भोगले
बेस्ट असामी फिल्मी- बुलबुल कैन सिंग- रीमा दास
बेस्ट पंजाबी फिल्म- हरजीता- विजय कुमार अरोड़ा
बेस्ट गुजराती फिल्म- रेवा- राहुल सुरेंद्रभाई भोले, विनीत कुमार अंबुभाई कनोजिया

बेस्ट ऐक्शन डायरेक्टर अवॉर्ड- कन्नड़ फिल्म केजीएफ- विक्रम मोरे और अंबु आरिव
बेस्ट कोरियॉग्रफी- पद्मावत- क्रुति महेश माड्या और ज्योति तोमर- गाना- घूमर-घूमर
बेस्ट स्पेशल इफेक्ट- तेलुगु फिल्म ऑ- श्रुति क्रिएटिव स्टूडियो
बेस्ट स्पेशल इफेक्ट- कन्नड़ फिल्म केजीएफ- यूनिफाइ मीडिया
बेस्ट लिरिक्स- कन्नड़ फिल्म नाथिचरामी-
संगीतकार- मंजुनाथ एस (मंसूर)- गाना – मायावी मानवे
बेस्ट बैकग्राउंड म्यूजिक- उड़ी: द सर्जिकल स्ट्राइक- शाश्वत सचदेव
बेस्ट मेकअप आर्टिस्ट- तेलुगु फिल्म ऑ- रणजीत
बेस्ट कॉस्ट्यूम डिजाइनर- तेलुगु फिल्म- महानती- इंद्राक्षि पटनायक, गौरांग शाह और अर्चना राव
बेस्ट प्रॉडक्शन डिजाइन- मलायलम फिल्म- कमारा संभावम- बंगाल
बेस्ट एडिटिंग- कन्नड़ फिल्म नाथिचरामी- नागेंद्र क उज्जयनी
बेस्ट ऑडियोग्रफी (लोकेशन साउंड रिकॉर्डिस्ट)- मराठी फिल्म तेंडल्या- गौरव वर्मा
बेस्ट ऑडियोग्रफी (बेस्ट साउंड डिजाइनर)- उरी: द सर्जिकल स्ट्राइक- बिश्वदीप दीपक चटर्जी
बेस्ट ऑडियोग्रफी (री-रिकॉर्डिस्ट ऑफ द फाइनल मिक्स्ड ट्रैक)- तेलुगु फिल्म रंगस्थलम- राजा कृष्णन एमआर
बेस्ट स्क्रीनप्ले (ऑरिजिनल) – तेलुगु फिल्म ची अर्जुन ला सो- राहुल रवींद्रन
बेस्ट स्क्रीनप्ले (अडेप्टेड)- अंधाधुन- श्रीराम राघवन, अरिजीत बिश्वास, योगेश चंद्रेकर, हेमंत राव और पूजा लाढा सुरती
बेस्ट स्क्रीनप्ले (डायलॉग)- बंगाली फिल्म तारीख- चुरनी गांगुली
बेस्ट सिनमैटोग्रफी- मलयालम फिल्म- उलु- एम. जे. राधाकृष्णन
बेस्ट फीमेल प्लेबैक सिंगर- कन्नड़ फिल्म नाथीचरामी- बिंदू मालिनी- गाना- मायवी मनावे
बेस्ट मेल प्लेबैक सिंगर- फिल्म पद्मावत, अरिजीत सिंह- बिंते दिल मिस्रिया में
बेस्ट चाइल्ड आर्टिस्ट- कन्नड़ फिल्म ओंडाला एराडाला- रोहित
बेस्ट चाइल्ड आर्टिस्ट- पंजाबी फिल्म हरजीता- समीप सिंह
बेस्ट चाइल्ड आर्टिस्ट- उर्दू फिल्म हामिद- तल्हा अरशद रेशी
बेस्ट चाइल्ड आर्टिस्ट- मराठी फिल्म नाल- श्रीनिवास पोकले
बेस्ट सपॉर्टिंग ऐक्ट्रेस- बधाई हो – सुरेखा सिकरी
बेस्ट सपॉर्टिंग ऐक्टर- मराठी फिल्म चुंबक- स्वानंद किरकिरे

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नेशनल मेडिकल कमीशन बिल – एनएमसी बिल (NMC) क्या हैं?

