Nagpur MLC election: फडणवीस और गडकरी के गढ़ में कांग्रेस का प्रदर्शन, नागपुर MLC चुनाव के नतीजों पर नजर
Nagpur MLC election, महाराष्ट्र की राजनीति में नागपुर विधान परिषद चुनाव के नतीजों ने सबका ध्यान खींचा है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के गृह क्षेत्र नागपुर में कांग्रेस ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) को हराकर अपनी सीट बरकरार रखी है।
Nagpur MLC election : महाराष्ट्र MLC चुनाव में बड़ा उलटफेर, नागपुर में कांग्रेस ने बीजेपी को हराया
Nagpur MLC election, महाराष्ट्र की राजनीति में नागपुर विधान परिषद चुनाव के नतीजों ने सबका ध्यान खींचा है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के गृह क्षेत्र नागपुर में कांग्रेस ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) को हराकर अपनी सीट बरकरार रखी है। कांग्रेस उम्मीदवार और मौजूदा विधान परिषद सदस्य अभिजीत वंजारी ने बीजेपी के उम्मीदवार सुधाकर कोहले को 3,271 वोटों से शिकस्त दी। गुरुवार, 29 अक्टूबर 2026 को घोषित इस नतीजे को नागपुर में बीजेपी के लिए झटके के तौर पर देखा जा रहा है। खास बात यह है कि इस चुनाव में बीजेपी की ओर से प्रचार किया गया था और पार्टी को इस सीट पर जीत की उम्मीद थी। हालांकि, मतगणना के अंतिम चरणों में नतीजे कांग्रेस के पक्ष में चले गए।

अभिजीत वंजारी ने कितने वोटों से दर्ज की जीत?
नागपुर डिवीजन ग्रेजुएट्स निर्वाचन क्षेत्र में कांग्रेस के अभिजीत वंजारी को कुल 67,231 वोट मिले, जबकि बीजेपी उम्मीदवार सुधाकर कोहले को 63,960 वोट हासिल हुए। इस तरह वंजारी ने 3,271 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की। कोहले पूर्व विधायक रह चुके हैं और इस चुनाव में बीजेपी ने उन्हें उम्मीदवार बनाया था। वहीं, वंजारी ने दूसरी बार इस निर्वाचन क्षेत्र से अपनी सीट बरकरार रखी है। इस मुकाबले की खास बात यह रही कि मतगणना काफी लंबे समय तक चली। मंगलवार को शुरू हुई मतगणना गुरुवार तड़के पूरी हुई। करीब 40 घंटे से अधिक समय तक चली गिनती के बाद अंतिम नतीजा घोषित किया गया।
पहली पसंद के वोटों में आगे थी बीजेपी
नागपुर MLC चुनाव की मतगणना के दौरान मुकाबला लगातार दिलचस्प बना रहा। शुरुआती चरण में बीजेपी उम्मीदवार सुधाकर कोहले ने बढ़त बनाई थी। दूसरे दौर की गिनती के बाद कोहले को 60,924 पहली पसंद के वोट मिले थे, जबकि अभिजीत वंजारी को 56,630 वोट हासिल हुए थे। निर्दलीय उम्मीदवार नितेश कराले को 24,249 पहली पसंद के वोट मिले। हालांकि, किसी भी उम्मीदवार को जीत के लिए जरूरी मतों का कोटा नहीं मिल पाया। इसके बाद चुनाव के नियमों के तहत दूसरी पसंद के वोटों की गिनती और उम्मीदवारों के बाहर होने के बाद मतों के हस्तांतरण की प्रक्रिया आगे बढ़ी। अंतिम दौर में वंजारी ने बढ़त हासिल की और जीत दर्ज की। इस तरह शुरुआती बढ़त के बावजूद बीजेपी उम्मीदवार चुनाव नहीं जीत सके।
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फडणवीस और गडकरी के गृह क्षेत्र में बीजेपी को झटका
नागपुर का यह चुनाव इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि नागपुर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी का गृह क्षेत्र है। दोनों नेताओं ने बीजेपी उम्मीदवार के समर्थन में प्रचार किया था। ऐसे में पार्टी की हार को स्थानीय स्तर पर उसके लिए एक राजनीतिक झटके के रूप में देखा जा रहा है। नागपुर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) का मुख्यालय होने के कारण भी राजनीतिक रूप से अहम माना जाता है। इसके अलावा, नितिन गडकरी लंबे समय तक नागपुर ग्रेजुएट्स निर्वाचन क्षेत्र से विधान परिषद के सदस्य रहे हैं। ऐसे क्षेत्र में कांग्रेस का अपनी सीट बचाए रखना चुनाव के सबसे महत्वपूर्ण नतीजों में शामिल रहा। हालांकि, विधान परिषद की एक सीट के परिणाम को पूरे राज्य के मतदाताओं की राजनीतिक पसंद का सीधा संकेत मानना सही नहीं होगा, क्योंकि इस निर्वाचन क्षेत्र में मतदाता आम विधानसभा चुनावों से अलग होते हैं।
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