Brown Rice vs Quinoa: फाइबर के लिए क्विनोआ या ब्राउन राइस? दोनों के फायदे और अंतर जानकर करें चुनाव
Brown Rice vs Quinoa, आजकल हेल्दी डाइट और बेहतर पाचन के लिए लोग अपनी प्लेट में ऐसे खाद्य पदार्थ शामिल करना चाहते हैं, जो स्वाद के साथ शरीर को जरूरी पोषक तत्व भी दें।
Brown Rice vs Quinoa : डाइट में शामिल करें Brown Rice या Quinoa? फाइबर के मामले में किसका पलड़ा भारी
Brown Rice vs Quinoa, आजकल हेल्दी डाइट और बेहतर पाचन के लिए लोग अपनी प्लेट में ऐसे खाद्य पदार्थ शामिल करना चाहते हैं, जो स्वाद के साथ शरीर को जरूरी पोषक तत्व भी दें। ब्राउन राइस और क्विनोआ इसी वजह से काफी लोकप्रिय हो गए हैं। दोनों को सफेद चावल के मुकाबले बेहतर विकल्प माना जाता है, लेकिन जब बात फाइबर की आती है तो अक्सर सवाल उठता है कि आखिर Brown Rice या Quinoa में से किसमें ज्यादा फाइबर होता है? फाइबर शरीर के लिए बेहद जरूरी पोषक तत्व है। यह पाचन तंत्र को स्वस्थ रखने, पेट को लंबे समय तक भरा हुआ महसूस कराने और मल त्याग को नियमित रखने में मदद करता है। इसलिए अगर आप अपनी डाइट में हाई-फाइबर फूड शामिल करना चाहते हैं, तो ब्राउन राइस और क्विनोआ के बीच अंतर समझना उपयोगी हो सकता है।

ब्राउन राइस क्या है?
ब्राउन राइस यानी भूरा चावल चावल का अपेक्षाकृत कम प्रोसेस किया हुआ रूप है। सफेद चावल बनाने के दौरान चावल की बाहरी परतों को काफी हद तक हटा दिया जाता है, जबकि ब्राउन राइस में चोकर और जर्म की परत बनी रहती है। यही वजह है कि इसमें सफेद चावल की तुलना में फाइबर और कुछ अन्य पोषक तत्व अधिक रहते हैं।ब्राउन राइस को साबुत अनाज की श्रेणी में रखा जाता है। इसमें कार्बोहाइड्रेट के साथ फाइबर, कुछ मात्रा में प्रोटीन, विटामिन और मिनरल्स पाए जाते हैं। इसे दाल, सब्जियों या सलाद के साथ संतुलित भोजन का हिस्सा बनाया जा सकता है।
क्विनोआ क्या है?
क्विनोआ को अक्सर अनाज की तरह इस्तेमाल किया जाता है, हालांकि तकनीकी रूप से यह एक pseudocereal यानी अनाज जैसा इस्तेमाल किया जाने वाला बीज है। यह खास तौर पर प्रोटीन की गुणवत्ता और पोषण संबंधी खूबियों के कारण लोकप्रिय हुआ है।क्विनोआ में फाइबर के अलावा प्रोटीन, मैग्नीशियम, फोलेट, आयरन और कई अन्य पोषक तत्व पाए जाते हैं। इसमें सभी जरूरी अमीनो एसिड की पर्याप्त मात्रा होने के कारण इसे पौधों से मिलने वाला एक अच्छा प्रोटीन स्रोत भी माना जाता है।
फाइबर में कौन आगे है?
अब सबसे अहम सवाल ब्राउन राइस या क्विनोआ में से किसमें ज्यादा फाइबर होता है?सामान्य तौर पर पकाए हुए क्विनोआ में फाइबर की मात्रा ब्राउन राइस के बराबर या कुछ अधिक हो सकती है, लेकिन यह मात्रा ब्रांड, किस्म और पकाने के तरीके के अनुसार बदलती है। लगभग एक कप पके हुए क्विनोआ में करीब 5 ग्राम फाइबर मिल सकता है, जबकि एक कप पके हुए ब्राउन राइस में लगभग 3-4 ग्राम फाइबर पाया जा सकता है।इस लिहाज से केवल फाइबर की मात्रा देखें तो क्विनोआ को हल्की बढ़त मिल सकती है। हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि ब्राउन राइस कम हेल्दी है। दोनों ही संतुलित डाइट का हिस्सा बन सकते हैं।
पाचन के लिए कौन बेहतर?
फाइबर की पर्याप्त मात्रा पाचन तंत्र के लिए महत्वपूर्ण है। यह मल को बल्क देने और नियमित बाउल मूवमेंट में मदद करता है। ब्राउन राइस और क्विनोआ दोनों में मौजूद फाइबर इस लिहाज से फायदेमंद हो सकता है।हालांकि किसी व्यक्ति का पाचन तंत्र किस भोजन को बेहतर तरीके से सहन करता है, यह अलग-अलग हो सकता है। अगर किसी को अचानक ज्यादा फाइबर खाने की आदत नहीं है तो क्विनोआ या ब्राउन राइस की मात्रा धीरे-धीरे बढ़ाना बेहतर रहता है।साथ ही पर्याप्त पानी पीना भी जरूरी है, क्योंकि फाइबर बढ़ाने के साथ पानी की कमी होने पर कुछ लोगों को पेट फूलने या कब्ज जैसी परेशानी महसूस हो सकती है।
वजन घटाने के लिए क्या चुनें?
