Rakesh Mehta: दिल्ली के पूर्व मुख्य सचिव राकेश मेहता की मौत से मचा हड़कंप, नोएडा आवास से सुसाइड नोट बरामद
Rakesh Mehta दिल्ली के पूर्व मुख्य सचिव और वरिष्ठ IAS अधिकारी राकेश मेहता की मौत की खबर से प्रशासनिक जगत में शोक की लहर है। 74 वर्षीय राकेश मेहता रविवार दोपहर नोएडा के सेक्टर-82 स्थित अपने किराये के फ्लैट में मृत पाए गए।
Rakesh Mehta : नोएडा में पूर्व दिल्ली मुख्य सचिव राकेश मेहता ने दी जान, सुसाइड नोट में लिखी ये बात
Rakesh Mehta दिल्ली के पूर्व मुख्य सचिव और वरिष्ठ IAS अधिकारी राकेश मेहता की मौत की खबर से प्रशासनिक जगत में शोक की लहर है। 74 वर्षीय राकेश मेहता रविवार दोपहर नोएडा के सेक्टर-82 स्थित अपने किराये के फ्लैट में मृत पाए गए। पुलिस के मुताबिक, प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का है। घटनास्थल से एक पन्ने का सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है, जिसमें उन्होंने अपनी स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का उल्लेख किया और कहा कि उनकी मौत के लिए किसी को जिम्मेदार नहीं ठहराया जाना चाहिए।
परिवार के फोन नहीं उठाने पर सामने आया मामला
पुलिस के अनुसार, राकेश मेहता नोएडा के सेक्टर-82 स्थित Kendriya Vihar II में अकेले रहते थे। रविवार को परिवार के सदस्यों ने उन्हें फोन किया, लेकिन काफी कोशिशों के बावजूद संपर्क नहीं हो सका। इसके बाद परिवार ने स्थानीय गार्ड को सूचना दी।गार्ड और उनके एक रिश्तेदार ने फ्लैट पर पहुंचकर स्थिति देखी और पुलिस को जानकारी दी। पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया। इसके बाद शव परिवार को सौंप दिया गया। रिपोर्टों के मुताबिक, सोमवार को दिल्ली के लोधी रोड स्थित श्मशान घाट में उनका अंतिम संस्कार किया गया।
सुसाइड नोट में स्वास्थ्य को बताया वजह
पुलिस को मौके से मिला एक पन्ने का नोट इस मामले में अहम सुराग माना जा रहा है। रिपोर्टों के मुताबिक, नोट में राकेश मेहता ने अपनी विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं का जिक्र किया था। उन्होंने यह भी लिखा था कि उनकी मौत के लिए किसी को जिम्मेदार नहीं ठहराया जाना चाहिए।परिवार के मुताबिक, मेहता लंबे समय से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे थे। पुलिस ने बताया कि उन्हें हाई ब्लड प्रेशर और डायबिटीज थी। कुछ रिपोर्टों में उनके हाथ और पैर में कंपकंपी जैसी परेशानियों का भी उल्लेख किया गया है। हालांकि, पुलिस ने मामले की जांच जारी रखी है। अधिकारियों का कहना है कि सुसाइड नोट और घटनास्थल से मिले अन्य तथ्यों की जांच की जा रही है ताकि मौत की परिस्थितियों को पूरी तरह स्पष्ट किया जा सके।
1975 बैच के IAS अधिकारी थे राकेश मेहता
राकेश मेहता 1975 बैच के AGMUT कैडर के IAS अधिकारी थे। उन्होंने प्रशासनिक सेवा में तीन दशक से अधिक समय तक काम किया और दिल्ली सरकार में कई महत्वपूर्ण पदों पर जिम्मेदारी संभाली।वह वर्ष 2007 से 2010 के बीच दिल्ली के मुख्य सचिव रहे। उस समय दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित थीं। उनके कार्यकाल में राजधानी में कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक और बुनियादी ढांचे से जुड़े काम हुए। मुख्य सचिव बनने से पहले और बाद में भी मेहता ने दिल्ली प्रशासन में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। वह दिल्ली नगर निगम के कमिश्नर भी रहे थे। प्रशासनिक क्षेत्र में उन्हें शहरी विकास और बुनियादी ढांचे से जुड़े मामलों की अच्छी समझ रखने वाले अधिकारी के तौर पर जाना जाता था।
