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Asian para games 2026: एशियन पैरा गेम्स में भारत का दमदार प्रदर्शन, मोना ने दूसरे गोल्ड के साथ बनाया विश्व रिकॉर्ड

Asian para games 2026, एशियन पैरा गेम्स 2026 में भारतीय पैरा निशानेबाज मोना अग्रवाल ने एक बार फिर शानदार प्रदर्शन करते हुए देश के लिए स्वर्ण पदक जीत लिया है। उन्होंने महिलाओं की 50 मीटर राइफल थ्री पोजिशंस SH1 स्पर्धा में 357.5 अंक हासिल कर गोल्ड मेडल अपने नाम किया।

Asian para games 2026 : भारत के लिए गर्व का पल! मोना ने दूसरा गोल्ड जीतकर बनाया विश्व रिकॉर्ड

Asian para games 2026, एशियन पैरा गेम्स 2026 में भारतीय पैरा निशानेबाज मोना अग्रवाल ने एक बार फिर शानदार प्रदर्शन करते हुए देश के लिए स्वर्ण पदक जीत लिया है। उन्होंने महिलाओं की 50 मीटर राइफल थ्री पोजिशंस SH1 स्पर्धा में 357.5 अंक हासिल कर गोल्ड मेडल अपने नाम किया। इस प्रदर्शन के साथ उन्होंने विश्व रिकॉर्ड और एशियन पैरा गेम्स का रिकॉर्ड भी अपने नाम किया। यह प्रतियोगिता में मोना का दूसरा स्वर्ण पदक है। इससे पहले उन्होंने महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल स्टैंडिंग SH1 स्पर्धा में गोल्ड जीता था। मोना की इस उपलब्धि से भारतीय दल के पदक अभियान को नई मजबूती मिली है।

50 मीटर राइफल स्पर्धा में मोना का ऐतिहासिक प्रदर्शन

मोना अग्रवाल ने 50 मीटर राइफल थ्री पोजिशंस SH1 के फाइनल में 357.5 अंक हासिल किए। इस स्कोर के साथ उन्होंने प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतने के अलावा विश्व रिकॉर्ड और एशियन पैरा गेम्स रिकॉर्ड भी बनाया। चीन की कुइपिंग झांग ने 353.7 अंकों के साथ रजत पदक जीता, जबकि दक्षिण कोरिया की म्योंग किम 344.4 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर रहीं और उन्हें कांस्य पदक मिला।इस स्पर्धा में मोना ने अपने प्रदर्शन से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान और मजबूत की। उनकी जीत इसलिए भी खास रही, क्योंकि वह एशियन पैरा गेम्स की महिलाओं की 50 मीटर राइफल थ्री पोजिशंस SH1 स्पर्धा में पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनीं। इस मुकाबले में भारत की एक अन्य पैरा निशानेबाज अवनि लेखरा चौथे स्थान पर रहीं और पदक से चूक गईं

इससे पहले 10 मीटर एयर राइफल में भी जीता था गोल्ड

मोना अग्रवाल ने प्रतियोगिता के शुरुआती दिन ही भारत को स्वर्ण पदक दिलाया था। उन्होंने महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल स्टैंडिंग SH1 स्पर्धा के फाइनल में 250.0 अंक हासिल किए थे। इस स्कोर के साथ उन्होंने एशियन पैरा गेम्स का नया रिकॉर्ड बनाया और स्वर्ण पदक जीता।इस मुकाबले में भारत की अवनि लेखरा ने 249.6 अंकों के साथ रजत पदक हासिल किया था। दक्षिण कोरिया की ली यूनरी 227.9 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर रही थीं। इस तरह भारतीय निशानेबाजों ने प्रतियोगिता के पहले ही दिन इस स्पर्धा में स्वर्ण और रजत दोनों पदक अपने नाम किए थे।अब 50 मीटर राइफल थ्री पोजिशंस में दूसरा स्वर्ण जीतकर मोना ने प्रतियोगिता में अपनी सफलता को आगे बढ़ाया है। दो अलग-अलग निशानेबाजी स्पर्धाओं में उनके प्रदर्शन ने भारतीय दल को महत्वपूर्ण पदक दिलाए हैं।

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SH1 कैटेगरी क्या होती है?

