Maharashtra News: मुंबई एयरपोर्ट का समर प्लान मुश्किल में? नवी मुंबई शिफ्ट होने से एयरलाइंस का इनकार
Maharashtra News, मुंबई एयरपोर्ट से उड़ान भरने वाली एयरलाइंस ने अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर स्थानांतरित करने की योजना पर आपत्ति जताई है। एयरलाइंस का कहना है कि उन्होंने मुंबई एयरपोर्ट से अपनी उड़ानों को हटाने या उनके निर्धारित स्लॉट में कटौती करने की सहमति नहीं दी है। यह विवाद मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट के टर्मिनल-1 के पुनर्विकास की योजना से जुड़ा है।
Maharashtra News : मुंबई एयरपोर्ट पर अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की संख्या घटाने का प्रस्ताव, एयरलाइंस ने जताया विरोध
Maharashtra News, मुंबई एयरपोर्ट से उड़ान भरने वाली एयरलाइंस ने अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर स्थानांतरित करने की योजना पर आपत्ति जताई है। एयरलाइंस का कहना है कि उन्होंने मुंबई एयरपोर्ट से अपनी उड़ानों को हटाने या उनके निर्धारित स्लॉट में कटौती करने की सहमति नहीं दी है। यह विवाद मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट के टर्मिनल-1 के पुनर्विकास की योजना से जुड़ा है। एयरपोर्ट संचालक मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (MIAL) ने टर्मिनल-1 पर होने वाले निर्माण कार्य के दौरान यात्रियों और उड़ानों के प्रबंधन के लिए अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के एक हिस्से को नवी मुंबई एयरपोर्ट पर स्थानांतरित करने का प्रस्ताव दिया है। लेकिन एयरलाइंस ने इस प्रस्ताव के लिए ठोस आंकड़े, क्षमता का आकलन और स्पष्ट कारण उपलब्ध कराने की मांग की है। 18 अक्टूबर 2026 को सामने आई जानकारी के मुताबिक, इस मुद्दे पर दोनों पक्षों के बीच बातचीत जारी है और अगली बैठक 28 अक्टूबर को प्रस्तावित है।
एयरलाइंस ने क्यों जताई आपत्ति?
एयरलाइंस का प्रतिनिधित्व करने वाली एयरलाइन ऑपरेटर्स कमेटी (AOC) ने MIAL को भेजे गए पत्र में कहा कि किसी भी एयरलाइन की सहमति के बिना उसके स्लॉट में कटौती करना, उड़ान रद्द करना या संचालन को दूसरे एयरपोर्ट पर स्थानांतरित करना स्वीकार्य नहीं है। कमेटी ने कहा कि इस तरह के बदलाव से पहले संबंधित एयरलाइंस के साथ उचित चर्चा और निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन जरूरी है।एयरलाइंस ने यह भी सवाल उठाया कि जब मुंबई एयरपोर्ट के टर्मिनल-1 का पुनर्विकास किया जाना है, तो उसके लिए टर्मिनल-2 से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की संख्या कम करना कितना जरूरी है। उनका कहना है कि इस प्रस्ताव के समर्थन में एयरपोर्ट की वास्तविक क्षमता, यात्रियों की संख्या और संचालन से जुड़े आंकड़े साझा किए जाने चाहिए।कमेटी ने टर्मिनल-1 की मरम्मत और पुनर्विकास की पूरी योजना, निर्माण के चरणों, समयसीमा और दोनों टर्मिनलों की क्षमता से संबंधित जानकारी भी मांगी है। एयरलाइंस का मानना है कि इन जानकारियों की समीक्षा के बाद ही उड़ानों के संचालन में बदलाव पर फैसला लिया जाना चाहिए।
समर शेड्यूल 2027 से बदलाव की तैयारी
मुंबई एयरपोर्ट पर अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के स्लॉट में कटौती का प्रस्ताव अब विंटर शेड्यूल के बजाय समर शेड्यूल 2027 से जुड़ा है। एयरपोर्ट संचालक ने पहले 25 अक्टूबर 2026 से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के 265 साप्ताहिक स्लॉट कम करने का प्रस्ताव दिया था। मुंबई एयरपोर्ट पर उस समय कुल 770 साप्ताहिक अंतरराष्ट्रीय डिपार्चर स्लॉट थे। प्रस्ताव लागू होने पर करीब 33 प्रतिशत स्लॉट प्रभावित होते और प्रतिदिन लगभग 38 अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के प्रस्थान कम हो सकते थे।हालांकि, एयरलाइंस की आपत्तियों और नागरिक उड्डयन मंत्रालय के हस्तक्षेप के बाद एयरपोर्ट संचालक ने विंटर शेड्यूल में स्लॉट नहीं बदलने का आश्वासन दिया। यह शेड्यूल मार्च 2027 के अंत तक चलेगा। इसके बाद समर शेड्यूल के दौरान उड़ानों के संचालन में बदलाव पर विचार किया जा सकता है। इसका मतलब है कि अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को नवी मुंबई स्थानांतरित करने का प्रस्ताव अभी अंतिम निर्णय नहीं है।
टर्मिनल-1 के पुनर्विकास से जुड़ा है पूरा मामला