विस्तार मे समझेंगे कमीशन बिल 


डॉक्टरों की कमी के इशू से निपटने के लिए एनएमसी बिल (NMC) पास हो गया है। अब भारत देश के गांवों में डॉक्टरों की कमी नहीं होगी और इसकी वजह से हज़ारों मौते होने को भी रोका जा सकता हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में बुखार, डायरिया, पेट दर्द, संक्रमण,मलेरिया, डेंगू, टाइफाइड जैसी बीमारियां से जो  मौतें होती थी अब उस दिशा में एनएमसी बिल (NMC) हैं।  अब गांववासियों को डॉक्टर और मेडिकल सुविधाओं का अभाव नहीं रहेगा।
30 जुलाई 2019 को लोकसभा ने ‘राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग विधेयक-2019′ (National Medical Commission Bill 2019) को पास आकर दिया हैं और  एनएमसी बिल के अंतर्गत कम्युनिटी हेल्थ प्रोवाइडर्स यानी सीएचपी (CHP) को लाइसेंस देने को मंजूरी मिल गयी हैं।

नेशनल मेडिकल कमीशन बिल – एनएमसी बिल (NMC ) क्या हैं ? 

एनएमसी बिल एक ऐसा बिल है जिसके अंतर्गत सीएचपी (CHP) को प्राथमिक स्वास्थ्य की दिशा में आधुनिक इलाज की प्रैक्टिस करने का हक मिल जायेगा।  हालाँकि ये हक़ अभी तक सिर्फ एमबीबीएस (MBBS) डॉक्टर्स के पास था।
एनएमसी विधेयक में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि एनएमसी बिल का बोर्ड नैतिकता के मुद्दों पर “राज्य चिकित्सा परिषदों द्वारा की गई कार्रवाइयों के संबंध में अपील क्षेत्राधिकार का प्रयोग करेंगे। एमसीआई के फैसले राज्य चिकित्सा परिषदों पर बाध्यकारी नहीं होंगे और एमसीआई के पास एक डॉक्टर को निलंबित करने का फैसला अपने अधिकारों के तहत होगा।
एनएमसी विधेयक की धारा 32(1), (2) और (3) के अंतर्गत गैर चिकित्सकीय लोगों या सामुदायिक स्वास्थ्य प्रदाताओं को लाइसेंस दिया जायेगा जिससे वो एक डॉक्टर की तरह सभी प्रकार की दवाइयां लिखने और इलाज करने के लिए लाइसेंस प्राप्त होंगे।
6 महीने का एक ब्रिज कोर्स करने के बाद देश के आयुर्वेद और यूनानी डॉक्टर एक एमबीएस डॉक्टर की तरह ही एलोपैथी दवाएं मरीज़ों को सुझाव कर सकते है।  एलोपैथी दवाएं लिखने का अधिकार अभी तक एक एमबीबीएस डॉक्टर के पास था जो अब बदल गया हैं।
एनएमसी बिल के अंतर्गत प्रैक्टिस करने से पहले और स्नातकोत्तर चिकित्सकीय पाठ्यक्रमों में दाखिले से पहले सिर्फ मेडिकल डिग्री चाहिए होती थी लेकिन अब ‘नेक्स्ट” की परीक्षा उत्तीर्ण करन अनिवार्य हो जायेगा।
एनएमसी बिल (NMC )से अब  केंद्र सरकार के पास राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग के सुझावों के विरुद्ध फैसला लेने की शक्ति होगी।
प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों की सीटों को लेकर एनएमसी बिल ने एक प्रावधान रखा हैं। अब सभी प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों की 40 फीसदी सीटों की फीस इस बिल के अंतर्गत होगा हालाँकि बची हुई 60 फीसदी सीटों की फीस तय कॉलेज करेगा।
मेडिकल संस्थानों में एडमिशन के लिए अब छात्रों को सिर्फ एक परीक्षा NEET (नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेस टेस्ट) देनी होगी।
मेडिकल शिक्षा, मेडिकल संस्थानों और डॉक्टरों के रजिस्ट्रेशन से जुड़े सभी काम आज तक मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (MCI) करता था लेकिन अब बिल पास होने के बाद मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (MCI) की जगह नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) ले लेगा।

