Asian Games 2026: हरियाणा के छोरे ने दिखाया दम, सुनील कुमार के ब्रॉन्ज पर गांव में जश्न
Asian Games 2026, Asian Games 2026 में भारत के लिए कुश्ती से एक और शानदार खबर सामने आई है। हरियाणा के सोनीपत जिले के गन्नौर क्षेत्र के डबरपुर गांव के पहलवान सुनील कुमार ने पुरुषों के ग्रीको-रोमन 87 किलोग्राम भारवर्ग में कांस्य पदक जीतकर देश और प्रदेश का नाम रोशन किया है।
Asian Games 2026 : सुनील कुमार की जीत पर झूमा हरियाणा, गांव में मनाया गया जश्न
Asian Games 2026, Asian Games 2026 में भारत के लिए कुश्ती से एक और शानदार खबर सामने आई है। हरियाणा के सोनीपत जिले के गन्नौर क्षेत्र के डबरपुर गांव के पहलवान सुनील कुमार ने पुरुषों के ग्रीको-रोमन 87 किलोग्राम भारवर्ग में कांस्य पदक जीतकर देश और प्रदेश का नाम रोशन किया है। कांस्य पदक के मुकाबले में सुनील कुमार ने फिलीपींस के पहलवान को 9-0 के शानदार अंतर से हराया और पोडियम पर अपनी जगह पक्की की। उनकी इस जीत के साथ ही एशियन गेम्स में लगातार दूसरी बार कांस्य पदक जीतने की उपलब्धि भी उनके नाम दर्ज हो गई है।

फिलीपींस के पहलवान को 9-0 से दी मात
कांस्य पदक के मुकाबले में सुनील कुमार ने शुरुआत से ही अपना दबदबा बनाए रखा। ग्रीको-रोमन कुश्ती में ताकत के साथ तकनीक और सही समय पर अंक हासिल करना बेहद अहम होता है। सुनील ने मुकाबले के दौरान इसी रणनीति का इस्तेमाल किया और अपने प्रतिद्वंद्वी को वापसी का ज्यादा मौका नहीं दिया। आखिरकार मुकाबला 9-0 के स्कोर पर सुनील के पक्ष में समाप्त हुआ। इस जीत के साथ उन्होंने एशियन गेम्स 2026 में भारत के लिए कुश्ती का एक और पदक सुनिश्चित किया।
हांगझोउ एशियन गेम्स में भी जीता था ब्रॉन्ज
सुनील कुमार की यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि इससे पहले वह हांगझोउ एशियन गेम्स में भी कांस्य पदक जीत चुके हैं। लगातार दो एशियन गेम्स में पदक हासिल करना उनके निरंतर प्रदर्शन और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अनुभव को दिखाता है। 2026 में एक बार फिर कांस्य पदक जीतकर सुनील ने साबित किया कि एशियाई स्तर पर वह लंबे समय से मजबूत प्रदर्शन करने वाले भारतीय पहलवानों में शामिल हैं।उनकी इस जीत का असर सिर्फ खेल के मैदान तक सीमित नहीं रहा। जैसे ही सुनील के पदक जीतने की खबर उनके गांव पहुंची, डबरपुर में खुशी का माहौल बन गया। परिवार, रिश्तेदारों और ग्रामीणों ने एक-दूसरे को बधाई दी और सुनील की उपलब्धि पर गर्व जताया।
मां और भाई समेत परिवार में खुशी
सुनील कुमार की जीत पर उनके परिवार में भी खुशी का माहौल है। उनकी मां अनीता देवी, भाई सुमित मलिक और परिवार के अन्य सदस्यों ने उनकी उपलब्धि पर खुशी जताई। परिवार के लिए यह पल इसलिए भी खास है क्योंकि सुनील ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर लगातार अपने प्रदर्शन से परिवार और गांव का नाम रोशन किया है।ग्रामीणों का कहना है कि सुनील कुमार की मेहनत और उपलब्धियां गांव के दूसरे युवाओं के लिए भी प्रेरणा हैं। छोटे से गांव से निकलकर एशियन गेम्स जैसे बड़े अंतरराष्ट्रीय मंच पर पदक जीतना अपने आप में बड़ी उपलब्धि है। लगातार दूसरी बार एशियन गेम्स में कांस्य पदक जीतने से गांव में उनके सम्मान और लोकप्रियता में भी इजाफा हुआ है।
2019 में जीता था एशियन रेसलिंग चैंपियनशिप में सिल्वर