निशानेबाजी में SH1 एक स्पोर्ट्स क्लासिफिकेशन है। यह उन खिलाड़ियों के लिए होता है, जिन्हें निचले अंगों या कुछ मामलों में हाथों से जुड़ी शारीरिक सीमाओं के बावजूद राइफल या पिस्टल को सहारा देने के लिए किसी विशेष स्टैंड की जरूरत नहीं होती। खिलाड़ियों का वर्गीकरण उनकी शारीरिक स्थिति और खेल में उपकरण संभालने की क्षमता के आधार पर किया जाता है।50 मीटर राइफल थ्री पोजिशंस स्पर्धा में खिलाड़ियों को तीन अलग-अलग पोजिशन में निशाना लगाना होता है। इनमें घुटनों के बल बैठकर, लेटकर और खड़े होकर शूटिंग करना शामिल है। इस स्पर्धा में सटीक निशाना लगाने के साथ-साथ एकाग्रता, स्थिरता और दबाव में प्रदर्शन करने की क्षमता भी महत्वपूर्ण होती है। मोना ने इन सभी चुनौतियों के बीच रिकॉर्ड स्कोर हासिल कर स्वर्ण पदक जीता।

पेरिस पैरालंपिक में भी जीत चुकी हैं पदक

मोना अग्रवाल के लिए यह सफलता उनके अंतरराष्ट्रीय करियर में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इससे पहले उन्होंने 2024 के पेरिस पैरालंपिक में महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल स्टैंडिंग SH1 स्पर्धा में कांस्य पदक जीता था। पैरालंपिक में पदक जीतने के बाद उन्होंने एशियन पैरा गेम्स में भी अपनी निरंतरता बनाए रखी है।2026 के एशियन पैरा गेम्स में 10 मीटर एयर राइफल में स्वर्ण और अब 50 मीटर राइफल थ्री पोजिशंस में स्वर्ण जीतना उनके प्रदर्शन की मजबूती को दर्शाता है। दोनों स्पर्धाओं में उन्होंने अलग-अलग चुनौतियों का सामना करते हुए पदक हासिल किए।

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भारत के पदक अभियान को मिली मजबूती

आइची-नागोया में आयोजित एशियन पैरा गेम्स में भारत के खिलाड़ी एथलेटिक्स, निशानेबाजी, तीरंदाजी और बैडमिंटन समेत कई खेलों में पदक जीत रहे हैं। प्रतियोगिता के दौरान भारतीय खिलाड़ियों ने व्यक्तिगत और टीम स्पर्धाओं में कई रिकॉर्ड भी बनाए हैं।मोना की दूसरी स्वर्णिम सफलता इस अभियान की अहम उपलब्धियों में शामिल है। उनके प्रदर्शन के साथ भारत की पदक संख्या में एक और स्वर्ण पदक जुड़ा। हालांकि, भारत के स्वर्ण पदकों के पिछले रिकॉर्ड की बराबरी से संबंधित दावे को समझने के लिए प्रतियोगिता की आधिकारिक और अंतिम पदक तालिका देखना जरूरी है।फिलहाल मोना अग्रवाल की उपलब्धि का सबसे महत्वपूर्ण पहलू उनका 357.5 अंकों का रिकॉर्ड प्रदर्शन है। एशियन पैरा गेम्स में दो स्वर्ण पदक जीतकर उन्होंने भारतीय पैरा निशानेबाजी को नई पहचान दिलाई है। अब प्रतियोगिता के बाकी मुकाबलों में भारतीय खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर नजर रहेगी।

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