किन देशों में मेडिकल सेवाएं है बेहतर 

हालाँकि गांवों तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने का यह तरीका भारत देश में नया है लेकिन कुछ अन्य देशों ने ऐसा तरीका पहले से ही अपना रखा हैं। कुछ देशों जैसे चीन में 1960 के दशक में और क्यूबा में ‘क्रांतिकारी डॉक्टर’ के नाम से यह तरीका प्रचलित हैं। साथ ही फिलीपींस और थाईलैंड में ग्रामीण स्तर पर ट्रेंड स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं और स्थानीय सामुदायिक डॉक्टरों की सेवाएं को दिए जाने का प्रावधान हैं।

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कॉफी किंग वीजी सिद्धार्थ की लाइफ का सफर 

#RIP:कॉफी किंग वीजी सिद्धार्थ की लाइफ का सफर 


कॉफी डे एंटरप्राइजेज के संस्थापक वी. जी. सिद्धार्थ का शव नेत्रावती नदी के किनारे मंगलुरु में मिलने के बाद से कॉफ़ी लवर्स काफी दुखी हैं। कॉफी डे एंटरप्राइजेज, कैफे कॉफी डे (सीसीडी) के ब्रांड को खड़ा करने वाले सिद्धार्थ कॉफ़ी किंग के नाम से जाने जाते थे। उनके द्वारा बनाये गए ब्रांड कॉफ़ी कैफ़े डे कॉफ़ी लवर्स के लिए बेहतरीन जगह हैं।

सूत्रों के अनुसार, सिद्धार्थ के ऊपर कर्ज़ों को लेकर कुछ दबाब बना हुआ था हालाकिं उनके बैंक एचडीएफसी ने कहा है कि सिद्धार्थ से जुड़ी किसी भी कंपनी का उनपर कोई कर्ज नहीं हैं। मरने से पहले सिद्धार्थ ने अपनी कंपनी के कर्मचारियों को लिखे एक पत्र में कर विभाग,कर्जदाताओं और निदेशक स्तर के आयकर अधिकारी से दबाव का आरोप लगाकर इनका जिक्र किया है।

कॉफ़ी किंग की लाइफ

कॉफ़ी किंग वीजी सिद्धार्थ की लाइफ में एक सफल बिजनेसमैन की तरह ही उतर-चढ़ाव दोनों थे।हालाँकि उन्होने पत्र में खुद को असफल बताकर सबको हैरानी में डाल दिया हैं।  अगर हम उनकी बिज़नेस लाइफ की ओर रुख करें तो वो एक सफल बिज़नेस की तरह सफलता की सीढ़ियां चढ़ रहे थे।

सिद्धार्थ का जन्म कर्नाटक के चिकमंगलूर जिले में हुआ था। मैंगलुरु यूनिवर्सिटी विश्वविद्यालय से इकनॉमिक्स में मास्टर डिग्री हासिल करके उन्होंने शेयर बाजार का ज्ञान भी लिया। कॉफी प्लांटेशन से उनके परिवार का 140 साल पुराना नाता था।

पढाई खत्म करके 24 साल की उम्र में 1982 में मैनेजमेंट ट्रेनी व इंटर्न की तरह मुंबई की कंपनी जेएम फाइनेंसियल लिमिटेड से करियर की शुरुआत करने वाले सिद्धार्थ को नौकरी करना रास नहीं आया। पिता से5 लाख रुपए लेकर उन्होंने बिज़नेस की शुरुआत की। सिवान सिक्योरिटीज  से ‘वे 2 वेल्थ सिक्यूरिटी लिमिटेड’ कंपनी को खड़े करने के पीछे सिद्धार्थ ने जी जान लगा दी। अपनी कंपनी को एक सफल निवेश बैंकिंग और स्टॉक ब्रोकिंग फर्म का दर्जा दिलाया।

इसके बाद इन्होने विरासत में कॉफी के व्यापार को आगे बढ़ने की सोची और 1993 में अमाल्गमैटेड बीन कॉफी ट्रेडिंग कंपनी लिमिटेड (ABCTCL) की स्थापना कर दी। इस कंपनी को सिर्फ 2 सालों में भारत की दूसरी सबसे बड़ी निर्यातक कंपनी बनाकर 6 करोड़ रुपये वाली कंपनी से इस कंपनी का टर्न ओवर 25 अरब रुपये कर दिया।