अगर आपका लक्ष्य वजन को नियंत्रित करना है, तो केवल ब्राउन राइस या क्विनोआ खाने से वजन कम नहीं होगा। पूरे दिन की कैलोरी, प्रोटीन, फाइबर, शारीरिक गतिविधि और नींद जैसे कई कारक महत्वपूर्ण होते हैं।फिर भी हाई-फाइबर और पोषक विकल्प होने के कारण दोनों को संतुलित डाइट में शामिल किया जा सकता है। फाइबर और प्रोटीन पेट को लंबे समय तक भरा रखने में मदद कर सकते हैं, जिससे बार-बार स्नैकिंग करने की इच्छा कम हो सकती है।क्विनोआ में प्रोटीन की मात्रा आम तौर पर ब्राउन राइस से अधिक होती है, इसलिए जिन लोगों को एक ही भोजन से कार्बोहाइड्रेट के साथ ज्यादा प्रोटीन भी चाहिए, उनके लिए क्विनोआ उपयोगी विकल्प हो सकता है।
डायबिटीज में कौन बेहतर?
ब्लड शुगर को मैनेज करने की कोशिश कर रहे लोगों के लिए भोजन की कुल मात्रा और कार्बोहाइड्रेट की गुणवत्ता महत्वपूर्ण होती है। ब्राउन राइस और क्विनोआ दोनों सफेद चावल की तुलना में अलग पोषण प्रोफाइल देते हैं, लेकिन किसी एक को हर व्यक्ति के लिए सार्वभौमिक रूप से बेहतर नहीं कहा जा सकता।क्विनोआ में फाइबर और प्रोटीन का अच्छा संयोजन होता है, जबकि ब्राउन राइस भी साबुत अनाज के रूप में फाइबर प्रदान करता है। डायबिटीज वाले लोगों को अपनी व्यक्तिगत जरूरत के अनुसार मात्रा तय करने के लिए डॉक्टर या डाइटिशियन की सलाह लेना बेहतर है।
पोषण के मामले में क्विनोआ की खासियत
क्विनोआ की सबसे बड़ी खासियत सिर्फ फाइबर नहीं है। इसमें अपेक्षाकृत अच्छी मात्रा में प्रोटीन भी होता है और इसमें कई जरूरी मिनरल्स पाए जाते हैं। इसलिए शाकाहारी या प्लांट-बेस्ड डाइट लेने वाले लोगों के लिए यह भोजन का उपयोगी हिस्सा हो सकता है।इसके अलावा क्विनोआ को सलाद, बाउल, खिचड़ी जैसी डिश या सब्जियों के साथ आसानी से खाया जा सकता है। इसका स्वाद हल्का नटी होता है, जो इसे कई तरह की रेसिपी के लिए उपयुक्त बनाता है।
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ब्राउन राइस को क्यों करें डाइट में शामिल?
ब्राउन राइस आसानी से उपलब्ध होने वाला और भारतीय भोजन के साथ आसानी से इस्तेमाल किया जा सकने वाला विकल्प है। इसे दाल, राजमा, छोले, सब्जी या करी के साथ खाया जा सकता है।इसमें मौजूद फाइबर और अन्य पोषक तत्व इसे सफेद चावल का एक पौष्टिक विकल्प बनाते हैं। अगर आपको रोजाना चावल खाने की आदत है, तो कुछ भोजन में सफेद चावल की जगह ब्राउन राइस लेना अपनी डाइट में साबुत अनाज शामिल करने का आसान तरीका हो सकता है।
क्या दोनों को डाइट में शामिल कर सकते हैं?
जी हां, जरूरी नहीं कि आपको दोनों में से सिर्फ एक ही विकल्प चुनना पड़े। आप अपनी पसंद और जरूरत के अनुसार ब्राउन राइस और क्विनोआ दोनों को अलग-अलग दिनों में अपनी डाइट का हिस्सा बना सकते हैं।उदाहरण के लिए दोपहर के भोजन में ब्राउन राइस को दाल और सब्जियों के साथ लिया जा सकता है, जबकि किसी दूसरे दिन क्विनोआ को सब्जियों और प्रोटीन स्रोत के साथ खाया जा सकता है। इससे डाइट में विविधता भी बनी रहती है।
फाइबर कितना जरूरी है?
फाइबर सिर्फ इन दो खाद्य पदार्थों से नहीं मिलता। फल, सब्जियां, दालें, बीन्स, साबुत अनाज, नट्स और बीज भी फाइबर के अच्छे स्रोत हैं। इसलिए सिर्फ ब्राउन राइस या क्विनोआ पर निर्भर रहने के बजाय पूरे दिन अलग-अलग फाइबरयुक्त खाद्य पदार्थ लेना बेहतर है।वयस्कों के लिए रोजाना फाइबर की जरूरत उम्र और लिंग के अनुसार अलग हो सकती है, लेकिन सामान्य तौर पर करीब 25-30 ग्राम या उससे अधिक फाइबर प्रतिदिन लेने की सलाह दी जाती है। इसे धीरे-धीरे बढ़ाना और पर्याप्त पानी पीना महत्वपूर्ण है।
आखिर किसे चुनें?
अगर सवाल केवल फाइबर की मात्रा का है, तो आम तौर पर पकाए हुए क्विनोआ को ब्राउन राइस पर थोड़ी बढ़त मिल सकती है। लेकिन दोनों ही हेल्दी विकल्प हैं और किसी एक को हर व्यक्ति के लिए बेहतर नहीं कहा जा सकता।अगर आपको ज्यादा प्रोटीन के साथ फाइबर चाहिए, तो क्विनोआ आकर्षक विकल्प हो सकता है। वहीं अगर आप किफायती, आसानी से उपलब्ध और भारतीय भोजन के साथ आसानी से इस्तेमाल होने वाला साबुत अनाज चाहते हैं, तो ब्राउन राइस अच्छा विकल्प है।
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