मुंबई एयरपोर्ट के टर्मिनल-1 का इस्तेमाल मुख्य रूप से घरेलू उड़ानों के लिए किया जाता है। एयरपोर्ट संचालक के मुताबिक, करीब 60 साल पुराने इस टर्मिनल के उत्तरी हिस्से के पुनर्विकास की योजना बनाई गई है। अप्रैल 2026 में टर्मिनल-1 पर आग लगने की घटना के बाद इसकी सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ी थीं। इसी वजह से एयरपोर्ट संचालक ने चरणबद्ध तरीके से निर्माण कार्य शुरू करने की जरूरत बताई है।योजना के पहले चरण में टर्मिनल-1B के उत्तरी हिस्से को आंशिक रूप से हटाकर उसका पुनर्निर्माण किया जाना है। यह काम जनवरी 2027 में शुरू करने की योजना है। एयरपोर्ट संचालक का कहना है कि इस परियोजना के कारण हर साल लगभग 50 लाख घरेलू यात्रियों के मौजूदा टर्मिनल से प्रभावित होने की आशंका है। इन यात्रियों और उड़ानों के प्रबंधन के लिए अतिरिक्त जगह की जरूरत पड़ेगी।MIAL के अनुसार, टर्मिनल-1 की मौजूदा वार्षिक क्षमता लगभग 1.5 करोड़ यात्रियों की है, जिसे पुनर्विकास के बाद बढ़ाकर 2 करोड़ यात्रियों तक पहुंचाने का लक्ष्य है। एयरपोर्ट संचालक का तर्क है कि निर्माण कार्य के दौरान संचालन को व्यवस्थित रखने के लिए टर्मिनल-2 पर उपलब्ध जगह का पुनः प्रबंधन करना जरूरी है।
एयरलाइंस ने क्षमता के आंकड़े साझा करने की मांग की
एयरलाइन ऑपरेटर्स कमेटी ने अपने पत्र में कहा कि टर्मिनल-1 की मौजूदा क्षमता लगभग 1.5 करोड़ यात्रियों की है, जबकि वहां से सालाना यात्रियों की संख्या इससे कम बताई गई है। कमेटी के मुताबिक, टर्मिनल-2 की क्षमता में भी मार्च 2027 तक बढ़ोतरी होने की उम्मीद है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के स्लॉट कम करने की जरूरत को आंकड़ों के आधार पर स्पष्ट किया जाना चाहिए।एयरलाइंस ने टर्मिनल-1 की संरचनात्मक सुरक्षा जांच, निर्माण कार्य के अलग-अलग चरणों और यात्रियों को संभालने की व्यवस्था से जुड़े दस्तावेज भी मांगे हैं। उनका कहना है कि अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में अचानक बदलाव से पहले से की गई बुकिंग, विमानों की तैनाती, कनेक्टिंग फ्लाइट्स और यात्रियों की यात्रा योजनाएं प्रभावित हो सकती हैं।दूसरी ओर, एयरपोर्ट संचालक का कहना है कि टर्मिनल-1 के पुनर्विकास को लंबे समय से लेकर चर्चा की जा रही है और यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देना जरूरी है। कंपनी ने यह भी कहा है कि नवी मुंबई एयरपोर्ट पर संचालन स्थानांतरित करने की इच्छुक एयरलाइंस को आवश्यक सहायता दी जाएगी।
नवी मुंबई एयरपोर्ट पर क्या है विकल्प?
नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट को मुंबई महानगर क्षेत्र में हवाई यातायात की बढ़ती जरूरतों को पूरा करने के लिए विकसित किया गया है। इसका इस्तेमाल मुंबई के मौजूदा एयरपोर्ट पर दबाव कम करने के विकल्प के तौर पर देखा जा रहा है।MIAL और उसकी सहयोगी कंपनी अदाणी एयरपोर्ट होल्डिंग्स ने अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को नवी मुंबई स्थानांतरित करने के लिए एयरलाइंस को विकल्प दिया है। कंपनी ने नई अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए लैंडिंग शुल्क पर 100 प्रतिशत छूट देने की घोषणा भी की है। इसके अलावा, नवी मुंबई एयरपोर्ट पर यात्रियों को लगने वाले यूजर डेवलपमेंट शुल्क के अंतर की भरपाई के लिए नकद वाउचर देने की योजना का भी उल्लेख किया गया है।हालांकि, एयरलाइंस का कहना है कि विकल्प उपलब्ध कराने और किसी एयरलाइन को अपना संचालन स्थानांतरित करने के लिए बाध्य करने में अंतर है। AOC ने स्पष्ट किया है कि उसके सदस्यों ने मुंबई एयरपोर्ट से नवी मुंबई एयरपोर्ट पर उड़ानें स्थानांतरित करने या अपने मौजूदा स्लॉट कम करने की सामूहिक सहमति नहीं दी है।
28 अक्टूबर की बैठक पर नजर
इस विवाद को सुलझाने के लिए एयरपोर्ट संचालक और एयरलाइंस के बीच बातचीत जारी है। 28 अक्टूबर 2026 को होने वाली अगली बैठक में स्लॉट, टर्मिनल की क्षमता और पुनर्विकास की समयसीमा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है।फिलहाल, विंटर शेड्यूल में अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के स्लॉट में कटौती नहीं करने का आश्वासन दिया गया है। समर शेड्यूल 2027 में उड़ानों के स्थानांतरण या स्लॉट में बदलाव को लेकर अंतिम व्यवस्था क्या होगी, यह आगे की बातचीत पर निर्भर करेगा।इस मामले में मुख्य चुनौती टर्मिनल-1 का पुनर्विकास समय पर पूरा करने और मुंबई एयरपोर्ट से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का संचालन जारी रखने के बीच संतुलन बनाना है। एयरलाइंस जहां पारदर्शी आंकड़ों और सहमति के आधार पर निर्णय लेने की मांग कर रही हैं, वहीं एयरपोर्ट संचालक निर्माण कार्य और यात्रियों की सुरक्षा के लिए परिचालन में बदलाव को जरूरी बता रहा है। अगले दौर की बातचीत से इस विवाद की दिशा स्पष्ट होने की उम्मीद है।
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