सुनील कुमार का अंतरराष्ट्रीय कुश्ती करियर काफी उपलब्धियों से भरा रहा है। वर्ष 2019 में चीन में आयोजित सीनियर एशियन रेसलिंग चैंपियनशिप में उन्होंने रजत पदक हासिल किया था। इसके बाद वर्ष 2020 में नई दिल्ली में आयोजित प्रतियोगिता में उन्होंने स्वर्ण पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।इसके बाद भी सुनील का एशियन स्तर पर प्रदर्शन लगातार जारी रहा। वर्ष 2022 में मंगोलिया, 2023 में कजाकिस्तान, 2025 में जॉर्डन और 2026 में किर्गिस्तान में आयोजित सीनियर एशियन चैंपियनशिप में उन्होंने कांस्य पदक हासिल किया। इस तरह अलग-अलग वर्षों और अलग-अलग अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में लगातार पदक जीतकर उन्होंने अपनी निरंतरता कायम रखी।
एशियन गेम्स में लगातार दूसरी बार कांस्य
एशियन गेम्स की बात करें तो सुनील कुमार ने 2023 के हांगझोउ एशियन गेम्स में कांस्य पदक जीता था। अब 2026 के एशियन गेम्स में भी उन्होंने इसी प्रदर्शन को दोहराते हुए कांस्य पदक अपने नाम किया है। लगातार दो एशियन गेम्स में पदक जीतना उनके करियर की महत्वपूर्ण उपलब्धियों में शामिल हो गया है।इस जीत के साथ सुनील ने यह भी दिखाया कि बड़े टूर्नामेंट में दबाव के बीच अपने प्रदर्शन को बरकरार रखना कितना महत्वपूर्ण होता है। 87 किलोग्राम ग्रीको-रोमन वर्ग में उनका दमदार प्रदर्शन भारतीय कुश्ती के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
अर्जुन अवार्ड से भी हो चुके हैं सम्मानित
सुनील कुमार की उपलब्धियों को देखते हुए उन्हें वर्ष 2023 में अर्जुन अवार्ड से सम्मानित किया गया था। यह सम्मान देश के उन खिलाड़ियों को दिया जाता है जिन्होंने खेल के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रदर्शन किया हो। अर्जुन अवार्ड उनके अब तक के कुश्ती करियर की महत्वपूर्ण उपलब्धियों में शामिल है।एशियन चैंपियनशिप से लेकर एशियन गेम्स तक लगातार पदक जीतने वाले सुनील ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान मजबूत की है। 2026 में एक और कांस्य पदक उनके पदक संग्रह में जुड़ गया है।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने दी बधाई
सुनील कुमार की जीत पर हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने भी उन्हें बधाई दी। मुख्यमंत्री ने पुरुषों के 87 किलोग्राम ग्रीको-रोमन कुश्ती में कांस्य पदक जीतने पर सुनील को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उनके शानदार प्रदर्शन और जीत का जज्बा युवाओं के लिए प्रेरणादायक है।मुख्यमंत्री की ओर से दी गई बधाई के बाद सुनील की उपलब्धि को लेकर प्रदेश में भी खुशी का माहौल है। हरियाणा पहले से ही भारतीय कुश्ती के प्रमुख केंद्रों में गिना जाता है और सुनील कुमार जैसे खिलाड़ियों की अंतरराष्ट्रीय उपलब्धियां इस खेल संस्कृति को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
गांव से अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचने की कहानी
सुनील कुमार की कहानी उन खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा है जो सीमित संसाधनों के बीच अपने सपनों को पूरा करने के लिए मेहनत करते हैं। डबरपुर गांव से निकलकर एशियन गेम्स के पोडियम तक पहुंचना उनकी मेहनत, अनुशासन और लंबे समय की तैयारी का परिणाम है। उनकी उपलब्धियों ने एक बार फिर दिखाया है कि छोटे शहरों और गांवों से निकलने वाली प्रतिभाएं भी अंतरराष्ट्रीय खेल मंच पर देश का नाम रोशन कर सकती हैं।Asian Games 2026 में सुनील कुमार के कांस्य पदक जीतने के बाद अब उनके गांव डबरपुर में जश्न का माहौल है। परिवार से लेकर ग्रामीणों तक हर कोई अपने इस होनहार पहलवान की उपलब्धि पर गर्व महसूस कर रहा है। 9-0 की शानदार जीत के साथ हासिल किया गया यह कांस्य पदक सुनील के करियर में एक और महत्वपूर्ण अध्याय जोड़ता है। लगातार दूसरी बार एशियन गेम्स में पदक जीतकर सुनील कुमार ने भारतीय कुश्ती में अपनी जगह और मजबूत कर ली है।
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