Javed Ali: गाने की तैयारी पर जावेद अली का खुलासा, किरदार के हिसाब से गाने का हुनर
Javed Ali, प्रसिद्ध गायक जावेद अली ने अपने गायन में किरदार की भावना और गाने की आवश्यकताओं के अनुसार खुद को ढालने की कला में महारत हासिल की है।
Javed Ali : जावेद अली का संगीत मंत्र, गाने की आत्मा को समझना ज़रूरी
Javed Ali, प्रसिद्ध गायक जावेद अली ने अपने गायन में किरदार की भावना और गाने की आवश्यकताओं के अनुसार खुद को ढालने की कला में महारत हासिल की है। उनका मानना है कि प्रत्येक गीत की अपनी एक विशेष आत्मा होती है, जिसे समझकर ही उसे सही ढंग से प्रस्तुत किया जा सकता है। इसलिए, वे हर गीत की तैयारी में गहन अनुसंधान और अभ्यास करते हैं, ताकि उसकी मूल भावना को पकड़ सकें।
हर गाने की तैयारी अलग होती है
जावेद अली ने विभिन्न संगीत शैलियों में सफलता प्राप्त की है, चाहे वह शास्त्रीय, ग़ज़ल, सूफ़ी या रोमांटिक गीत हों। उनका मानना है कि हर शैली को गाने के लिए गहरे ज्ञान और संगीतमय सोच की आवश्यकता होती है। बिना भाषा समझे पूरे भाव के साथ गाने की चुनौती को लेकर वह कहते हैं, ‘हर शब्द को समझकर गाने में बहुत समय लगेगा। इसलिए मैं गाने का मूड समझने की कोशिश करता हूं। उन्होंने हमेशा अपनी क्षमता के अनुसार हर शैली को आज़माया और खुद को किसी एक शैली तक सीमित नहीं रखा, जिससे वे एक बहुमुखी गायक के रूप में स्थापित हुए हैं।
Read More : Khatron Ke Khiladi 15: बिग बॉस 18 के मजबूत खिलाड़ी की एंट्री! ‘खतरों के खिलाड़ी 15’ में होगा जबरदस्त टकराव
सूफ़ी संगीत में गहरी रुचि
विशेष रूप से, सूफ़ी संगीत में उनकी गहरी रुचि और समर्पण दिखाई देता है। फिल्म ‘रॉकस्टार’ के प्रसिद्ध गीत ‘कुन फ़ाया कुन’ की रिकॉर्डिंग के दौरान, संगीतकार ए.आर. रहमान ने उनसे वुजू (इस्लामी प्रार्थना से पहले की जाने वाली शुद्धिकरण प्रक्रिया) करने का अनुरोध किया। इस अनुभव को साझा करते हुए जावेद ने बताया कि स्टूडियो में एक विशेष माहौल बनाया गया था, जहां केवल एक मोमबत्ती जल रही थी, जिससे उन्हें ऐसा महसूस हुआ जैसे वे वास्तव में प्रार्थना कर रहे हों। इस घटना ने उनके प्रदर्शन में आध्यात्मिक गहराई जोड़ दी। इसके अलावा, जावेद अली ने बताया कि उन्हें अक्सर सेमी-क्लासिकल या जटिल संरचना वाले गीत गाने को मिलते हैं। उनका मानना है कि उनकी आवाज़ की विशेषताओं के कारण ये गाने उच्च और निम्न सुरों में आसानी से ढल जाते हैं। हालांकि, वे इसे अपनी नहीं, बल्कि ऊपरवाले की नेमत मानते हैं।
Read More : Chhaava Worldwide Collection Day 13: विक्की कौशल की ‘छावा’ ने मचाया तहलका, 13वें दिन की कमाई चौंकाने वाली
दिल्ली से मुंबई तक की यात्रा
जावेद अली की संगीत यात्रा में उस्ताद गुलाम अली खान का महत्वपूर्ण प्रभाव रहा है। दिल्ली से मुंबई तक की उनकी यात्रा चुनौतियों से भरी थी, लेकिन अपने माता-पिता की स्थिति सुधारने की दृढ़ इच्छा ने उन्हें प्रेरित किया। उन्होंने हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में धीरे-धीरे अपनी पहचान बनाई और विभिन्न शैलियों में गाने गाए।
We’re now on WhatsApp. Click to join.
अगर आपके पास भी हैं कुछ नई स्टोरीज या विचार, तो आप हमें इस ई-मेल पर भेज सकते हैं info@oneworldnews.com