कॉमनवेल्थ गेम्स की तैयारियों में निभाई अहम भूमिका
राकेश मेहता के प्रशासनिक करियर का एक महत्वपूर्ण हिस्सा दिल्ली में आयोजित 2010 Commonwealth Games की तैयारियों से जुड़ा था। उनके कार्यकाल के दौरान राजधानी में इस अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजन के लिए बुनियादी ढांचे और प्रशासनिक तैयारियों को आगे बढ़ाया गया।रिपोर्टों के मुताबिक, परिवहन, बिजली और नागरिक सुविधाओं से जुड़े कई प्रोजेक्ट्स को लागू करने में भी उनकी भूमिका रही। दिल्ली के प्रशासनिक ढांचे में सुधार और नई नीतियों को लागू करने के लिए भी उन्हें जाना जाता था। कुछ पूर्व सहयोगियों ने उन्हें ऐसा अधिकारी बताया जो नई सोच और प्रशासनिक सुधारों को महत्व देते थे। दिल्ली में सार्वजनिक परिवहन और शहरी बुनियादी ढांचे में हुए बदलावों में भी उनका योगदान रहा।
शीला दीक्षित सरकार में रहे महत्वपूर्ण अधिकारी
राकेश मेहता ने शीला दीक्षित सरकार के दौरान दिल्ली प्रशासन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। 2007 में उन्होंने दिल्ली के मुख्य सचिव का पद संभाला और 2010 तक इस जिम्मेदारी पर रहे। इसी दौरान दिल्ली 2010 Commonwealth Games की मेजबानी की तैयारियों में व्यस्त थी। उनके कार्यकाल में दिल्ली के शहरी विकास, परिवहन और नागरिक सुविधाओं से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसलों को लागू किया गया। यही वजह है कि उनके निधन को दिल्ली के प्रशासनिक इतिहास के एक अनुभवी अधिकारी के निधन के रूप में देखा जा रहा है।
पुलिस कर रही मामले की जांच
पुलिस ने बताया है कि मामले की जांच जारी है। शुरुआती जानकारी और सुसाइड नोट के आधार पर स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों को मौत की वजह से जोड़ा जा रहा है। पुलिस ने फिलहाल किसी तरह की साजिश या बाहरी हस्तक्षेप की बात सामने नहीं रखी है। परिवार की ओर से भी अब तक किसी तरह की शिकायत दर्ज नहीं कराए जाने की बात सामने आई है। अधिकारियों की जांच का फोकस घटनास्थल, सुसाइड नोट और पोस्टमार्टम रिपोर्ट समेत उपलब्ध तथ्यों को जोड़कर मौत की परिस्थितियों को स्पष्ट करने पर है।
प्रशासनिक जगत में शोक
राकेश मेहता की मौत ऐसे समय में सामने आई है जब वह सक्रिय प्रशासनिक सेवा से कई वर्षों पहले सेवानिवृत्त हो चुके थे। इसके बावजूद दिल्ली के प्रशासनिक और नौकरशाही हलकों में उनका नाम एक अनुभवी अधिकारी के तौर पर लिया जाता रहा है।तीन दशक से ज्यादा लंबे करियर में उन्होंने दिल्ली नगर निगम से लेकर मुख्य सचिव तक कई अहम पदों पर काम किया। 2010 Commonwealth Games की तैयारियों और राजधानी के बुनियादी ढांचे से जुड़े उनके काम को उनके करियर की प्रमुख उपलब्धियों में गिना जाता है।
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