कॉफी कैफे डे बने कॉफी किंग

1996 में कॉफी कैफे डे (COFFEE CAFE DAY)की नीव रखकर इन्होने सफलता की ओर अग्रसर किया। कॉफी डे एंटरप्राइजेज, कैफे कॉफी डे (CCD) ब्रांड नाम से सफलता हासिल की है। कॉफ़ी बिज़नेस में सफलता के साथ ही इन्होने कॉफ़ी किंग का खिताब भी जीत लिया। बाद में इन्होने फॉरेन कन्ट्रीज में भी अपना बिज़नेस जमाया और कई कंट्री जैसे ऑस्ट्रिया की राजधानी विएना, चेक रिपब्लिक, कराची और दुबई में अपना बिजनेस रन किया।

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पाकिस्तान ने फिर  किया सीज फायर उल्लंघन, भारतीय सेना का एक जवान शहीद

सीज़ फायर उल्लंघन के दौरान एक जवान शहीद 


भारतीय सेना ने जब से पीओके में सर्जिकल स्ट्राइक की है उसके बाद से पाकिस्तान कुछ न कुछ ऐसा करने में लगा है जिससे उसके नापाक इरादों में वो कामयाब हो जाए  लेकिन भारतीय सेना हमेशा इस बात का मुँह तोड़ जवाब देती हैं।  हाल ही में एक ऐसा मामला सामने आया है जिसमे पाकिस्तान ने सीज फायर उल्लंघन किया है और पकिस्तान की इस हरकत से एक भारतीय सेना के जवान को अपनी जान से हाथ धोने पड़ें। सूत्रों के अनुसार,जम्मू-कश्मीर (Jammu-Kashmir) के राजौरी जिले के नौशेरा सेक्टर में पाकिस्तान ने सीज फायर का नियम तोड़ा है।

पकिस्तान का सीज फायर उल्लंघन

ये पहली बार नहीं हुआ है जब पकिस्तान ने सीज फायर उल्लंघन किया है , वो पहले भी कई बार सीज फायर का उल्लंघन करके कई इलाकों में घुसपैठ कर चूका हैं। कभी पाकिस्तान जम्मू कश्मीर में आतंकियों द्वारा सैन्य हमले करवाता है तो कभी किसी और तरीके से आतंक फैलाता हैं। हालाँक,  भारतीय सेना हमेशा पाकिस्तान के इरादों को नापक कर देती हैं। इस बार ही भारतीय सेना ने पाकिस्तानी गोलाबारी का मुंहतोड़ जवाब दिया हैं।

पिछले 24 घंटों में पाकिस्तानी सेना ने तीन बार सीजफायर का उल्लंघन किया। इस सीज फायर में लगातार तीसरे दिन भी सीजफायर का उल्लंघन करते हुए मंगलवार को पाकिस्तान ने जम्मू-कश्मीर के तंगधार में मोर्टार दागे दिए जिसकी वजह से एक बी भारतीय सेना के जवान को शहीद होना पडा। हालाँकि भारतीय सेना भी इस हमले के जवाब में ताबड़तोड़ फायरिंग कर रही हैं। इसी  दौरान पाकिस्तानी सैनिकों ने कई स्थानों पर घुसपैठ करने की कोशिशें भी की।  घुसपैठ की कोशिश करने वाले आतंकियों ने जम्मू के तीन इलाकों में गोलीबारी की लेकिन सेना के जवानों आतंकियों का  सामना करते हुए उन्हें सीमा से बाहर खदेड़ दिया।

एक जवान शहीद 

पाकिस्तान द्वारा ने जम्मू-कश्मीर हुए तीसरे दिन के सीजफायर उल्लंघन में शहीद हुए जवान का नाम नायक कृष्ण लाल है। भारतीय सेना के सूत्रों के मुताबिक, भारतीय सुरक्षा बलों ने जवाबी फायरिंग में पाकिस्तान के 2 जवानों को ढेर कर दिया है।  कुछ सूत्रों के मुताबिक, सीज फायर उल्लंघन के कारन और पाकिस्तान के लगातार गोलाबारी करने से पिछले रविवार को 10 दिन के बच्चे की भी मौत हो गई थी, जबकि 2 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे।

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