Bihar Flood Update: 14 जिलों में बाढ़ का संकट, 35 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित, बिहार में 456 सामुदायिक रसोई चालू
Bihar Flood Update, बिहार में बाढ़ की स्थिति लगातार गंभीर बनी हुई है। राज्य के 14 जिलों में करीब 35.89 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। कई इलाकों में नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर है, जबकि गंगा ने भागलपुर के सुल्तानगंज में अपने अब तक के उच्चतम बाढ़ स्तर को पार कर लिया है।
Bihar Flood Update : बाढ़ से कराह रहा बिहार! 35 लाख लोग प्रभावित, 456 सामुदायिक रसोई और राहत शिविरों से मदद
Bihar Flood Update, बिहार में बाढ़ की स्थिति लगातार गंभीर बनी हुई है। राज्य के 14 जिलों में करीब 35.89 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। कई इलाकों में नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर है, जबकि गंगा ने भागलपुर के सुल्तानगंज में अपने अब तक के उच्चतम बाढ़ स्तर को पार कर लिया है। प्रशासन की ओर से राहत और बचाव कार्य तेज कर दिए गए हैं। बाढ़ प्रभावित लोगों तक भोजन और जरूरी सामान पहुंचाने के लिए 456 सामुदायिक रसोई संचालित की जा रही हैं।
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14 जिलों में 35 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित
ताजा जानकारी के अनुसार बिहार के पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार, लखीसराय, खगड़िया, पूर्णिया और अरवल जिले बाढ़ की चपेट में हैं। इन जिलों में कुल 35.89 लाख लोग प्रभावित बताए गए हैं। सोमवार को जहां 13 जिलों में करीब 29.13 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित थे, वहीं मंगलवार तक प्रभावित जिलों और लोगों की संख्या में बढ़ोतरी हुई। बाढ़ के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में सामान्य जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। कई गांवों का संपर्क मुख्य सड़कों से टूट गया है और लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचने के लिए नावों का सहारा लेना पड़ रहा है। कई जगहों पर पीने के साफ पानी और भोजन की समस्या भी सामने आ रही है।
गंगा ने सुल्तानगंज में तोड़ा अपना पुराना रिकॉर्ड
बिहार की मौजूदा बाढ़ स्थिति में गंगा का बढ़ता जलस्तर सबसे बड़ी चिंता बना हुआ है। भागलपुर के सुल्तानगंज में गंगा का जलस्तर 36.80 मीटर दर्ज किया गया, जो 17 अगस्त 2021 के 36.75 मीटर के पिछले उच्चतम बाढ़ स्तर से अधिक है। नदी के इस स्तर तक पहुंचने के बाद गंगा के निचले इलाकों में भी प्रशासन ने विशेष सतर्कता बढ़ा दी है। सिर्फ गंगा ही नहीं, बल्कि गंडक, कोसी, बूढ़ी गंडक, पुनपुन, बागमती और घाघरा जैसी कई नदियां भी अलग-अलग स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। इससे आने वाले दिनों में बाढ़ प्रभावित इलाकों में स्थिति और चुनौतीपूर्ण होने की आशंका बनी हुई है।

456 सामुदायिक रसोई में मिल रहा खाना
बाढ़ में सबसे बड़ी चुनौती प्रभावित परिवारों तक समय पर भोजन पहुंचाना होती है। इसे देखते हुए बिहार सरकार ने विभिन्न जिलों में 456 सामुदायिक रसोई संचालित की हैं। इन रसोइयों के जरिए बाढ़ प्रभावित लोगों को सुबह और शाम भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, इन सामुदायिक रसोइयों से 10 लाख से अधिक लोगों को भोजन मिल रहा है। इसके अलावा राज्य में 14 राहत शिविर भी चलाए जा रहे हैं। इन शिविरों में लोगों के ठहरने के साथ भोजन, चिकित्सा और अन्य जरूरी सुविधाओं की व्यवस्था की गई है। बाढ़ के कारण जिन परिवारों के घर पानी में डूब गए हैं या जिन्हें सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा है, उनके लिए राहत शिविर महत्वपूर्ण सहारा बने हुए हैं।

1,876 नावें राहत और बचाव में लगीं
प्रशासन ने राहत और बचाव अभियान के लिए बड़े स्तर पर संसाधन लगाए हैं। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक 1,876 नावों को राहत एवं बचाव कार्य में लगाया गया है। इसके साथ ही SDRF की 27 और NDRF की 10 टीमें प्रभावित क्षेत्रों में तैनात हैं। इन टीमों का काम लोगों को जलमग्न इलाकों से सुरक्षित निकालना और जरूरत पड़ने पर राहत सामग्री पहुंचाना है। बाढ़ प्रभावित इलाकों में नावों के जरिए भोजन, पानी और अन्य जरूरी सामान पहुंचाने का काम भी किया जा रहा है। प्रशासन की प्राथमिकता ऐसे इलाकों तक पहुंचना है जहां सड़क मार्ग से राहत पहुंचाना मुश्किल हो गया है।
सितंबर में सामान्य से 31 फीसदी ज्यादा बारिश
बिहार में बाढ़ की मौजूदा स्थिति के पीछे लगातार हुई बारिश और नदियों में बढ़े जलस्तर को प्रमुख कारण माना जा रहा है। मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक सितंबर में अब तक राज्य में 79.6 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है, जो सामान्य से करीब 31 फीसदी अधिक है। हालांकि कोसी और सोन नदियों के जलस्राव में कमी के संकेत मिले हैं, लेकिन गंगा, गंडक और कई दूसरी नदियों का जलस्तर अभी भी चिंता का विषय बना हुआ है। ऐसे में प्रशासन को लगातार निगरानी रखने की जरूरत है।

वैषाली में नाव पलटी, एक की मौत
बाढ़ के बीच वैशाली में गंगा नदी में एक नाव पलटने की घटना भी सामने आई। अधिकारियों के अनुसार नाव में 11 लोग सवार थे। हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि एक व्यक्ति के लापता होने की सूचना है। नौ लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया। इस घटना के बाद प्रशासन ने लोगों से बाढ़ के पानी और तेज बहाव वाले क्षेत्रों में अनावश्यक रूप से जाने से बचने की अपील की है। खासकर नाव से यात्रा करते समय सुरक्षा नियमों का पालन करने पर जोर दिया जा रहा है।
अगले दो दिन भी सतर्क रहने की जरूरत
मौसम विभाग ने बिहार के कुछ हिस्सों में अगले दो दिनों के दौरान हल्की से मध्यम बारिश और कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई है। ऐसे में पहले से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लोगों की परेशानी बढ़ सकती है। फिलहाल प्रशासन की ओर से राहत शिविरों, सामुदायिक रसोइयों, नावों और आपदा प्रतिक्रिया टीमों के जरिए राहत अभियान जारी है। 35 लाख से अधिक लोगों के प्रभावित होने के बीच सबसे बड़ी चुनौती भोजन, स्वच्छ पेयजल, स्वास्थ्य सुविधाएं और सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करना है। आने वाले दिनों में नदियों के जलस्तर और मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखना बेहद जरूरी होगा।
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